Nak Bani Musibat
Author:
Naoya ShigaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 316
₹
395
Available
‘नाक’ के प्रसंग लगभग हर सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हैं। ‘नाक बनी मुसीबत’ एक व्यंग्यात्मक कहानी है। संग्रह की बाक़ी कहानियाँ गम्भीर हैं। ‘नन्हे का भगवान’ अध्यात्म से प्रभावित है तो ‘किनोसाकी से’ ज़िन्दगी और मौत की कशमकश पर शिगा नाओया का जीवन-दर्शन है। ‘एक और काली बिल्ली’ मनुष्य और जानवर के उभरते आत्मीय सम्बन्ध की भावनात्मक गाथा है जो जापान की समसामयिक रचनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
ISBN: 9788126706167
Pages: 100
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Rajdhani Kab Aayegi
- Author Name:
Martin John
- Book Type:

- Description: सामाजिक ताने-बाने में तेज़ी से हो रहे परिवर्तन, भगवान बनते जा रहे बाज़ार का दबाव, लगातार ज़्यादा ही मसरूफ होते जा रहे इन्सान की निरंतर भोथरी होती जा रहीं संवेदनाओं, हवस और रुतबे की अकड़ में अमानवीय होते जा रहे लोगों के अवैध नैक्सस जैसे मसलों को लेकर मार्टिन जॉन की चिंताएँ उनकी इस संग्रह की कहानियों में अलहदा ढंग से अभिव्यक्त हुई हैं। रेलकर्मी होने का उनका अनुभव और निजी जीवन-रुचियों के आत्मिक संस्पर्श इन चिंताओं को और ज़्यादा विश्वसनीय, ऐंद्रिक लगाव से भरपूर, जीवंत, चाक्षुष और विशिष्ट बनाकर परोसने में काफी मददगार साबित होते हैं। रेल-जीवन और रेलवे क्वार्टर हिंदी में कुछ ही कहानीकारों की रचनाओं में विश्वसनीय ढंग से आए हैं। इस रूप में रामदेव सिंह के बाद मार्टिन जॉन ही फिलहाल याद आ रहे हैं। 'राजधानी कब आएगी' की इंक्वायरी काउंटर पर काम कर रही तरुलता, उसके सीनियर सी.बी.एस. अंकल, मनचले पसेंजरों की बेहूदगी और रेलवे महकमे में व्याप्त अफसर-नेता नैक्सस आदि के चित्रण इतने विश्वसनीय और प्रभावशाली बन पड़े हैं कि यह कहानी लंबे समय तक पाठकों के जेहन में टिकी रहेगी। कहानीकार मार्टिन जॉन की कलम का कमाल है कि बाग-बागवानी और पक्षी-प्रेम यहाँ पर्यावरण चिंता मात्र न रहकर सामाजिक ताने-बाने के अंग बनकर सामने आते हैं। कोविड के दौर में गुलाब के फूल मात्र ही मज़हबी नफरतों के शिकार नहीं होते (रौंदे हुए फूल) मानवीय विश्वास भी दरकता है। 15 अगस्त के दिन शांतिदूत कबूतर के खून बहाने वाले और गांधी-नेहरू की तस्वीर पर पत्थर फेंकने वाले लोग हमारे समाज में किस तरह पैठ बना चुके हैं; बिना लाउड हुए लेखक बता देता है। —गौरीनाथ
Bharatiya Shreshtha kahaniyan : Vols. 2
- Author Name:
Markandey
- Rating:
