Literary Fiction

Literary Fiction

Kavya Ke Roop

  • Author Name:

    Gulab Rai M.A.

  • Book Type:
  • Description: ‘काव्य’ शब्द संस्कृत में गद्य और पद्य दोनों का द्योतक माना गया है। गुलाबराय इसी ‘गद्य-पद्य’ के साहित्यिक स्वरूप पर विचार करते हुए ‘काव्य के रूप’ में साहित्यालोचन के सिद्धान्तों की चर्चा करते हैं। संस्कृत साहित्य की परम्परा में मूलतः ‘काव्य’ का विभाजन श्रव्य और दृश्य इन्हीं दो रूपों में होता आया है; किन्तु साहित्यिक विधाओं की आपसी विभाजन रेखा को परिभाषित करना और उनके बीच के अन्तर को उद्घाटित करना अत्यन्त सूक्ष्म कार्य है जिसे इस पुस्तक में थोड़ी स्थूलता प्रदान की गई है। गुलाबराय अपने विचारों को साहित्य की भारतीय और पाश्चात्य परम्परा के सैद्धान्तिक निकष पर परखते हुए ‘काव्य के रूप’ में न केवल साहित्यिक विधाओं के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करते हैं बल्कि विधाओं के विकासक्रम के संक्षिप्त इतिहास पर भी दृष्टि डालते हैं। दृष्टिपूर्ण ढंग से ‘काव्य के रूप’ पुस्तक का आरम्भ, मध्य और समापन युक्तियुक्त प्रासंगिकता को सृजित करता है, जो आलोचना के सैद्धान्तिक और व्यावहारिक धरातल पर साहित्य के स्वरूप के विविध पक्षों को अपने में समेटे हुए है। साहित्य के विधागत स्वरूप और उसके विकासक्रम से परिचय करानेवाला यह प्राथमिक कार्य गुलाबराय द्वारा साहित्यालोचन के सृजनात्मक अवदान को प्रतिफलित करता है, जो इस पुस्तक को साहित्य के मूल्यांकन के स्तर पर अधिक समीचीन बनाएगा।
Kavya Ke Roop

Kavya Ke Roop

Gulab Rai M.A.

895

₹ 716

Pinocchio

  • Author Name:

    Carlo Collodi

  • Book Type:
  • Description: पिनोकियो इतालवी भाषा की सर्वाधिक प्रशंसित कृतियों में शामिल एक ऐसे कठपुतले की कहानी है जो आखिरकार सचमुच का लड़का बन जाता है। पारम्परिक परीकथाओं जैसी जादुई और रोमांचक घटनाक्रम वाली इस कहानी में अतियथार्थवाद और जादुई यथार्थवाद का पूर्वाभास भी है। बच्चों के लिए लिखे गए इस उपन्यास में जीवन के खुरदरापन को स्वप्न की स्निग्धता इस तरह ढकती चलती है कि इसका सन्देश सार्वभौमिक बन जाता है। यही कारण है कि इतालो काल्विनो और अम्बर्तो इको जैसे दिग्गज लेखकों ने ‘पिनोकियो’ की हर उम्र के व्यक्ति के लिए पठनीय बताया है।
Pinocchio

Pinocchio

Carlo Collodi

250

₹ 200

Ek Aurat Ka Chehara

  • Author Name:

    Henry James

  • Book Type:
  • Description: एक औरत का चेहरा यूरोपीय और अमेरिकी सभ्यता-संस्कृति और जीवन-शैली की भिन्नताओं को दर्शाने के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वतंत्रता, नैतिक उत्तरदायित्व और स्त्री-पुरुष सम्बन्ध जैसे विषयों का बारीक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इज़ाबेल इसकी मुख्य पात्र है जो अपनी क़िस्मत ख़ुद तय करने को दृढ़-संकल्प है लेकिन वास्तव में अपनी मंज़िल से अनजान है। इज़ाबेल और उसको चाहने वालों पर दुर्भाग्य की जो छाया इस उपन्यास में दिखलाई पड़ती है, वह वस्तुतः उस समय के एक वर्ग के यथार्थ का सच्चा अंकन है जो बेचैन कर देता है।
Ek Aurat Ka Chehara

Ek Aurat Ka Chehara

Henry James

599

₹ 479.2

Hiroshima Ke Phool

  • Author Name:

    Edita Morris

  • Book Type:
  • Description: हिरोशिमा के फूल एक मार्मिक उपन्यास है। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी को परमाणु बमों का आघात सहना पड़ा था। यह आघात जापान के सिर्फ़ दो शहरों की नहीं बल्कि सम्पूर्ण मनुष्यता की त्रासदी था। इसने स्पष्ट किया कि मनुष्य यदि अपनी बुनियादी सृजनात्मक नैतिकता को भूल जाए तो वह कितना संहारक हो सकता है! यह आघात और ख़तरा ही युद्धोत्तर जापान की पृष्ठभूमि में रचे गए इस उपन्यास का प्रेरणा-बिन्दु है। इस उपन्यास के पात्र निहायत प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मानवीय संसार के लिए गरिमा और करुणा की अपरिहार्यता की लगातार याद दिलाते हैं।
Hiroshima Ke Phool

Hiroshima Ke Phool

Edita Morris

199

₹ 159.2

Jo Kahen Papa Jo Karen Papa

  • Author Name:

    Clarence Day

  • Book Type:
  • Description: ‘जो कहें पापा जो करें पापा’ आधुनिक अंग्रेज़ी साहित्य की एक प्रतिनिधि कृति है। एक परिवार की यह अन्तरंग कहानी जिसमें ‘पापा’ अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए लगातार हाथ-पाँव चलाता है। परिवार के पूर्ण स्वामी होने और दीखने के इच्छुक ‘पापा’ की गतिविधियों से उसकी असहाय विवशता इस तरह उजागर होती है कि आप मुस्कराने के लिए विवश हो जाएँगे। यह ह्यूमर से भरपूर तो है ही, आत्मकथात्मक होने के कारण पाठक को अपने पारिवारिक जीवन का नये सिरे से अवलोकन करने के लिए भी प्रेरित करता है।
Jo Kahen Papa Jo Karen Papa

Jo Kahen Papa Jo Karen Papa

Clarence Day

250

₹ 200

Zaratushtra Ne Yah Kaha

  • Author Name:

    Friedrich Nietzsche

  • Book Type:
  • Description: Zaratushtra Ne Yah Kaha
Zaratushtra Ne Yah Kaha

Zaratushtra Ne Yah Kaha

Friedrich Nietzsche

399

₹ 319.2

Pita Aur Putra

  • Author Name:

    Ivan Sergeyevich Turgenev

  • Book Type:
  • Description: ‘पिता और पुत्र’ नई और पुरानी पीढ़ी के आपसी सम्बन्धों की कहानी है जो उन्नीसवीं सदी के रूस में मौजूद पीढ़ीगत विभाजन और वैचारिक टकराव का जीवन्त चित्र प्रस्तुत करती है। उदारता के बावजूद पुरानी पीढ़ी पारम्परिक मूल्यों-मान्यताओं से आगे नहीं बढ़ पाती, जबकि नई पीढ़ी उन सबको चुनौती देती है। उनके मतभेदों के बहाने तुर्गेनेव सामाजिक परिवर्तन के व्यापक विषयों पर विचार करते हैं और भावी आमूल बदलाव का पूर्वाभास कराते हैं। इस उपन्यास में चित्रित समाज और पात्र इतिहास बन चुके हैं, लेकिन इसमें वर्णित पीढ़ीगत द्वन्द्व का कालातीत चित्रण आज भी किसी को उद्वेलित करने में सक्षम है।
Pita Aur Putra

Pita Aur Putra

Ivan Sergeyevich Turgenev

299

₹ 239.2

Kunwari Dharati

  • Author Name:

    Ivan Sergeyevich Turgenev

  • Book Type:
  • Description: ‘कुँआरी धरती’ तुर्गेनेव का छठा और अन्तिम उपन्यास है। इसकी पृष्ठभूमि में ज़ारकालीन रूस का क्रान्तिकारी आन्दोलन और उसमें शामिल युवा हैं। देश के अशान्त सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य से असन्तुष्ट ये युवा उसकी कुँआरी धरती में क्रान्ति के बीज बोना चाहते हैं। वे आत्मकेन्द्रित अभिजातों के विरोधी हैं और कष्ट में पड़े जन-सामान्य के हमदर्द। ऐसे ही एक युवा के ज़रिये तुर्गेनेव इस उपन्यास में तत्कालीन रूस की सामाजिक जड़ता के बीच परिवर्तनकामी आदर्शवाद की जटिलताओं की पड़ताल करते हैं। इस उपन्यास में पुराने और उभरते नए रूस के मध्य वैचारिक संघर्ष का बारीक चित्रण किया गया है, जिसके निहितार्थों का सार्वकालिक महत्त्व है।
Kunwari Dharati

