Short Story Collections
Adoration of the Ancients
- Author Name:
Ravichnadra P. Chittampalli +1
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Book Type:

- Description: Adorations of the Ancients is a comprehensive English translation of all 19 stories of Vaddaradhane in one volume. The stories herein constitute the earliest prose writing in 10th-century Halagannada. At the outset, these tales appear to be dedicatedly religious, preaching ethics and morality according to the Jain order. However, as a creative endeavour, the stories operate at various levels: the realistic, the mythical, the fantastic, the quasi-historical, the worldly, the monarchical, the economic, and the socio-cultural. The characters are always embedded in various economic classes, and, curiously, seldom in caste constituencies. The woman characters appear strong and decisive. This English translation is based on R.L. Anantharamaiah’s edition of Shivakotyacharya’s Vaddaradhane. This translation attempts to contain within its limitations and scope of equivalences and approximations. This, it is believed, would make reading an act of pleasure without sacrificing their scholastic interest.
Adoration of the Ancients
Ravichnadra P. Chittampalli
17% off3 Mulaqatein Aur Kuch Kahaniyaan
- Author Name:
Yahya Bootwala
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Book Type:

- Description: 3 मुलाकातें और कुछ कहानियाँ’ हमारी भाषा में हमारे अपने समय की कहानियाँ हैं। इनके किरदार हमारे जैसे और जाने-पहचाने-से लगते हैं। प्रेम कहानियों का सार्वकालिक विषय है, लेकिन क्या हर समय का प्रेम एक-सा होता है? नहीं। क्या पिता और संतानों का रिश्ता हमेशा एक जैसा रहता है? जी नहीं। क्या रिश्तों के जज़्बात हर समय एक से होते हैं? बिल्कुल नहीं। ये कहानियाँ रिश्तों के इसी बदलाव को पकड़ती हैं। इसमें कुल बारह कहानियाँ हैं, जो एक साथ हमारे अपने समय का रेखांकन करती हैं। इनकी भाषा हमारी टूटन, कश्मकश और बेहवास ज़िंदगी को तो पकड़ती है, लेकिन उसमें प्रेम, त्याग और इंसानियत की रोशनी भी दिखाई पड़ती है। लेखक याह्या लोकप्रिय स्पोकन वर्ड आर्टिस्ट हैं और लाखों लोग उनकी कहानियों की प्रतीक्षा करते हैं।
3 Mulaqatein Aur Kuch Kahaniyaan
Yahya Bootwala
17% offAwara Adakar
- Author Name:
Vikram Singh
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Book Type:

- Description: विक्रम सिंह युवा कहानीकारों की तरह अपने वर्तमान और सामाजिक यथार्थ के अन्तरसम्बन्धों को चित्रित करते हैं। जीवन की विविधता और सम्बन्धों की जटिलता के प्रति वे अधिक जागरूक हैं। कहानी और कहानी के परिवेश के सम्बन्ध में रचनात्मकता दिखाई देती है। मध्यवर्ग और निम्न मध्यवर्ग की विडम्बना और दुख में सुख की खोज को उन्होंने बहुत सजगता से चित्रित किया है। उनके पात्र समय के साथ एक तारतम्य में भी दिखाई देते हैं और इसी के साथ-साथ वे विपरीत भी जाते नजर आते हैं। विक्रम सिंह की कहानियों का मुहावरा आज का मुहावरा है और वे अपने समकालीन कहानीकारों के साथ चलते दिखाई देते हैं। —असग़र वजाहत विक्रम सिंह अपनी कहानियों में ऐसे चरित्रों और जीवन-स्थितियों से संवाद करते हैं जिसकी तरफ कम लोग ही जाते हैं। यहाँ अरब देशों में बदतर परिस्थितियों में काम कर रहे मजदूर हैं, बच्चों की बेरोजगारी से चिन्तित पिता हैं, इंटरनेट पर ठगी के कारोबार में लिप्त ‘चीटर’ विदेशी प्रेमिकाएँ हैं, कोरोना काल में अपने देस के लिए निकल पड़े बदहाल लोगों और साथी मजदूरों के लिए चिन्तित ‘खोटा सिक्का’ है तो मुहब्बत में अपने आपको साबित करने में जीवन खपा देनेवाला ‘आवारा अदाकार’ भी है। ये एक कठिन दुनिया में संघर्षरत चरित्रों की मार्मिक और विश्वसनीय कहानियाँ हैं, जिनका ताप देर तक भीतर बना रहता है। —मो. आरिफ़
Awara Adakar
Vikram Singh
20% offKoyale Ki Lakeeren
- Author Name:
Sushma Rajneesh
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Book Type:

- Description: "कोयले की लकीरें" सुषमा रजनीश द्वारा रचित ऐसी ही संवेदनशील कहानियों का संग्रह है, जो जीवन की साधारण प्रतीत होने वाली घटनाओं में छिपी असाधारण सच्चाइयों को उजागर करता है। इन कहानियों में रिश्तों की नाज़ुक डोर है, स्त्री-अनुभवों की गहराई है और समाज के भीतर पलते मौन संघर्षों की सजीव अभिव्यक्ति भी। लेखिका की दृष्टि करुण है, पर दुर्बल नहीं; भावनात्मक है, पर यथार्थ से विमुख नहीं। उनकी भाषा सहज होते हुए भी गहरी चोट करती है और पाठक से सीधे संवाद स्थापित करती है- धीमे स्वर में, पर दृढ़ प्रभाव के साथ। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो साहित्य में चमक-दमक नहीं, बल्कि सच की तलाश करते हैं; जो कहानियों में मनोरंजन के साथ आत्मचिंतन की संभावना खोजते हैं। यह एक ऐसा संकलन है, जो पढ़े जाने के बाद भी पाठक के भीतर लंबे समय तक चलता रहता है।
Koyale Ki Lakeeren
Sushma Rajneesh
20% offKautuk
- Author Name:
Manav Kaul +1
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Book Type:

- Description: कौतुक में कौतुक है। कौतुक की अपनी तुक है। कौतुकी तुक। कौतुक में कौतुक की माँ हैं और माँ के साथ गप्प लड़ाती, तारे देखती कौतुक है। एक स्कूल है। कौतुक का स्कूल। स्कूल में कौतुक के दोस्त हैं। दोस्तों की कौतुक भरी बाते हैं। एक पहाड़ है। उसमें कौतुक देखता एक कवि है। कौतुक पढ़ोगे तो बार बार कौतुक से मिलने का मन करने लगेगा। और फिर तुम अपने दोस्तों में ही कौतुक ढूँढने लगोगे। तुम्हारी दोस्ती कौतुक भरी हो जाएगी। राजीव आइप के कौतुक भरे चित्रों से सजी एक सलोनी किताब।
Kautuk
Manav Kaul
17% offAadami Aur Aurat
- Author Name:
Premchand
-
Book Type:

- Description: आज मुझसे ज़ब्त न हो सका। मैंने पूछा—तुमने मुझसे किसलिए विवाह किया था? यह प्रश्न महीनों से मेरे मन में उठता था, पर मन को रोकती चली आती थी। आज प्याला छलक पड़ा। यह प्रश्न सुनकर कुछ बौखला से गए, बगलें झाँकने लगे, खीसें निकालकर बोले—घर सँभालने के लिए, गृहस्थी का भार उठाने के लिए, और नहीं क्या भोग-विलास के लिए? घरनी के बिना यह आपको भूत का डेरा-सा मालूम होता था। नौकर-चाकर घर की सम्पत्ति उड़ाए देते थे। जो चीज़ जहाँ पड़ी रहती थी, वहीं पड़ी रहती थी। कोई उसको देखनेवाला न था। तो अब मालूम हुआ कि मैं इस घर की चौकसी करने के लिए लाई गई हूँ। मुझे इस घर की रक्षा करनी चाहिए और अपने को धन्य समझना चाहिए कि यह सारी सम्पत्ति मेरी है, मुख्य वस्तु सम्पत्ति है, मैं तो केवल चौकीदारिन हूँ। ऐसे घर में आज ही आग लग जाए! प्रेमचन्द इसी संग्रह के ‘नरक का मार्ग’ शीर्षक कहानी से
Aadami Aur Aurat
Premchand
20% offInterval Ke Baad
- Author Name:
Vidyabhooshan
-
Book Type:

- Description:
‘इंटरवल के बाद’ में संकलित कहानियों के केन्द्र में मुख्यतः छोटे शहरों का मध्यवर्गीय जीवन और उसकी विभिन्न स्थितियाँ हैं। सामाजिक जवाबदेही के प्रति गहरी सजगता इन कहानियों को एक अलग रंग देती है, और हमें सचेत करती है कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों में किसी भी बदलाव को सावधानीपूर्वक अपनाना चाहिए।
उदाहरण के लिए संग्रह में शामिल ‘सरे-राह चलते-चलते’ की कमला और विजय एक क्षणिक बौखलाहट के चलते शुरू हुए अपने भावनात्मक विचलन को समय रहते इसलिए सँभाल लेते हैं कि उन्हें उसका कोई भविष्य नहीं दिखता, और न ही वे उसके लिए कोई बड़ा जोखिम उठाने की स्थिति में है।
‘एक पिता का जन्म’ शीर्षक कहानी भी एक भविष्यहीन रिश्ते के पनपने से पहले ही अपने सामाजिक दायित्व की ओर लौट जाती है। ‘गली के मोड़ पर दोराहा है’ की नायिका भी सामाजिक सीमाओं को बहुत गहराई से महसूस करती है, लेकिन उसके बरक्स अपने मन में उठते सवाल की अनसुनी भी वह नहीं करती। वह पाठक से ही प्रश्न करती है कि दाएँ मुड़ूँ या बाएँ!
पात्रों की मनोवैज्ञानिक पड़ताल इन कहानियों की विशेषता है, और कथा-प्रवाह इन्हें खासतौर पर पठनीय बनाता है। पारिवारिक और भावनात्मक रिश्तों के अलावा इस संग्रह में ‘पत्थरों की दास्तान’ जैसी कहानी भी है जिसमें शिल्प, विवरण और कथ्य एक अलग ही स्तर पर पाठक के सामने खुलते हैं।
Interval Ke Baad
Vidyabhooshan
20% offWo Rain Lili Khilane Ke Din The
- Author Name:
Kavita
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Book Type:

- Description: वो रेन लिली खिलने के दिन थे कथाकार कविता की नयी कहानियों का संकलन है। अति-सम्प्रेषण और अकेलेपन से भरे सोशल मीडिया के इस समय में ये कहानियाँ समकालीन स्त्री-अनुभव की उस सघन और जटिल दुनिया में प्रवेश करती हैं, जहाँ निजी जीवन, सामाजिक संरचनाएँ और समय की नई चुनौतियाँ एक-दूसरे से लगातार टकराती रहती हैं। संवाद के संकट को सूक्ष्मता से पकड़ती ये कहानियाँ विवाह और परिवार जैसी संस्थाओं को चेतना और निर्णय के संयुक्त धरातल पर पुनर्परिभाषित करने का प्रयास करती हैं और स्त्री के सम्मान और पहचान जैसे जटिल राजनैतिक प्रश्नों को दैनिक जीवन की छोटी-छोटी स्थितियों में गहरे उतरकर सम्बोधित करती हैं। कविता इन कहानियों में बाहरी घटनाओं से अधिक उस भीतरी भूगोल को रेखांकित कर रही हैं, जहाँ स्त्री का मन, स्मृति और विवेक सामाजिक संरचनाओं से निरन्तर संवाद और संघर्ष में रहते हैं। यह उस नई बनती स्त्री की दुनिया है जो स्वयं को किसी एक भूमिका में सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि अपने लिए नए अर्थ और नए रास्ते तलाश कर रही है। संग्रह की कुछ कहानियों में महामारी के दौर का विस्थापन, भय और असुरक्षा भी दर्ज है, जहाँ पीड़ा है, अनिश्चितता है, मृत्यु है लेकिन उसके समानान्तर जीवन को थामे रखने की जिद भी है। प्रवाहमान और सघन स्त्री-भाषा में रची गई ये कहानियाँ एक नए और सम्भावनाशील समाज की ओर संकेत करती हैं, खासकर स्त्री के सन्दर्भ में।
Wo Rain Lili Khilane Ke Din The
Kavita
20% offSampoorna Kahaniyan : Kashinath Singh
- Author Name:
Kashinath Singh
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Book Type:

- Description: काशीनाथ सिंह कहानी के लिए जिस चीज़ को सबसे ज़रूरी मानते हैं, वह है जीवन्तता। जीवन की ठस प्रतिकृति नहीं, एक रचना जिसमें उसका अपना जीवन धड़कता हो, जो पाठक को थकाए नहीं, यथार्थ के तीखे चित्र दिखाते हुए भी उसे अपने साथ बनाए रखे। उनकी कहानियों में यह स्पन्दन है। अपना देखा-जाना ग्रामीण जीवन और बनारस का अनूठा परिवेश, उसको जीवन्त बनाने वाले पात्र उनकी कहानियों में अपनी समूची मानवीय जटिलता के साथ दिखाई देते हैं। समय के साथ बदलता यथार्थ कहानी के उनके ट्रीटमेंट को भी बदलता रहा है, लेकिन आम आदमी हमेशा उनके कहानीकार को प्रिय रहा है। उसके दुख-दर्द, असमंजस, दुविधाएँ, उसका जीवट और साहस सब मिलकर उनकी कहानियों को सजीव बनाते हैं। विचारधारा उन्हें दृष्टि ज़रूर देती है, लेकिन जीवन के चित्रण में उनकी सीमा नहीं बनती। यह उनकी अभी तक की कहानियों की सम्पूर्ण प्रस्तुति है। ‘काशी का अस्सी’ के लेखक की कथा-रचनाओं का यह विशाल फलक पाठकों को निश्चय ही लम्बे समय तक साथ रहनेवाला अनुभव प्रदान करेगा।
Sampoorna Kahaniyan : Kashinath Singh
Kashinath Singh
20% offKali Billiyon Ke Saaye Mein Chatori Chudail
- Author Name:
Uzma Kalam
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Book Type:

- Description: उज़्मा कलाम की कहानियाँ इतनी सहज और अनायास हैं कि एकदम पड़ोस की लगने के बावजूद उनका जादुई सम्मोहन देर तक अपनी गिरफ्त में लिए रहता है। ये कहानियाँ अक्सर दो विपरीत छोरों पर एक साथ चलती हैं इसलिए समय के मारक विरोधाभास इनमें ठोस और साकार होकर उपस्थित होते हैं। यहाँ एक तरफ एक क्रूर और निस्संग दुनिया है तो दूसरी तरफ फूलों से भी कोमल मन और उनके रंग और खूशबू। एक तरफ दारुण अभाव हैं तो दूसरी तरफ इतनी सघन भाव भरी स्मृतियाँ हैं कि वे एकदम मूर्तिमान होकर बारम्बार लौट आती हैं। विश्वसनीय जीवन यथार्थ और उसकी बन्दिशें हैं तो उनके जाल से बाहर निकलने को बेताब फन्तासियाँ और कल्पनाएँ भी हैं। यह कहानियाँ जीवन की धूप-छाँही निरन्तरता से अपना ताना-बाना लेती हैं। यहाँ अल्पसंख्यकों और हाशिए के जीवन की रोजमर्रा की जद्दोजहद के बीच, अतीत और वर्तमान, धर्म और आधुनिकता की तमाम बहसों और रिश्तों के दरमियाँ जीवन के अनेक संस्तरों से गुजरते हुए यह बार-बार जानना होता है कि चीजें इतनी इकहरी नहीं हैं जितनी बनाकर वह पेश की जाती हैं। इन कहानियों में एक जिद्दी दुनिया है जो हार भले जाती है पर जूझना नहीं छोड़ती। एक निहत्थी, पर मारक मासूमियत है जो संवेदना की सबसे भीतरी तहों में धँस-सी जाती है। स्त्रियाँ और बच्चे इन कहानियों के पर्यावरण का अनिवार्य हिस्सा हैं जो इन्हें देखने के एक अलग तर्क और तरीके की तरफ ले जाते हैं। अनेक यादगार स्त्री चरित्रों की उपस्थिति इन कहानियों को कभी न भूलनेवाली बना देती है। ‘काली बिल्लियों के साये में चटोरी चुड़ैल’ बेहतरीन कहानियों का एक ऐसा संग्रह है, जिसे हास्य और विडम्बना के अद्भुत ताने-बाने से बुना गया है। —कुणाल सिंह
Kali Billiyon Ke Saaye Mein Chatori Chudail
Uzma Kalam
20% offKhwahishon Ki Dhar Se
- Author Name:
Sanjay Manharan Singh
-
Book Type:

- Description: ‘ख्वाहिशों की धार से’ की कहानियाँ उनकी हैं जो समाज में यों दीखते हैं जैसे उनकी कोई कहानी न हो। बूढ़ा होने के अफ़सोस से भरा एक व्यक्ति जब याद करता हो कि उसका बेटा अमेरिका में है, एक स्त्री जिसकी पिंडलियों पर अनुभूत स्पर्श ओक्टावियो पाज की याद दिलाता है, एक संघर्षशील स्त्री अपने सौन्दर्य के सम्मोहन से जाग उठती है, तथा कई ऐसे विषय जो अमूमन अदीठ रह जाते हैं, संजय उन्हें अपनी कहानियों का विषय बनाते हैं। संजय मनहरण किस्सागोई में निपुण हैं। बारीकियों को कथ्य और फिर कला में ढालने का उनका अन्दाज़ निराला है। उनकी कहानियाँ समाज के हर वर्ग को अपना विषय बनाती हैं इसलिए वे हर वर्ग की उन खूबियों से आपका परिचय कराते चलते हैं जो अमूमन अछूते हैं। मसलन गार्ड बाबू का सारा आभिजात्य तब तक ही है जब तक नौकरानी उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछ लेती है। उस वक्त जब वे गाली देते हैं तब पाठकों को उनके आभिजात्य की हकीकत पता चलती है। कविमना एक पात्र तब अपने ढोंग से बाहर निकलता है जब उसे एहसास होता है कि कहीं नायिका उसे जिगोलो तो नहीं समझ रही। ऐसी अनेक स्थितियों का चित्रण संजय जिस भाषा में और जिस दक्षता से करते हैं, उससे उनके बेहतरीन कथाकार रूप का पता पड़ता है। —चन्दन पाण्डेय
Khwahishon Ki Dhar Se
Sanjay Manharan Singh
20% offAurat Ka Ghar
- Author Name:
Jasinta Kerketta
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Book Type:

- Description: शहर के सम्पर्क और नए समय के प्रभाव में आदिवासी समाज भी अब ठीक-ठीक वैसा नहीं रहा, जैसा जंगल और प्रकृति ने उसे बनाया था। वह बदल रहा है और अफ़सोस कि अधिकतर विकृति की ओर ज़्यादा बदल रहा है। नागर सभ्यता अपनी तमाम नकारात्मक ऊर्जा के साथ उसे अपनी चपेट में ले रही है। जसिंता केरकेट्टा की ये कहानियाँ जैसे बदलाव की इस प्रक्रिया का जीवन्त दस्तावेज़ हैं। बिना किसी कलागत आग्रह के सरल-सीधी कथा-कहन के साथ वे इन कहानियों में आदिवासी स्त्रियों की असहायता को भी उजागर करती हैं और पुरुषों में बढ़ते ताक़त के नशे की ओर भी संकेत करती हैं। कुछ कहानियों में उन्होंने ऐसे वयस्क मूल्यबोध की ओर भी इशारा किया है जिसको स्वीकार करने में नागर जन की तथाकथित आधुनिकता भी बग़लें झाँकने लगेगी। मसलन ‘रिश्ता’ कहानी में विवाह नामक संस्था को आमूल-चूल पुनर्परिभाषित करते नैना, सूरज और सुरजमुनी के संवाद। संवाद-प्रधान कुछ कहानियों में धर्म-आधारित राजनीति और आदिवासी जीवन पर उसके प्रभाव को लेकर भी अच्छी रोशनी पड़ती है। व्यवस्था और अवधारणा के स्तर पर बहुत सूक्ष्म और रेडिकल बदलावों के संकेत इन कहानियों में कई जगह मिलते हैं। ये कहानियाँ बताती हैं कि आदिवासी समाज में भी भले ही पुरुषों ने स्त्री के लिए कोई सम्मानजनक जगह नहीं रखी, बाहरी दुष्प्रभाव में भले ही बेटे अपनी माँओं-बहनों के साथ हिंसा करने लगे हैं, लेकिन स्त्री अभी भी अपनी संस्कृति, अपनी प्राकृतिक सहजता को लेकर सचेत है, उसे खोने को तैयार नहीं। हिंसा का शिकार होकर भी वह हिंसा को नहीं चुनती। आदिवासी दुनिया के संघर्षों, मूल्यों, पीड़ाओं, उसके सामने मौजूद ख़तरों और बदलावों को दर्शातीं कहानियों का एक रोचक संग्रह।
Aurat Ka Ghar
Jasinta Kerketta
20% offHawa Bahut Tez Hai
- Author Name:
Kailash Banwasi
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Book Type:

- Description: कैलाश बनवासी ऐसे विरल कथाकार हैं जिनकी कहानियों में समाज के हाशिए के लोग बुलंद होकर बोलते हैं। ‘हवा बहुत तेज़ है’ उनका आठवाँ कहानी-संग्रह है जिसमें कुल ग्यारह कहानियाँ संकलित हैं। इन कहानियों के नायक एक तरफ़ मिस्त्री, प्लम्बर, चपरासी, वार्ड ब्वाय और रोज़गार की जद्दोजहद में फँसे युवा हैं तो दूसरी तरफ़ मध्यवर्ग के ऐसे अधेड़ हैं जिन्होंने बाज़ार और भ्रष्टाचार के बीच अपना ईमान और अच्छाइयाँ बचा रखी हैं या कि ऐसे मध्यवर्गीय लोग जो नए ज़माने की हवा के असर में तो हैं पर देश, काल और समाज का यथार्थ उन्हें अपनी तरफ़ खींच रहा है। ‘दाग़ अच्छे हैं’, ‘एक पुराना आदमी’, ‘मथुरा प्रसाद उर्फ़ राहत का एक नाम’, ‘गोपाल का गाना’ जैसी कहानियाँ कामगार वर्ग के बारे में अनेक शहरी मध्यवर्गीय पूर्वाग्रहों को तार-तार करने का काम करती हैं। ‘सब कुछ ठीक-ठाक है’ में कुछ भी ठीक-ठाक नहीं है। यह पहले से ही तबाह लोगों के कोरोना काल में बर्बाद हो जाने की कहानी है। यह उस लालची विसंगति की भी कहानी है जहाँ बहुतेरे प्लांट मालिकों ने कोरोना के नाम पर कंपनी को दिवालिया घोषित करवा के जनता का धन डकार लिया। दूसरी ओर उनमें काम करने वाले लोग सड़क पर आ गए। रोजगार की स्थितियाँ और उनके लिए संघर्ष दिन पर दिन बदतर ही होते गए हैं। ‘उन आँखों में अब कोई सपना नहीं है’ पढ़ते हुए बरबस अमरकान्त की कालजयी कहानी ‘डिप्टी कलेक्टरी’ याद आती है। ‘ज्ञान-विज्ञान-संज्ञान’ आज की उस उलटबाँसी को मानीख़ेज तरीक़े से रचती है जहाँ चीज़ों को देखने का एक अवैज्ञानिक रवैया सब तरफ़ पसर रहा है और विडम्बना यह है कि उसे विज्ञान के दम पर ही सत्य भी बताने की कोशिश की जा रही है। इन कहानियों में कुछ लोगों के किसी भी क़ीमत पर बहुत तेज़ आगे बढ़ते जाने के बीच उन लोगों का जीवन-संघर्ष और सुख-दुःख दर्ज हुआ जिन्होंने अपने जीवन-मूल्यों से समझौता नहीं किया और दिशाहीन बदलाव की तेज़ हवा के बीच तनकर खड़े हैं। कैलाश को अमरकान्त और स्वयंप्रकाश जैसे सिद्ध कथाकारों की पंक्ति में रखकर देखा जाना चाहिए। इन कहानियों को पढ़ना अपने आसपास की दुनिया से नए सिरे से परिचित होना है, एक तेज़ भागमभाग में जिसकी तरफ़ से हमने निगाह फेर ली है।
Hawa Bahut Tez Hai
Kailash Banwasi
20% offNikki Detective
- Author Name:
Neha singh +1
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Book Type:

- Description: An intriguing novel about a young girl who dreams of becoming a detective. As she begins to investigate strange happenings in her town — rumoured to be caused by a ghost, she is slowly led to question her own understanding of the world around her, about the idea of freedom, dreams, and about escape from the rules her world quietly imposes. The chaos unfolding in the city mirrors the unrest within her, as she grapples with a society that draws such clear boundaries around what girls can and cannot be. Neha Singh brings clarity and care to these complex questions, while Barkha Lohia’s striking illustrations evoke the dark, often stolen, quiet and breezy nights that belong to young girls and women. Age group 9-12 years
Nikki Detective
Neha singh
17% offNeend Kis Chidiya ka Naam Hai?
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
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Book Type:

- Description: Acclaimed poet Rajesh Joshi’s poems make for a thought-provoking read. With the magic of his words, he turns things like a broom, a telephone, discounts, and keys into subjects worth engaging. His simple writing style serves his perspective very well and helps convey his thoughts to the reader. Each of his poems will surprise you. A talented artist, Bhargav Kulkarni’s artworks are equally engaging interpretations of the poems. Created with water colours, you would find these illustrations very thought-provoking. Age group 9-12 years Age group 9-12 years
Neend Kis Chidiya ka Naam Hai?
Rajesh Joshi
17% offAshadh Ka Akhiri Din
- Author Name:
Sunil Vikram Singh
-
Book Type:

- Description: आषाढ़ का आखिरी दिन कथाकार सुनील विक्रम सिंह का दूसरा कहानी संग्रह है। इस किताब का शीर्षक दिलचस्प है। मोहन राकेश का नाटक है: आषाढ़ का एक दिन और यह है आषाढ़ का आखिरी दिन । इस संग्रह की कहानियाँ प्रेम की सघन अनुभूति की कहानियाँ हैं। इन कहानियों में प्रकृति के रमणीय रूप मिलते हैं। आज जब बहुत-सी कहानियों में कथानक के नाम पर स्पष्टवादिता दिखलाई देती हैं, वहाँ सुनील विक्रम सिंह की कहानियाँ कल्पना का मनोरम संसार रचती हैं। इस संग्रह की कहानियों में पठनीयता है। कहानियों के संवाद मर्मस्पर्शी हैं।
Ashadh Ka Akhiri Din
Sunil Vikram Singh
20% offMini Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Avadhesh Preet
-
Book Type:

- Description: मिनी और अन्य कहानियाँ अवधेश प्रीत की नई कहानियों का संग्रह है। एक कथाकार के रूप में उन्होंने समाज, राजनीति और निरन्तर बदलते भारतीय यथार्थ को व्यावहारिक भाषा और शिल्प के साथ अंकित किया है। इस संग्रह में शामिल कहानियाँ मौजूदा समय के कई सवालों से रू-ब-रू होते हुए उन्हें हमारे विचार के दायरे में लाती हैं। संग्रह की शीर्षक कथा ‘मिनी’ का फलक इतना व्यापक है जिसमें नए रूप में ढलती स्त्री-चेतना से लेकर समकालीन पत्रकारिता तक कई मुद्दों की तरफ़ हमारा ध्यान जाता है। इसी प्रकार दूसरी कहानी ‘नग्न’ में पुलिस तंत्र में व्याप्त ग़ैर-ज़िम्मेदारी को बहुत कौशल के साथ रेखांकित किया गया है। यह कहानी बताती है कि न्याय की प्रक्रिया में पुलिस की अरुचि के चलते कैसे एक युवती को न सिर्फ़ इंसाफ नहीं मिलता, बल्कि वह अपने जीवन से भी हाथ धो बैठती है। भाषा में स्थानीय लहजे और शब्दों का प्रयोग अवधेश प्रीत की कहानियों को उसी तरह बेहद पठनीय और यथार्थवादी बनाता है, जैसे कहानी से सम्बन्धित सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों का ज्ञान उन्हें प्रामाणिक बनाता है। ‘मिनी और अन्य कहानियाँ’ संग्रह में उनकी बारह कहानियाँ संकलित हैं जिनमें व्यापक सामाजिक सरोकारों को चिन्हित करने वाली कहानियों के साथ-साथ ‘कॉफ़ी’ जैसी कहानियाँ भी हैं जहाँ दो बुज़ुर्ग पति-पत्नी पुराने दिनों की याद करते हुए एक भाव-भीगी शाम बिता रहे हैं।
Mini Aur Anya Kahaniyan
Avadhesh Preet
20% offBaghin Ki Sawari
- Author Name:
Chandrakishore Jaiswal
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Book Type:

- Description: ‘बाघिन की सवारी’ संग्रह की कहानियाँ जीवन और समाज का एक वृहद ‘स्पेक्ट्रम’ पाठक के सामने रखती हैं। एक के बाद एक कहानी से गुजरते हुए हम कहीं गहन करुणा से आप्लावित होते हैं तो कहीं अपनी दुनिया की विसंगतियों से क्षुब्ध। कहीं किसी पात्र की असहायता हमें भिगो देती है तो कहीं किसी का संकल्प हमें आजादी की एक दिशा दे जाता है। ‘सहेलियाँ’ शीर्षक कहानी में दो सखियों की तरह प्रेम और विवाह जैसे विषयों पर खुलकर बतियातीं माँ वत्सला और बेटी गुंजन ऐसे ही पात्र हैं जो धीरे-धीरे बदलते हमारे समय को परम्परा की धारा से एकदम नहीं तोड़ना चाहते और नई सम्भावनाओं—परिवर्तनों से मुँह भी नहीं फेरते। वहीं ‘बेटा का घर’ कहानी के हताश माँ-पिता अपने परिवार में मगन बेटे के व्यवहार और अपनी विवशताओं को सोच आँख गीली कर लेते हैं, और पाठक को मौजूदा समय के प्रति सचेत कर जाते हैं। वृद्धावस्था और उससे जुड़े दुखों पर ये कहानियाँ बार-बार दृष्टिपात करती हैं। यह ऐसा विषय है जिस पर चन्द्रकिशोर जायसवाल अकसर लौटे हैं। इस संग्रह में ‘रोवनहार’ शीर्षक कहानी पूरी तरह इसी विषय पर केन्द्रित है जहाँ चार बेटों और बहुओं-पोतों से भरे घर में रामजनम चौधरी को वास्तविक लगाव अपने किराएदार की बच्ची से मिलता है, उन्हें लगता है कि उनके मरने पर और भले कोई न रोए वह जरूर रोएगी। संग्रह की शीर्षक कथा ‘बाघिन की सवारी’ सत्ता और सुख से मोहभंग और लगाव की लम्बी कहानी है जिसमें हमारी मुलाकात जवानी में साधु बने एक ऐसे व्यक्ति से होती है जो बीस साल बाद वापस, कदम-दर-कदम चलते हुए समाज और उसके सत्ता-व्यूह में दाखिल होता है।
Baghin Ki Sawari
Chandrakishore Jaiswal
20% offThe Collected Short Stories
- Author Name:
Satyajit Ray
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Book Type:

- Description: The best short stories of Satyajit Ray Best known for his immensely popular Feluda mysteries and the adventures of Professor Shonku, Satyajit Ray was also one of the most skilful short story writers of his generation. Ray’s short stories often explore the macabre and the supernatural, and are marked by the sharp characterization and trademark wit that distinguish his films. This collection brings together Ray’s best short stories—including such timeless gems as ‘Khagam’, ‘Indigo’, ‘Fritz’, ‘Bhuto’, ‘The Pterodactyl’s Egg’, ‘Big Bill’, ‘Patol Babu, Film Star’ and ‘The Hungry Septopus’—which readers of all ages will enjoy. A collection of forty-nine short stories.
The Collected Short Stories
Satyajit Ray
18% offIndigo : Selected Stories
- Author Name:
Satyajit Ray
-
Book Type:

- Description: Spine-tingling tales from the other side of midnight. Indigo is the mood in this new collection of stories about the supernatural, the peculiar and the inexplicable from Satyajit Ray, one of the best-loved writers of our times. There are tales here of dark horror, fantasy and adventure along with heartwarmingly funny stories about ordinary people in extraordinary situations. In ‘Big Bill’ Tulsi Babu picks up a newly-hatched chick from a forest and brings it home only to find it growing bigger and fiercer by the day; in ‘Khagam’ a man kills a sadhu’s deadly pet snake and invites a curse which brings about horrifying changes in his body; and in the title story, a young executive resting in an old abandoned bungalow for a night, finds himself caught up in a chilling sequence of events which occurred more than a century ago. Also included here is ‘The Magical Mystery’, a brand new Feluda story discovered amongst Ray’s papers after his death, and several tales featuring Uncle Tarini, the master storyteller who appears in translation for the first time. From Mr. Shasmal, who is visited one night by all the creatures he has ever killed, to Ashamanja Babu, who does not know what to do when his pet dog suddenly begins to laugh, the unforgettable characters in these stories surprise, shock and entertain us in equal measure. Indigo is a veritable treasure trove especially for those who like a taste of the unusual in a short story and an unexpected twist at the end. Translated from the Bengali by the author and Gopa Majumdar.
Indigo : Selected Stories
Satyajit Ray
18% offShort Story Collections bring powerful storytelling into compact form. This category gathers single-author collections, multi-author anthologies, regional short fiction, translations, and theme-based compilations that capture moments, voices, and ideas in fewer pages—often with greater intensity.
What readers will find here:
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Indian short story collections across Hindi, Marathi, Bengali, Tamil, Malayalam, Kannada, Odia, Urdu, English, and more
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Anthologies featuring multiple writers and regions
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Classic short stories that shaped Indian literary movements
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Contemporary short fiction reflecting modern life
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Social, political, feminist, Dalit, Adivasi, and marginalised voices
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Genre-based collections: realism, romance, crime, horror, speculative fiction
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Translated short stories bridging Indian languages
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Award-winning collections and syllabus-aligned texts
What are short story collections?
Short story collections are books that compile multiple short fiction pieces, either by one author or multiple authors.
Are short stories good for new readers?
Absolutely. Short stories are easy to start, require less time, and offer varied themes and styles.
Do you have translated short story collections?
Yes. Many collections feature translations from Indian languages, allowing cross-cultural discovery.
Are these collections used in academic syllabi?
Yes. Many classic and modern short story collections are part of school and university curricula.
What genres of short stories are available?
Realism, social fiction, romance, crime, horror, speculative fiction, feminist writing, and experimental literature.