The Collected Short Stories
Author:
Satyajit RayPublisher:
Penguin IndiaLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 497.17
₹
599
Available
The best short stories of Satyajit Ray
Best known for his immensely popular Feluda mysteries and the adventures of Professor Shonku, Satyajit Ray was also one of the most skilful short story writers of his generation. Ray’s short stories often explore the macabre and the supernatural, and are marked by the sharp characterization and trademark wit that distinguish his films. This collection brings together Ray’s best short stories—including such timeless gems as ‘Khagam’, ‘Indigo’, ‘Fritz’, ‘Bhuto’, ‘The Pterodactyl’s Egg’, ‘Big Bill’, ‘Patol Babu, Film Star’ and ‘The Hungry Septopus’—which readers of all ages will enjoy.
A collection of forty-nine short stories.
ISBN: 9780143425052
Pages: 424
Avg Reading Time: 14 hrs
Age: 18+
Country of Origin: IN
Recommended For You
Hamzamin
- Author Name:
Avadhesh Preet
- Book Type:

-
Description:
अवधेश प्रीत उन थोड़े से कथाकारों में हैं जो यथार्थ की भीतरी तह तक पहुँचकर उसकी आन्तरिक गतिशीलता को उजागर करते हैं। उनकी कहानियों में जीवन के गहरे अनुभव के साथ-साथ समाज में होनेवाले परिवर्तनों के संकेत भी मिलते हैं। विसंगतियों और विडम्बनाओं का चित्र उकेरते वक़्त उनकी नज़र हमेशा उन वंचितजनों पर टिकी होती है, जो अपनी स्थिति से उबरने तथा समाज के बदलने के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं। सपाटबयानी से बचते हुए अवधेश अपने एक-एक अनुभव को पहले वैचारिक धरातल पर सूत्रबद्ध करते हैं, फिर उनके कलात्मक संग्रन्थन से ऐसी फंतासी रचते हैं जिसमें किरदारों के आत्मसंघर्ष तथा सामाजिक संघर्ष के बीच की विभाजक रेखा मिट जाती है। उनका यह शिल्प ही उन्हें अपने समकालीनों से अलग करता है।
‘हमज़मीन’ संग्रह की कहानियों में अवधेश प्रीत ने साम्प्रदायिक और सामंती क्रूरताओं के शिकार वंचितों तथा स्त्रियों की पीड़ाओं के चित्रण के साथ-साथ उनके संघर्ष और जिजीविषा को रेखांकित करने का जो सार्थक प्रयास किया है वह उल्लेखनीय है।
Photoframe Mein Kaid Hansi
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: मन के भीतर न जाने कितनी परतें होती हैं, जिन्हें स्त्री कभी छीलकर अलग कर देती है तो कभी फिर से कई और परतों में ढककर छिपा देती है। लेकिन इस दौरान वह पीड़ा के सागर में लगातार गोते लगाती रहती है। इसके बावजूद वह हर बार किनारे पर आ खड़ी होती है। स्त्री का संघर्ष ही तो है जो उसे टूटने से बचाता है। परिस्थितियाँ कई बार अवरोध बनकर उसके सामने आ खड़ी होती हैं, तब बेशक पहाड़ों-सी दृढ़ता उसमें न आ पाए, गगनचुंबी चोटियों की तरह वह सतर्क रहती है, हर बाधा को पार करने के लिए। वह हारती नहीं है, वह बस निरंतर एक नदी की तरह प्रवाहमान होती रहती है। यह