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय श्रेष्ठ कहानियाँ में उड़िया, कन्नड़, तेलगु, पंजाबी, मराठी और हिन्दी की चुनी हुई श्रेष्ठ साठ कहानियाँ संगृहीत हैं। भारत में भिन्न-भिन्न भाषाओं के बावजूद कहानी कला का विकास समानान्तर और समान्तर हुआ है जो सर्वथा स्वाभाविक है। भारत का इतिहास भूगोल संस्कृति और नियति जो एक है। इस संकलन में संगृहीत कोई भी कहानी किसी भी भाषा की कहानी हो सकती है, क्योंकि भाषा की वह बाद में, पहले वह भारतीय कहानी है। भारत की भिन्न-भिन्न भाषाओं में कहानी के विकास को पाठक सम्बद्ध भाषा की कहानियों के प्रारम्भ में उस विभाग के सम्पादक द्वारा प्रस्तुत सर्वेक्षण में देखेंगे। इस सर्वेक्षण में भिन्न-भिन्न भाषाओं के साहित्य में जिस साम्य की सहज प्रतीति होती है उससे इस विश्वास को बल मिलता है कि समग्र भारतीय-साहित्य की एक इकाई के रूप में, चाहे अलिखित, किन्तु बड़ी प्रौढ़ और अस्तित्वशील परम्परा है, जिससे सभी भाषाएँ अपने-अपने तौर पर प्रेरणाएँ और स्पंदन प्राप्त करती हैं। आवश्यकता है इस अदृश्य-परम्परा को आलेखित करने की, ताकि भाषाओं का यह परिवेश भिन्नता का पर्याय न बनकर विविधता का इन्द्रधनुषी रंग प्रत्यक्ष करे। आधुनिक-कहानी की शक्ति और महत्त्व इसमें है कि वह संघर्षमय जीवन के कठोर यथार्थ से सर्वांशतः सम्पृक्त है। आज का सारा ही साहित्य उत्तरोत्तर वस्तून्मुखी और यथार्थपरक होता जा रहा है। कविता का कथ्य तक, जो रमणीय-अर्थ और रसात्मक-अनुभूति के पोषण के लिए कल्पना की वायवी उड़ान में आश्रय का लक्ष्य खोजता था, आज यथार्थ की कठोर कंटकाकीर्ण भूमि पर संघर्ष में अपनी उपलब्धि खोज रहा है, यह संघर्ष चाहे भौतिक हो, मानसिक हो या आध्यात्मिक हो। इस दृष्टि से आज की कहानी काव्य का स्थान हड़पती जा रही है—लघु-गल्प कविता का और उपन्यास महाकाव्य का। यहाँ कहानी से ‘लघु-गल्प’ और ‘उपन्यास’ दोनों ही अभिप्रेत हैं। प्रस्तुत पुस्तक निःसंदेह पठनीय और संग्रहणीय है
Ghatshraadh
- Author Name:
U.R. Ananthamurthy
- Book Type:

- Description: प्रसिद्ध उपन्यासकार यू.आर. अनन्तमूर्ति की ये कहानियाँ अपनी प्रयोगधर्मिता, बौद्धिक संयम, अनूठी कथा-शैली और बेबाक आधुनिक दृष्टि के कारण कन्नड़ कथा-साहित्य में विशेष स्थान बना चुकी हैं। ‘घटश्राद्ध’ कहानी पर कन्नड़ में फ़िल्म भी बन चुकी है, जो काफ़ी चर्चित और पुरस्कृत हुई। इन कहानियों में प्रचलित रूढ़ियों के अनूठे चित्र और दिलचस्प चरित्र हैं जो आधुनिकता की मार खा-खाकर चरमरा रहे हैं, टूट रहे हैं, बिखर रहे हैं। उनके इस विघटन में निहित अनिवार्य त्रासदी मन को आलोड़ित करती है। कुछ प्रयोगधर्मी कहानियों में अनूठी फैंटेसियों का आकलन हुआ है, जो किसी गहरे आन्तरिक यथार्थ की प्रतीति कराती हैं। नारी के शोषण के अनेक चित्र इन कहानियों में देखने को मिलते हैं। कंठ के भीतर घुटते उच्छ् वासों को रचनाकार ने अपनी विशेष सजीव और सहज शैली में उभारा है। भारतीय भाषाओं को ‘संस्कार’ जैसा आधुनिक क्लासिक उपन्यास देनेवाले रचनाकार का यह संकलन पढ़ना एक अनूठा अनुभव है।
Katha Saptak Sudha Om Dhingra
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Collection of 7 brilliant stories: - बिल्ली नहीं दीवार - सामूहिक नरसंहार - ज़ाफ़र मियाँ की शहनाई - शिकंजा - माई - शर्म - बजरंग पांडे के पाड़े
