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Mini Aur Anya Kahaniyan

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मिनी और अन्य कहानियाँ अवधेश प्रीत की नई कहानियों का संग्रह है। एक कथाकार के रूप में उन्होंने समाज, राजनीति और निरन्तर बदलते भारतीय यथार्थ को व्यावहारिक भाषा और शिल्प के साथ अंकित किया है। इस संग्रह में शामिल कहानियाँ मौजूदा समय के कई सवालों से रू-ब-रू होते हुए उन्हें हमारे विचार के दायरे में लाती हैं। संग्रह की शीर्षक कथा ‘मिनी’ का फलक इतना व्यापक है जिसमें नए रूप में ढलती स्त्री-चेतना से लेकर समकालीन पत्रकारिता तक कई मुद्दों की तरफ़ हमारा ध्यान जाता है। इसी प्रकार दूसरी कहानी ‘नग्न’ में पुलिस तंत्र में व्याप्त ग़ैर-ज़िम्मेदारी को बहुत कौशल के साथ रेखांकित किया गया है। यह कहानी बताती है कि न्याय की प्रक्रिया में पुलिस की अरुचि के चलते कैसे एक युवती को न सिर्फ़ इंसाफ नहीं मिलता, बल्कि वह अपने जीवन से भी हाथ धो बैठती है। भाषा में स्थानीय लहजे और शब्दों का प्रयोग अवधेश प्रीत की कहानियों को उसी तरह बेहद पठनीय और यथार्थवादी बनाता है, जैसे कहानी से सम्बन्धित सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों का ज्ञान उन्हें प्रामाणिक बनाता है। ‘मिनी और अन्य कहानियाँ’ संग्रह में उनकी बारह कहानियाँ संकलित हैं जिनमें व्यापक सामाजिक सरोकारों को चिन्हित करने वाली कहानियों के साथ-साथ ‘कॉफ़ी’ जैसी कहानियाँ भी हैं जहाँ दो बुज़ुर्ग पति-पत्नी पुराने दिनों की याद करते हुए एक भाव-भीगी शाम बिता रहे हैं।

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मिनी और अन्य कहानियाँ अवधेश प्रीत की नई कहानियों का संग्रह है। एक कथाकार के रूप में उन्होंने समाज, राजनीति और निरन्तर बदलते भारतीय यथार्थ को व्यावहारिक भाषा और शिल्प के साथ अंकित किया है।

इस संग्रह में शामिल कहानियाँ मौजूदा समय के कई सवालों से रू-ब-रू होते हुए उन्हें हमारे विचार के दायरे में लाती हैं। संग्रह की शीर्षक कथा ‘मिनी’ का फलक इतना व्यापक है जिसमें नए रूप में ढलती स्त्री-चेतना से लेकर समकालीन पत्रकारिता तक कई मुद्दों की तरफ़ हमारा ध्यान जाता है।

इसी प्रकार दूसरी कहानी ‘नग्न’ में पुलिस तंत्र में व्याप्त ग़ैर-ज़िम्मेदारी को बहुत कौशल के साथ रेखांकित किया गया है। यह कहानी बताती है कि न्याय की प्रक्रिया में पुलिस की अरुचि के चलते कैसे एक युवती को न सिर्फ़ इंसाफ नहीं मिलता, बल्कि वह अपने जीवन से भी हाथ धो बैठती है।

भाषा में स्थानीय लहजे और शब्दों का प्रयोग अवधेश प्रीत की कहानियों को उसी तरह बेहद पठनीय और यथार्थवादी बनाता है, जैसे कहानी से सम्बन्धित सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों का ज्ञान उन्हें प्रामाणिक बनाता है।

‘मिनी और अन्य कहानियाँ’ संग्रह में उनकी बारह कहानियाँ संकलित हैं जिनमें व्यापक सामाजिक सरोकारों को चिन्हित करने वाली कहानियों के साथ-साथ ‘कॉफ़ी’ जैसी कहानियाँ भी हैं जहाँ दो बुज़ुर्ग पति-पत्नी पुराने दिनों की याद करते हुए एक भाव-भीगी शाम बिता रहे हैं।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2026
Weight
180 grams
ISBN-13
9789360865160
Pages
176
Reading time
~6 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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