About Vinod Kumar Shukla
1 जनवरी 1937 को राजनाँदगाँव, छत्तीसगढ़ में जन्मे विनोद कुमार शुक्ल कवि, कहानीकार, और उपन्यासकार हैं। आपकी कृतियों में उपन्यास - 'नौकर की क़मीज़', 'खिलेगा तो देखेंगे', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी', 'हरी घास की छप्परवाली झोपड़ी और बौना पहाड़', 'यासी रासा त'; कविता संग्रह - 'लगभग जय हिन्द', 'वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर विचार की तरह', 'सब कुछ होना बचा रहेगा', 'अतिरिक्त नहीं', 'कविता से लंबी कविता', 'आकाश धरती को खटखटाता है','कभी के बाद अभी', तथा कहानी संग्रह 'महाविद्यालय' और 'पेड़ पर कमरा' प्रमुख हैं
विनोद जी की रचनाओं के अनेक भारतीय वि विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुए हैं।आप साहित्य अकादमी पुरस्कार, मैथलीशरण गुप्त सम्मान, शिखर सम्मान, दयावती मोदी कवि शिखर सम्मान, हिन्दी गौरव सम्मान जैसे अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हैं।