Academics And References

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Tehzeebi Shabdkosh

  • Author Name:

    Naima Jafri Pasha

  • Book Type:
  • Description:

    इंसानी ज़िन्दगी लगातार विकसित होती रही है जो समय का बुनियादी सच है, इस विकास के जुलूस में ज़बान की बहुत सी शक्लें और आवाज़ें मिटती और नई शक्लें और आवाज़ें उभरती रहती हैं जिन्हें वापस नहीं लाया जा सकता। लेकिन फिर भी हम समय के बहाव में चली जाने वाली अपनी सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को सहेजने और समेटने का काम तो कर ही सकते हैं। ये किताब भी इसी उर्दू विरासत को महफ़ूज़ रखने की एक कोशिश है। इस शब्दकोश में आज से कोई सौ-डेढ़ सौ साल पहले तक उर्दू कल्चर का प्रतिनिधित्व करने वाली शब्दावली को संकलित किया गया है। इस शब्दावली में, उस ज़माने में आम और ख़ास लोगों की ज़िन्दगी, ज़िन्दगी गुज़ारने के तरीक़ों, विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों से सम्बन्धित शब्द और मुहावरे शामिल किए गए हैं।

Tehzeebi Shabdkosh

Tehzeebi Shabdkosh

Naima Jafri Pasha

20% off

1399

₹ 1119.2

Available

Rivaayaat-e-Aligarh

  • Author Name:

    Zakir Ali Khan

  • Book Type:
  • Description:

    Rivaayaat-E-Aligarh' is a memorable book in its own way that gives readers a deep experience of the traditions and life of Aligarh. This book will appeal to both, the nostalgic 'Old Boys' and curious new generations alike. Zakir Ali Khan has written 10 books throughout his writing career. He has been awarded the first international award from Aligarh Muslim University, 'Bara-E-Adab' in 2008. He has shown his love and respect for Aligarh Muslim University and Sir Syed by establishing 'Sir Syed Engineering University' in Karachi, Pakistan.

Rivaayaat-e-Aligarh

Rivaayaat-e-Aligarh

Zakir Ali Khan

20% off

499

₹ 399.2

Available

Rivaayaat-e-Aligarh

  • Author Name:

    Zakir Ali Khan

  • Book Type:
  • Description:

    Rivaayaat-E-Aligarh' is a memorable book in its own way that gives readers a deep experience of the traditions and life of Aligarh. This book will appeal to both, the nostalgic 'Old Boys' and curious new generations alike.

Rivaayaat-e-Aligarh

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Zakir Ali Khan

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499

₹ 399.2

Available

Mai urdu Hoon

  • Author Name:

    Dheerendra Singh Fayyaz

  • Book Type:
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    Book is Awaiting its Description from Publisher

Mai urdu Hoon

Mai urdu Hoon

Dheerendra Singh Fayyaz

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249

₹ 199.2

Available

Bihar Staff Nurse Book 2025 (Guide) Entrance Exam With Latest Solved Papers

  • Author Name:

    Team Prabhat

  • Book Type:
  • Description:

    "यह पुस्तक BTSC बिहार स्टाफ नर्स प्रवेश परीक्षा 2025 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें नवीनतम परीक्षा पैटर्न एवं पाठ्यक्रम के अनुसार विषयों को प्रस्तुत किया गया है ताकि अभ्यर्थी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। मुख्य विशेषताएँ: प्रत्येक विषय से संबंधित प्रश्नों की सरल, स्पष्ट एवं तथ्यपरक व्याख्या। नवीनतम परीक्षा पद्धति पर आधारित अध्यायवार प्रश्न। पिछले वर्षों के हल प्रश्नपत्र (Solved Papers) संलग्न। मॉक टेस्ट एवं प्रैक्टिस सेट्स का समावेश। प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित उपलब्ध।"

