Folktales

Folktales

Uttara Karnataka Janapada Kathegalu

  • Author Name:

    Simpi Linganna

  • Book Type:
  • Description:

    ಜನಪದ ಸಾಹಿತ್ಯ ಸಂಕಲನಕಾರ್ಯದಲ್ಲಿ ಪಳಗಿದ ಶ್ರೀ ಸಿಂಪಿ ಲಿಂಗಣ್ಣನವರು ಸಂಗ್ರಹಿಸಿದ ಈ “ಉತ್ತರ ಕರ್ನಾಟಕದ ಜನಪದ ಕಥೆಗಳು" ಎಂಬ ಪುಸ್ತಕವನ್ನು ಕನ್ನಡ ವಾಚಕರ ಕೈಗೊಪ್ಪಿಸುವುದಕ್ಕೆ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾದೆಮಿಗೆ ಸಂತೋಷವೆನಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನದಲ್ಲಿ ಎಂಟು ವಿಭಾಗಗಳನ್ನು ಮಾಡಲಾಗಿದೆ. ಹೇಗೆಂದರೆ ರಮ್ಯಕಥೆಗಳು, ಅತಿ ಮಾನುಷ ಕಥೆಗಳು, ವಾಸ್ತವಿಕ ಕಥೆಗಳು, ಬುದ್ದಿ ವಂತಿಕೆಯ ಕಥೆಗಳು, ವಿವರಾಣಾತ್ಮಕ ಕಥೆಗಳು, ನೀತಿ ಕಥೆಗಳು, ಪ್ರಾಣಿ ಕಥೆಗಳು ಮತ್ತು ವಿನೋದ ಕಥೆಗಳು. ಇದು ಜನಮೆಚ್ಚಿಗೆಯನ್ನು ಪಡೆಯುವುದೆಂದು ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾದೆಮಿಯು ಆಶಿಸುತ್ತದೆ.

Uttara Karnataka Janapada Kathegalu

Uttara Karnataka Janapada Kathegalu

Simpi Linganna

17% off

₹ 190

₹ 157.7

Available

Rikki Tikki Tawi

  • Author Name:

    Rudyard Kipling

  • Book Type:
  • Description:

    ये कहानी है रिक्की-टिक्की-टावी नेवले और उसकी बहादुरी की । साथ ही एक इंसानी परिवार के उस नेवले के प्रति प्यार की । नेवला जो जाने-अनजाने उस परिवार का हिस्सा हो जाता है । कहानी में आप पढ़ेंगे कि कैसे नेवला इंसानों के साथ रह कर उनको समझने की कोशिश करता है । साथ ही कैसे वह ज़रूरत पड़ने पर उस परिवार की ज़हरीले नाग और नागिन से रक्षा करता है ।

Rikki Tikki Tawi

Rikki Tikki Tawi

Rudyard Kipling

17% off

₹ 199

₹ 165.17

Available

Bhojpuri Loksahitya

  • Author Name:

    Prakash Uday +2

  • Book Type:
  • Description:

    लोक की व्याप्ति अत्यंत व्यापक है। इसमें मनुष्य ही नहीं सृष्टि के समस्त चर-अचर अर्थात पशु-पक्षी, वृक्ष-नदी, पर्वत-घाटियाँ, गाँव-शहर आदि सम्मिलित माने जाते हैं। इस लोक की धड़कनों एवं सुख-दुखात्मक अनुभवों की जितनी जीवंत और प्रामाणिक अभिव्यक्ति लोकसाहित्य में मिलती है उतनी अन्यत्र दुर्लभ है। इस लिहाज से भोजपुरी लोकसाहित्य के इस संकलन में भोजपुरी लोकसमाज के सुख-दुख, हास-रुदन, आशा-निराशा, राग-द्वेष के स्पंदनों को बड़ी सूक्ष्मता से सुना एवं अनुभव किया जा सकता है। इस संकलन की एक खासियत यह है कि इसमें भोजपुरी लोकसाहित्य की पाठ्य-सामग्री को मूल रूप में भोजपुरी में ही रखा गया है। सामान्यतः इस तरह के संकलनों में मूल लोकभाषा का रूप रख सकना एक चुनौतीपूर्ण काम होता है। इसलिए अक्सर सुविधा की दृष्टि से पाठ्य-सामग्री को खड़ीबोली में रख दिया जाता है। इससे पाठक सम्बन्धित लोकभाषा के मूल आस्वाद से वंचित रह जाता है। इस बात को दृष्टिगत करते हुए भोजपुरी लोकसाहित्य के लोकगीतों, गाथाओं, कथाओं, लोकोक्तियों आदि की जो सामग्री इस संकलन में रखी गई है वह मूल भोजपुरी में ही है। इस पुस्तक में लोकसाहित्य के विभिन्न पक्षों की जानकारी देने के साथ खासतौर से भोजपुरी लोकसाहित्य पर पर्याप्त सामग्री दी गई है। इससे विद्यार्थियों एवं अध्येताओं को लोकसाहित्य के सामान्य परिचय के साथ भोजपुरी लोकसाहित्य की एक व्यापक पृष्ठभूमि की जानकारी हो जाती है। यह संकलन हिन्दी क्षेत्र की विभिन्न लोक भाषाओं में मौजूद प्रचुर लोकसाहित्य को मूल भाषा में सामने लाने की दिशा में एक मानक संकलन बन सकता है, क्योंकि अभी तक पाठ्यपुस्तक के रूप में इस तरह का प्रयास लगभग नहीं दिखाई देता।

