Sampoorna Kahaniyan : Kashinath Singh
(0)
Author:
Kashinath SinghPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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काशीनाथ सिंह कहानी के लिए जिस चीज़ को सबसे ज़रूरी मानते हैं, वह है जीवन्तता। जीवन की ठस प्रतिकृति नहीं, एक रचना जिसमें उसका अपना जीवन धड़कता हो, जो पाठक को थकाए नहीं, यथार्थ के तीखे चित्र दिखाते हुए भी उसे अपने साथ बनाए रखे। उनकी कहानियों में यह स्पन्दन है। अपना देखा-जाना ग्रामीण जीवन और बनारस का अनूठा परिवेश, उसको जीवन्त बनाने वाले पात्र उनकी कहानियों में अपनी समूची मानवीय जटिलता के साथ दिखाई देते हैं। समय के साथ बदलता यथार्थ कहानी के उनके ट्रीटमेंट को भी बदलता रहा है, लेकिन आम आदमी हमेशा उनके कहानीकार को प्रिय रहा है। उसके दुख-दर्द, असमंजस, दुविधाएँ, उसका जीवट और साहस सब मिलकर उनकी कहानियों को सजीव बनाते हैं। विचारधारा उन्हें दृष्टि ज़रूर देती है, लेकिन जीवन के चित्रण में उनकी सीमा नहीं बनती। यह उनकी अभी तक की कहानियों की सम्पूर्ण प्रस्तुति है। ‘काशी का अस्सी’ के लेखक की कथा-रचनाओं का यह विशाल फलक पाठकों को निश्चय ही लम्बे समय तक साथ रहनेवाला अनुभव प्रदान करेगा।
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काशीनाथ सिंह कहानी के लिए जिस चीज़ को सबसे ज़रूरी मानते हैं, वह है जीवन्तता। जीवन की ठस प्रतिकृति नहीं, एक रचना जिसमें उसका अपना जीवन धड़कता हो, जो पाठक को थकाए नहीं, यथार्थ के तीखे चित्र दिखाते हुए भी उसे अपने साथ बनाए रखे। उनकी कहानियों में यह स्पन्दन है। अपना देखा-जाना ग्रामीण जीवन और बनारस का अनूठा परिवेश, उसको जीवन्त बनाने वाले पात्र उनकी कहानियों में अपनी समूची मानवीय जटिलता के साथ दिखाई देते हैं। समय के साथ बदलता यथार्थ कहानी के उनके ट्रीटमेंट को भी बदलता रहा है, लेकिन आम आदमी हमेशा उनके कहानीकार को प्रिय रहा है। उसके दुख-दर्द, असमंजस, दुविधाएँ, उसका जीवट और साहस सब मिलकर उनकी कहानियों को सजीव बनाते हैं। विचारधारा उन्हें दृष्टि ज़रूर देती है, लेकिन जीवन के चित्रण में उनकी सीमा नहीं बनती।
यह उनकी अभी तक की कहानियों की सम्पूर्ण प्रस्तुति है। ‘काशी का अस्सी’ के लेखक की कथा-रचनाओं का यह विशाल फलक पाठकों को निश्चय ही लम्बे समय तक साथ रहनेवाला अनुभव प्रदान करेगा।
Book Details
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ISBN9789360863111
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Pages536
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Avg Reading Time18 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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