स्त्री पुरुष विरोधी नहीं है, पर अपने हक़ के लिए लड़ना जानती है। स्त्री से हर रिश्ते में एक अहम भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है क्योंकि पुरुष जानता है कि वही ऐसा कर सकती है और सच में, वह ऐसा करने में सफल होती भी रही है। स्त्री जीवन के विविध पहलुओं पर केंद्रित इन कहानियों में अगर कोई उलझन है तो उसका समाधान भी है। कुछ अछूते विषयों को उजागर और स्त्री की सोच को निरूपित करती हैं इस संग्रह की कहानियाँ।
Sampoorana Kahaniyan : Akhilesh
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

-
Description:
अखिलेश ने हिन्दी कहानी को एक नई तरतीब दी और पठनीयता की तमाम शर्तों को पूरा करते हुए उसे इस क़ाबिल बनाया है कि वह यथार्थ को अधिक निर्मम निगाह से देख सके। उनका कथाकार संसार की वास्तविकता को देखने के लिए अपने टेलिस्कोप और माइक्रोस्कोप उस बिन्दु पर स्थित करता है जहाँ से हमारे वक़्त की पीठ का नंगापन हर हाल में ज़्यादा तीखा दिखाई देता है।
ग़लत की भव्यता से अखिलेश की चिढ़ और सही की निरीहता के प्रति उनकी पक्षधरता उनके विवरणों तक में चयनात्मक भूमिका निभाती है जिसके चलते कहानी पूरी होने से पहले भी हमें कई बार अपना पक्ष चुनने के बारे में चेताती चलती है। वे यह भी सावधानी बरतते हैं कि हम बाहरी विवरणों के तमाशबीन भर होकर न रह जाएँ, और इसके लिए उनका कथाकार संत्रास के कुछ अमूर्त स्ट्रोक अनायास ही पाठक के अवचेतन तक पहुँचा देता है, जो तब ज़्यादा टीसते हैं जब हम पाठक की भूमिका से निकलकर वापस नागरिक-सामाजिक होने जाते हैं।
‘शापग्रस्त’ और ‘चिट्ठी’ जैसी उनकी कहानियों ने हिन्दी कहानी की फ़ार्मूलाबद्धता को उस समय भंग किया जब वह वैचारिक एकरैखिकता की झोंक में अपने आसपास फैले यथार्थ की बहुत सारी जटिलताओं को छोड़ती चल रही थी। तेजी से बदलने के लिए अकुलाते समाज के अधिकतम को पकड़ने के लिए जिस तरह की निगाह और भाषा-भंगिमा की ज़रूरत थी, अखिलेश ने उसे लगभग सबसे पहले सम्भव किया।
सत्ता और शक्ति की विभिन्न संरचनाओं को लगातार निर्मित और पोषित करने के अभ्यस्त हमारे मन-मस्तिष्क को अखिलेश ने अपनी विखंडनात्मक त्वरा से देखने का एक नया संस्कार दिया है। अखिलेश का कथाकार न सिर्फ़ मौज़ूदा यथार्थ को देखने में सफल रहा है बल्कि उसके आगामी तेवरों का संकेत भी दे पाया है।
यह संचयन कहानीकार के रूप में अखिलेश की विकास प्रक्रिया का ही नहीं, बीते क़रीब चार दशकों में एक संस्था के रूप में भारतीय समाज के बदलने-बढ़ने और बनने-टूटने के क्रम का भी साक्षी है।
Jugani
- Author Name:
Bhavana Shekhar
- Book Type:

-
Description:
अपनी दूसरी पुस्तक ‘जुगनी’ में पन्द्रह कहानियों के माध्यम से भावना शेखर ने आसपास घटती साधारण घटनाओं को भी असाधारण बनाने की अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। सरल भाषा में परिपक्व भावनाओं को गूँथा गया है। अधिकांश कहानियाँ नारी पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती हैं और सफलतापूर्वक उनके अन्तर्मन में झाँकने का प्रयास करती हैं। भावना शेखर नारी-मन की कुशल चितेरी हैं—कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।