Bhojpuri Loksahitya

Bhojpuri Loksahitya

Prakash Uday

20% off

₹ 125

₹ 100

Available

Once Upon the Queens

  • Author Name:

    Satabdi Das

  • Book Type:
  • Description:

    In this captivating collection, Satabi Das masterfully reimagines timeless tales from Bengal, turning classic narratives on their heads to highlight the strength, resilience, and agency of female protagonists. From princesses who wield wisdom instead of weapons to queens who seek their destinies, each story sheds new light on Bengal’s rich cultural heritage while challenging traditional gender roles. Translated from the original Bangla into English by Nadia Imam, Once Upon the Queens offers readers a rare yet refreshing, glimpse into Bengali folklore. Journey through these upturned tales to step into a world where heroines claim their stories, save kingdoms, and rewrite history. Perfect for readers of all ages, this collection is a bold testament to the power of storytelling to inspire change.

Once Upon the Queens

Once Upon the Queens

Satabdi Das

17% off

₹ 849

₹ 704.67

Available

Sone ka Nevla

  • Author Name:

    Smt. Sudha Murty

  • Book Type:
  • Description:

    अर्जुन के कितने नाम थे? यम को शाप क्यों मिला? एक नन्हे नेवले ने युधिष्ठिर को क्या पाठ पढ़ाया? कुरुक्षेत्र का युद्ध, जिसने देवों को भी पक्ष लेने पर विवश कर दिया, भले ही आप सब जानते हों; परंतु इसके पहले, इसके बाद और इसके दौरान भी ऐसी असंख्य कथाएँ हैं, जो महाभारत को विविध रूप और छटा प्रदान करती हैं। इस संग्रह में प्रख्यात लेखिका सुधा मूर्ति इन अल्पज्ञात और असाधारण कथाओं के माध्यम से भारत के महानतम महाकाव्य के रोचक जगत् से नए सिरे से परिचय करवा रही हैं, जिनमें से प्रत्येक कथा आपको विस्मित और मंत्रमुग्ध करने की क्षमता रखती है। समृद्ध भारतीय वाङ्मय के एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण ग्रंथ की लोकप्रिय पठनीय कथाओं का अद्भुत संकलन।

Sone ka Nevla

Sone ka Nevla

Smt. Sudha Murty

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₹ 350

₹ 280

Available

Namo Bhagwate...

  • Author Name:

    Devesh Singhi

  • Book Type:
  • Description:

    गणेश ने आकर शिकायत की, “पिताजी, निमन्त्रित करके भी कुबेर ने मुझे भरपेट भोजन नहीं करवाया, मुझे कितनी भूख लगी है।” शिव हँस पड़े, बोले, “पुत्र, माता के बिना तुम्हें संसार में कोई तृप्त नहीं कर सकता है। जाओ अन्दर जाकर भोजन करो, माता भोजन बनाकर तुम्हारी प्रतीक्षा कर रही हैं।” तब तक देवी पार्वती स्वयं भोजन की थाली सजाकर बाहर आ गईं। पार्वती ने बड़े स्नेह से बालक गणेश के सिर पर हाथ फेरा। फिर अपने हाथ से दो ग्रास बालक गणेश को खिलाए। गणेश ने अघाकर डकार ली और तीसरा कौर खाने से इनकार कर दिया। पार्वती पुकारती रहीं, आग्रह करती रहीं, मनाती रहीं, परन्तु गणेश दौड़कर दूर भाग गए। शिव ने मुस्कराकर कुबेर को देखा, कुबेर ने सिर झुका लिया। बोला, “सचमुच ख्याति की कामना से परोसे गए मेरे भोजन में यह रस व स्वाद कहाँ था जो इन दो ग्रास में है। मैं ऐश्वर्य के मद में अन्धा कुबेर इतना भी नहीं समझ सका कि तृप्ति स्नेह व निष्काम भाव से मिलती है। मेरे अभिमान ने संसार में मुझे हँसी का पात्र बना दिया।”

