Mansarovar Vol. 3 : Uddhar Aur Anya Kahaniyan
Author:
PremchandPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections1 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
स्पष्टता के मैदान में प्रेमचन्द बड़ी-से-बड़ी बात को बड़े उलझन के अवसर पर कुछ इस तरह सुलझा कर कह जाते हैं कि मुश्किल-से-मुश्किल बात हमारे रोजमर्रा के, घरेलू जीवन की जानी-पहचानी चीज हो जाती है। उनकी बातों में कुछ ऐसा अनुभव का मर्म भरा होता है कि आदमी उसे कंठस्थ कर लेना चाहता है। उनकी बात स्पष्ट, दो टूक निर्णय होती है। और उनकी कलम सब जगह पहुँचती है, अँधेरे में भी धोखा नहीं देती।
—जैनेन्द्र कुमार
ISBN: 9789393603180
Pages: 216
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kahna Hai Kuchh
- Author Name:
Renu 'Anshul'
- Book Type:

-
Description:
मानवीय रिश्तों, भावनाओं, संवेदनाओं और समाज के किन्ही सुने-अनसुने, कहे-अनकहे वह सारे किरदार जो हमारे आसपास ही हैं—कभी बग़ल में रहनेवाले साहनी जी के यहाँ काम करनेवाला माली, कभी गुप्ता जी के यहाँ कामवाली मेड, तो कभी कहीं कॉलेज में पढ़नेवाला युवा वर्ग।
कभी ख़ुशी, कभी ग़म तो कभी धूप, कहीं छाँव के अनगिनत अहसासों के साथ, हर पात्र को, हर किरदार को, चाहे वह 'होम डिलीवरी वाला लड़का' का ज़िम्मेदार किशोर हो, ‘इच्छा’ का किशन हो, ‘कसूर’ का निर्दोष माधव हो या 'वो आ रहे है के' मजबूर नेता चाचा जी हों, उन सब को कहना है कुछ...।
तो फिर देर किस बात की है! इन सबसे आप हम सब एक जगह ही मुलाक़ात कर लेते हैं। सुन लेते हैं कि क्या कुछ कहना है इन्हें सरेआम आपसे, हमसे, सबसे...!
Contemporary Indian Short Stories Series II
- Author Name:
Bhabani Bhattacharya
- Rating:
- Book Type:

- Description: This sheaf of twenty-two short stories, written by different authors, mainly during the period 1930-50, represents a cross-section of contemporary Indian short fiction. Twenty stories are translations from fourteen modern languages of India and two are specimens of Indian creative writing in English. Here is evidence, if such were needed that Indian literature is one though written in many languages - its oneness consusting not of a stale uniformity but of rich variety.
Pink Slip Daddy
- Author Name:
Geet Chaturvedi
- Book Type:

- Description: ुछ नई प्रगतिशील प्रतिभाओं में गीत का नाम प्रमुख है। कवि-कथाकार के रूप में वह चुपचाप उभर रहे हैं। हिन्दी के वर्तमान परिदृश्य में कुछ युवा चिल्ला रहे हैं, उनके लिए लोग चिल्ला रहे हैं, लेकिन कुछ युवा ख़ामोश हैं, धीर, गभीर और रचनात्मक हैं। वास्तविक संघर्ष वाचाल और ख़ामोशों के बीच है। गीत के पास बहुत ताज़ा और चमकीली भाषा है। वे विचारवान और स्वप्नदर्शी
Game Hasti Ka Ho Kis Se…!
- Author Name:
Vijay Mohan Singh
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी के सुपरिचित कहानीकार तथा कथा समीक्षक डॉ. विजयमोहन सिंह का यह चौथा कहानी-संग्रह है। संग्रह की अधिकांश कहानियाँ उस मुहावरे से बाहर का पाठ प्रस्तुत करती हैं जिन्हें हम सामान्यतः ‘आधुनिक कहानी’ कहते हैं। न केवल शिल्प तथा भाषा के स्तर पर बल्कि कथानक और ट्रीटमेंट के स्तर पर भी ये कहानियाँ परिचित तथा रूढ़ मुहावरों से पृथक् अपनी निजी कथा भाषा का निर्माण करती हैं। कुछ कहानियों में संस्कृतनिष्ठ शब्दावली का प्रयोग एक विशेष प्रकार की व्यंजनात्मक अभिव्यक्ति के लिए किया गया है जो परम्परागत इतिवृत्तात्मक शैली को एक नए सन्दर्भ प्रदान करता है।
‘अंगरक्षक’ जैसी कहानी एक ऐसी सामाजिक विडम्बना को प्रस्तुत करती है जो समकालीन परिवेश में स्त्री की क्रूर नियति को सामने लाती है। प्रायः सर्वत्र व्याप्त एक अन्तर्निहित गूढ़ व्यंग्य इन कहानियों की केन्द्रीय विशेषता है। इन कहानियों के बारे में स्वयं लेखक का कहना है कि मेरी कहानियों की जो शृंखला पिछले दो दशकों से चली आ रही है, ये कहानियाँ उसके विराम की कहानियाँ हैं क्योंकि उस ‘सामन्ती अवशेष’ का जितना उत्खनन मैं कर सकता था, कर चुका—‘एक बँगला बने न्यारा’ से लेकर इन कहानियों तक।
संग्रह का शीर्षक ग़ालिब के इस विख्यात शे’र का अंश है जो इस संग्रह की एक कहानी का शीर्षक भी है। आज़ादी के बाद के परिवर्तित होते हुए सामाजिक-राजनैतिक परिवेश में उससे असम्पृक्त तथा उसके अपने को अजनबी अकेला और उखड़ा हुआ महसूस करनेवाला सामन्त वर्ग का प्रतिनिधि कहानी के नायक को सहसा अपने अस्तित्व की निरर्थकता का बड़ी शिद्दत से एहसास होने लगता है जिसकी परिणति आत्महत्या में होती है। कहने की आवश्यकता नहीं कि मूलतः यह ‘आत्महत्या’ या अन्त एक पूरे युग का अन्त है जो आज अप्रासंगिक तथा निरर्थक हो चुका है।
Nakbesar Kaga Le Bhaga
- Author Name:
Chandrakishore Jaiswal
- Book Type:

-
Description:
चन्द्रकिशोर जायसवाल की कहानियों में भारतीय जीवन का यथार्थ अपने उसी रूप में आता है, जिस रूप में वह हमारे रोज़मर्रा जीवन का हिस्सा होता है। कोई वाद या विचार उसे न विकृत करता है, न महिमामंडित।
इस संग्रह में उनकी चर्चित कहानी ‘नकबेसर कागा ले भागा’ के अलावा छह और कहानियाँ शामिल हैं जो जीवन के विभिन्न पक्षों और हमारे आसपास के चरित्रों के सामाजिक और मानसिक अन्तर्जीवन का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करती हैं।
चन्द्रकिशोर जायसवाल लोक, परिवेश और जीवन के उपेक्षित क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हैं। यही वह चीज़ है जो उनकी कहानियों को विश्वसनीय और समाजशास्त्रीय विवेचन के लिहाज से प्रामाणिक बनाती है।
इस संग्रह की शीर्षक कथा में उन्होंने भिखारियों के रहन-सहन, उनकी भावनाओं, इच्छाओं और आपस में उनके रिश्तों को अंकित करते हुए मानवीय अनुभवों का एक मार्मिक और यथार्थपरक वितान रचा है।
Sannate Ki Goonj
- Author Name:
Shabhu Shikhar
- Book Type:

- Description: Book
Seat Number Chheh
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कथा साहित्य में अपनी एकल और अलग पहचान बनाती ममता कालिया की कहानियाँ पहले वाक्य से ही पाठक का ध्यान आकर्षित करती हैं। इन कहानियों में सातवें दशक के बाद के जीवन और जगत् की हलचल महसूस की जा सकती है। जब भारतीय समाज में परिवर्तन हो रहा था। इन कहानियों को महज़ स्त्री-लेखन के कोष्ठक में सीमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि इनमें समूचे समाज की संघर्षधर्मिता विभिन्न पात्रों और स्थितियों द्वारा व्यक्त हुई है। प्रमुख आलोचक मधुरेश के शब्दों में, ‘संरचना की दृष्टि से ममता कालिया की कहानियाँ इस औपन्यासिक विस्तार से मुक्त हैं जिसके कारण ही कृष्णा सोबती की अनेक कहानियों को आसानी से उपन्यास मान लिया जाता है। काव्योपकरणों के उपयोग में भी ये संयत कहानियाँ हैं। यह अकारण नहीं कि उनकी भाषा में एक ख़ास तरह की तुर्शी है। जिसकी मदद से वे
सामाजिक विद्रूपताओं पर व्यंग्य का बहुत सीधा और सधा उपयोग करती हैं।’
Jalmurgiyon ka shikar
- Author Name:
Doodhnath Singh
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कथा-साहित्य में दूधनाथ सिंह ने इतिहास और यथार्थ से टकराते हुए समाज, सत्ता और संस्कृति के बीच निम्न व मध्यवर्गीय अन्तर्गुम्फन को तलछट पर देखने और रचने का जो कलम-कार्य किया, उसे आज भी दूर से देखा और पढ़ा जा सकता है—एक सच की तरह, एक सबूत की तरह...और एक विकल्प की तरह।
यह कथा-संग्रह 'जलमुर्गियों का शिकार’ भारतीय पृष्ठभूमि में कथ्य की वह यात्रा है, जहाँ दु:ख अपनी प्रक्रिया में चौंकाने के बजाय उद्वेलित करता है; सुख सँजोने के बजाय भ्रम तोड़ता है; और संघर्ष सदियों के 'अवशेषों’ को देखने की वह दृष्टि देता है, जिससे हो कोई, नि:शब्द नहीं रह जाता। कथा में कला की ऐसी भूमिका दूधनाथ सिंह के यहाँ है और यह विरल है।
इस संग्रह से गुज़रते पाठक यह भी अनुभव करेंगे कि दूधनाथ सिंह अपने भाष्य में उन पात्रों या मनुष्यों का सृजन करते हैं, जिनके बिना कोई कथा तो सम्भव है, कोई मुक्ति सम्भव नहीं। दूधनाथ सिंह के लिए लेखन मुक्ति-सृजन के लिए मनुष्य-सृजन का लेखन है।
उनका यह कथा-संग्रह अपने कथ्य की भाषा में हमारी संवेदनाओं की अभिव्यक्ति का एक दुर्लभ दस्तावेज़ जैसा है।
Kannad Ki Shresth Kahaniyan
- Author Name:
Tippeswami
- Book Type:

-
Description:
कन्नड़ के सात लेखक ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित हुए हैं। इनमें मास्ती और अनन्तमूर्ति तो इस विद्या के सर्वाधिक चर्चित ही नहीं, अपितु इस विद्या को गति देनेवाले कथाकारों में गिने जाते हैं। कन्नड़ कहानियों के पीछे एक सौ वर्षों का इतिहास है। इस कालखंड में हज़ारों कहानियाँ अपने समय और समाज के साथ संवाद करने में सक्षम रही हैं और दुर्लभ मिसालें रची हैं।
प्रस्तुत पुस्तक में चौबीस कन्नड़ कथाकारों की एक-एक कहानी को चुना गया है। चयन को लेकर यह दावा नहीं है कि इन कथाकारों की यही सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ हैं। बावजूद इसके इतना तो कहा ही जा सकता है कि शामिल कथाकारों की उन कहानियों को पुस्तक में संगृहीत करने की कोशिश की गई है, जो अपनी भाषा में पाठकों द्वारा सराही गई और काफ़ी चर्चित रही हैं। उम्मीद है कि ये कहानियाँ हिन्दी पाठकों को भी पसन्द आएँगी।
Prem
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Book
Khushkismat
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत कहानी-संग्रह ‘ख़ुशक़िस्मत’ में सामाजिक विसंगतियों का बोध और उनसे उबरने की बेचैनी तथा मनोविज्ञान का समावेश किया गया है। इस कहानी-संग्रह में ‘एक अकेली तस्वीर ख़ुशक़िस्मत’, ‘कौवे और कोलकाता’, ‘चोरी’, ‘सूनी’, ‘बगिया’, ‘छोटे गुरु’, ‘परदेशी’, ‘पंडिताइन’, ‘लड़के’, ‘राएवाली’, ‘बसन्त-सिर्फ़ एक तारीख़’, ‘तस्कीं को हम न रोए’, ‘ख़ाली होता हुआ घर’, ‘एक अदद औरत’ आदि कहानियाँ संगृहीत हैं। नई साज-सज्जा के साथ प्रस्तुत यह अनुपम कहानी-संग्रह निस्सन्देह पठनीय और संग्रहणीय है।
Bharatiya Shreshtha kahaniyan : Vols. 2
- Author Name:
Markandey
- Rating:
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय श्रेष्ठ कहानियाँ में उड़िया, कन्नड़, तेलगु, पंजाबी, मराठी और हिन्दी की चुनी हुई श्रेष्ठ साठ कहानियाँ संगृहीत हैं। भारत में भिन्न-भिन्न भाषाओं के बावजूद कहानी कला का विकास समानान्तर और समान्तर हुआ है जो सर्वथा स्वाभाविक है। भारत का इतिहास भूगोल संस्कृति और नियति जो एक है। इस संकलन में संगृहीत कोई भी कहानी किसी भी भाषा की कहानी हो सकती है, क्योंकि भाषा की वह बाद में, पहले वह भारतीय कहानी है। भारत की भिन्न-भिन्न भाषाओं में कहानी के विकास को पाठक सम्बद्ध भाषा की कहानियों के प्रारम्भ में उस विभाग के सम्पादक द्वारा प्रस्तुत सर्वेक्षण में देखेंगे। इस सर्वेक्षण में भिन्न-भिन्न भाषाओं के साहित्य में जिस साम्य की सहज प्रतीति होती है उससे इस विश्वास को बल मिलता है कि समग्र भारतीय-साहित्य की एक इकाई के रूप में, चाहे अलिखित, किन्तु बड़ी प्रौढ़ और अस्तित्वशील परम्परा है, जिससे सभी भाषाएँ अपने-अपने तौर पर प्रेरणाएँ और स्पंदन प्राप्त करती हैं। आवश्यकता है इस अदृश्य-परम्परा को आलेखित करने की, ताकि भाषाओं का यह परिवेश भिन्नता का पर्याय न बनकर विविधता का इन्द्रधनुषी रंग प्रत्यक्ष करे। आधुनिक-कहानी की शक्ति और महत्त्व इसमें है कि वह संघर्षमय जीवन के कठोर यथार्थ से सर्वांशतः सम्पृक्त है। आज का सारा ही साहित्य उत्तरोत्तर वस्तून्मुखी और यथार्थपरक होता जा रहा है। कविता का कथ्य तक, जो रमणीय-अर्थ और रसात्मक-अनुभूति के पोषण के लिए कल्पना की वायवी उड़ान में आश्रय का लक्ष्य खोजता था, आज यथार्थ की कठोर कंटकाकीर्ण भूमि पर संघर्ष में अपनी उपलब्धि खोज रहा है, यह संघर्ष चाहे भौतिक हो, मानसिक हो या आध्यात्मिक हो। इस दृष्टि से आज की कहानी काव्य का स्थान हड़पती जा रही है—लघु-गल्प कविता का और उपन्यास महाकाव्य का। यहाँ कहानी से ‘लघु-गल्प’ और ‘उपन्यास’ दोनों ही अभिप्रेत हैं। प्रस्तुत पुस्तक निःसंदेह पठनीय और संग्रहणीय है
Dogri Folk Tales
- Author Name:
Shivanath
- Rating:
- Book Type:

- Description: The language of about five million Dogras, Dogri has a rich oral literature and folk tales form a substantial part of it. There are over seven hundred Dogri folk tales which have been collected and printed so far. This volume is the 1st attempt to bring out the English translation of some of these folk tales. The tales in this volume provide a peep into the 'backyard' of Dogra culture. Here gods and goddesses assume human forms and join human beings to drive home some important truth or moral lesson.
Kuchh Bhi To Rumani Nahi
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: Short Stories
Kailash Gautam Samagra : Vols. 1-3
- Author Name:
Kailash Gautam
- Book Type:

- Description: ‘कैलाश गौतम समग्र’ (तीन खंड) वस्तुतः समय के सच को रेखांकित करते हुए, चुनौतियों में जूझते हुए आम जनमानस की ही आवाज़ है। यह सहज साहित्यिक मौलिक अभिव्यक्ति का बोलता-बतियाता दस्तावेज़ है। सुव्यवस्थित दुर्व्यवस्था की विद्रूपताओं-विसंगतियों पर चोट के साथ-साथ, राग-अनुराग मिलन-मनुहार विछोह भी है। बदलते हुए गाँव और शहरीकरण का टूटता तिलस्म भी। ‘गंगा’, ‘झुनिया’, ‘अमावस्या का मेला’, ‘कचहरी’, ‘भाभी की चिट्ठी’, ‘कुर्सी’, ‘अन्हरे से लड़ाई’, ‘पप्पू की दुलहिन’, ‘रामलाल का फगुआ’, ‘धुरन्धर’, ‘मीराबाई’ जैसी अनेकानेक कालजयी रचनाएँ भी जो आम आदमी से लेकर शीर्षस्थ आलोचकों व समीक्षकों के भी ज़ुबान पर हैं। वे सारे पात्र और देसज मुहावरे सब सजीव हो उठते हैं, ऐसा लगता है। इसमें लोकबोली की मिठास के साथ ही तीज-त्योहारों, हँसी-ख़ुशी और पनप रहा फीकापन भी है। महँगाई की मार है तो रिश्तों की मिठास-खटास भी। तीन खंडों में प्रस्तुत यह समग्र कैलाश गौतम के गद्य-पद्य का समूचा रचना-संसार है। सुविख्यात सम्पादकों व आलोचकों की भूमिकाओं के साथ मनकवि-जनकवि कैलाश गौतम की रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक निष्पक्ष, सच्चा और सारगर्भित लेखा-जोखा है।
Raat mein Sagar
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