Beech Dhar Mein
- Author Name:
Vinod Das
- Book Type:

- Description: 'बीच धार में' पढ़ी। आपकी यह पहली गद्य रचना है जिससे मैं रूबरू हुआ। यह रचना आपकी अन्य रचनाओं के प्रति गहरी दिलचस्पी जगाती है। एक मामूली विषय को लेकर आपने जिस तरह घटनाओं, स्थितियों और मन:स्थितियों का वितान रचा है, काफी मुकम्मल लगता है। लगता है, गहरे तक महसूस कर, देर तक जीकर यह रचना नि:सृत हुई है। —ओमा शर्मा, कथाकार कहानी 'बार-बार' दो दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। एक, बात मनोविज्ञान का सूक्ष्म चित्रण जिसकी परंपरा लुप्त हो रही है। दूसरी विशेषता है—राजनीति में भागीदारी के प्रति औसत औरत की लालसा जिसे राजनीति के प्रति स्त्री की उदासीनता का विपरीत नाम देकर मीडिया और तथ्यों द्वारा नज़रंदाज़ करने का जतन किया जाता है या जो स्त्रियाँ राजनीति में हैं, उन्हें मायावती और जयललिता के खाते में डाल बदनाम करने की कुत्सित कोशिश की जाती है। कहानी के भीतरी तहों में चुपके से पैठा पुरुष वर्ग का यह दंभ भर दुष्चक्र स्त्री के चरित्र हनन की कोशिशों, लोकापवादों और घरेलू सम्बन्धों को विषाक्त करने में प्रामाणिक ढंग से उभारा है। कहानी यह प्रसंग भी उठाती है कि अपनी महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए पुरुष सी कूटनीति और राह का सहारा लेती स्त्री तिरस्कृत क्यों समझी जाती। —रोहिणी अग्रवाल, आलोचक दरअसल विनोद दास की कहानियाँ विषयवस्तु और रूप के उस एकत्व का भी उदाहरण हैं जिसे हासिल करना हर कहानीकार का लक्ष्य होता है और जिसके बिना एक कहानी अच्छी भले ही हो, मुकम्मल नहीं हो सकती। —रश्मि रावत, आलोचक
Pratinidhi Kahaniyan : Mithileshwar
- Author Name:
Mithileshwar
- Book Type:

- Description: मिथिलेश्वर हिन्दी कथा-साहित्य में एक अलग महत्त्व रखते हैं। प्रेमचन्द और रेणु के बाद हिन्दी कहानी से जिस गाँव को निष्कासित कर दिया गया था, अपनी कहानियों में मिथिलेश्वर ने उसी की प्रतिष्ठा की है। दूसरे शब्दों में, वे ग्रामीण यथार्थ के महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं और उन्होंने आज की कहानी को संघर्षशील जीवन-दृष्टि तथा रचनात्मक सहजता के साथ पुन: सामाजिक बनाने का कार्य किया है। इस संग्रह में शामिल उनकी प्राय: सभी कहानियाँ बहुचर्चित रही हैं। ये सभी कहानियाँ वर्तमान ग्रामीण जीवन के विभिन्न अन्तर्विरोधों को उद्घाटित करती हैं, जिससे पता चलता है कि आज़ादी के बाद ग्रामीण यथार्थ किस हद तक भयावह और जटिल हुआ है। बदलने के नाम पर ग़रीब के शोषण के तरीक़े बदले हैं और विकास के नाम पर उनमें शहर और उसकी बहुविध विकृतियाँ पहुँची हैं। निस्सन्देह इन कहानियों में लेखक ने जिन जीवन-स्थितियों और पात्रों का चित्रण किया है, वे हमारी जानकारी में कुछ बुनियादी इज़ाफ़ा करते हैं और उनकी निराडम्बर भाषा-शैली इन कहानियों को और अधिक सार्थक बनाती हैं।