Namo Bhagwate...

Namo Bhagwate...

Devesh Singhi

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₹ 395

₹ 316

Available

Rani Konye Kotha

  • Author Name:

    Satabdi Das

  • Book Type:
  • Description:

    “রানি-কন্যে কথা”, a groundbreaking Bengali collection by শতাব্দী দাশ that re-imagines Bengal’s classic folklore with powerful and resilient female protagonists. Witness queens carving their own destinies, princesses embracing wisdom, and heroines reshaping history. This is storytelling like never before—bold, inspiring, and rooted in Bengal’s rich cultural heritage.

Rani Konye Kotha

Rani Konye Kotha

Satabdi Das

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₹ 599

₹ 497.17

Available

Tinni Pinni Chinni

  • Author Name:

    Santosh Shailja

  • Book Type:
  • Description:

    Folk tales are expressions of the vibrant life of people – their feelings, aspirations and sense of humour. Their source is not a writer’s pen but the people themselves. They are the offspring of those wise villagers who live life in a very natural way, just like the nature around them. The same is true of these folk tales from Himachal Pradesh. These embody the simple villagers, where romance, humour, cleverness, and hero-worship reside and find expression in stories that bring smiles as well as tears to readers. In fact, their utmost contribution is towards humour in life, and their rustic touch is terrific—a must-read book for people of all age.

Tinni Pinni Chinni

Tinni Pinni Chinni

Santosh Shailja

20% off

₹ 200

₹ 160

Available

Gondvana Ki Lokkathayen

  • Author Name:

    Vijay Chourasia

  • Book Type:
  • Description:

    आदिवासी अंचलों में शिक्षा के प्रति रुचि जाग्रत करने हेतु रोचक साहित्य उपलब्ध कराया जाता रहा है। उसी शृंखला में बैगा एवं गोंड जनजातियों की बहुचर्चित लोककथाओं के संग्रह को यहाँ प्रकाशित किया जा रहा है।

    गोंड तथा बैगा जनजाति के अनेक पहलू अभी भी शेष समाज के लिए अविदित हैं। इनकी प्रथाएँ, परम्पराएँ, धार्मिक आस्थाएँ, कला, लोक-नृत्य एवं संगीत आदि हममें न केवल कौतूहल उत्पन्न करते हैं, बल्कि हमें आह्लादित भी करते हैं। इनके साथ-साथ इस जनजाति के पास विशिष्ट लोककथाओं, गाथाओं, किंवदन्तियों एवं मिथकों आदि का भी विपुल भंडार है जो एक धरोहर के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित होते हुए सदियों से अक्षुण्ण चला आ रहा है। इनकी कथाओं में जहाँ समाज के स्वरूप, संगठन एवं सामाजिक आस्थाओं के दर्शन होते हैं, वहीं ये व्यक्ति व समाज को सृष्टि तथा सृष्टि के रचयिता के साथ भी जोड़ती हैं।

    गोंड एवं बैगा जनजाति की लोककथाओं के अकूत भंडार में से कुछ रोचक लोककथाएँ यहाँ प्रस्तुत की जा रही हैं। यह कार्य भरपूर परिश्रम, अनन्य आस्था और परिपूर्ण शोधवृत्ति से किया गया है। आशा है, जनजातीय संस्कृति में रुचि रखनेवालों और सुधी पाठकों को यह प्रयास अवश्य पसन्द आएगा।

     

Gondvana Ki Lokkathayen

Gondvana Ki Lokkathayen

Vijay Chourasia

20% off

₹ 995

₹ 796

Available

Hoi Hoi Galpo

  • Author Name:

    Swati Bhattacharya

  • Book Type:
  • Description:

    মেঘেরা পাহাড়ের কাছে, ভোমরা ফুলের কাছে, ছোটরা বড়দের কাছে, কী বলে রোজ রোজ? বলে, গল্প বলো, গল্প বলো। দুঃখের নোনা সাগর থেকে, সুখের মিঠে পুকুর থেকে, কত কথার বাষ্প একটু একটু করে জমাট বাঁধে কারো কারো মনে। যেই দেখে খাড়া-খাড়া কান, গোল-গোল চোখ, অমনি সে সব কথা গল্প হয়ে ঝরে পড়ে। কিন্তুতের অপমানের শোধ নিতে ভূতো দারোগাকে কেমন করে জব্দ করল অদ্ভুত, ছোট্ট দুই বোন হাবি আর জাবি মিলে কী করে হারিয়ে দিল হুলের দলকে, ঢিপ কবিরাজ আর ছিপ কবিরাজকে কেন ফাটকে পুরল রাজা, তার খোঁজ মিলবে পাতায় পাতায়। ভূত-চোর-বাঘ, হাসি-কান্না-ভয়, সব নিয়ে জমজমাট এই গল্প-বই।

Hoi Hoi Galpo

Hoi Hoi Galpo

Swati Bhattacharya

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₹ 349

₹ 289.67

Available

Ethiopia ki Lok Kathayen 1 Folk Tales of Ethiopia

  • Author Name:

    Sushama Gupta

  • Book Type:
  • Description:

    लोककथाएँ किसी भी समाज की संस्कृति का एक अटूट हिस्सा होती हैं। आज से करीब सौ साल पहले ये लोककथाएँ केवल जबानी ही कही जाती थीं और कह-सुनकर ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंप दी जाती थीं, इसलिए किसी भी लोककथा का मूल रूप क्या रहा होगा, यह कहना मुश्किल है। यह पुस्तक ऐसी ही कुछ अंग्रेजी की और कुछ दूसरी भाषा बोलनेवाले देशों की लोककथाएँ हिंदी भाषा बोलनेवाले समाज तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है। इनमें से बहुत सारी लोककथाएँ अंग्रेजी की पुस्तकों से, कुछ विश्वविद्यालयों में दिए गए शोध-प्रबंधों से, कुछ पत्रिकाओं से संकलित की हैं एवं कुछ कहानियाँ लोगों से सुनकर भी लिखी हैं। अब तक एक हजार से अधिक लोककथाएँ संकलित की जा चुकी हैं। इनमें से चार सौ से भी अधिक लोककथाएँ तो अकेले अफ्रीका की ही हैं। ये सभी लोककथाएँ ‘देश-विदेश की लोककथाएँ’ शीर्षक शृंखला के अंतर्गत प्रकाशित हो रही हैं। आशा है, ये लोककथाएँ पाठकों का मनोरंजन तो करेंगी ही, साथ में दूसरे देशों के समाज-रीति-नीति-संस्कृति व परंपराओं के बारे में भी जानकारी देंगी।

Ethiopia ki Lok Kathayen  1  Folk Tales of Ethiopia

Ethiopia ki Lok Kathayen 1 Folk Tales of Ethiopia

Sushama Gupta

20% off

₹ 250

₹ 200

Available

Tani Kathayein : Arunachal Ke Taani Aadivasi Samaj Ki Vishvadrishti

  • Author Name:

    Joram Yalam Nabam

  • Book Type:
  • Description:

    किसी समाज में प्रचलित लोककथाएँ उसकी सभ्यता-संस्कृति की जड़ों तक पहुँचने का सूत्र होती हैं। अतीत में प्रत्येक पीढ़ी अपनी पूर्ववर्ती पीढ़ी से सुनकर और परवर्ती पीढ़ी को सुनाकर समाज के अनुभव और ज्ञान की इस संचित निधि को सुरक्षित रखती आई। लेकिन आधुनिक तौर तरीकों के प्रसार के साथ-साथ आम जनजीवन जैसे-जैसे बदलता गया वैसे-वैसे सदियों पुरानी यह परम्परा कमजोर पड़ती गई। ऐसे में लोककथाओं को वाचिक के भरोसे छोड़ देने के बजाय लिखित रूप में संग्रहीत-प्रकाशित करना आवश्यक हो गया। इस संदर्भ में युवा लेखक जोराम यालाम नाबाम की किताब ‘तानी कथाएँ : अरुणाचल के तानी आदिवासी समाज की विश्वदृष्टि’ एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