Bihar Staff Nurse Book 2025 (Guide) Entrance Exam With Latest Solved Papers

Bihar Staff Nurse Book 2025 (Guide) Entrance Exam With Latest Solved Papers

Team Prabhat

20% off

495

₹ 396

Available

Sapno Ki Duniya

  • Author Name:

    Raj Rishi Sharma

  • Book Type:
  • Description:

    'सपनों की दुनिया' हिन्दू पद्धति, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक विचारधाराओं की विश्लेषणात्मक अध्ययन के साथ निष्कर्षात्मक विवेचना है। स्वप्न क्या है? यह क्यों आते हैं? क्या स्वप्न सत्य होते हैं? क्या हम अपनी इच्छानुसार भी स्वप्न देख सकते हैं? किसी भी स्वप्न का सही अध्ययन कैसे किया जा सकता है? इस पुस्तक में लेखक ने अन्य स्थापित निष्कर्षों का गहनता पूर्वक अध्ययन, मनन व शोध के साथ ही स्वयं अपनी भी मान्यता स्थापित करने का प्रयास किया है। संक्षेप में हिन्दी क्षेत्र में इस विषय पर इस प्रकार की प्रथम पुस्तक होने के साथ ही इसका अपना एक विशेष महत्व है।

Sapno Ki Duniya

Sapno Ki Duniya

Raj Rishi Sharma

15% off

224

₹ 190.4

Available

Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan

  • Author Name:

    Team Prabhat

  • Book Type:
  • Description:

    सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण 50 प्रैक्टिस सेट प्रस्तुत पुस्तक ‘सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण गाइड’ एस.एस.सी., बैंकिंग, रेलवे, एन.डी.ए., पुलिस भर्ती, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग आदि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गयी है| वर्तमान पैटर्न पर आधारित इस पुस्तक में अभ्यर्थियों के अभ्यास हेतु 50 प्रैक्टिस सेट्स को शामिल किया गया है| जिससे अभ्यर्थी इस विषय से सम्बंधित परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह से समझ सके और उन्हें प्रश्नों के प्रकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके| पुस्तक की अभ्यास सामग्री अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में पेशेवर रूप से मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से दिए गए हैं| पुस्तक की महत्वपूर्ण विशेषताएं (1) समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखकर विशेष रूप से तैयार की गयी पुस्तक| (2) अभ्यास सामग्री (व्याख्यात्मक उत्तर के साथ) संबंधित विषय-विशेषज्ञ द्वारा निर्मित। (3) 50 प्रैक्टिस सेट का महत्वपूर्ण संकलन| (4) सभी प्रश्नों के उत्तर गहन संदर्भ और संशोधन के बाद प्रस्तुत| (5) अभ्यर्थियों के स्व-मूल्यांकन के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक|

Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan

Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan

Team Prabhat

20% off

350

₹ 280

Available

Vishvabhasha Hindi : Bharatiya Asmita Evam Mahatma Gandhi

  • Author Name:

    G. Gopinathan

  • Book Type:
  • Description:

    महात्मा गांधी ने न केवल हिन्दी-प्रचार आन्दोलन के द्वारा खड़ी बोली हिन्दी का हिन्दीतर प्रदेशों में और विदेशों में प्रचार-प्रसार किया, बल्कि अपनी पत्रकारिता के माध्यम से उसके आधुनिकीकरण और मानकीकरण का भी बुनियादी प्रयास किया। वे जानते थे कि सरल शब्द अधिक लोगों के दिलों तक पहुँच सकते हैं। उनके प्रयासों और भावना को बुनियादी सन्दर्भ बनाकर लिखी गई इस पुस्तक की केन्द्रीय चिन्ता राष्ट्रीय और वैश्विक फलक पर हिन्दी की अवस्थिति और सम्भावित स्थान है। इनसे गुजरने से जो बात सबसे पहले हमारा ध्यान आकर्षित करती है, वह है हिन्दी-सम्बन्धी गांधी-दृष्टि। लेखक की स्पष्ट राय है कि गांधी जी भारत की सभी प्रमुख भाषाओं को जोड़ने में हिन्दी की महत्त्वपूर्ण भूमिका को अपने लेखन में बार-बार रेखांकित करते हैं। इस पुस्तक में संगृहीत लेखों में संरचना की दृष्टि से पर्याप्त वैविध्य है। हिन्दी की भूमिका को लेखक ने कई रूपों में रेखांकित किया है। कहीं वह राष्ट्रीय अनुवाद-माध्यम तो कहीं अन्तर-एशियाई अनुवाद एवं सम्प्रेषण की समर्थ भाषा और कहीं विश्वभाषा के रूप में अन्तरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित होने के लिए संकल्पित भाषा के रूप में उपस्थित हुई है।...विश्व हिन्दी सम्मेलनों में लेखक की सहभागिता के परिणाम हैं। भाषा, साहित्य और संस्कृति के शिक्षण की प्रविधि क्या हो, भूमंडलीकरण के दौर में भारतीय अस्मिता की रक्षा कैसे हो और उसमें हिन्दी की भूमिका कैसी हो आदि सवालों पर भी लेखक ने इस पुस्तक में गम्भीरतापूर्वक और यथार्थपरक ढंग से विचार किया है।

Vishvabhasha Hindi : Bharatiya Asmita Evam Mahatma Gandhi

Vishvabhasha Hindi : Bharatiya Asmita Evam Mahatma Gandhi

G. Gopinathan

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299

₹ 239.2

Available

Persian Hindi Dictionary : Vols. 1

  • Author Name:

    Chandrashekhar

  • Book Type:
  • Description:

    फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं।

    प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को  रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है।

    आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।

Persian Hindi Dictionary : Vols. 1

Persian Hindi Dictionary : Vols. 1

Chandrashekhar

20% off

750

₹ 600

Available

Persian Hindi Dictionary : Vols. 2

  • Author Name:

    Chandrashekhar

  • Book Type:
  • Description:

    फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं। प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है। आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।

Persian Hindi Dictionary : Vols. 2

Persian Hindi Dictionary : Vols. 2

Chandrashekhar

20% off

750

₹ 600

Available

Aadhunik Hindi Prayog Kosh

  • Author Name:

    Badrinath Kapoor

  • Book Type:
  • Description:

    भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग। भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं। प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है। सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं। ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।

Aadhunik Hindi Prayog Kosh

Aadhunik Hindi Prayog Kosh

Badrinath Kapoor

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795

₹ 636

Available

Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol

  • Author Name:

    Chandramani Singh

  • Book Type:
  • Description:

    यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।

Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol

Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol

Chandramani Singh

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275

₹ 220

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Police Aur Samaj

  • Author Name:

    S. Akhilesh

  • Book Type:
  • Description:

    डॉ. एस. अखिलेश द्वारा लिखी गई यह पुस्तक ‘पुलिस और समाज’ एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक पुलिस अनुसन्‍धान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समस्त देश की पुलिस प्रशिक्षण-शालाओं के लिए अनुशंसित पाठ्‌यक्रम के अनुरूप है। इस पुस्तक की रचना के सम्बन्ध में लेखक की विषय पर पकड़, मौलिक विचार और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशंसनीय है। पुस्तक के सत्रह अध्याय इस प्रकार हैं : ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता-आन्दोलन’, ‘प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का योगदान’, ‘संविधान की प्रमुख विशेषताएँ’, ‘मौलिक अधिकार : कर्तव्य एवं नीति-निर्देशक सिद्धान्त’, ‘स्वाधीन भारत में राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन और उनका पुलिस पर प्रभाव’, ‘समाज के दुर्बल वर्ग के लोगों का उत्थान’, ‘राजनीतिक दलों का संगठन एवं उनकी विचारधाराएँ’, ‘राष्ट्रीय एकीकरण’, ‘प्रमुख सामाजिक समस्याएँ’, ‘प्रमुख तात्कालिक घटनाएँ’, ‘मानव व्‍यवहार’, ‘पुलिस की छवि’, ‘लोक-सम्‍पर्क एवं लोक-सम्‍पर्क अधिकारी’, ‘पुलिस-आचरण के सिद्धान्‍त एवं दृष्टिकोण’, ‘पुलिस का व्‍यवहार’, ‘नीति और नैतिकता’, ‘शिष्‍टाचार’, ‘नागरिक अधिकार एवं स्‍वतंत्रताएँ’। निस्‍सन्‍देह, अपने विषय उद्देश्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कृति।