सदियों से दमित-कुंठित और शोषित नारी का चित्रण करना लेखिका का अभीष्ट नहीं वरन् अन्याय से लोहा लेती नारी को अन्ततः विजयी दर्शाना इन्हें अवश्य प्रिय लगता है। प्रायः हर कहानी एक ‘पॉजिटिव नोट’ पर समाप्त होती है।
वृन्दा हो या नीलांजना, देव या जुगनी—पात्रों का चरित्र-चित्रण तो प्रभावशाली है ही, पुरुष और नारी पात्रों की देहयष्टि का वर्णन भी लेखिका बेबाकी से कर जाती हैं—चाहे वह ‘त्रिकोण’ का हेमन्त हो या ‘वन्ध्या’ की अम्बिका या गोगो या ‘मलेच्छन’ की नैन्सी।
भावना शेखर के लेखन में प्रकृति के साथ पात्रों का सहज ही साहचर्य स्थापित हो जाता है। पहाड़ों से अपने जुड़ाव के कारण वे पाठकों को भी प्रकृति-भ्रमण की ओर बरबस खींच लेती हैं। अपनी कहानियों के माध्यम से न केवल बचपन में बार-बार लौटती हैं, अपितु सम्पूर्ण मानव जीवन की गतिविधियों पर एक दर्शनशास्त्री की तरह अपनी निश्छल टिप्पणी भी देती हैं।
संक्षेप में, पुस्तक की सभी कहानियाँ धारदार और असरदार हैं। अतः निस्सन्देह पठनीय और संग्रहणीय हैं।
—डॉ. नरेन्द्रनाथ पांडेय
Dharmayudh
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है।
‘धर्मयुद्ध’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘धर्मयुद्ध’, ‘मनु की लगाम’, ‘विश्वास की बात’, ‘जनगणमन अधिनायक जय हे...’, ‘खतडुआ’, ‘मतिराम की बहादुरी’, ‘420’, ‘आत्मिक प्रेम’, ‘मंगला और डॉक्टर’।
Sapne Mein Kabeer
- Author Name:
Premkumar mani
- Book Type:

- Description: हिन्दी कथा-साहित्य को जिन चुने हुए रचनाकारों ने उसकी जड़ता और अपठनीयता से मुक्ति दिलाई, उनमें प्रेमकुमार मणि प्रमुख हैं। पिछली सदी के सातवें दशक के आख़िर से उन्होंने लिखना आरम्भ किया और आठवें दशक में कथाकार के रूप में पहचान बनाई। मणि ने कहानियों को जनसरोकारों और समकालीनता की धड़कन से नत्थी किया और सहज भाव से भाषा व मिज़ाज के नए आयाम उद्घाटित किये। उनकी कहानियों में उत्तर भारतीय जनजीवन के ऐसे अनछुए परिदृश्य उभरते हैं, जो हमें आंतरिक स्तर तक आश्वस्त और कभी-कभार उद्वेलित करते हैं। प्रचलित अर्थों में न वह गाँव के कथाकार हैं और न ही शहर के। उन पर साहित्यिक आंदोलनों का भी कोई चंदोवा कभी प्रभावी नहीं हुआ। बदलते हुए सामाजिक-राजनीतिक जीवन के अंतर राग और उसमें व्याप्त विविध किस्म के मिथ्याचार उनकी कहानियों में हम पा सकते हैं। सबसे बढ़ कर यह कि इन्हें पढ़ते हुए हम ज्ञानात्मक संवेदना से स्वत: निमज्जित और संस्कारित अनुभव करते हैं। इस संकलन में उनकी कुछ ऐसी कहानियाँ भी हैं, जिन्हें आमतौर पर लघु कथा कहने का प्रचलन है। लेखक का आग्रह उन्हें कथा मानने का है। इनका एक अलग आस्वाद और बुनावट है। बहुत हौले-से हमारी संवेदना को ये गहरे स्तर पर प्रभावित करती हैं। इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में बीसवीं सदी के उत्तराद्र्ध में उभरे एक कथाकार की कहानियों का पढऩा एक अलग अनुभव दे सकता है।
