छंद क्या है?छंद कविता की ध्वनि-रचना का व्यवस्थित विधान है। पारंपरिक छंदों में वर्णों या मात्राओं की संख्या, लघु–गुरु का क्रम, चरण और यति जैसे नियम होते हैं। अलग-अलग छंदों में अलग-अलग नियम लागू होते हैं। दोहा, चौपाई और सोरठा छंद के उदाहरण हैं; छंद के समानांतर कोई एक चौथी...
चाहे आप 80 के दशक के ऐ दिल-ए-नादान (लता मंगेशकर - रज़िया सुल्तान) की बात कर लें, या 2000 के दशक के बिस्मिल बिस्मिल बुलबुल-ए-बिस्मिल (सुखविंदर सिंह - हैदर) की, रफ़ी साहब का गाया हुआ, दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-ज़िगर, दिल में जगाया आपने हो.बॉलीवुड के गाने हों या उर्दू शायरी, इन से...
किसी मुशायरे में एक अच्छा शेर पढ़ा जाता है। श्रोता उसके शब्दों का पूरा अर्थ समझें या न समझें, उनकी गर्दन हल्के से हिलने लगती है। कभी वे दूसरी पंक्ति आने से पहले ही उसके उतरने की जगह पहचान लेते हैं। कभी कोई मिसरा वर्षों तक स्मृति में बना रहता...
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