Pagal Shilpi
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‘पागल शिल्पी’ मणिपुरी भाषा के मान्य कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संकलन है। ये कहानियाँ हिन्दी पाठकों को एक तरफ़ देश के पूर्वोत्तर प्रदेश के जनजीवन के विविध रंगों को क़रीब से देखने-समझने का, उसकी संवेदनाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेंगी तो दूसरी तरफ़, स्वयं मणिपुरी कहानी को उसके अपने क्षेत्र के बाहर, एक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचने का जरिया बनेंगी। साहित्य के माध्यम से आदान-प्रदान वस्तुत: भारतीय भाषा और साहित्य की मूलभूत एकता को दृढ़ से दृढ़तर करने का रचनात्मक प्रयास है, जो निश्चय ही प्रशंसनीय है।
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‘पागल शिल्पी’ मणिपुरी भाषा के मान्य कहानीकारों की चुनी हुई कहानियों का संकलन है। ये कहानियाँ हिन्दी पाठकों को एक तरफ़ देश के पूर्वोत्तर प्रदेश के जनजीवन के विविध रंगों को क़रीब से देखने-समझने का, उसकी संवेदनाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेंगी तो दूसरी तरफ़, स्वयं मणिपुरी कहानी को उसके अपने क्षेत्र के बाहर, एक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचने का जरिया बनेंगी। साहित्य के माध्यम से आदान-प्रदान वस्तुत: भारतीय भाषा और साहित्य की मूलभूत एकता को दृढ़ से दृढ़तर करने का रचनात्मक प्रयास है, जो निश्चय ही प्रशंसनीय है।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Rajkamal Prakashan Samuh
- Edition
- 1st
- Publication year
- 2026
- Weight
- 130 grams
- ISBN-13
- 9789309020018
- Pages
- 128
- Reading time
- ~4 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 19.5 × 12.5 cm
- Language
- Hindi
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