Hindi Kathegala Sangraha
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Rating:
- Book Type:

- Description: discriptation awaited
Antaheen
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: कहानियाँ हमारे आसपास बिखरी होती हैं। उन्हें तलाशने के लिए दूर की कौड़ी नहीं लानी पड़ती। एक पारखी निगाह और संवेदनशील मन इनकी शिनाख़्त कर लेता है। ‘अन्तहीन’ कहानी-संग्रह में शामिल रचनाएँ इस बात को साबित करती हैं। रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ज़िन्दगी के खुरदुरे धरातल पर खड़ी सच्चाइयों को अपनी कहानियों में आवाज़ दी है। यह बात ध्यान देने योग्य है कि ‘निशंक’ की अनेक कहानियाँ हाशिये का जीवन जी रहे लोगों की व्यथा-कथा हैं। ग़रीबी, रिश्तों में घुसता बाज़ारवाद, स्त्रियों से जुड़े कई प्रश्न, परिस्थितियों की विडम्बना आदि से ‘निशंक’ ने कथा-सूत्र एकत्र किए हैं। सूत्रों का विस्तार करते हुए वे पाठकों को कल्पना की भूलभुलैया में भटकाते नहीं। सीधी सरल सादगी से भरी भाषा शैली में अपनी बात कह जाते हैं। ‘गेहूँ के दाने’ इस सन्दर्भ में पठनीय है। मध्यवर्गीय कश-म-कश को भी लेखक ने लक्षित किया है। ‘कैसे सम्बन्ध’ और ‘दहलीज़’ सरीखी कहानियों से पता चलता है कि अभी तक जाने कितनी वर्जनाएँ प्रगति का रास्ता रोककर खड़ी हैं। ‘फिर ज़िन्दा कैसे' कहानी के नायक सुनील का पागलपन अन्दर तक झकझोर देता है। ‘अन्तहीन’ की कहानियाँ जीवन के अँधेरे और उजाले की गवाहियाँ हैं।
Delightful Novella (Volume-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-2) is a collection of short stories that explores the darker side of life. The stories are inspired by true events and are written in a way that pulls you into the characters' lives. These are not your typical tales of heroes and villains; they're about people who make mistakes and learn from them, people who have to face their demons and fight back against them. They're about love and loss, about how we sometimes have to do things we don't want to do in order to find out who we really are at the end of the day.
Mansarovar Vol. 4 : Laag - Daat Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sukh Ki Dagar
- Author Name:
Prakash Chandra Darbari
- Book Type:

- Description: कथा, कहानी, किस्सा हर देश की संस्कृति की धरोहर कही जाती है। यही कारण है कि हर देश- काल में कहानी कहने और सुनने की परम्परा रही है। दादी और नानी की कहानियाँ बच्चों का मनोरंजन तो करती ही हैं बालमन को बिना मानसिक बोझ के संस्कार भी देती हैं। ये कहानियाँ बच्चों की कही जाती हैं पर हर वर्ग के और हर आयु के स्त्री और पुरुषों का समान रूप से मनोरंजन करती हैं, उन्हें जीवन जीने की कला सिखाती हैं। भारत में तो कथासरित्सागर और पंचतंत्र जैसे कितने ही कथा ग्रन्थ है जो विश्वभर में ज्ञान के अक्षय भण्डार माने गए हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Govind Mishra