Kunwari Dharati

Ivan Sergeyevich Turgenev

299

₹ 239.2

Gawah Gairhazir

  • Author Name:

    Chandrakishore Jaiswal

  • Rating:
  • Book Type:
  • Description: किसुन साह ने जब बिना किसी सिर-फुड़ौव्वल के बेटों के बीच बाँट-बखरा कर दिया तो लोगों ने उन्हें इस बात पर खुश होने को कहा कि अब उनके बुढ़ापे के दिन मौज-मस्ती में कटते रहेंगे। किसुन साह ने भी निर्णय ले लिया कि मौज-मस्ती में दिन काटने के लिए उन्हें अब बूढ़ा भी हो ही जाना चाहिए। लेकिन...। परिवार नामक सुख के टापू की यह कहानी यहीं से शुरू होती है। लोक और ग्रामीण जीवन के मर्मज्ञ कथाकार चन्द्रकिशोर जायसवाल का उपन्यास ‘गवाह गैरहाजिर’ अपनी बहुस्तरीय भाषा-सामर्थ्य के लिए खासतौर पर जाना जाता है। पात्रों की कहानी कहने के साथ ही कथाकार इसमें भारतीय ग्राम्य समाज और उसकी संरचना पर भी टिप्पणियाँ करते चलते हैं जिससे एक तरफ सूक्ष्म पर्यवेक्षण की उनकी क्षमता रेखांकित होती है, तो दूसरी तरफ़ गाँव की गझिन सामाजिक-मानसिक बनावट को समझने में भी मदद मिलती है। उपन्यास की कथा के केन्द्र में किसुन साह हैं—एक स्वाभिमानी और समझदार बुजुर्ग। घर की सम्पत्ति इत्यादि का बँटवारा अपने परिवार में शान्तिपूर्वक करने के बाद वे सबसे छोटे बेटे के साथ रहने का फैसला करते हैं। कुछ दिन वहाँ रहने के बाद जब उन्हें लगता है कि बेटा-बहू का व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं है तो वे घर छोड़कर बाकी जीवन एक मन्दिर में बिताने का फैसला करते हैं, लेकिन परिवार से मोह के चलते यह भी नहीं कर पाते। पारिवारिक सम्बन्धों की महीन अक्कासी के अलावा यह उपन्यास पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी और सम्बन्धों की ऊष्मा के छीजते जाने की मनोवैज्ञानिक पड़ताल भी करता है। समर्थ शिल्प, जीवन्त भाषा और बेधक कथ्य वाला अत्यन्त पठनीय उपन्यास !
Gawah Gairhazir

Gawah Gairhazir

Chandrakishore Jaiswal

350

₹ 280

Vyasparva

  • Author Name:

    Durga Bhagwat

  • Book Type:
  • Description: महाभारत भारतीय मनीषा की ऐसी पूँजीभूत अभिव्यक्ति है कि इसके बारे में यह कथन अतियुक्ति नहीं लगती कि जो कुछ भारत में है वह सब महाभारत में है, और जो इसमें नहीं है वह कहीं नहीं है। आश्चर्य नहीं कि ऐसे महाग्रन्थ का अध्ययन, मनन और उसकी व्याख्या किसी के लिए भी आसान नहीं है। उसके सामाजिक आशय के सम्यक स्वरूप को पहचानना अथवा विशद रूप में समझाना तो और भी कठिन है। इस कठिनाई के प्रत्युत्तरस्वरूप, मराठी भाषा की प्रमुख चिन्तक-साहित्यकार दुर्गा भागवत ने इस पुस्तक में, महाभारत के सत्य को उसके प्रमुख पात्रों के ज़रिये अत्यन्त सहज और लालित्यपूर्ण ढंग से व्याख्यायित किया है। ‘व्यासपर्व’ गहन चिन्तन और ललित अभिव्यक्ति के सहज सामंजस्य से निर्मित कृति है जिसमें विदुषी लेखक ने स्पष्ट किया है कि करुणा जब प्राणों में बस जाती है तभी धर्म का दर्शन होता है। उन्होंने इस जीवन-सत्य की ओर भी संकेत किया है कि मनुष्य मूलतः मनुष्य है; उसका लक्ष्य भी मनुष्य ही है। श्रीकृष्ण, भीष्म, द्रोण, गान्धारी, अश्वत्थामा, अर्जुन, दुर्योधन, कर्ण, विदुर, द्रौपदी, एकलव्य आदि की अद्भुत झाँकी इस पुस्तक में साकार उपस्थित हुई है जिनमें व्यक्तित्व और इतिहास ही नहीं, हमारा समय भी मुखरित होता है। निःसन्देह ‘व्यासपर्व’ भारतीय संस्कृति की एक बहुआयामी व्याख्या है। यह कृति गद्य भी है और काव्य भी, जो ‘सत्यं शिवं सुन्दरम्’ के समन्वित स्वरूप को उद्भासित करती है। बार-बार पढ़ने और संग्रह करने योग्य एक अनुपम पुस्तक।
Vyasparva