Pratidin
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी की सुपरिचित लेखिका ममता कालिया की कहानियों के इस संग्रह में शिक्षित मध्यवर्गीय नारी की आशाओं, आकांक्षाओं, संघर्षों और स्वप्नों का यथार्थपरक अंकन हुआ है। ममता कालिया हिन्दी के उन कथाकारों में उल्लेखनीय हैं, जिन्होंने मध्यवर्गीय भाव-बोध को अपनी कहानियों का विषय बनाते हुए भी उसकी सीमाओं का अतिक्रमण किया है। मध्यवर्गीय भाव-बोध के प्रति तीखी व्यंग्य-दृष्टि का सहज और तार्किक विकास उनकी जीवन-दृष्टि की गतिशीलता का प्रमाण है। नारी के प्रति परम्परागत भारतीय दृष्टिकोण को नकारते हुए वे किन्हीं पतनशील जीवन-मूल्यों को स्वीकार नहीं करतीं, बल्कि समाज के स्वस्थ जीवन-मूल्यों को आत्मसात् करती हुई, उन्हें नई सामाजिक अर्थवत्ता प्रदान करती हैं।
घर की चारदीवारी में क़ैद नारी की मुक्ति-आकांक्षा और उसका संघर्ष ममता कालिया को अधिकांश कहानियों का प्रस्थान बिन्दु है, जिसके आसपास वे समूचे कथानक को बुनती हैं। इन कहानियों के पात्रों से लेखिका का सम्बन्ध इतना सीधा और आत्मीय है कि वे हमारी आँखों के सामने गतिशील होने लगते हैं। कहना न होगा कि इस संग्रह की कहानियाँ भारतीय नारी के संघर्ष और उसकी छटपटाहट को मार्मिक प्रसंगों के माध्यम से उद्घाटित करती हैं।
Tang Galiyon se bhi Dikhta Hai Akash
- Author Name:
Yadvendra
- Book Type:

- Description: मेरा मानना है कि हिंदी में ही नहीं बल्कि भारतीय भाषाओं में अब तक अनूदित कहानियों के जितने संकलन हैं उनमें यह किताब इसलिए विशिष्ट है क्योंकि पहली बार छह महादेशों के 25 देशों की 27 स्त्री कहानीकारों की कहानियां इसमें शामिल हैं। दुनिया का कोई प्रश्न ऐसा नहीं है जो इसमें शामिल न किया गया हो। —प्रो. रविभूषण
Gokharoo
- Author Name:
Pushpita Awasthi
- Book Type:

-
Description:
पुष्पिता की ये कहानियाँ बौद्धिक आडम्बर के बग़ैर एक मानवीय संसार का अन्वेषण करती हैं और बहुत सफलतापूर्वक अपने कथ्य और सहज गद्य के माध्यम से पढ़नेवाले के भीतर तक उतर जाती हैं। यह इनकी काव्यात्मकता ही है जो उन घटनाओं, परिस्थितियों से सवाल करती है जिन्हें ज़रूरी नहीं समझा जाता पर जिनके मानी बहुत बड़े होते हैं।
‘ठंडे बस्ते में पिघलता लावा’ में सुधा के कर्मठ जीवन के बावजूद उसकी हत्या, प्रशासनिक उदासीनता और सुधा के पी.एफ़. से अपनी जेबें भरने के बाद उसके पति की चुप्पी। प्रेम-विवाह की यह परिणति और व्याप्त भ्रष्टाचार का तांडव यदि इस कहानी में दिखता है तो दूसरी ओर ‘दो शब्द’ में अंकिता का प्रेम के अभाव में ठूँठ-सा व्यक्तित्व।
इस संग्रह की कहानियाँ उन चीज़ों की ज़रूरत की कहानियाँ हैं जो हवा, पानी, रोटी, कपड़े की तरह और उससे भी ज़्यादा ज़रूरी लगती हैं।
Ishq Mein Shahar Hona
- Author Name:
Ravish Kumar
- Book Type:

- Description: “प्रेम हम सबको बेहतर शहरी बनाता है। हम शहर के हर अनजान कोने का सम्मान करने लगते हैं। उन कोनों में ज़िन्दगी भर देते हैं....आप तभी एक शहर को नए सिरे से खोजते हैं जब प्रेम में होते हैं। और प्रेम में होना सिर्फ़ हाथ थामने का बहाना ढूँढ़ना नहीं होता। दो लोगों के उस स्पेस में बहुत कुछ टकराता रहता है। ‘लप्रेक’ उसी कशिश और टकराहट की पैदाइश है।”
Kahaniyan Rishton Ki : Prem
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

- Description: प्रेम एक बहुआयामी और छलिया शब्द! अपना ही विरोधी! आह्लादकारी और यातनादायी दोनों रहा है संसार के लिए यह शब्द। प्रेम और समाज दो विपरीत ध्रुव हैं और उनके बीच खड़ा है, दोनों को सहेजता मनुष्य। हम सबका जीवन ऐसी प्रेम कहानी/कहानियाँ होता है जिसका/जिनके क्लाइमेक्स अज्ञात या अन्तविहीन होते हैं। यह संकलन उन ख़ास कहानियों को चुनकर तैयार किया गया है, जिनमें प्रेम प्रखरता से उपस्थित है। वही प्रेम जो उबरने में नहीं, डूबने में सार पाता है...अपने प्रिय को खोकर प्रेम को पाने का गुमान रखने वाले साधारण, सिरफेरे चरित्रों की असाधारण कहानियाँ।
Dharohar Kahaniyaan : Subhadra Kumari Chauhan
- Author Name:
Subhadra Kumari Chauhan
- Book Type:

- Description: अपनी समस्या पूरे देश की समस्या के साथ बँधी हुई है। सबकी मुक्ति में ही अपनी मुक्ति है। अन्धी परम्पराओं के बन्धन, चारों ओर सड़े-गले रस्म रिवाजों के गलीज घेरे, जिनमें क्रूर पाखंड की उँगलियाँ उठती हैं। एक दमन और घुटनवाला समाज, जो खुली तन्दुरुस्त जिन्दगी की साँस लेना जानता ही नहीं। सुभद्रा कुमारी चौहान की स्वस्थ और स्वतंत्र भावुकता ने यथार्थ के बहुत से मर्म पहचान लिये थे। हर चुनौती का जवाब उनके पास था। और यह जवाब था उनके अन्तःकरण और सच्चाई की हठ का। —शमशेर बहादुर सिंह
Waqt Hai Ek Break Ka
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
टी.वी. आज हमारे जीवन में जितनी गहराई तक उतर चुका है, उससे दुगुनी गहराई उसने शायद पतन की दिशा में हासिल कर ली है। वैचारिक शून्यता, दिशाहीनता, समाज की मूलभूत चिन्ताओं से निरपेक्ष रहने की आदत और सबसे ऊपर स्वयं को ईश्वर का स्थानापन्न मानने का ढीठ आत्मविश्वास। सस्ती अपराध कथाएँ, हत्याएँ, बलात्कार, भूत-प्रेत, अमीरों की लिजलिजी भावुक कहानियाँ, क्रिकेट और चटखारेदार राजनीति। लगभग यही सब है जो टी.वी. हमें चौबीसों घंटे दे रहा है। और यह सब जिस कारख़ाने में बनता है, या कहें कि जहाँ इसे परोसने लायक़ बनाया जाता है, वहाँ क्या होता है, परदे के परे के उस रहस्यलोक में कौन, कैसे और क्यों इन सिरकटे सपनों की कठपुतलियाँ नचा रहा है—इस किताब में शामिल कहानियाँ यही बताती हैं।