- Author Name:
Govind Mishra
- Book Type:

- Description: समकालीन कथा-परिवेश और यथार्थवादी कथा-लेखन के सन्दर्भ में टिप्पणी करते हुए एक जगह गोविन्द मिश्र ने लिखा है कि “यथार्थवादी लेखन के इस युग में लेखक को सामाजिक विसंगतियों की यंत्रणा चित्रित करने के आगे उन बातों और चरित्रों में भी जाना होगा, जिनकी वजह से विसंगतियाँ है”, ताकि न तो मानवीय यंत्रणा के अधूरेपन का अहसास हो और न क्रान्तिकारिता के खोखलेपन का। दरअसल हिन्दी-कहानी के विभिन्न दौरों से निरपेक्ष रहते हुए जिन कथाकारों ने अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाई है, गोविन्द मिश्र उनकी पहली क़तार में आते हैं। यह संकलन उनके कई प्रकाशित कहानी-संग्रहों से उनकी महत्त्वपूर्ण और बहुचर्चित कहानियों का चयन है। इन कहानियों के माध्यम से हम वर्तमान भारतीय समाज के विभिन्न चरित्रों और स्तरों से परिचित होते हैं। अपने कथा-चरित्रों के प्रति लेखक का कोई पूर्वग्रह नहीं, बल्कि वह उन्हें जीवन-स्थितियों के बीच पहचानता है। यही कारण है कि ये कहानियाँ हमें जीवन की विविधता तक ले जाती हैं और हमारे भीतर एक इन्द्रधनुषी संसार सजीव हो उठता है।
Jungle Ki Baten
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

- Description: जंगल के जीव-जन्तुओं की छियासठ घटनाओं का इन कहानियों में वर्णन है। इनसान के समान ये जीव संवेदनशील होते हैं। सुख-दु:ख की अनुभूति, ममता, स्नेह, अनुराग, वात्सल्य जैसी कोमल भावनाएँ इनमें इनसान के समान ही देखी जाती हैं। इनमें जीवनसंगिनी और भाई-बहनों का रिश्ता सुखमय होता है। अपने-पराए में भेदभाव के बिना मौसियाँ एक दूसरे के बच्चों को अपना स्तनपान कराके पाल लेती हैं। बीमार, असहाय की जीवन-रक्षा के लिए भाई-बन्धु शिकार मारकर उसे खिलाते हैं। संकट में फँसे साथी की और सन्तान की जी-जान से रक्षा करते हैं। प्रिय के वियोग में या उसके मर जाने पर शोकाकुल साथी खाना छोड़ देते हैं और प्राण त्याग देते हैं। क़ुदरत के ओपन एअर थिएटर में नीले आसमान को चूमते हुए पहाड़ों और गहरी नदियों में अविराम बहती चंचल सरिताओं के बैकड्रॉप में गूँजते हुए दिलकश संगीत के साथ प्यार-मुहब्बत, प्रेयसी के लिए जानलेवा युद्ध, आहार जुटाने के लिए कड़ा संघर्ष करनेवाले जीवों की इन मर्मस्पर्शी कहानियों में शेर, सिंह, लकड़बग्घा, गीदड़ जैसे मांसाहारियों; हाथी, गैंडे, चीतल, साँभर जैसे शाकाहारियों; जलचरों, सरीसृपों; मोर, कबूतर जैसे शान्तिप्रिय पक्षियों ने सशक्त किरदार निभाए हैं।
Shaadi ka Joker
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

-
Description:
‘शादी का जोकर’ वरिष्ठ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का महत्त्वपूर्ण कहानी-संग्रह है। इस संग्रह में सत्रह कहानियाँ हैं। अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपनी रचनाशीलता का प्रस्थान व्यापक सामाजिक सरोकारों से निर्मित किया था। उपन्यासों और कहानियों की सार्थक व यशस्वी रचना-यात्रा करने के बाद उनमें नई तरह की सादगी जगमगाने लगी है।
प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ सक्रिय शब्दों में व्यक्त हुई हैं। लेखक ने आम ज़िन्दगी से झाँकती परेशानी, पशेमानी और कशमकश से इन कहानियों के सूत्र सहेजे हैं। पहली ही कहानी ‘ख़ून' रिश्तों की हिफ़ाज़त करनेवाले शख़्स और बेमुरव्वत दुनिया की दास्तान है। 'त्राहिमाम', 'कैलेंडर', ‘महामारी’, ‘तीसरी औरत’ सरीखी रचनाएँ रेखांकित करती हैं कि पठनीयता और सार्थकता की सहभागिता से स्मरणीय का जन्म होता है।
यह उल्लेखनीय है कि एक नैतिक निष्कपट क़िस्सागोई अब्दुल बिस्मिल्लाह की पहचान है। सामाजिक अविश्वास और उत्पीड़न के प्रसंग को 'शादी का जोकर' में अद्भुत अभिव्यक्ति मिली है। बारिश होने पर गाँव की बरात में आए दिल्ली के कला रसिकों का भागना और कला की दशा का बखान ‘तूफ़ानी पहलवान’ के इन शब्दों में है—‘अब सिर्फ़ बच गई अमराई में दोनों चारपाइयाँ, जो भीगती रहीं उस धारासार वर्षा में और आम के तने से चिपटे खड़े रहे तूफ़ानी पहलवान हाथ जोड़े। भीगती रही काँधे से लटकी उनकी ढोलक और उसकी डोरियों से टपकता रहा बूँद-बूँद पानी टप्प-टप्प...।'
ज़ाहिर है कि 'शादी का जोकर' एक उल्लेखनीय कहानी-संग्रह है। कथा-रस के साथ समकालीन सभ्यता में व्याप्त असमंजस की अभिव्यक्ति इसकी विशेषता है।
Nishachar
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ने बतौर कथाकार जो रास्ता चुना, उसके आधार पर अगर उन्हें पथ-प्रवर्तक कहा जाए तो वह ग़लत इसलिए होगा कि उसका अनुकरण हर किसी के लिए सहज नहीं है। बह रास्ता स्वयं सहजता का है, और उस पर चलने की हर सचेत कोशिश अपको न सिर्फ़ असहज, बल्कि अमौलिक भी कर देगी।
वह सहजता जीवन के स्व-भाव से आती है जिसे आप अपने परिवेश के बीचोबीच रहते हुए अर्जित भी नहीं करते, सिर्फ़ स्वीकार करते हैं। यथार्थ के प्रति यह स्वीकृति-भाव ही द्रष्टा को यथार्थ के सम्पूर्ण तक ले जाता है। यह यह आश्चर्यजनक है कि प्रगतिशील विचारधारा में प्रशिक्षित भीष्म जी ने अपने कथाकार को कभी इस स्वीकृति-भाव से वंचित नहीं किया।
अपनी हर कथा-रचना की तरह इस संग्रह की कहानियों में भी भीष्म जी ने दृष्टि की उस विराटता का परिचय दिया है। वर्ष 1983 में प्रकाशित इस संग्रह में उनकी प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘चाचा मंगलसेन’ भी है। साथ ही ‘जहूर बख्श’, ‘सरदारनी’ और 'सलमा आपा’ सहित कुल चौदह कहानियों से सम्पन्न यह पुस्तक सम्बन्धों के बनते-बिगड़ते रूपों और उनके मध्य अकुंठ खड़ी मानवीय जिजीविषा के अनेक आत्मीय और करुण चित्र हमें देती है। ये कहानियाँ गहरे संघर्ष के बाबजूद पलायन नहीं करने की ज़िद को भी रेखांकित करती हैं और वीभत्स के सम्मुख खड़े सौन्दर्य को भी।
Whatsappia Romance
- Author Name:
Sameer Yadav
- Book Type:

- Description: प्रेम के नये रूप का प्रस्तुत करती हुई इन कहानियों के लेखक हैं Sameer Yadav । इन कहानियों में नये युग का प्रेम है। नाम 'व्हाट्स-एपिया रोमांस' व्हाट्स अप पर जन्म लेनी वाली प्रेम कहानियाँ। लेकिन इन कहानियों में भी वही बेकरारी है, वही इंतज़ार है जो प्रेम में हमेशा से रहता है। पुस्तक में शामिल कहानियाँ 1) समझे बस वो... 2) एबाउट टू डाय 3) बट लीव इट 4) व्हाट्स-एपिया परवाने 5) पुरजा-पुरजा प्रेम पर्चियाँ 6) क्या यही प्यार है 7) WiFi Zone में लौट आओ 8) ग्रैंड सेल्यूट.. 9) इंद्रधनुषी और इंस्टेंट 10) आर यू देअर ? 11) दो काली टिक 12) मुहब्बत वाली जगह 13) आज मिल न.. 14) आख़िरी कश 15) नो स्टेटस 16) न सूखने देती हो, न भीगने 17) पिछली सदी का मैसेज 18) दोनों टिक नीली 19) गोल्डन रिट्रीवर 20) तारीख़ 21) उसे भी मालूम है .. 22) चपटी तिकोने वाली प्लेट 23) तुम बेवजह याद रहती भी कहाँ हो 24) इसमें मैं कहाँ ... 25) जा कुलच्छनी...... सब बरी हो गए
Hawaon Ka Rukh
- Author Name:
Murari Sharma
- Book Type:

- Description: बाणमूठ कहानी से राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में आए कहानीकार मुरारी शर्मा ने अब तक अपने चार कहानी संग्रहों और देबकू एक प्रेम कथा नामक उपन्यास से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में अपना योगदान सुनिश्चित किया है। इसी क्रम में पाँचवाँ कहानी-संग्रह है 'हवाओं का रुख'। इन कहानियों को पढ़ते हुए इस बात के संकेत मिलते हैं कि कहानीकार की रचना-प्रक्रिया कई स्तरों पर अपनी रचनात्मकता के नए आयाम खोज रही है। इन कहानियों के किरदार भले ही बड़े लोग न हों मगर ये कहानियाँ बड़ी चिन्ताओं की कहानियाँ अवश्य हैं। ये चिंताएँ कहानीकार मुरारी शर्मा की जीवन के प्रति प्राथमिकताओं के दृष्टिकोण को भी स्पष्ट करती हैं। ये कहानियाँ मनुष्य की त्रासद नियतियों की केन्द्रीयता के बावजूद अपने कहानीपन को बनाये रखती हैं इसलिए ये पाठकों को आकर्षित करती हैं। पाठ की रोचकता बनाये रखने में कहानीकार मुरारी शर्मा की समर्थ भाषा और वर्णन शैली भी अनिवार्य भूमिका निभाती नजर आती है। वैसे भी वे लोकभाषा में प्रचलित अनेक शब्दों का प्रयोग करते हुए वर्णन में रोचकता बनाये रखने में सिद्धहस्त हैं, ऐसा आभास उनकी पूर्व प्रकाशित अनेक कहानियों को पढ़ते हुए भी हो जाता है। इन कहानियों में भी लोक प्रचलित अनेक शब्दों, मुहावरों व लोकोक्तियों के प्रयोग भाषाई रोचकता को बनाये रखने में कामयाब रहे हैं। यह भाषा ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है जो छोटे-छोटे जीवन प्रसंगों को सामान्य चरित्रों के माध्यम से एक बड़ी कहानी के रूप में सफलतापूर्वक रूपांतरित देने में सक्षम है। —डॉ. विजय विशाल
Pratinidhi Kahaniyan : Arun Prakash
- Author Name:
Arun Prakash
- Book Type:

- Description: साहित्य के मौजूदा दौर में पाठ-सुख वाली कहानियाँ कम होती जा रही हैं। इस संकलन की कहानियों में पाठ-सुख भरपूर है। लेकिन यह सुख तात्कालिक नहीं है बल्कि ये निर्विवाद कहानियाँ देर तक स्मृति में बनी रहती हैं। लोकप्रियता और विचार-केन्द्रित कथा का मिज़ाज मुश्किल से मिलता है, पर इन कहानियों में यह सुमेल इसलिए सम्भव हो पाया, क्योंकि यहाँ पाठकों के प्रति गम्भीर सम्मान है। ये कहानियाँ पाठकों को उपभोक्ता नहीं, सहभोक्ता; श्रोता नहीं, संवादक बनने का अवसर देती हैं। इनमें विचार उपलाता नहीं, अन्तर्धारा की तरह बहता है, क्योंकि यह सृजन पाठक-लेखक सहभागिता पर टिका है। युग की प्रमुख आवाज़ों को सुरक्षित रखना इतिहास की ज़िम्मेवारी है, छोटी-छोटी अनुगूँजों को सहेजना साहित्य की। मनुष्य विरोधी मूल्यों, सत्ताओं और संगठित संघर्षों की बड़ी उपस्थिति के बावजूद लघु, असंगठित और प्राय: व्यक्तिगत संघर्षों की बड़ी दुनिया है। इन कहानियों में उसी की अनुगूँजें हैं। ये कहानियाँ किसी एक शैली में नहीं बँधी हैं, बल्कि हर कहानी का अलग और स्वतंत्र व्यक्तित्व नई भाषा, नई संरचना और आन्तरिक गतिशीलता के सहारे निर्मित किया गया है।
Kali Billiyon Ke Saaye Mein Chatori Chudail
- Author Name:
Uzma Kalam
- Book Type:

- Description: उज़्मा कलाम की कहानियाँ इतनी सहज और अनायास हैं कि एकदम पड़ोस की लगने के बावजूद उनका जादुई सम्मोहन देर तक अपनी गिरफ्त में लिए रहता है। ये कहानियाँ अक्सर दो विपरीत छोरों पर एक साथ चलती हैं इसलिए समय के मारक विरोधाभास इनमें ठोस और साकार होकर उपस्थित होते हैं। यहाँ एक तरफ एक क्रूर और निस्संग दुनिया है तो दूसरी तरफ फूलों से भी कोमल मन और उनके रंग और खूशबू। एक तरफ दारुण अभाव हैं तो दूसरी तरफ इतनी सघन भाव भरी स्मृतियाँ हैं कि वे एकदम मूर्तिमान होकर बारम्बार लौट आती हैं। विश्वसनीय जीवन यथार्थ और उसकी बन्दिशें हैं तो उनके जाल से बाहर निकलने को बेताब फन्तासियाँ और कल्पनाएँ भी हैं। यह कहानियाँ जीवन की धूप-छाँही निरन्तरता से अपना ताना-बाना लेती हैं। यहाँ अल्पसंख्यकों और हाशिए के जीवन की रोजमर्रा की जद्दोजहद के बीच, अतीत और वर्तमान, धर्म और आधुनिकता की तमाम बहसों और रिश्तों के दरमियाँ जीवन के अनेक संस्तरों से गुजरते हुए यह बार-बार जानना होता है कि चीजें इतनी इकहरी नहीं हैं जितनी बनाकर वह पेश की जाती हैं। इन कहानियों में एक जिद्दी दुनिया है जो हार भले जाती है पर जूझना नहीं छोड़ती। एक निहत्थी, पर मारक मासूमियत है जो संवेदना की सबसे भीतरी तहों में धँस-सी जाती है। स्त्रियाँ और बच्चे इन कहानियों के पर्यावरण का अनिवार्य हिस्सा हैं जो इन्हें देखने के एक अलग तर्क और तरीके की तरफ ले जाते हैं। अनेक यादगार स्त्री चरित्रों की उपस्थिति इन कहानियों को कभी न भूलनेवाली बना देती है। ‘काली बिल्लियों के साये में चटोरी चुड़ैल’ बेहतरीन कहानियों का एक ऐसा संग्रह है, जिसे हास्य और विडम्बना के अद्भुत ताने-बाने से बुना गया है। —कुणाल सिंह
Barah Charchit Kahaniya
- Author Name:
Sudha Om Dhingra +1
- Book Type:

- Description: This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book
.