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Sookhe Patte Aur Bachche

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लगभग प्रति रविवार, मणिपुर हिन्दी परिषद में मणिपुरी-हिन्दी अनुवाद कार्यशाला का होना अनिवार्य कार्यक्रम जैसा था जिसमें तीन लोग भाग लेते थे—सिद्धनाथ प्रसाद, इबोहल सिंह काङ्जम और देवराज। इस कार्यशाला के आयोजन का लक्ष्य कम से कम समय में अधिक से अधिक मणिपुरी साहित्य को हिन्दी में ले आना था। यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि लम्बे समय तक हिन्दी की किसी भी पत्रिका ने मणिपुरी साहित्य के प्रकाशन की ओर ध्यान नहीं दिया था। इसका मुख्य कारण मणिपुरी भाषा से उनके अत्यल्प परिचय अथवा उपेक्षा भाव से कहीं अधिक अनूदित सामग्री का उपलब्ध न होना था। हम लोगों की रविवारी अनुवाद कार्यशालाओं का सुफल यह हुआ कि सन् 1989 में श्रीप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित ‘उन्नयन’ का मणिपुरी कविता पर केन्द्रित और गुलशेर खान शानी के सम्पादन में ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ का मणिपुरी काव्य, कथा, नाटक, समालोचना, साहित्येतिहास आदि पर केन्द्रित विशेष अंक प्रकाशित हुआ। उसी अवधि में ‘नवभारत टाइम्स’ दैनिक के विष्णु नागर के सम्पादन में प्रकाशित लखनऊ संस्करण के विशेष साप्ताहिक परिशिष्ट में दस से भी अधिक मणिपुरी कवियों की कविताओं के अनुवाद एक साथ छपे। —भूमिका से

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लगभग प्रति रविवार, मणिपुर हिन्दी परिषद में मणिपुरी-हिन्दी अनुवाद कार्यशाला का होना अनिवार्य कार्यक्रम जैसा था जिसमें तीन लोग भाग लेते थे—सिद्धनाथ प्रसाद, इबोहल सिंह काङ्जम और देवराज। इस कार्यशाला के आयोजन का लक्ष्य कम से कम समय में अधिक से अधिक मणिपुरी साहित्य को हिन्दी में ले आना था। यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि लम्बे समय तक हिन्दी की किसी भी पत्रिका ने मणिपुरी साहित्य के प्रकाशन की ओर ध्यान नहीं दिया था। इसका मुख्य कारण मणिपुरी भाषा से उनके अत्यल्प परिचय अथवा उपेक्षा भाव से कहीं अधिक अनूदित सामग्री का उपलब्ध न होना था। हम लोगों की रविवारी अनुवाद कार्यशालाओं का सुफल यह हुआ कि सन् 1989 में श्रीप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित ‘उन्नयन’ का मणिपुरी कविता पर केन्द्रित और गुलशेर खान शानी के सम्पादन में ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ का मणिपुरी काव्य, कथा, नाटक, समालोचना, साहित्येतिहास आदि पर केन्द्रित विशेष अंक प्रकाशित हुआ। उसी अवधि में ‘नवभारत टाइम्स’ दैनिक के विष्णु नागर के सम्पादन में प्रकाशित लखनऊ संस्करण के विशेष साप्ताहिक परिशिष्ट में दस से भी अधिक मणिपुरी कवियों की कविताओं के अनुवाद एक साथ छपे।
—भूमिका से

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2026
Weight
170 grams
ISBN-13
9789309020025
Pages
168
Reading time
~6 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
19.5 × 12.5 cm
Language
Hindi

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