जनवरी 2007 में प्रकाशित ‘हंस’ के विशेषांक ‘ख़बर चैनलों में पहली बार’ के लिए विभिन्न अग्रणी चैनलों में काम कर रहे पत्रकारों ने अपनी आपबीती को आधार बनाकर ये कहानियाँ लिखी थीं। बेशक, सभी कहानियाँ कलात्मक शर्तों पर खरी नहीं उतरतीं लेकिन इनके माध्यम से छोटे परदे के भीतरी सच की जो छवियाँ सामने आई हैं, वे हौलनाक हैं। इनसे हमें पता चलता है कि किस तरह देश की श्रेष्ठ पत्रकार प्रतिभाएँ सिर्फ़ अपनी जगह सुरक्षित रखने के लिए एक-दूसरे को छुरा भोंकने में जुटी हैं, कैसे अकल्पनीय तनख़्वाहों का जाल उन्हें अपनी माया में बुन चुका है, और कैसे रचनात्मकता के नाम पर उनके पास सिर्फ़ ये छटपटाहट ही बची है जो इन कहानियों में प्रकट हुई है।
Thasak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया की इन कहानियों में आज का वक़्त अपनी तमाम विडम्बनाओं के साथ मौजूद है। नब्बे के दशक के दौरान और उसके बाद हमारे समाज ने जीवन के जिन नए रूपों को देखा और भोगा, वह उससे पहले हमारे दैनिक अनुभवों का हिस्सा नहीं थे। उदारीकरण आया, और अपने साथ ऐसी अनेक चीज़ें लेकर आया जिनसे हमारा जीने और देखने का तरीक़ा एकदम बदल गया—मोबाइल, इंटरनेट, बैंकिंग की नई-नई पद्धतियों, एटीएम, मल्टीप्लेक्स, मनोरंजन की चारों दिशाओं में पसरे नए-नए साधन और इन सबका बिना किसी हिचक सुख भोगने के लिए ज़रूरी निश्चिन्तता।
इन कहानियों में ममता कालिया ने बिलकुल इसी दौर में जन्मे नए कथाकार जैसी ताज़गी और सहजता के साथ इन सब चीज़ों से बनते नए वक़्त और नए नागरिक के चित्र खींचे हैं। और यह सुनी-पढ़ी सूचनाओं के नहीं, प्राथमिक और आँखों देखे अनुभवों के चित्र हैं। मशीनी सुगमता में बीतते जीवन ने अपने को इन कहानियों में इतने स्पष्ट रूप में रेखांकित किया है कि ममता जी की भाषा और कहन के प्रवाह में डूबा पाठक भी, उन्हें महसूस करने से नहीं बच पाता। यही इन कहानियों को लगभग इन्हीं विषयों पर लिखी जा रही अनेक कहानियों से विशिष्ट बनाता है।
Vasant Ka Ujad
- Author Name:
Prakash Kant
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
Dayan
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ऐसे कथाकार थे जिन्हें किसी आन्दोलन ने न कभी विचलित किया, न प्रेरित किया। कला और यथार्थ के साथ उनका अपना निजी रिश्ता था, जिसे उन्होंने आख़िर तक अक्षत बनाए रखा। जीवन, जीवन को चुनौती देनेवाले विद्रूप और उसे बल देनेवाले सौन्दर्यबोध की शाश्वत मौजूदगी, यही उनका संसार था।
'डायन' का प्रकाशन 1998 में हुआ था, और यह उनके जीवन-काल में प्रकाशित उनका अन्तिम कहानी-संग्रह था। इसके बाद उनका उपन्यास 'नीलू नीलिमा निलोफ़र' और आत्मकथा 'आज के अतीत' ही प्रकाशित हुए। आज़ादी की पचासवीं वर्षगाँठ पर प्रकाशित इस संकलन में भी उस पीड़ा की तारतम्यिक उपस्थिति दिखाई देती है जिससे भीष्म जी की संवेदना आज़ादी की शुरुआती सुबहों से ही जुड़ गई थी और जिसका चरम 'तमस' में प्रकट हुआ—विभाजन और साम्प्रदायिक क्रूरता।
इस संकलन की 'बीरो' कहानी पुनः विभाजन की तरफ़ लौटती है, वह बीरो जो बँटवारे के वक़्त पाकिस्तान में रह गई थी, और बाद में सलीमा बनकर वहीं की हो गई। लेकिन भीतर के तार जो सीमाओं की बाड़ को लाँघकर दोनों मुल्कों की गलियों में बार-बार आ पहुँचते है, अब भी बीरो के ह्रदय में सजीव हैं।