    जोराम ने न केवल अरुणाचल प्रदेश के तानी समाज की लोककथाओं को इकट्ठा किया है बल्कि उनको आधार बनाकर इस आदिवासी समाज के विश्वासों, परम्पराओं, आचार-विचार, खान-पान आदि पक्षों का युक्तिसंगत विश्लेषण कर तानी समाज के जीवन-दर्शन को प्रस्तुत किया है। जोराम बतलाती हैं कि प्रकृति के समस्त चराचर के साथ अभिन्नता का भाव तानियों की विश्वदृष्टि की विशेषता है जो उनके दैनंदिन जीवन में सहज दिखाई देती है। जिसे अधिकतर गैर आदिवासी समाजों में देख पाना मुश्किल है। इन कथाओं से तानी समाज के धार्मिक विश्वासों का संकेत भी मिलता है जिनमें प्रकृति को प्रमुखता दी गयी है। धर्म को सांगठनिक या सांस्थानिक स्वरूप देने से परहेज किया गया है। पूरी प्रकृति पूजनीय है इसलिए अलग से किसी के लिए मंदिर निर्माण या पूजा आदि का विधान नहीं बनाया गया। तानी समाज की ये बातें न सिर्फ जानने योग्य हैं बल्कि मानव सभ्यता के संकटग्रस्त वर्तमान के संदर्भ में एक विश्वसनीय विकल्प का आधार तैयार करने वाली हैं। एक अत्यंत पठनीय और विचारणीय किताब!

Tani Kathayein : Arunachal Ke Taani Aadivasi Samaj Ki Vishvadrishti

Tani Kathayein : Arunachal Ke Taani Aadivasi Samaj Ki Vishvadrishti

Joram Yalam Nabam

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₹ 299

₹ 239.2

Available

Kokadeuta aru Natilora

  • Author Name:

    L. N. Bezbaruah

  • Book Type:
  • Description:

    L.N Bezbaruah’s wonderful collection of folk and fairytales have been part of most children growing up in the verdant valley of Assam. Full of exciting adventures and fantastic challenges, speckled with pots of gold and bits of wisdom, demon kings and magical things, Kokadeuta Aru Natilora is a treasure trove that can never run out of its riches. Now translated into English as fluid and sweet as its original by Harsita Hiya, the book is now ready to reach and enchant many more.

Kokadeuta aru Natilora

Kokadeuta aru Natilora

L. N. Bezbaruah

17% off

₹ 699

₹ 580.17

Available

Jharkhand Ki Lokkathayen

  • Author Name:

    Dr. Mayank Murari

  • Book Type:
  • Description:

    भारतीय संस्कृति केवल लिखित शास्त्रों में ही नहीं, बल्कि यह मौखिक परंपराओं के कारण भी समृद्ध हुई है। मौखिक परंपरा में लोक-साहित्य एक बड़ा क्षेत्र है, जिसमें लोककथाएँ, कहावतें, लोरियाँ, लोक-खेल, लोक-गीत और लोक-नाट्य शामिल हैं। लोक-साहित्य भारतवर्ष नामक भवन का आधार है, जिस पर समस्त भारतीय साहित्य टिका हुआ है। लोककथाएँ किसी क्षेत्र विशेष की कथाएँ हैं, जो परंपरागत रूप से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती जाती हैं। इनका अस्तित्व जनश्रुतियों के माध्यम पर निर्भर करता है। लोककथा की प्राचीनता भारतीय संस्कृति के इतिहास के साथ जुड़ी है। लोक-जीवन में प्रचलित कथाओं की भावभूमि पर ही हितोपदेश, वेताल पंचविंशति, जातक कथा, बृहत्कथा मंजरी जैसे ग्रंथों में कथाओं की रचना की गई। लोककथा मंगलकामना की भावना को समावेशित किए होती है। सबके सुख, शुभ और मंगल की कामना एवं चाहत ही लोककथाओं का मूल संदेश होता है। युगों से लोककथाएँ मानव-मूल्यों का संवहन करती रही हैं। यह एक सच्चाई है कि जैसे-जैसे हमारे जीवन से लोक एवं लोककथाएँ गुम होती गईं, वैसे-वैसे मानव-मूल्यों का भी क्षरण होता गया। इस संकलन में झारखंड की पंचपरगनिया, कुडुख, संताली आदि की कुछ चुनिंदा लोककथाओं का संकलन किया है जिनसे वहाँ की समृद्ध लोक-संस्कृति, परिवेश और परंपराओं की जानकारी पाठकों को मिल सकेगी।

