(1)
₹
395
316 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
‘नाक’ के प्रसंग लगभग हर सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हैं। ‘नाक बनी मुसीबत’ एक व्यंग्यात्मक कहानी है। संग्रह की बाक़ी कहानियाँ गम्भीर हैं। ‘नन्हे का भगवान’ अध्यात्म से प्रभावित है तो ‘किनोसाकी से’ ज़िन्दगी और मौत की कशमकश पर शिगा नाओया का जीवन-दर्शन है। ‘एक और काली बिल्ली’ मनुष्य और जानवर के उभरते आत्मीय सम्बन्ध की भावनात्मक गाथा है जो जापान की समसामयिक रचनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
‘नाक’ के प्रसंग लगभग हर सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हैं। ‘नाक बनी मुसीबत’ एक व्यंग्यात्मक कहानी है। संग्रह की बाक़ी कहानियाँ गम्भीर हैं। ‘नन्हे का भगवान’ अध्यात्म से प्रभावित है तो ‘किनोसाकी से’ ज़िन्दगी और मौत की कशमकश पर शिगा नाओया का जीवन-दर्शन है। ‘एक और काली बिल्ली’ मनुष्य और जानवर के उभरते आत्मीय सम्बन्ध की भावनात्मक गाथा है जो जापान की समसामयिक रचनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
Book Details
-
ISBN9788126706167
-
Pages100
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
sanshodayu
- Author Name:
Mori Ogai +1
- Book Type:

- Description:
‘जापान’ का नाम सुनते ही आज आधुनिकता, समृद्धि और चकाचौंध का विचार कौंधता है। लेकिन सौ बरस पहले का जापान क़तई अलग था। इस संकलन में शामिल मोरी ओगाई (1862-1922) की तीन कहानियाँ तत्कालीन जापान की एक दूसरी तस्वीर पेश करती हैं। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में रची गई ये कहानियाँ—‘सूर्योदय के देश’ के सामन्ती युग के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराती हैं। सानशोदायु, अँधेरे में एक नाव चलती थी और आख़िरी पंक्ति आपराधिक कथानकों के ज़रिए तत्कालीन राज और समाज की विद्रूपताओं को एक-एक कर सामने लाती हैं। लेकिन, ये कहानियाँ आपराधिक दृष्टान्त मात्र नहीं हैं। सानशोदायु और आख़िरी पंक्ति में आप पाएँगे कि किस तरह बाल चरित्र सामाजिक विसंगतियों से मुक़ाबले के लिए ऐसे वक़्त में उठ खड़े होते हैं, जब उनके अग्रज व्यवस्था के सामने हथियार डाल देते हैं। नन्हे चरित्र तत्क्षण महाकार ले लेते हैं। वे जापानी समाज को ‘आत्मबलिदान’ जैसी सर्वथा नई अवधारणाएँ सिखाते हैं। ‘अँधेरे में’ कहानी जापानी जनमानस पर बौद्ध मत के प्रभाव को ख़ासकर उकेरती है। इसलिए यह भारतीय पाठक को ख़ासकर अपील करेगी। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में अवतरित इन कहानियों के ज़रिए जापान के सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक जीवन-दर्शन को जानने का अवसर प्राप्त होगा। कहानियों के साथ प्रविष्ट टिप्पणियाँ पाठकों की जिज्ञासा के अनुरूप दी गई हैं।
Hatheli Bhar Kahaniyan
- Author Name:
Kawabata Yasunari +1
- Book Type:

- Description:
दिल्ली विश्वविद्यालय की जापानी साहित्य की छात्राओं द्वारा अनूदित और उनीता सच्चिदानन्द द्वारा सम्पादित पुस्तक है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जापान के अग्रणी साहित्यकार कावाबाता यासुनारी का कहानी-संग्रह ‘हथेली भर कहानियाँ’ कथा साहित्य के क्षेत्र में एक अनोखा प्रयोग है। इसे कथा-साहित्य का ‘हाइकू’ कहें तो गलत न होगा। ‘हथेली भर कहानियाँ’ का कोई प्लॉट नहीं, शुरू या अंत नहीं, बस जीवन की सामान्य अनुभूतियों की एक अविरल धारा है जो हर मुश्किलें लाँघती, चलती ही जाती है लेकिन मनुष्य इन अनुभूतियों से सदा अनभिज्ञ रहता है।
Tasveer Ka Pher
- Author Name:
Unita Sachchidanand
- Book Type:

- Description:
जापानी लोककथाओं के प्रस्तुत संग्रह में दो तरह की कथाएँ सम्मिलित हैं—हास्य और पौराणिक मिथक, जिनसे जापान के सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य का पता चलता है। ‘मोमोतारो’ के प्रसंग से जापान का बच्चा–बच्चा वाक़िफ़ है और ‘तानाबाता’ की कहानी सदियों से जापान के सबसे लोकप्रिय उत्सव ‘तानाबाता’ से सम्बन्धित है। ‘टप-टप गुम्बा’, ‘तस्वीर का फेर’ और ‘नदी में देवता’ के हास्य प्रसंग बच्चों और बड़ों को अवश्य ही लोट-पोट कर देंगे।
Paanch Chor
- Author Name:
Niimi Nankichi +1
- Book Type:

- Description:
पाँच चोर’ में संग्रह जापान के आधुनिक बाल साहित्यकार नीइमी नानकिचि की अनूदित चार रचनाओं के प्रस्तुत संकलन में सतत स्वच्छ और निर्मल हृदय की परिकल्पना की गई है, जिसे नानकिचि ने लोमड़ी और मनुष्य के दो अलग–अलग प्रसंगों में अभिव्यक्त किया है। ‘पाँच चोर’ में जहाँ चोर के हृदय परिवर्तन और ‘दादाजी की लालटेन’ में मानव समाज के विकास की दास्तान है, वहीं जापान की परम्परा और संस्कृति के ताने–बाने का भी सजीव चित्रण किया गया है। अनुवाद सरल, प्रवाहपूर्ण और बाल सुलभ है।
Jalpari
- Author Name:
Ogawa Mimei +3
- Book Type:

- Description:
जापान के सुप्रसिद्ध कथाकार ओगावा मिमेई, शिमाज़ाकी तोसोन तथा चित्रकार कोज़िमा मासाजिरो की प्रस्तुत बाल-रचनाएँ विविध प्रसंगों की दिलचस्प गाथाएँ हैं। ‘जलपरी’ फंतासी की दुनिया की सैर कराती है तो ‘कटोरी’ कला और उपयोगिता के बीच सामंजस्य स्थापित करती है। 'दो भाई’ धैर्य का पाठ पढ़ाती है तो ‘बाँसुरी’ संगीत के प्रभाव से मानव-हृदय के परिवर्तन की गाथा है।
Meri Didi
- Author Name:
Oka Shuzo +1
- Book Type:

- Description:
जापान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ओका शूज़ो की पुस्तक ‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ का हिन्दी अनुवाद मानसिक और शारीरिक रूप से अविकसित बच्चों के सामाजिक परिवेश का एक संवेदनशील संग्रह है जिसे डॉ. उनीता सच्चिदानन्द और जापान की योशिको ओकागुची ने मिलकर सम्पन्न किया है। दो भागों में प्रकाशित इस कथा-संग्रह में मानसिक रूप से कमज़ोर बच्चों की सहज इच्छाओं और अनुभूतियों का संवेदनशील चित्रण है। ‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ पर फ़िल्म भी बन चुकी है।
Mirtaatma Ka Geet
- Author Name:
Unita Sachchidanand +3
- Book Type:

- Description:
जापान में जब पूँजीवादी औद्योगीकरण की शुरुआत हुई तब समाज का सांस्कृतिक और राजनीतिक ढाँचा तेज़ी से बदलने लगा। पूँजीवादी समाज में विकास के नाम पर हाशिए पर धकेले गए प्रताड़ित लोगों के दु:ख–दर्द को मार्मिक स्पर्श दिया है जापान के तीन प्रगतिवादी लेखकों ने। इनकी सशक्त शैली और वैचारिक सघनता का प्रवाहपूर्ण हिन्दी अनुवाद मूल जापानी स्रोत से किया गया है।
Rakshas Phoot Phoot Kar Roya
- Author Name:
Unita Sachchidanand +1
- Book Type:

- Description:
लोमड़ी और राक्षस को हर समाज में चालाक, क्रूर और मनुष्य के दुश्मन के रूप में ही सर्वथा चित्रित किया गया है लेकिन जापानी जीवन–शैली में प्रकृति और अन्य जीवों के प्रति जो लगाव रहा है, उसका प्रभावशाली दिग्दर्शन जापान के अग्रणी साहित्यकारों के प्रस्तुत संग्रह में देखने को मिलता है। ‘राक्षस फूट–फूटकर रोया’ में जहाँ राक्षस को नेक और मिलनसार दर्शाया गया है, वहीं ‘एक द्वीप की लोमड़ी’ में लोमड़ी की मासूमियत झलकती है।
Lomari Ki Japmala
- Author Name:
Unita Sachchidanand
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत लोककथा संग्रह में जहाँ जानवरों की कहानियाँ हैं, वहीं अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जुड़ी जापान की बहुचर्चित कथाएँ भी। लेखिका ने स्वयं तोक्यो से दूर जापानी ग्रामीण क्षेत्रों में कहानियों की तलाश के दौरान परम्परागत जापानी कथा–वाचकों की दो कहानियाँ ‘एक एहसान बढ़ा पाँच मान’ और ‘बुज्जा का अंडा’ का अभिलेखन किया है। ‘लुढ़कता खड़ाऊँ’ में हँसी और मज़ाक़ का पुट है, तो ‘लोमड़ी की जपमाला’ में लोमड़ी और मनुष्य के बीच की हास्यास्पद लड़ाई। सरल बाल–सुलभ भाषा में जापानी कथाओं का यह दूसरा भाग मनोरंजन के साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में सहायक होगा, ऐसी उम्मीद है।
Jungli Gulab
- Author Name:
Ogawa Mimei +3
- Book Type:

- Description:
'जंगली गुलाब' जापानी फंतासी की आधुनिक परिकल्पनाओं का सशक्त संग्रह है। मियाज़ावा केन्जी की दो रचनाएँ—‘अनन्त फ़रमाइशों का भोजनालय’ और ‘वनबिलाव’ दो अलग–अलग प्रसंगों का प्रभावशाली चित्रण है। मिमेई और नावाको की रचनाओं में जहाँ अलौकिक तत्त्व है, वहीं प्राकृतिक सम्पदाओं के अनुचित दोहन से पैदा हुई समस्याओं पर सघन विमर्श भी है। युद्ध के सन्दर्भ में दुश्मन राज्यों के दो सैनिकों के बीच स्थापित दोस्ती की कहानी ‘जंगली गुलाब’ भावनाओं के कई तारों को एक साथ अंकुरित करती है और साथ ही युद्ध के प्रति वितृष्णा पैदा करती है।
Varshingtan Postmarch
- Author Name:
Oka Shuzo +2
- Book Type:

- Description:
‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ जापान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ओका शूज़ो की पुस्तक ‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ का हिन्दी अनुवाद मानसिक और शारीरिक रूप से अविकसित बच्चों के सामाजिक परिवेश का एक संवेदनशील संग्रह है जिसे डॉ. उनीता सच्चिदानन्द और जापान की योशिको ओकागुची ने मिलकर सम्पन्न किया है। दो भागों में प्रकाशित इस कथा-संग्रह में ऐसे बच्चों की सहज इच्छाओं और अनुभूतियों का सघन चित्रण है। ‘मेरी दीदी’ ओर ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ पर फ़िल्म भी बन चुकी है।
Rashomon Evam Anya Kahaniyan
- Author Name:
Ryunosuke Aakutagava +1
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत संकलन में र् यूनोसुके आकुतागावा की पाँच प्रसिद्ध कहानियाँ शामिल की गई हैं। ‘राशोमोन’ जहाँ सामाजिक विघटन की प्रक्रिया को उजागर करता है वहाँ ‘सन्तरे’, ‘मकड़ी के जाल का एक तार’, और ‘शिरो’ मानवीय मूल्यों की पुन: स्थापना की चेष्टा। ‘मकड़ी के जाल का एक तार’ एवं ‘तोशिशुन’ बहुत कुछ भारतीय दन्तकथाओं से प्रेरित हैं। साथ ही इन कहानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह आवश्यक टिप्पणियाँ भी दी गई हैं। अनुवादिका द्वारा इन कहानियों में अन्तर्निहित भावनाओं और वैचारिक विशिष्टताओं के भरपूर सम्प्रेषण को ध्यान में रखते हुए कथाकार की भाषा शैली को बरकरार रखने की कोशिश की गई है। सम्भवत: मूल जापानी से हिन्दी में अनूदित कहानियों की यह पहली कृति है जो आकुतागावा के रचना-संसार से पाठकों का परिचय कराएगी।
Bin Kan Ka Hoichi
- Author Name:
koizumi yakumo +1
- Book Type:

- Description:
जापानी कथा-साहित्य की दुनिया में अलौकिक प्रसंगों के आधुनिक प्रवर्तक कोइज़ुमी याकुमो की छह बहु-चर्चित कहानियों को इस संकलन में शामिल किया गया है। इनमें पाठकों को न सिर्फ़ अलौकिक दुनिया में विचरण करने का मौक़ा मिलेगा, बल्कि जापान के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं को जानने-समझने का अवसर भी प्राप्त होगा। 1185 में घटित दान-नो-उरा के विध्वंसक युद्ध की पृष्ठभूमि में रचित ‘बिन कान का होइची’ युद्ध के विनाशकारी प्रभावों को बख़ूबी उभारती है। ‘बच्चों की रज़ाई’ दो अनाथ बच्चों की मार्मिक दास्तान है, जिन्हें ठिठुरती रात में मकान-मालिक बेघर कर उनकी रज़ाई छीन लेता है। बच्चे ठंड से दम तोड़ देते हैं लेकिन उनकी आत्मा रज़ाई में समा जाती है। हर रात रज़ाई से निकलती आवाज जैसे समाज से उसकी निष्ठुरता का हिसाब माँगती है। ‘बर्फ़ सुन्दरी’ और ‘सोएमोन भूला नहीं’ नैतिक मूल्यों के प्रति सजग कराती रोचक कहानियाँ हैं। ‘कुनीज़ाका की ढलान’ एक इच्छाधारी रकून कुत्ते की कहानी है जो यात्रियों को डराया करता है। इस कहानी के द्वारा रचनाकार का सन्देश है कि भय मनुष्य की आन्तरिक कमज़ोरी है जिससे भागना कायरता है। ‘आँसू बने मोती’ कहानी लीक से हटकर है, जो मनुष्य और प्रकृति के पारस्परिक घनिष्ठ सम्बन्ध को रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है। रेखाचित्रों तथा टिप्पणियों से भरपूर कोइज़ुमी याकुमो की मूल जापानी कहानियों का यह हिन्दी अनुवाद बाल-पाठकों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें नैतिक तथा चारित्रिक मूल्यों के प्रति सजग कराएगा।
Japani Sahitya Darshan
- Author Name:
Unita Sachchidanand
- Book Type:

- Description:
जापानी कथा साहित्य की बारह पुस्तकों की शृंखला की इस अन्तिम कड़ी में जापान के आधुनिक साहित्य का सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया है। साहित्यिक शैली, विधि और व्यवस्था पर जापान के बदलते सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवेश तथा पाश्चात्य चिन्तन के प्रभाव में व्यक्तिवादी और लोकतांत्रिक मतों के प्रादुर्भाव के जटिल ताने–बाने की यह पहली साहित्यिक समीक्षा है। इसमें सवा सौ साल की साहित्यिक गतिविधियों का तटस्थ मूल्यांकन है और सत्तर साहित्यकारों के जीवन की झलकियाँ भी।
Na Bhoolanewali 100 Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description:
दादा जे.पी. वासवानी हमेशा से उत्कृष्ट किस्सागो रहे हैं। उनकी अनौपचारिक वार्त्ताओं, प्रवचनों और पुस्तकों में भी पुराणों की कहानियाँ बहुतायत से बिखरी होती हैं, ताकि वे उन बातों को सुस्पष्ट कर सकें, जिन्हें वे चाहते हैं कि हम आत्मसात् कर लें। ये कहानियाँ इतनी यादगार हैं कि एक लंबे समय तक हमारे दिलों में बसी रहती हैं तथा उन संदेशों या जीवन-मूल्यों को हृदयंगम करने में हमारी मदद करती हैं, जिन्हें दादा ने इतने रचनात्मक रूप में हमारे सामने रखा है। इस पुस्तक में, पूज्य दादा की वार्त्ताओं और पुस्तकों से चुनी हुई एक सौ कहानियाँ संगृहीत हैं। प्रत्येक कहानी के साथ आपके द्वारा मनन करने के लिए आदरणीय दादा का या उनका पसंदीदा विचार तथा एक पुस्तक के रूप में व्यावहारिक अभ्यास भी दिया गया है, जो दादा की अपनी विशेषता है, जिसका अनुसरण करके आप लाभान्वित हो सकते हैं। न भूलनेवाली एक सौ रोचक-ज्ञानवर्धक कहानियों का प्रेरणादायक संग्रह।
Is Hamam mein
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description:
कहानी को लेकर होनेवाली तमाम चर्चाओं को ध्यान में रखा जाए तो यह विश्वास करना पड़ेगा कि किसी के लिए कहानी केवल भाषा है, किसी के लिए केवल स्थिति चित्रण, कुछ के लिए केवल विचार है तो कुछ के लिए सिर्फ संवेदनाओं का अभिलेख। हरेक के अपने-अपने प्रवर्तक और समर्थक हैं, जो कभी इसे तो कभी उसे कहानी का शिखर घोषित करते रहते हैं। अपने उत्साह में वे यह भुला देते हैं कि कथा साहित्य के व्यापक कैनवस पर अलग-अलग रंगों के रूप में तो उनका कुछ महत्त्व हो सकता है, लेकिन किसी एक को ही कहानी का सर्वोच्च पैमाना नहीं बनाया जा सकता। अर्थरहित भाषा का झुनझुना कब तक बज सकता है, या जीवन-स्थितियों से रहित संवेदना का या संवेदनाविहीन जीवन-स्थितियों का क्या अर्थ है? बहुत से रचनाकार ऐसे हैं, जो प्रचलित मुहावरों और फैशनों से अप्रभावित रहते हुए इस बात के प्रति सचेत हैं कि कहानी वह सबकुछ है और इन सबसे मिलकर बनती है। चित्रा मुद्गल इन्हीं सचेत दृष्टि सम्पन्न रचनाकारों में हैं। उनकी कहानियों का मुख्य सरोकार समकालीन जीवन-स्थितियों में मनुष्य के भीतरी संसार का उद्घाटन है। लेकिन यह भीतरी कशमकश भी बदलते जीवन-परिवेश का आत्मीय ब्योरों और कलात्मक नजर के साथ अंकन भी करती चलती है। इस तरह ये इकहरी अभिव्यक्ति की कहानियाँ न होकर कई स्तरों पर प्रभावित करनेवाली कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ मानवीय सम्बन्धों की आन्तरिक जटिलताओं का अंकन पात्रों को उनके परिवेश से काटकर शिमला या कश्मीर के डाकबँगलों में ले जाकर नहीं, बल्कि उनके दैनन्दिन जीवन के संघर्षों के बीच, सामाजिक व्यवस्था की पृष्ठभूमि में करती हैं, जहाँ रोजी-रोटी का संघर्ष भी है और पारिवारिक परम्पराओं तथा जीवन की रूढ़ स्थितियों से टकराव भी। —रमाकान्त
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description:
रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी का साहित्य में एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। समय और समाज की विद्रूपता को रेखांकित करना, विसंगतियों को उकेरना और विषमताओं पर कलम चलाना, निशंकजी के साहित्य सृजन का एक ऐसा पक्ष है, जो साहित्य को आमजन का साहित्य बनाता है। निशंकजी की कहानियों में समाहित यथार्थ एक बदली हुई रचनाशीलता का गहरा अहसास कराता है। ये कहानियाँ हर्ष, विषाद, सुख, दुःख, संघर्ष और जिजीविषा की कहानियाँ हैं। इन कहानियों में मानव-मन की उन अतल गहराइयों को नाप लेने की ताकत भी दिखलाई देती है, जिन्हें पाकर कोई भी लेखक ‘लेखक’ हो जाने का विश्वास सँजो सकता है। कोमल शरीर और सबल आत्मा की ये कहानियाँ पढ़कर विश्वास हो जाता है कि लेखक के पास केवल आज की भयावह दुनिया का सच ही नहीं है, बल्कि उस सच को काटने के लिए पैनी कलम भी है। इस संग्रह की कहानियाँ रचनाशीलता के तथाकथित साँचों को तोड़ते हुए अत्यंत सरल भाषा और वाक्य-विन्यास से भाषावादी तराश और पच्चीकारी को नकारती हैं। भाषा से अलग तंत्र, व्यवस्था, समाज और मनुष्य की निपट निरीहता को जितने सही संदर्भों में लेखक ने समझा है, उनकी वह चेतना और जागरूकता कहानी के स्तर पर हमें दंशित करती है और हमारी नागरिक तथा सामाजिक चेतना को बुरी तरह आहत भी करती है
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ Ki Lokpriya Kahaniyan
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
20% off₹ 400
₹ 320
Available
Aaj Ki Taaza Khabar
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnagar
- Book Type:

- Description:
ये मेरी नहीं, हजारों हजार उन लोगों की कहानियाँ हैं, जिन्होंने इन कहानियों को जिया है, पर जो उन्हें लिख नहीं सके। इन कहानियों में अबूझे जन अपने को भूले-भटके तलाशते मन और उदासी में तल्लीनता ढूँढ़ते क्षण स्वयं से संवाद कर उठे हैं।वे रहें या न रहें, परंतु उनकी इन यादों में अकेली साँझ, मौन में सोई सुबह और पत्थर कूटती दोपहरी चुपचाप बतियाती, आपबीती सुनाती जब-तब जरूर दस्तक देती जान पड़ेगी। विलुप्त होती जा रही इनसानियत, रास्ता भटकी धूप-छाँव, वैश्विक समाज की छिन्न-भिन्न होती आवरण गाथा एवं उद्वेलित होती नृशंसता पुनः आत्म-चेतना की झिलमिल रोशनी में अपने आपको पहचानने की दावत देती है।
Rafu Wali Saree
- Author Name:
Dakshineshwar Rai Renu
- Book Type:

- Description:
ग्रामीण, क़स्बाई और शहरी जीवन के सुख-दुख की ये कहानियाँ अपने भाषिक प्रवाह के लिए ख़ासतौर पर प्रभावित करती हैं। कहीं छोटे और कहीं बड़े अपने कलेवर में जीवन का एक सम्पूर्ण चित्र सम्भव करती हुईं ये कहानियाँ देर तक हमारी स्मृति में बनी रहती हैं। शीर्षक कथा ‘रफू वाली साड़ी’ के अलावा ‘एक टुकड़ा प्रेम’, ‘किस्मत का खेल’, ‘भला कीजिए भला होगा’, ‘मोहिनी’, ‘पिता’ और ‘भला-बुरा’ आदि संग्रह की लगभग सभी कहानियाँ निम्न तथा मध्यवर्गीय भारतीय जीवन के किसी न किसी महत्त्वपूर्ण पहलू को उजागर करती हैं। यह कथाकार का कौशल है कि अपनी कहानी के फ़्रेम में वे मनुष्य-जीवन के कई पहलुओं को एक साथ रेखांकित करते हुए चलते हैं। ‘चुनावी यात्रा’ शीर्षक कहानी इसका अच्छा उदाहरण है जिसमें आम जन-जीवन से जुड़ी कितनी ही समस्याओं को छूते हुए कथाकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, काम के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में पलायन की विडम्बना को दिखाते हुए नई पीढ़ी में राजनीतिक सजगता के अभाव की ओर भी इशारा करती है। एक पठनीय कथा-संग्रह।
Jadui Chashmen
- Author Name:
Dr. Manjari Shukla
- Book Type:

- Description:
डॉ मंजरी शुक्ला की पठनीय और शिक्षाप्रद बाल-कहानियों का संग्रह है 'जादुई चश्में' 'जादुई चश्में' लेखिका डॉ मंजरी शुक्ला का कहानी संग्रह है। इसमें लेखिका की चौदह कहानियों को संकलित किया गया है। कहानियाँ रोचक है और बच्चों को पढ़ने के लिए दी जा सकती हैं या इन्हें उन्हें पढ़कर सुनाया जा सकता है:
Customer Reviews
Be the first to write a review...
5 out of 5
Book