Lyrics Songs
Andar Ki Aag
- Author Name:
Shankar Shailendra
-
Book Type:

- Description: Andar Ki Aag
Andar Ki Aag
Shankar Shailendra
20% offAameen
- Author Name:
284
-
Book Type:

- Description: आलोक श्रीवास्तव के पहले और बहुचर्चित गज़ल-संग्रह ‘आमीन’ का यह पाँचवाँ संस्करण है। पन्नों के कैनवस पर शब्दों के रंग बिखेरने में माहिर आलोक नए दौर और आमफहम ज़बान के शायर हैं। उन्होंने काव्य की हर विधा में निपुणता का परिचय देते हुए कहीं किसी सूफ़ियाना ख़याल को सिर्फ़ एक दोहे में समेट देने के हुनर से रू-ब-रू कराया तो कहीं वे ‘अम्मा’ और ‘बाबूजी’ से जुड़े संजीदा रिश्तों की यादों को विस्तार देते नज़र आए। आधुनिकता के इस बेरुखे दौर में उनकी रचनाएँ रिश्तों के मर्म को समझने और समझाने की विनम्र कोशिश लेकर सामने आईं। हमारे समय की आलोचना के प्रतिमान डॉ. नामवर सिंह ने उन्हें ‘दुष्यंत की परम्परा का आलोक’ कहा तो हिन्दी और उर्दू के कई जाने-माने लेखकों, समीक्षकों के साथ साहित्य-सुधियों ने भी उनके इस संग्रह को हाथों-हाथ लिया। बाज़ारवादी युग में दरकते इन्सानी रिश्तों पर लिखी आलोक की ग़ज़लें उनके निजी अनुभवों का आईना हैं। ‘आमीन’ की कई रचनाओं में सामाजिक सरोकार के सबूत मिले, जिसने आलोक को सहज ही बेदार और प्रगतिशील कवियों की क़तार में ला खड़ा किया—वह क़तार जो हिन्दी ग़ज़ल और उर्दू ग़ज़ल की खेमेबंदी से परे सिर्फ़ और सिर्फ़ ग़ज़ल की हिफ़ाज़त कर रही है। ‘आमीन’ के प्रथम संस्करण की भूमिका शीर्ष लेखक कमलेश्वर ने लिखी जो किसी पुस्तक पर उनकी अन्तिम भूमिका के रूप में याद की जाती है और मशहूर शायर-फ़िल्मकार गुलज़ार के पेशलफ्ज़ ने इस पर एक मुकम्मल संग्रह होने की मुहर लगाई। दो भाषाओं का पुल बनानेवाले एक नौजवान के पहले संग्रह पर हिन्दी और उर्दू के दो शिखर क़लमकारों के शब्द इस बात की गवाही बने कि आलोक ने अपना अदबी इम्तेहान पूरी संजीदगी और तैयारी से दिया है, जो बहुत हद तक सही साबित हुई; वहीं दूसरे संस्करण की भूमिका डॉ. नामवर सिंह ने लिखी, इस शुभकामना के साथ कि ये रचनाएँ और दूर तक पहुँचें। आमीन!
Aameen
284
20% offGulzar Ke Geet
- Author Name:
Gulzar
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Book Type:

- Description: गुलज़ार ने हिन्दी फ़िल्मों में गीतों की एक अलग रवायत शुरू की जो आज तक सिर्फ़ उन्हीं की है। कोई और गीतकार न उसकी नक़ल कर पाया, और न उसे कोई और शक्ल दे सका। गुलज़ार पर जो शुरू होता है, वह गुलज़ार पर ही ख़त्म होता है। ‘गुलज़ार के गीत’ में उनके वे गीत शामिल हैं जो दशकों से गाए-बजाए जाते रहे हैं और जितने लोकप्रिय वे तब थे, उतने ही आज भी हैं। ‘मोरा गोरा अंग लई ले’, ‘रोज़ अकेली आए’, ‘हमने देखी है उन आँखों की महकती ख़ुश्बू’ और इन जैसे अनेक गीत हैं जो फ़िल्मों से निकलकर हमारे भाव-जगत का अभिन्न हिस्सा हो गए। संकलन में शामिल गीतों को उनकी प्रकृति के अनुसार दो भागों में प्रस्तुत किया गया है—एक, ‘भाव-गीत’ और दूसरा, ‘रंगारंग’। दूसरे हिस्से में वे गीत हैं जो अपने खिलंदड़पने में भी ज़िन्दगी और दुनियादारी के बारे में गहरी फ़लसफ़ियाना बातें करते हैं, और शायरी को भी एक नई सूरत बख़्शते हैं। गीतों के साथ यहाँ पाठक भूषण बनमाली द्वारा लिखा गया गुलज़ार के बारे में एक आलेख और स्वयं गुलज़ार द्वारा लिखा गया एक दिलचस्प लेख ‘एक गीत का जन्म’ भी पाएँगे। इस लेख में ‘मोरा गोरा अंग लई ले’ गीत की कहानी बयान की गई है।
Gulzar Ke Geet
Gulzar
20% offBhakti Sangeet
- Author Name:
Amal Dash Sharma
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Book Type:

- Description: भारतीय संगीत का इतिहास अत्यंत गौरवमय और महत्त्वपूर्ण है। सुविख्यात संगीत-मर्मज्ञ अमल दाश शर्मा की यह कृति यद्यपि कुछ संत-भक्तों के लोकप्रसिद्ध पदों और गीतों को संगीतबद्ध करके स्वरलिपि के साथ प्रस्तुत करती है, लेकिन ‘भजन की इतिकथा’ नामक अनुच्छेद में उन्होंने संक्षिप्त किंतु परिच्छन्न रूप में सांगीतिक इतिहास को भी प्रतिध्वनित किया है। उपयुक्त रागों एवं तालों में निबद्ध जो लोकप्रिय भजन इस पुस्तक में संग्रहीत हैं, विद्यार्थियों से लेकर साधारण संगीतप्रेमियों तक, सभी के लिए सहज ग्राह्य हैं। इसके अलावा श्री दाश ने छ: जनप्रिय भक्त कवियों अथवा गायकों की जीवनियाँ भी इस पुस्तक में शामिल की हैं, जिससे इसकी उपयोगिता में वृद्धि हुई है।
Bhakti Sangeet
Amal Dash Sharma
20% offMadhukosh Tumhare Adhar
- Author Name:
Rameshraaj
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Book Type:

- Description: यह एक गीत संग्रह है। गीत केवल वो नहीं होते तो चलचित्रों में देखे या सुने जाते हैं, गीत उन भावों को संप्रेषित करते हैं जो अलग अलग सामयिक भावनावों के साथ जन्म लेते हैं। इस पुस्तक में, व्यवस्था-विरोध के गीत, सांप्रदायिक सद्भाव के गीत, प्रेम गीत, लोक गीत हैं। पढ़े, आनंद लें।
Madhukosh Tumhare Adhar
Rameshraaj
15% offZehen Ka Pairhan
- Author Name:
Umesh Pant
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Book Type:

- Description: Description Awaited
Zehen Ka Pairhan
Umesh Pant
20% offTumhare Naam
- Author Name:
Naresh Nadeem
-
Book Type:

- Description: Tumhare Naam Ghazal by Naresh Nadeem
Tumhare Naam
Naresh Nadeem
20% offGeet Sanvidhan ke
- Author Name:
Jorawar Singh
-
Book Type:

- Description: Description Awaited
Geet Sanvidhan ke
Jorawar Singh
20% offSaaye Mein Dhoop
- Author Name:
Dushyant Kumar
-
Book Type:

- Description: जिंदगी में कभी-कभी ऐसा दौर आता है जब तकलीफ गुनगुनाहट के रास्ते बाहर आना चाहती है । उसमे फंसकर गेम-जाना और गेम-दौरां तक एक हो जाते हैं । ये गजलें दरअसल ऐसे ही एक दौर की देन हैं । यहाँ मैं साफ़ कर दूँ कि गजल मुझ पर नाजिल नहीं हुई । मैं पिछले पच्चीस वर्षों से इसे सुनता और पसंद करता आया हूँ और मैंने कभी चोरी-छिपे इसमें हाथ भी आजमाया है । लेकिन गजल लिखने या कहने के पीछे एक जिज्ञासा अक्सर मुझे तंग करती रही है और वह है कि भारतीय कवियों में सबसे प्रखर अनुभूति के कवि मिर्जा ग़ालिब ने अपनी पीड़ा की अभिव्यक्ति के लिए गजल का माध्यम ही क्यों चुना ? और अगर गजल के माध्यम से ग़ालिब अपनी निजी तकलीफ को इतना सार्वजानिक बना सकते हैं तो मेरी दुहरी तकलीफ (जो व्यक्तिगत भी है और सामाजिक भी) इस माध्यम के सहारे एक अपेक्षाकृत व्यापक पाठक वर्ग तक क्यों नहीं पहुँच सकती ? मुझे अपने बारे में कभी मुगालते नहीं रहे । मैं मानता हूँ, मैं ग़ालिब नहीं हूँ । उस प्रतिभा का शतांश भी शायद मुझमें नहीं है । लेकिन मैं यह नहीं मानता कि मेरी तकलीफ ग़ालिब से कम हैं या मैंने उसे कम शिद्दत से महसूस किया है । हो सकता है, अपनी-अपनी पीड़ा को लेकर हर आदमी को यह वहम होता हो...लेकिन इतिहास मुझसे जुडी हुई मेरे समय की तकलीफ का गवाह खुद है । बस...अनुभूति की इसी जरा-सी पूँजी के सहारे मैं उस्तादों और महारथियों के अखाड़े में उतर पड़ा ।
Saaye Mein Dhoop
Dushyant Kumar
20% offAwara Sajde
- Author Name:
Kaifi Azmi +1
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Book Type:

- Description: आवारा सजदे उर्दू भाषा के विख्यात साहित्यकार कैफ़ी आज़मी द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1975 में उर्दू भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
Awara Sajde
Kaifi Azmi
20% offKuchh Ishq Kiya Kuchh Kaam Kiya
- Author Name:
Piyush Mishra
-
Book Type:

- Description: सिनेमा और थिएटर के अन्तरिक्ष में विधाओं के आर-पार उड़नेवाले धूमकेतु कलाकार पीयूष मिश्रा यहाँ, इस जिल्द के भीतर सिर्फ़ एक बेचैन शब्दकार के रूप में मौजूद हैं। ये कविताएँ उनके जज़्बे की पैदावार हैं जिन्हें उन्होंने अपनी कामयाबियों से भी कमाया है, नाकामियों से भी। हर अच्छी कविता की तरह ये कविताएँ भी अपनी बात ख़ुद कहने की क़ायल हैं, फिर भी जो ख़ास तौर पर सुनने लायक़ है वह है इनकी बेचैनी जो इनके कंटेंट से लेकर फ़ार्म तक एक ही रचाव के साथ बिंधी है। दूसरी ध्यान रखने लायक़ बात ये कि इनमें से कोई कविता अब तक न मंच पर उतरी है, न परदे पर। यानी यह सिर्फ़ और सिर्फ़ कवि-शायर पीयूष मिश्रा की किताब है।
Kuchh Ishq Kiya Kuchh Kaam Kiya
Piyush Mishra
20% offNeel
- Author Name:
Bhavesh Dilshad
-
Book Type:

- Description: भवेश दिलशाद जदीद दौर के ऐसे ग़ाल गो शायरों में शामिल हैं, जिन्होंने सादगी और बेबाकी को अपना र्तो सुख़न बनाया है। छोटी-छोटी, मगर बहुत दिलपाीर बातें कह जाने वाली यह आवाा, बहुत सुरीली है, दिलकश और भली। अपने सपाट लहजे में जो कुछ वह कहना चाहते हैं, क़ारी (पाठक) के दिल पर सीधे असर अंदाा होता है।
Neel
Bhavesh Dilshad
18% offSiyah
- Author Name:
Bhavesh Dilshad
-
Book Type:

- Description: भवेश दिलशाद की कुछ ग़ालें पढ़ने के बाद लगा कि मैंने उनका कलाम पहले क्यों नहीं देखा। हिंदोस्तानी ग़ाल में जो बहुत सार्थक और चुनौती भरी रचना हो रही है, उसका एक ज्वलंत उदाहरण दिलशाद हैं। दरअसल ग़ाल का मतलब छंद मिलाना नहीं है। दो पंक्तियों में व्यंग्य करना भी नहीं। किसी प्रकार का विवरण देना भी नहीं है। ग़ाल भाषा के जिस स्तर को छूकर भावनाओं का संसार रचती है, वह कठिन कार्य दिलशाद की ग़ालें करती हैं। दिलशाद बाह्य से अधिक आंतरिक संसार पसंद करते हैं और यही ग़ाल की एक ऐसी मंािल है, जहां पहुंचना हर ग़ाल लिखने वाले के लिए सरल नहीं है। दिलशाद के संग्रह के प्रकाशन पर मैं उन्हें बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि हिंदोस्तानी ग़ाल के संसार में यह एक महत्वपूर्ण क़दम माना जाएगा। असग़र वजाहत
Siyah
Bhavesh Dilshad
18% offSheikh Ibrahim Zauq
- Author Name:
Ibrahim Zauq
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Book Type:

- Description: मालूम जो होता हमें अंजाम-ए-मोहब्बत लेते न कभी भूल के हम नाम-ए-मोहब्बत अब तो घबरा के ये कहते हैं कि मर जाएँगे मर के भी चैन न पाया तो किधर जाएँगे ज़ाहिद शराब पीने से काफ़िर हुआ मैं क्यूँ क्या डेढ़ चुल्लू पानी में ईमान बह गया मरज़-ए-इश्क़ जिसे हो उसे क्या याद रहे न दवा याद रहे और न दुआ याद रहे 'ज़ौक़' जो मदरसे के बिगड़े हुए हैं मुल्ला उन को मय-ख़ाने में ले आओ सँवर जाएँगे
Sheikh Ibrahim Zauq
Ibrahim Zauq
20% offGeet Gawai Bhojpuri folk songs in Mauritius
- Author Name:
Dr. Sarita Boodhoo
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Book Type:

- Description: Geet Gawai: Bhojpuri Folk Songs in Mauritius is a well-researched and documented scholarly work on the Bhojpuri Sanskar Geet as brought to the shores of Mauritius by the Girmitiyas from the Bhojpuri belts of India during the Indentured Labour Route Migration and handed down from generation to generation from Dadis and Nanis to the younger generation. The tradition bearers who have preserved this rich oral musical ensemble, which encapsulates a harmonious blending of the different aspects of the life cycle, rites of passage, and associated customs and traditions, are known as Geetharines. This book is an ode to the Geetharines for having safeguarded, promoted and preserved these precious songs over one and a half centuries against all odds and which establish a strong permanent dynamic bond between India and Mauritius, the Indian diaspora and the world at large, with its inscription at UNESCO as an Intangible Cultural Heritage of Humanity. This book, ‘Geet Gawai’, will prove useful not only to students of anthropology and ethnomusicology and to scholars but also to the general public at large.
Geet Gawai Bhojpuri folk songs in Mauritius
Dr. Sarita Boodhoo
20% offThe Lyrics & Songs category celebrates India’s musical and poetic heritage. This shelf brings together songbooks, lyric collections, poetic anthologies, devotional songs, folk compositions, film lyrics, and curated works of iconic lyricists across Indian languages. These books help readers explore the depth, metaphor, rhythm, and cultural context behind beloved songs.
What readers will find here:
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Film song lyrics from Hindi, Tamil, Telugu, Malayalam, Bengali, Marathi cinema
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Devotional songs: bhajans, kirtans, abhangs, dohas, vachanas
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Folk song collections from Rajasthan, Bengal, Northeast India, Karnataka, Maharashtra
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Classical compositions: Hindustani & Carnatic lyrics, bandish, kritis
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Lyricist anthologies (old & contemporary)
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Poetry–song crossover collections
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Translation-based songbooks for multilingual accessibility
What types of books are included under lyrics and songs?
This category includes film lyrics, devotional songs, folk compositions, classical music lyrics, lyricist anthologies, and translated song collections.
Who should read song and lyric books?
Music learners, singers, students preparing for cultural programs, poetry lovers, and anyone exploring India’s musical traditions.
Are devotional songs included in this category?
Yes. Bhajans, kirtans, shlokas, abhangs, sufi kalaam, and other devotional compositions are featured.
What makes published lyric books better than online lyrics?
They offer accurate, authorised, and complete versions without transcription errors.