'डायन' कहानी मध्यवर्गीय मानसिकता की ऊहापोह का बिम्ब है। अन्य कहानियाँ भी पचास
Dola Bibi Ka Mazaar
- Author Name:
Jabir Husain
- Book Type:

- Description: मैंने कब कहा कि मैं कहानियाँ लिखता हूँ। मैं तो बस अपने आसपास जो कुछ देखता हूँ, महसूस करता हूँ, वही लिखता हूँ। मेरे किरदार मेरी उन अनगिनत लड़ाइयों की खोज और उपज हैं, जो दशकों बिहार के गाँवों में लड़ी गई हैं, बल्कि आज भी लड़ी जा रही हैं। मैंने ये भी कब कहा कि मेरे पास गाँवों के दु:खों का इलाज हैं। मैं तो बस अपने किरदारों के यातनापूर्ण सफ़रनामे का एक अदना साक्ष्य हूँ। एक साक्ष्य, जो कभी अपने किरदारों की रूह में उतर जाता है, और कभी किरदार ही जिसके वजूद का हिस्सा बन जाते हैं। मैं तटस्थ नहीं हूँ। मैं तटस्थ कभी नहीं रहा। आगे भी मेरे तटस्थ होने की कोई गुंजाइश नहीं है। मैं ख़ुद अपनी लड़ाइयों का एक अहम हिस्सा रहा हूँ, आज भी हूँ। मेरी नज़र में, तटस्थता किसी भी संवेदनशील आदमी या समाज के लिए आत्मघाती होती है। मैंने झंडे उठाए हैं, परचम लहराए हैं, नारे बुलन्द किए हैं। जो ताक़तें सदियों राज और समाज को अपनी मर्ज़ी से चलाती रही हैं, उनकी बख़्शी हुई यातनाएँ झेली हैं। लेकिन अपनी डायरी के पन्ने स्याह करते वक़्त मैंने, कभी भी, इन यातनाओं को बैसाखी की तरह इस्तेमाल नहीं किया है। न ही मैंने इन्हें अपने डायरी-शिल्प का माध्यम ही बनने दिया है। अतः मैं आप से कैसे कहूँ कि इस पुस्तक में शामिल तहरीरों को आप कहानी के रूप में स्वीकारें।
Pinjre Ki Udan
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी
है।‘पिंजरे की उड़ान’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘मक्रील’, ‘नीरस रसिक’, ‘हिंसा’, ‘समाज सेवा’, ‘प्रेम का सार’, ‘पहाड़ की स्मृति’, ‘पीर का मज़ार’, ‘दुखी-दुखी’, ‘भावुक’, ‘मृत्युंजय’, ‘शर्त?’, ‘तीसरी चिता’, ‘प्रायश्चित्त’, ‘हृदय’, ‘परायी’, ‘मज़हब’, ‘कर्मफल’, ‘दर्पण’, ‘परलोक और दु:ख’।
Neend Kis Chidiya ka Naam Hai?
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
- Book Type:

- Description: Acclaimed poet Rajesh Joshi’s poems make for a thought-provoking read. With the magic of his words, he turns things like a broom, a telephone, discounts, and keys into subjects worth engaging. His simple writing style serves his perspective very well and helps convey his thoughts to the reader. Each of his poems will surprise you. A talented artist, Bhargav Kulkarni’s artworks are equally engaging interpretations of the poems. Created with water colours, you would find these illustrations very thought-provoking. Age group 9-12 years Age group 9-12 years
Katha Katha - Sapna Singh
- Author Name:
Sapna Singh
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book