Vyasparva

Durga Bhagwat

250

₹ 200

Binodini

  • Author Name:

    Rabindranath Tagore

  • Rating:
  • Book Type:
  • Description: Binodini, a novel written by the Nobel laureate Dr Rabindranath Tagore, tells the tale of a well-to-do middle-class family of Calcutta. Originally written in Bānglā with the title Chokhar Bāli (literally meaning 'sand in the eye'), the novel has been translated into English by Krishna Kripalani. The translator in his foreword to the novel opines, "It centers round the problem of human relationship and tells of what happens behind the staid facade of a well-to-do, middle-class Bengali home of the period, where a widowed mother lives with her only son on whom she dotes". Apart from telling the story of the family, the novel revolves around two main characters or rather say protagonists-Binodini, a young, talented, educated and beautiful widow; and Mahendra spoilt brat of his foolish mother. Binodini is written, taking the backdrop of contemporary society of Calcutta.
Binodini

Binodini

Rabindranath Tagore

90

₹ 74.7

Rabindranath Tagore Gora

  • Author Name:

    Rabindranath Tagore

  • Book Type:
  • Description: English Translation of Rabindranath Tagore's Bengali novel Gora. Gora consists of two parallel love stories of two pairs of lovers: Gora and Sucharita, Binoy and Lolita. Their emotional development is shown in the background of the social and political problems prevalent in India towards the end of the 19th-century. The novel is the longest novel written by Tagore. It deeply influences the Indian society and emerged as a debate between Brahmo Samaj and Hinduism.
Rabindranath Tagore Gora

Rabindranath Tagore Gora

Rabindranath Tagore

280

₹ 232.4

Samidha

  • Author Name:

    Madhu Soni Madhukunj

  • Rating:
  • Book Type:
  • Description: Madhya Pradesh Ki Prernastrot Mahilaen
Samidha

Samidha

Madhu Soni Madhukunj

250

₹ 200

The Carved Cabinet

  • Author Name:

    Sudha Om Dhingra +1

  • Book Type:
  • Description: Sometimes life takes everything we give and still feels like it’s giving nothing back. But somewhere within that silence, there lies a moment—a turning point—that reminds us of the power we still hold. This novel is built around that moment. The Carved Cabinet is the English translation of the Hindi novel Naqqashidar Cabinet, originally written by Sudha Om Dhingra. It was an honor for me to bring this powerful story to English readers. As my first work of literary translation, it is more than a linguistic journey—it is an emotional one, too. At its heart, this is the story of a woman who dares to stand up when the world turns its back. Drawn into a life-altering situation, she faces deceit and danger—but instead of breaking, she finds the strength to fight back. Her courage becomes a quiet revolution. Set across the vibrant land of Punjab and the layered realities of American life, the story reminds us that resilience is universal. It belongs to anyone who refuses to be silenced and chooses to rise, again and again. This work is my humble attempt to bring her powerful story to a broader audience through English. -Aravind Anil
The Carved Cabinet

The Carved Cabinet

Sudha Om Dhingra

300

₹ 240

Chand Achhoot Ank

  • Author Name:

    Nand Kishore Tiwari

  • Book Type:
  • Description: Chand Achhoot Ank
Chand Achhoot Ank

Chand Achhoot Ank

Nand Kishore Tiwari

995

₹ 796

In Other Words

  • Author Name:

    Jhumpa Lahiri

  • Book Type:
  • Description: On a post-college visit to Florence, Pulitzer Prize-winning author Jhumpa Lahiri fell in love with the Italian language. Twenty years later, seeking total immersion, she and her family relocated to Rome, where she began to read and write solely in her adopted tongue. A startling act of self-reflection, In Other Words is Lahiri’s meditation on the process of learning to express herself in another language-and the stunning journey of a writer seeking a new voice.
In Other Words