-
Description:
चन्द्रकान्ता उन विरल लेखिकाओं में हैं जिन्होंने कश्मीर और पंजाब के आतंकवाद से उत्पन्न करुण मानवीय स्थितियों को रचना का केन्द्र बनाया है। वैसे भी कश्मीर हिन्दी साहित्य में उतना नहीं आया जितना आना चाहिए था। भूमंडलीकरण के इस दौर में, वैज्ञानिक अभिज्ञानों के आलोक में टूटते-चरमराते स्त्री-पुरुष यौन-सम्बन्ध और इतर द्वन्द्वात्मकताएँ इनके लेखन के उपजीव्य रहे हैं।
लेखिका की कहानियों का अनुभव-वृत्त अत्यन्त विस्तृत है। ये कहानियाँ उस चौहद्दी का अतिक्रमण करती हैं जिसे केवल ‘महिला लेखन’ के सीमित दायरे में समेटा जाता है। इन कहानियों में काल तथा संस्कृतियों के द्वन्द्व भी सामने आए हैं।
चन्द्रकान्ता का आत्मकथन बिलकुल सही लगता है कि मनुष्य विरोधी व्यवस्था के प्रतिपक्ष में खड़ी ये कहानियाँ दोतरफा खुलने वाली खिड़कियाँ हैं...
Gyarah Rupye Ka Fountain Pen
- Author Name:
Amit Dutta +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: अमित दत्ता की कहानियों का संग्रह सभी पाठकों को पसंद आएगा। ये कहानियां हैं बचपन की, प्यार की, फिल्मों की. इनमें से प्रत्येक कहानी पाठक को बांधे रखती है। तपोशी घोषाल के चित्र इस पुस्तक को एक आकर्षक दृश्य बनाते हैं। चित्रों में रंगों और विवरणों का प्रयोग समृद्ध है। Age 12+
Allahabad Bhi !
- Author Name:
Sheshnath Pandey
- Book Type:

-
Description:
शेषनाथ पाण्डेय के कथा-संकलन ‘इलाहाबाद भी!’ की कहानियाँ हमारे समय का साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। पूँजी और बाज़ार के वर्चस्व ने इस समय को इस तरह जकड़ रखा है कि मनुष्य अपनी संवेदनाएँ खोकर निरन्तर हिंसक बनता जा रहा है। यह हिंसा जीवन के उन सारे मूल्यों और भावपक्ष को निगलती जा रही है, जिससे एक सुन्दर और मानवीय गरिमा से पूरित संसार का स्वप्न साकार हो सकता था। इस हिंसा को बिना किसी अतिरेक या अतिनाटकीयता के इन कहानियों में अभिव्यक्त करने के लिए इस युवा कथाकार ने मानव-मन की आन्तरिक उथल-पुथल का सहारा लिया है। जीवन के कई ऐसे पक्ष इन कहानियों में उजागर हुए हैं, जिनके आपसी टकराव से मनुष्य के भीतर अन्तर्द्वन्द्व उपजते हैं और असम्भव घटित हो जाता है।
‘इलाहाबाद भी!’ की कहानियाँ यथार्थ की जटिलता से टकराती हैं और अपने सादगी भरे अन्दाज़ में अपने कहन के कारण हमारे भीतर रच-बस जाती हैं। शेषनाथ पाण्डेय गाँव और महानगर दोनों के यथार्थ से परिचित हैं। गाँव से महानगर तक की यात्रा और महानगर में ज़िन्दगी की डोर को थामे रहने के संघर्षों ने उन्हें, जो जीवनानुभव सौंपा है, वह उनकी कहानियों का मूलाधार है। यह सब उनकी कहानियों में इस तरह विन्यस्त है कि उसे अलग करके देख पाना सम्भव नहीं। यथार्थ को रचनात्मक स्पर्श से पुनर्नवा करने का यह हुनर उनकी विशेषता है। इन कहानियों की भाषा सहज और सम्प्रेषणीय है। हिन्दी कहानी का समकालीन परिदृश्य विविधताओं से भरा हुआ है और मुझे भरोसा है कि शेषनाथ पाण्डेय की ये कहानियाँ पाठकों का ध्यान आकर्षित करेंगी।
—हृषीकेश सुलभ
Teesari Hatheli
- Author Name:
Rajee Seth
- Book Type:

-
Description:
राजी के कथा-संसार में आदमी के अस्तित्व के सांस्कृतिक आयामों और मूल्यात्मक विरोधाभासों की पड़ताल के ज़्यादा बड़े सवालों से जूझने के लिए परिवार भारतीय समाज की केन्द्रीय इकाई की हैसियत से प्रतिष्ठित है। राजी की कहानियों के सन्दर्भ में यह सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्य संवेदना का पारिवारिक देहान्तर है। कभी इस बदलाव के पीछे इतिहास या रणनीति या अर्थ की तत्काल अनुपस्थित और अदृश्य व्यवस्थाएँ हैं तो कभी सम्बन्धों में शक्ति के सन्तुलन का बदला हुआ समीकरण। लेकिन इस सुबकते संसार में मौजूद आदमी की सोच और संवेदना के बहाव और मोड़ में इतिहास, राजनीति या अर्थ के हस्तक्षेप को पहचान लेना भर इन कहानियों के लिए काफ़ी नहीं है। इस हस्तक्षेप के साथ जूझते हुए आदमी का लहूलुहान मर्म और फिर भी किसी मूल्य को खोजने, खोदने या दुह लेने की ज़िद और जूझ इन कहानियों को वहाँ तक ले जाना चाहती है, जहाँ परिवर्तन की प्रक्रिया वैचारिक मीमांसाओं और बौद्धिक विश्लेषणों की पकड़ और पहुँच से बाहर रह जाया करती है।
देखने में ये बहुत शान्त और स्थिर कहानियाँ हैं। फेन और फिचकुर उगलती, मुट्ठियाँ लहराती, उगते हुए सूरज के साथ समापन की ओर जानेवाली प्रसिद्ध रूप में जुझारू कहानियों के विपरीत यहाँ संरचना की सुस्पष्ट चौहद्दियों के बीच एक सुपरिभाषित भाव-संसार है जिसे किसी परिचित मिथक मूल्य से विचलन के क्षण में पकड़ा गया है। सधे हाथों की तराश के अधीन संरचना एक संयत, सन्तुलित सुसम्बद्ध आकार बनकर उभरती है। अहसास के फैलाव को एक बिन्दु पर केन्द्रित और सघन करते जाने की घोर तन्मयता कथा को उद्घाटित करती है। ऊपर से राजी का अनूठा शब्दशिल्प। शब्द को जो एक विशिष्ट विलक्षण अस्तित्व राजी दे पाती हैं, उसके प्रति एक सजग विस्मय का भाव पैदा होता है। कथा यही प्राय: कथ्य का एक रूपकीय समतोल होती है। कथा की मूल्य-चेतना इस परिष्कार को अनिवार्य कर देती है क्योंकि वह राजी के लिए शायद सृजनकर्म की सार्थकता से जुड़ी हुई बात है।
—अर्चना वर्मा
Ratna-Kangan Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Aleksandr Kuprin
- Book Type:

- Description: कुप्रिन के पास समाज के हर तबक़े के पात्र के लिए अचूक अन्तर्दृष्टि थी और था एक स्पष्ट उद्देश्य—यथार्थ का अविकल अंकन और अन्याय का प्रतिरोध। वे अपनी कहानियों में हर तरह की विषमता को बड़ी संवेदनशीलता से रेखांकित करते हैं। प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ इसका मुकम्मल उदाहरण है। इसकी शीर्षक-कथा ‘रत्न-कंगन’ एक क्लर्क के एक राजसी महिला से एकतरफा प्रेम की कहानी है जो धीरे-धीरे उदात्त प्रेम पर लम्बे चिन्तन के आख्यान में बदल जाती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
5 out of 5
Book