Jharkhand Ki Lokkathayen

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Dr. Mayank Murari

20% off

₹ 400

₹ 320

Available

Tenaliram Ki Anokhi Duniya

  • Author Name:

    Ashok Maheshwari

  • Book Type:
  • Description:

    दक्षिण भारत के गुंटूर ज़‍िले के गली पाडु नामक क़स्बे में एक सामान्य गृहस्थ के घर में तेनालीराम का जन्म हुआ था। उसके माता-पिता बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे जिसके कारण उन्होंने अपने पुत्र का नाम रामलिंगम रखा। तेनालीराम यानी रामलिंगम अभी बहुत छोटा था, तभी उसके पिता का निधन हो गया। रामलिंगम की माता पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वे अपनी ससुराल ‘गली पाडु’ से अपने भाई के पास लौट आईं। उनका भाई ‘तेनाली’ नामक क़स्बे में रहता था। तेनाली में रामलिंगम सामान्य बच्चों की तरह ही खेलता-पढ़ता हुआ बड़ा होने लगा। उसे गुरु के पास शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा गया, उस समय किसी ने सोचा न था कि अपनी मेधा के बल पर तेनालीराम ऐसी ख्याति अर्जित करेगा कि सदियों, सहस्त्राब्दियों तक लोग उसकी बुद्धि, न्यायप्रियता और हाज़‍िर जवाबी की कहानियाँ कहते रहेंगे। अपनी कुशाग्रबुद्धि और मिलनसारिता के गुणों के कारण तेनालीराम बचपन में ही लोगों के आकर्षण का केन्द्र हो गए थे। मूल नाम रामलिंगम तो था ही, गुरुकुल में उसे तेनाली वाला रामलिंगम कहा जाने लगा और बाद में यही तेनालीराम बन गए। तेनालीराम के बुद्धि-बल को लेकर इतनी किंवदन्तियाँ हैं जिनसे लगता है कि तेनालीराम जैसा कुशाग्र व्यक्ति दक्षिण भारत में न उनके पहले जन्मा था और न बाद में।

Tenaliram Ki Anokhi Duniya

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Ashok Maheshwari

20% off

₹ 250

₹ 200

Available

Sikkim Ki Lokkathayen

  • Author Name:

    Dr. Chukey Bhutia

  • Book Type:
  • Description:

    पूर्वोत्तर भारत स्थित सिक्किम में कई समुदाय निवास करते हैं, जिनकी अपनी भाषा व संस्कृति के साथ ही उनका अपना विकसित लोक है। फिर भी विकास का जो दौर वर्तमान समय को समेटे हुए है, उससे इस बात का भय व्याप्त होता है, जैसे दुनिया में मुख्यधारा की संस्कृति और उससे जुड़ी चीजें बची रहेंगी या भीड़ की शिकार हो जाएँगी! अतः समय रहते अल्पसंख्यक समुदायों के लोक-विश्वासों को जीवित रखने की अनिवार्यता स्पष्ट होती है। इस संग्रह में लोककथाओं का संचयन इसी आवश्यकता की पूर्ति हेतु एक विनम्र प्रयास है। ‘सिक्किम की लोककथाएँ’ पुस्तक में जिन कथाओं का संकलन किया है, वे किसी एक जाति या विशेष समुदाय से संबद्ध नहीं हैं, बल्कि वहाँ निवास करनेवाले समुदायों में, जिनकी लोककथाएँ उपलब्ध हो पाईं, उनको समाविष्ट करने का यत्न किया गया है। सिक्किम के बहुविध लोकजीवन की विविध छटाएँ बिखेरती ये लोककथाएँ पाठकों को आनंदित करेंगी तथा वहाँ की संस्कृति-परंपराओं से भी परिचित करवाएँगी।

Sikkim Ki Lokkathayen

Sikkim Ki Lokkathayen

Dr. Chukey Bhutia

20% off

₹ 250

₹ 200

Available

Shekhchilli Ki Anokhi Duniya

  • Author Name:

    Ashok Maheshwari

  • Book Type:
  • Description:

    शेखचिल्ली एक ऐसा कथा-नायक है जो आमलोक-जीवन के संघर्षों से बार-बार उबरता है और बार-बार उन्हीं संघर्षों में जुत जाता है। उसमें ईमानदारी है, निष्ठा है, मर्यादा है, परिस्थितिजन्य विवेक है, लगन और उत्साह है और इन सबसे बड़ी बात यह भी है कि वह अपने वर्तमान में जीता है। अतीत की स्मृतियों को उलीचता हुआ, वर्तमान की राह बनाता हुआ यह पात्र कभी भविष्य की चिन्ता में डूबता-उतराता नहीं है। जीवन के उतार-चढ़ाव में संयत रहते हुए मनमौजी जीवन जीता हुआ शेखचिल्ली कई बार हमें मूर्ख या बेवकूफ़ प्रतीत होता है, किन्तु उसकी अजीबो-ग़रीब हरकतों में समय की ऐसी समझ समाई रहती है कि पाठक उसकी सराहना किए बिना नहीं रह सकता। ये कहानियाँ शेखचिल्ली की कारस्तानियों का मनोरंजक विस्तार हैं। इस संग्रह में शेखचिल्ली की अलग-अलग कहानियाँ किसी माला में गूँथे गए मनकों की तरह पिरोई गई हैं। इस कथा-संग्रह की विशेषता है कि शेखचिल्ली के जीवन के कालखंडों को दर्शाती कथाओं को इसमें इस तरह रखा गया है कि उनका अलग अस्तित्व बना रहे और उसके जीवन की विकास-यात्रा की निरन्तरता का भी पता चलता रहे। आज भी उसकी कहानियाँ जहाँ हमें हँसाती हैं, वहीं जुल्म का सामना करने का साहस भी प्रदान करती हैं। रोचक और सरल भाषा में लिखी गई ये कहानियाँ पाठकों का भरपूर मनोरंजन करने का वादा करती हैं और दावा भी कि कोई है जो इन्हें पढ़कर हँसे बिना रह सके!

Shekhchilli Ki Anokhi Duniya

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Ashok Maheshwari

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₹ 250

₹ 200

Available

Devi-Devtaon ki Kahaniyan

  • Author Name:

    Mukesh 'Nadan'

  • Book Type:
  • Description:

    हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की बहुत मान्यता है। घर-घर में अनेक देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना अपूर्व श्रद्धा, आस्था, प्रेम और विधि-विधान से की जाती है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता भी है कि इन देवी-देवताओं की संख्या करोड़ों में है। इनके प्रति असीम भक्ति और मान्यताओं ने ही इनकी अनेक कथाओं को जन्म दिया। रामायण, गीता, उपनिषद आदि अनेक ग्रंथ और पुराणों में इन्हीं वंदनीय देवी-देवताओं की रोचक एवं मनोरंजक कथाएँ प्रचलित हैं। प्रस्तुत पुस्तक पुराणों तथा अन्य हिंदू वाङ्मय-गं्रथों से चुनी गई ऐसी श्रेष्ठ कथाओं का संग्रह है, जो अनेक देवी-देवताओं के रहस्यमयी जीवन की घटनाओं को उजागर करती हैं। अपने धर्म के प्रति आस्था जाग्रत् करने और इष्टदेवी-देवताओं के प्रति भक्ति में तल्लीन होने का संदेश देती पठनीय पुस्तक।

Devi-Devtaon ki Kahaniyan

Devi-Devtaon ki Kahaniyan

Mukesh 'Nadan'

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₹ 350

₹ 280

Available

Mulla Naseeruddin Ki Anokhi Duniya

  • Author Name:

    Ashok Maheshwari

  • Book Type:
  • Description:

    मुल्ला नसीरुद्दीन की कहानियों का मतलब है—ऐसी कहानियाँ जिनमें उलझनों के बीच भी जीवन के आनन्द, आह्लाद और मनोरंजन की त्रिवेणी प्रवाहित हो। मुल्ला नसीरुद्दीन में वह सब कुछ है जो आज के जीवन में होता है। ज़‍िन्दगी जीने की जद्दोजहद, तिकड़म, जालसाजी, उलट-फेर, वर्चस्व का संघर्ष, मूर्खता, चतुराई और ऐसा बहुत-कुछ समेटे इन कहानियों की तासीर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है तथा उदासी के गहन पलों में भी मनुष्य में जिजीविषा उत्पन्न करती है। यही इन कहानियों की विशेषता है कि सदियों से ये कहानियाँ जीवन्त हैं। मुल्ला नसीरुद्दीन की इन कहानियों के प्रशंसक जिस तरह हमारे देश में हैं, उसी तरह विश्व के अनेक देशों में भी हैं। मुल्ला नसीरुद्दीन एक आला इनसान था जो इस दुनिया को बुद्धिमत्ता, वाक्चातुर्य, मनोरंजन और हास्य-विनोद की तरकीबें सिखाने के लिए आया था। अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वह गाँव-दर-गाँव, शहर-दर-शहर होता हुआ एक देश से दूसरे देश घूमता रहा और अपने उद्देश्य की सार्थकता के लिए अपने पीछे ढेरों क़ि‍स्से छोड़ गया।