Police Aur Samaj

Police Aur Samaj

S. Akhilesh

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250

₹ 200

Out of Stock

Sakshatkar : Kaise Hon Taiyar

  • Author Name:

    Shahroz

  • Book Type:
  • Description:

    फ़्रायड ने कहा है कि जब किरण फूटती है तो सवेरा होता है। वही महत्त्व संवाद का भी है कि जब कोई व्यक्ति बोलता है तो वह खुलता है। साक्षात्कार दरअसल नियोक्ता द्वारा उम्मीदवार को खोलने का ही प्रयास है जिससे वह पता लगाता है कि उम्मीदवार उनके संस्थान के लिए कितना समर्थ और योग्य है। यह पुस्तक साक्षात्कार की तकनीक पर केन्द्रित है, लेकिन इसका मूल स्वर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाना है। साक्षात्कार के दौरान क्या कहना है, इसकी तैयारी महत्त्वपूर्ण है, लेकिन कैसे कहना है, यह उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है। यह पुस्तक युवा साथियों के सामने आनेवाली ऐसी कई दिक़्क़तों का हल बताती है। याद रखें—सफलता उन्हीं को मिलती है जिन्हें अपना लक्ष्य और उस तक पहुँचने का सही रास्ता मालूम होता है। इस रास्ते को सफलतापूर्वक तय कर लेना, बहुत बड़ा रहस्य या तिलिस्म नहीं है। अच्छी क्षमता होने के बावजूद अक्सर कुछ लोगों के क़दम डगमगा जाते हैं। इस पुस्तक का ध्येय यही है कि आप बिलकुल न डगमगाएँ।

Sakshatkar : Kaise Hon Taiyar

Sakshatkar : Kaise Hon Taiyar

Shahroz

20% off

125

₹ 100

Available

Kamayani-Lochan : Vols. 1-2

  • Author Name:

    Uday Bhanu Singh

  • Book Type:
  • Description:

    डॉ. उदयभानु सिंह भारतीय दर्शन और संस्कृत काव्यशास्त्र के गहन अध्येता थे। तुलसीदास पर उनके ग्रन्थ अपने प्रकाशन-काल से ही निरन्तर तुलसी काव्य के रसग्राही पाठकों और शोधार्थियों के लिए प्रामाणिक स्रोत-सामग्री की भूमिका निबाह रहे हैं। ‘कामायनी-लोचन’ उसी परम्परा को आगे बढ़ानेवाली रचना है। विद्वान लेखक ने प्राक्कथन में इस तथ्य का उल्लेख किया है कि कामायनी आधुनिक काव्य का “ऐसा गौरवग्रन्थ है जिस पर सबसे अधिक आलोचनात्मक पुस्तकें तथा लेख लिखे गए हैं; सबसे अधिक टीकाएँ लिखी गई हैं, सबसे अधिक शोधपरक निबन्ध एवं प्रबन्ध प्रणीत हुए हैं, और सर्वाधिक विवाद भी हुआ है।” यह कथन इस सामग्री से उनके बाख़बर होने का प्रमाण है। इस सामग्री की ख़ूबियों या ख़ामियों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। विनम्रतापूर्वक बस इतना जोड़ा कि “ ‘कामायनी’ के विषय में बहुत-कुछ कहा जा चुका है, परन्तु बहुत-कुछ अनकहा भी रह गया है। अतएव उनके अध्ययन की शृंखला को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘कामायनी-लोचन’ उसी शृंखला की एक कड़ी है।’’ कहना न होगा कि ‘कामायनी-लोचन’ हिन्दी में कामायनी की टीका-व्याख्याओं की किसी चली आती अधूरी परम्परा की पूरक कड़ी-भर नहीं है। उसमें जो कहने से रह गया उसे कहकर रिक्त स्थान की पूर्ति का दायित्व निर्वाह भर करने का प्रयास नहीं है। उसका आदर्श तो संस्कृत-आचार्यों की वह समृद्ध टीका-व्याख्या परम्परा है जिसके आधार पर लेखक ने इसका नामकरण किया है। दो खंडों में विभाजित इस ग्रन्थ में ‘कामायनी’ के सर्गों की व्याख्या-समीक्षा के साथ इसकी शब्द-सूची प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुति की एक निश्चित प्रविधि है। ऐसा ढाँचाबद्ध पैटर्न जिससे एकरूपता और एकरसता एक साथ पैदा होती है। एक ऐसा अकादमिक अनुशासन जिसका पालन वे शिक्षक के रूप में अपनी कक्षाओं में भी करते थे। वे पहले सर्ग-वार कथा-सूत्र प्रस्तुत करते हैं, उसके बाद एक संक्षिप्त समीक्षात्मक टिप्पणी जोड़कर अन्त में शब्दार्थ देते हैं—जिसे उन्होंने शब्द-सूची कहा है। इस प्रकार ‘लोचन’ कामायनी का शब्दकोश भी है। अकादमिक अनुशासन के विरोधियों को इसकी विधिबद्धता से रसज्ञता और सर्जनात्मकता की कमी की शिकायत हो सकती है। भूलना नहीं चाहिए कि इसका रचयिता दर्शन, व्याकरण और काव्यशास्त्र का अध्येता विद्वान तो था, अभिनवगुप्त की तरह कवि नहीं। उनकी यह कृति भले ही पाठकों को गहरी रसमग्नता का संतोष न दे पर ‘कामायनी’ की समझ में अनेक भ्रान्तियों का निवारण करेगी और उसकी गहन अर्थ-व्यंजनाओं के उद्घाटन में मददगार होगी—व्युत्पत्यर्थ और दार्शनिक अनुषंगों की दृष्टि से। —निर्मला जैन

Kamayani-Lochan : Vols. 1-2

Kamayani-Lochan : Vols. 1-2

Uday Bhanu Singh

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1200

₹ 960

Out of Stock

Bharat Ka Rashtriya Pushp Aur Rajyo Ke Rajya Pushp

  • Author Name:

    Parashuram Shukla

  • Book Type:
  • Description:

    ‘भारत का राष्ट्रीय पुष्प और राज्यों के राज्य पुष्प’ एक अनूठी पुस्तक है। इसका उद्देश्य है पाठकों को अपने पर्यावरण के प्रति सचेत व सहृदय बनानाइस पुस्तक में भारत के राष्ट्रीय पुष्प सहित 22 राज्यों के राज्य पुष्पों का परिचय दिया गया है। शेष राज्यों और सभी केन्द्रशासित प्रदेशों ने अभी तक अपने राज्य पुष्प घोषित नहीं किए हैं। भारत में राष्ट्रीय पुष्प कमल सहित 17 ऐसे फूल हैं, जिन्हें राजकीय सम्मान प्राप्त है। कमल को राष्ट्रीय पुष्प होने के साथ ही ओड़िसा, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का राज्य पुष्प होने का भी गौरव प्राप्त है। इसके साथ तीन ऐसे फूल हैं, जिन्हें दो-दो राज्यों ने अपना राज्य पुष्प माना है। ये पुष्प हैं—लेडी स्लिपर आर्किड, ब्रह्मकमल और बुरांश। लेडी स्लिपर आर्किड अरुणाचल प्रदेश और मेघालय का, ब्रह्मकमल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का तथा बुरांश नागालैंड और हिमाचल प्रदेश का राज्य पुष्प है। इनमें उत्तर प्रदेश का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल एवं उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल दोनों एक ही फूल हैं। इसी प्रकार नागालैंड का राज्य पुष्प बुरांश तथा हिमाचल प्रदेश का राज्य पुष्प बुरांश दोनों एक ही हैं। किन्तु अरुणाचल प्रदेश का राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड और मेघालय का राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड दोनों अलग-अलग फूल हैं। अरुणाचल प्रदेश के राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड’ का वैज्ञानिक नाम पैफिओपैडिलम फैरिएनम है एवं मेघालय के राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड का वैज्ञानिक नाम पैफिओपैडिलम इन्सिग्ने है। ये दोनों फूल एक ही वंश के हैं, किन्तु दोनों में बहुत-सी असमानताएँ पाई जाती हैं। इस पुस्तक में इन दोनों फूलों का परिचय ‘अरुणाचल प्रदेश और मेघालय का राज्य पुष्प : लेडी स्लिपर आर्किड’ अध्याय के अन्तर्गत दिया गया है। पुस्तक के अन्त में प्रत्येक फूल का हिन्दी नाम, अंग्रेज़ी नाम और वैज्ञानिक नाम दिया गया है। समाजशास्त्री और पर्यावरणविद् डॉ. परशुराम शुक्ल ने इस पुस्तक में पुष्पों के बारे में विस्तार से जानकारियाँ दी हैं। ये रोचक और ज्ञानवर्द्धक हैं। हिन्दी में अपने विषय पर यह अकेली पुस्तक है।

Bharat Ka Rashtriya Pushp Aur Rajyo Ke Rajya Pushp

Bharat Ka Rashtriya Pushp Aur Rajyo Ke Rajya Pushp

Parashuram Shukla

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500

₹ 400

Out of Stock

Bharat Ka Rashtriya Pashu Aur Rajyon Ke Rajya Pashu

  • Author Name:

    Parashuram Shukla

  • Book Type:
  • Description:

    ‘भारत का राष्ट्रीय पशु और राज्यों के राज्य पशु’ एक उपयोगी पुस्तक है। इसका उद्देश्य है पाठकों को अपने पर्यावरण के प्रति सचेत व सहृदय बनाना। किसी पशु को राष्ट्रीय पशु या राज्य पशु घोषित करने से भले ही वन्यजीवों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव पड़े न पड़े लेकिन देश के नागरिकों में प्रकृति, पर्यावरण तथा जीव-जन्तुओं के प्रति सजगता और संवेदनशीलता का विस्तार तो होता ही है। हमारे देश की विडम्बना यह है कि इन पशुओं के बारे में मुकम्मिल जानकारी भी व्यापक स्तर पर उपलब्ध नहीं है। बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है। इस पर अनेक आलेख और पुस्तकें प्रकाशित हैं। इस तथ्य से लोग अवगत भी हैं, पर कितनों को पता है कि 9 जुलाई, 1969 के पहले तक हमारा राष्ट्रीय पशु सिंह था? इसी तरह दिल्ली को छोड़कर सभी राज्यों ने किसी न किसी वन्यजीव को अपना राज्य-पशु घोषित कर रखा है, इसकी जानकारी भी बहुत कम लोगों को है। राष्ट्रीय पशु सहित राज्य पशुओं की कुल संख्या 21 है। सामान्यतया एक वन्यजीव को एक राज्य ने अपना राज्य पशु घोषित किया है, किन्तु कुछ वन्यजीव ऐसे भी हैं, जिन्हें दो-दो राज्यों ने अपना राज्य पशु घोषित कर रखा है। गौर, मिथुन, बारहसिंगा और कस्तूरी मृग ऐसे ही वन्यजीव हैं। हाथी एक ऐसा वन्यजीव है जिसे चार राज्यों ने अपना राज्य पशु घोषित कर रखा है। समाजशास्त्री और पर्यावरणविद् डॉ. परशुराम शुक्ल ने इस पुस्तक में इन पशुओं के बारे में विस्तार से जानकारियाँ दी हैं जो रोचक और ज्ञानवर्द्धक हैं। हिन्दी में अपने विषय पर यह अकेली पुस्तक है।