In Other Words

Jhumpa Lahiri

299

₹ 248.17

Bhootnath

  • Author Name:

    Devkinandan Khatri

  • Book Type:
  • Description: बाबू देवकीनन्दन खत्री विरचित ‘भूतनाथ’ एक अत्यन्त लोकप्रिय और बहुचर्चित प्रसिद्ध उपन्यास है। ‘चन्द्रकान्ता-सन्तति’ में ही बाबू देवकीनन्दन खत्री के अदभुत पात्र भूतनाथ (गदाधर सिंह) ने अपनी जीवनी (जीवन-कथा) प्रस्तुत करने का संकल्प किया था। यह संकल्प वस्तुतः लेखक का ही एक संकेत था कि इसके बाद ‘भूतनाथ’ नामक बृहत् उपन्यास की रचना होगी। देवकीनन्दन खत्री की अद्भुत कल्पना-शक्ति को शत्-शत् नमन है। लाखों करोड़ों पाठकों का यह उपन्यास कंठहार बना हुआ है। जब यह कहा जाता है कि बाबू देवकीनन्दन खत्री के उपन्यासों को पढ़ने के लिए लाखों लोगों ने हिन्दी भाषा सीखी तो इस कथन में ‘भूतनाथ’ भी स्वतः सम्मिलित हो जाता है क्योंकि ‘भूतनाथ’ उसी तिलिस्मी और ऐयारी उपन्यास परम्परा ही नहीं, उसी शृंखला का प्रतिनिधि उपन्यास है। कल्पना की अद्भुत उड़ान और कथा- रस की मार्मिकता इसे हिन्दी साहित्य की विशिष्ट रचना सिद्ध करती है। मनोरंजन का मुख्य उद्देश्य होते हुए भी इसमें बुराई और असत् पर अच्छाई और सत् की विजय का शाश्वत विधन ऐसा है जो इसे एपिक नाॅवल (Epic Novel) यानी महा-काव्यात्मक उपन्यासों की कोटि में लाता है। ‘भूतनाथ’ का यह शुद्ध पाठ-सम्पादन और भव्य नव-प्रकाशन, आशा है, पाठकों को विशेष रुचिकर प्रतीत होगा।
Bhootnath

Bhootnath

Devkinandan Khatri

1295

₹ 1036

Madhvi ki Dehgatha

  • Author Name:

    Shachi Mishra

  • Book Type:
  • Description: 'माधवी की देहगाथा' उपन्यास स्त्री शोषण की एक ऐसी पौराणिक गाथा है जिसका दृष्टांत अन्यत्र दिखाई नहीं पड़ता है। यह उस युग की गाथा है जब पुरुषों ने मातृसत्ता को समाप्त करके पितृसत्ता की स्थापना की और समस्त स्वी जाति को अपने अधीन कर लिया, जहाँ उसका दान या विनिमय किया जा सकता था। मुनि कुमार (गालव) गुरु (विश्वामित्र) द्वारा माँगी गयी श्यामकर्णी श्वेत आठ सौ अश्वों की दुर्लभ गुरु दक्षिणा की पूर्ति के लिए एक राजा (ययाति) के समक्ष याचक बन कर खड़ा हुआ और नरेश ने याचना पूर्ति में असमर्थ होने पर बिना कुछ सोचे विचारे उसकी गुरुदक्षिणा प्राप्ति के माध्यम के लिए अपनी दिव्य वरदान में लिपटी पुत्री (माधवी) को प्रदान कर दिया और उस मुनि कुमार गालव ने उसे अपनी गुरुदक्षिणा एकत्र करने के लिए तीन राजाओं और अंत में अपने गुरु को समर्पित कर दिया। ययाति को महादानी कहलाने का यश मिला, विश्वामित्र को दुर्लभ गुरुदक्षिणा मिली और गालव को दुर्लभ गुरुदक्षिणा देने का गौरव प्राप्त हुआ पर इस मान-सम्मान की गाथा में माधवी को क्या मिला?
Madhvi ki Dehgatha

Madhvi ki Dehgatha

Shachi Mishra

300

₹ 240

Beetiaap Beetiaap

  • Author Name:

    Vipin Kumar Agarwal

  • Book Type:
  • Description: ‘बीतीआप बीतीआप’ एक नए ढंग का उपन्यास है। भाषा और शैली के नवोन्मेषी प्रयोग के माध्यम से यह एक रचनाशील व्यक्ति की कहानी बताता है। इलाहाबाद की साहित्यिक पृष्ठभूमि में नायक की सफल कवि बनने की आकांक्षा उसे प्रेम और जीवन की विचित्र परिस्थितियों में ले जाती है, जहाँ वह निराला के सार्वभौमिक भाव का साक्षात्कार करता है। लेकिन इस बीच वह अपने परिवेश, अपने जीवन और उससे जुड़े लोगों की कहानियाँ भी बताता चलता है। विपिन कुमार अग्रवाल की विशेषता है कि दैनिक जीवन की साधारण घटनाओं को भी वे अपने भाषा-चातुर्य तथा कल्पना द्वारा विशेष अर्थ से भर देते हैं। भाषिक प्रयोग, परिस्थिति वर्णन और व्यक्तियों के चित्र खींचने की शैली इस उपन्यास को प्रयोगधर्मिता के एक भिन्न स्तर पर ले जाती है।
Beetiaap Beetiaap

Beetiaap Beetiaap

Vipin Kumar Agarwal

150

₹ 120

Antim Aakanksha

  • Author Name:

    Siyaramsharan Gupt

  • Book Type:
  • Description: किसी के स्वस्थ व्यवहार और उपकार के प्रति समर्पण की सीमा तक पहुँची हुई ऐसी कृतज्ञता कि बचपन से चाकरी में रहनेवाला नौकर अपने हमउम्र स्वामि-पुत्र के परिवार में अगले जन्म में भी जन्म लेने और उस परिवार की चाकरी करने की अन्तिम आकांक्षा अन्तिम साँस लेते समय प्रकट कर रहा हो—यही है वह अन्तरधारा जो इस उपन्यास में अनादि से अन्त तक प्रवाहित हो रही है। नौकर रमला को सेवा के पहले ही दिन पूरा नाम रामलाल से पुकारने का जो भाव उसका ख़ास पुत्र प्रकट करता है, वह भाव धीरे-धीरे अपने उत्कर्ष की ओर बढ़ता जाता है और रामलाल की अन्तिम आकांक्षा का कारण बन जाता है। उपन्यासकार सियारामशरण गुप्त अपने उपन्यासों में किसी न किसी ऐसी ही उत्कृष्ट भावना अथवा मान्यता को आधार बनाकर अपने उपन्यास की रचना करने के क़ायल थे, जिसे उन्होंने इस उपन्यास की भी अन्तरधारा के रूप में अपने कथानक में प्रवाहित किया है, जिससे उपन्यास रोचक और मनोरंजक बनने के साथ ही पाठक के अन्तर्मन को भी प्रभावित करनेवाला बन गया है 
Antim Aakanksha

Antim Aakanksha

Siyaramsharan Gupt

125

₹ 100

Literary Fiction is where readers find writing that goes beyond plot—stories driven by character depth, emotion, style, and ideas. These books explore identity, relationships, society, culture, language, and personal transformation through thoughtful, nuanced storytelling.

This category brings together:

  • Award-winning Indian literary works

  • Regional classics in Hindi, Marathi, Bengali, Tamil, Malayalam, Odia, Kannada, Urdu

  • Translated masterpieces from Indian languages

  • Character-driven novels and introspective narratives

  • Experimental writing, modern classics & minimalist prose

  • Slow-reading titles that emphasise style, symbolism, and theme

  • Contemporary Indian voices that reflect today’s emotional and social complexities

What is literary fiction?

Literary fiction focuses on character development, emotional depth, language, and themes rather than plot-driven storytelling.

What types of literary fiction are available on Rachnaye?

You’ll find Indian regional classics, contemporary literary novels, translated works, award-winning fiction, and character-driven stories.

Is literary fiction available in Indian languages?

Yes. Hindi, Marathi, Bengali, Tamil, Malayalam, Kannada, and English editions are widely available.

How is literary fiction different from commercial fiction?

Commercial fiction prioritises fast-paced plots, while literary fiction emphasises style, nuance, and deeper meaning.

Is literary fiction suitable for beginners?

Yes, but readers should choose accessible titles first—modern Indian literary fiction is a great starting point.

Why are translations important in literary fiction?

They help readers explore masterpieces across Indian and global languages, preserving cultural and linguistic diversity.

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