Mulla Naseeruddin Ki Anokhi Duniya

Mulla Naseeruddin Ki Anokhi Duniya

Ashok Maheshwari

20% off

₹ 250

₹ 200

Available

Gopal Bhand Ki Anokhi Duniya

  • Author Name:

    Ashok Maheshwari

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    प्राचीन काल में बंगाल में एक राज्य था—कृष्णनगर। इस राज्य के लोग शान्ति-प्रिय थे। कला-संस्कृति के प्रति इस राज्य के लोगों का गहरा लगाव था। कृष्णनगर पर ऐसे तो अनेक शासकों ने राज्य किया किन्तु जो प्रसिद्धि राजा कृष्णचन्द्र राय ने पाई, उसकी अन्य किसी से तुलना नहीं की जा सकती। राजा कृष्णचन्द्र राय सहृदय प्रजापालक, हास-परिहास में रुचि लेनेवाले न्यायप्रिय शासक थे। उनके शासनकाल में कृष्णनगर की प्रजा हर तरह से सुखी थी क्योंकि राजा कृष्णचन्द्र राय प्रजा के दु:ख से दु:खी, प्रजा के सुख से सुखी होते थे। आमोदप्रिय होने के कारण महाराज कृष्णचन्द्र राय के दरबार में विभिन्न कलाओं के विद्वानों को सम्मानजनक स्थान प्राप्त था, उनके दरबार में गोपाल नाम का एक युवक ‘विदूषक’ के रूप में शामिल किया गया। गोपाल की तीव्र मेधाशक्ति, वाक्पटुता और परिस्थितिजन्य विवेक से कार्य करने की विशिष्ट क्षमता ने जल्दी ही उसे राजा कृष्णचन्द्र राय के दरबार का ख़ास अंग बना दिया। विचित्रतापूर्ण सवालों को हल करने में गोपाल की चतुराई काम आती थी। इस कारण अपने जीवनकाल में ही गोपाल किंवदन्‍ती बन गया था। आज भी बंगाल के गाँवों में लोगों को गोपाल भाँड़ की चुटीली कहानियाँ कहते-सुनते देखा जा सकता है। इन कहानियों में व्यंग्य है, हास्य है, रोचकता है, चतुराई है, न्याय है और है सबको गुदगुदा देनेवाली शक्ति।

Gopal Bhand Ki Anokhi Duniya

Gopal Bhand Ki Anokhi Duniya

Ashok Maheshwari

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Folk tales are the oldest storytellers of a community—stories passed from one generation to the next through voice, memory, and imagination. This category brings together timeless tales from India and the world: trickster stories, animal fables, tribal folklore, village legends, origin myths, moral tales, and festival lore.

For Indian readers, this shelf is a treasure house of regional storytelling traditions:

  • Tribal and indigenous folktales from Gond, Santhal, Bhil, Khasi, Mizo, and Naga communities

  • State-specific folk stories from Tamil Nadu, Bengal, Maharashtra, Odisha, Rajasthan, Kerala, and the Northeast

  • Modern retellings for children and adults

  • Multilingual editions across Hindi, Marathi, Tamil, Bengali, Malayalam, Kannada, Telugu, Odia, and English

What are folktales?

Folktales are traditional stories passed down orally through generations, often teaching values, wisdom, and cultural lessons.

What kinds of folktales are available on Rachnaye?

You’ll find Indian regional folktales, tribal stories, animal fables, moral tales, global folk legends, and modern retellings for kids and adults.

Are Indian folktales available in regional languages?

Yes. Folktales in Hindi, Marathi, Tamil, Bengali, Malayalam, Kannada, Odia, and more are available.

Are folktale books suitable for children?

Absolutely. Many folktales are illustrated and narrated simply, making them perfect for early learners.

What is the difference between folktales and mythology?

Folktales are community-driven stories focused on everyday wisdom and culture, while mythology deals with gods, creation stories, and sacred narratives.

Why are folktales important today?

They preserve cultural identity, build imagination, and introduce children to diverse ways of seeing the world.

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