Bharat Ka Rashtriya Pashu Aur Rajyon Ke Rajya Pashu

Bharat Ka Rashtriya Pashu Aur Rajyon Ke Rajya Pashu

Parashuram Shukla

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500

₹ 400

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Manovigyan

  • Author Name:

    Bainjamin Khan

  • Book Type:
  • Description:

    मनोविज्ञान वह विज्ञान है जो मनुष्य तथा अन्य प्राणियों के व्यवहार का अध्ययन करता है। व्यवहार से अभिप्राय व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक व्यवहार दोनों से है, जिसको दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मनोविज्ञान वह है जो वैज्ञानिक विधियों द्वारा जैव-रचनाओं के व्यवहार का अध्ययन करता है, उन्हें समझता है, उन्हें नियंत्रित करता है, और व्यक्तियों के व्यवहार की पूर्व-सूचना देता है। पाठकों की इस विषय में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से इसमें पहले मनोविज्ञान के सामान्य सिद्धान्तों, मतों एवं उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बाद के अध्यायों में पूरे विषय की विवेचना की गई है और इसके हर क्षेत्र की व्याख्या की गई है।

Manovigyan

Manovigyan

Bainjamin Khan

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600

₹ 480

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Hindi Gadya Vinyas Aur Vikas

  • Author Name:

    Ramswaroop Chaturvedi

  • Book Type:
  • Description:

    Hindi Gadya Vinyas Aur Vikas

Hindi Gadya Vinyas Aur Vikas

Hindi Gadya Vinyas Aur Vikas

Ramswaroop Chaturvedi

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300

₹ 240

Available

Mulayam Singh Yadav

  • Author Name:

    Abhay Kumar Dubey

  • Book Type:
  • Description:

    Reference Book

Mulayam Singh Yadav

Mulayam Singh Yadav

Abhay Kumar Dubey

20% off

299

₹ 239.2

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Academics and References on Rachnaye is where students, researchers, UPSC/State PSC aspirants, teachers, and lifelong learners find reliable learning material across Indian languages. You’ll see textbooks, guides, solved papers, competitive exam prep, language reference books, dictionaries, grammar titles, academic essays, and subject-wise companions spanning Science, Humanities, Commerce, Law, and Social Sciences.

What is included in academic and reference books?

Academic and reference books include textbooks, exam guides, solved papers, dictionaries, grammar books, encyclopedias, and subject companions for students and adult learners.

Which academic books are best for beginners?

Beginners should start with basic concept textbooks, foundation-level guides, and simplified reference books that explain ideas in clear language.

What are the most useful reference books for Indian students?

Dictionaries, grammar guides, general knowledge yearbooks, exam preparatory manuals, and subject-wise notes are the most commonly used reference resources.

Are reference books helpful for competitive exams?

Yes. Reference books help clarify core concepts and provide revision tools for UPSC, SSC, State PSC, Banking, Railways, and teaching exams.

What is the difference between a textbook and a reference book?

A textbook covers the whole syllabus from start to finish, whereas a reference book explains topics, definitions, and concepts in a structured, consult-as-needed format.

Which reference books help improve grammar and vocabulary?

Language dictionaries, grammar guides, usage manuals, and thesauruses are ideal for improving grammar and vocabulary in any Indian language.

How do I choose the right academic book for my subject?

Check the latest edition, syllabus alignment, language preference, publisher reputation, and user reviews before purchasing.

How often should academic reference books be updated?

Reference books should ideally be updated every 1–2 years to reflect syllabus changes, new exam patterns, and updated general knowledge.

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