Aadami Aur Aurat
Author:
PremchandPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 239.2
₹
299
Available
आज मुझसे ज़ब्त न हो सका। मैंने पूछा—तुमने मुझसे किसलिए विवाह किया था? यह प्रश्न महीनों से मेरे मन में उठता था, पर मन को रोकती चली आती थी। आज प्याला छलक पड़ा। यह प्रश्न सुनकर कुछ बौखला से गए, बगलें झाँकने लगे, खीसें निकालकर बोले—घर सँभालने के लिए, गृहस्थी का भार उठाने के लिए, और नहीं क्या भोग-विलास के लिए? घरनी के बिना यह आपको भूत का डेरा-सा मालूम होता था। नौकर-चाकर घर की सम्पत्ति उड़ाए देते थे। जो चीज़ जहाँ पड़ी रहती थी, वहीं पड़ी रहती थी। कोई उसको देखनेवाला न था। तो अब मालूम हुआ कि मैं इस घर की चौकसी करने के लिए लाई गई हूँ। मुझे इस घर की रक्षा करनी चाहिए और अपने को धन्य समझना चाहिए कि यह सारी सम्पत्ति मेरी है, मुख्य वस्तु सम्पत्ति है, मैं तो केवल चौकीदारिन हूँ। ऐसे घर में आज ही आग लग जाए!
प्रेमचन्द इसी संग्रह के ‘नरक का मार्ग’ शीर्षक कहानी से
ISBN: 9789347043529
Pages: 288
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Qurratul Ain Haider
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- Description: क़ुर्रतुल ऐन हैदर उर्दू भाषा के सशक्त और चर्चित कथाकारों में हैं। मंटो, कृष्णचन्दर, बेदी और इस्मत चुग़ताई के बाद उभरनेवाली नस्ल में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान है। क़ुर्रतुल ऐन हैदर की कहानियाँ प्रचलित प्रगतिशील कहानियों के मुक़ाबले नई शैली, नए माहौल और नई दुनिया को सामने लाती हैं। इनकी कहानियों में उच्च वर्ग, ग्लैमर भरा जीवन, अतीत की स्वप्नीली ख़ूबसूरत यादें, रिश्तों के टूटने, ख़ानदानों के बिखरने और अतीत के उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों के चूर-चूर हो जाने की त्रासदी का बेहद सूक्ष्म चित्रण मिलता है। क़ुर्रतुल ऐन हैदर समाज में औरत की कमज़ोरी और बेबसी को उसकी पूरी सच्चाई के साथ स्वीकारने का हौसला रखती हैं। उन्होंने इसी सच्चाई को अपने कथा साहित्य में ईमानदारी से प्रस्तुत करने का भरसक प्रयत्न किया है। यहाँ संकलित ‘कोहरे के पीछे’, ‘जिन बोलो तारा-तारा’, ‘हसब-नसब’, ‘आवारागर्द’ जैसी यथार्थवादी कहानियों के साथ ‘मलफ़ूज़ते हाजी गुलाबाना बेकताशी’ और ‘रौशनी की रफ़्तार’ शीर्षक कहानियाँ भी शामिल हैं जो उनकी सृजनशक्ति के नए आयामों को उद्घाटित करती हैं। क़ुर्रतुल ऐन हैदर की कहानियाँ अपनी विषयवस्तु, चरित्र-सृष्टि, तकनीक, भाषा और शैली हर लिहाज़ से उर्दू कहानी साहित्य में उल्लेखनीय ‘इज़ाफा’ मानी जा सकती हैं। इनसान और इनसानियत पर गहरा विश्वास उनकी कहानी-कला और चिन्तन का केन्द्र बिन्दु है। इनकी कहानियों में प्रेम और घृणा, ख़ुशियाँ और ग़म, सुन्दरता और कुरूपता एक साथ मौजूद हैं।
The Anti Romantic
- Author Name:
Basant Kumar Satpathy +1
- Book Type:

- Description: "The Anti-Romantics" is a collection of Odia short stories that have been translated into English. These stories are unique in their themes, taste, style, and technique. They stand apart from contemporary experiments and isms. The creative artist who wrote them shows an extraordinary understanding of the world and human life. In particular, the author elevates marginalized characters, who were previously unrecognized, unwanted, neglected, and looked down upon. In literature, they were deemed unfit and unsuitable. However, in these stories, they become heroes and heroines. These characters are the anti-romantics that readers will meet. Through their own voices, they share their stories in a way that is truly remarkable.
Ujali Aag
- Author Name:
Ramdhari Singh Dinkar
- Book Type:

- Description: अनादि काल से ही बोधकथाओं की अपनी महत्ता रही है। इनका मुख्य उद्देश्य यही रहा है कि प्रेरक और गूढ़ प्रसंगों को रोचक शैली में जनमानस तक पहुँचाया जाए ताकि इनमें निहित नीतियों एवं उपदेशों से वे अपने जीवन में सृजनात्मक चेतना विकसित कर सकें। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की इस पुस्तक ‘उजली आग’ में इस तथ्य को सहज ही जाना-समझा जा सकता है। ‘उजली आग’ बच्चों और किशोरों से लेकर प्रौढ़ पाठकों तक की जीवन-शैली को कुतूहल, मनोरंजन, शिक्षा, मार्गदर्शन आदि के ज़रिए गहरे प्रभावित करनेवाली पुस्तक है। दिनकर की इस अनुपम कृति में जो भी बोधकथाएँ शामिल हैं, जैसे—आदमी का देवत्व, बीज बनने की राह, धर्म लोगे, धर्म? गुफावासी, अफ़सर और पैग़म्बर, उजला हाथी और गेहूँ के खेत, जीवन का बोझ, नर-नारी, माया की रचना, नारी की रुचि, अर्धनारीश्वर, नदी के पार की आग, कलाकार, बनिया और किसान, संसार का इतिहास, पत्थर के दूसरी ओर, पराजय, फूल की आरी, निर्माता और विजेता, सपनों का सपना, सुकरात का मकान, साहसी माता, घोड़ा और ऊँट, ऊँचाई के गीत, शासन और राजनीति आदि, वे सब पढ़ने वाले की जीवन-दृष्टि को गहरे प्रभावित करती है। राष्ट्रकवि की इस पुस्तक से आशा है कि यह जीवन और समाज में अपनी नवीनता से नए परिवेश के निर्माण में अवश्य सहायक सिद्ध होगी।
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