Khatarnak Rog
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Author:
Premchandra SwarnkarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Lifestyle-and-wellness₹
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इस पुस्तक में वयस्कों में होनेवाली प्राय: सभी ख़तरनाक और जानलेवा बीमारियाँ जैसे—कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गुर्दों की अक्षमता, लकवा, दमा, पेट के छाले, लू, काला मोतिया, ड्रॉप्सी, ऑस्टियोपोरोसिस के साथ ही भयानक संक्रामक रोग—रेबीज, सार्स, एन्थ्रेक्स, स्वाइन फ्लू, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, प्लेग, हैजा, फ़ूड पॉयजनिंग, यकृत-शोथ, टायफ़ाइड, डेंगू, चिकुन गुन्या, मस्तिष्क-शोथ और एड्स के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं। इसके अलावा बच्चों में होनेवाले ख़तरनाक संक्रमण जैसे—पोलियो, निमोनिया, खसरा, डिफ्थीरिया, टिटनेस, मस्तिष्क ज्वर, रूमेटिक ज्वर, रोटावाइरस आंत्रशोथ इत्यादि की पूर्ण जानकारी और बचाव के उपायों के साथ ही विभिन्न रोगों के कारणों और नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही गम्भीर रोगों की पहचान और पैथोलॉजी की जाँचों के बारे में भी ज़रूरी जानकारियाँ दी गई हैं।</p> <p>एक अत्यन्त उपयोगी और प्रत्येक घर के लिए ज़रूरी पुस्तक है ‘ख़तरनाक रोग’।
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<p>एक अत्यन्त उपयोगी और प्रत्येक घर के लिए ज़रूरी पुस्तक है ‘ख़तरनाक रोग’।
Book Details
-
ISBN9789381863749
-
Pages367
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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अचूक इलाज की सभी तरकीबें : ठीक-ठीक खाना, हवा, धूप, पानी और मिट्टी का इस्तेमाल, कसरत और आराम के तरीक़े, अलग-अलग बीमारियों के इलाज के तरीक़े इस पुस्तक में बताए गए हैं।
तन्दुरुस्ती का मसला बहुत आसान है, स्वस्थ रहना ही शरीर की क़ुदरती हालत है, लेकिन इन्सान ने क़ुदरत के रास्ते में बहुत-सी अड़चनें डाल रखी हैं। इसी से इन दिनों बीमारियों की भरमार है। इलाज करनेवालों ने इस उलझन को बढ़ाकर स्वास्थ्य के मसले को और भी पेचीदा कर दिया है। क़ुदरत की राह में अड़चन न डालिए, आप स्वस्थ रहिएगा।
दवा से कुछ भी फ़ायदा नहीं हो सकता बल्कि नुक़सानदेह है। शरीर को प्राकृतिक तरीक़े से हवा, पानी, धूप के सिवा और किसी चीज़ की भी ज़रूरत नहीं है। क़ुदरत ने उसे ऐसा ही बनाया है कि वह अपनी मरम्मत और सफ़ाई आप ही कर लेता है।
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen
- Author Name:
Dr. Vinod Verma
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"डॉ.एस. राधाकृष्णन ने हिंदू धर्म के केंद्रीय सिद्धांतों, इसके दार्शनिक और आध्यात्मिक सिद्धांत, धार्मिक अनुभव, नैतिक चरित्र और पारंपरिक धर्मों की व्याख्या की है। हिंदू धर्म परिणाम नहीं एक प्रक्रिया है, विकसित होती परंपरा है, न कि निश्चित रहस्योद्घाटन—जैसा कि अन्य धर्मों में होता है। उन्होंने ईसाई धर्म, इसलाम और बौद्ध धर्म की तुलना हिंदू धर्म के संदर्भ में की है और इस बात पर बल दिया है कि इन धर्मों का अंतिम उद्देश्य सार्वभौमिक स्वयं की प्राप्ति है। धर्म को लेकर राधाकृष्णन का विश्लेषण परम बौद्धिक और संतुलित है तथा उनके व्याख्यानों को विश्व भर में हार्दिक प्रतिक्रिया मिली है। इस पुस्तक के लेख इस महान् दार्शनिक के मन को प्रतिबिंबित करते हैं, जिनका अभिवादन एक और विवेकानंद के रूप में किया गया है। हिंदू धर्म का विहंगम दिग्दर्शन करानेवाली पठनीय पुस्तक।
Swasth Hridaya : Dekhrekh Aur Upchar
- Author Name:
Yatish Agarwal
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जीवन का सुर-संगीत दिल की धड़कनों में ही बसा है। ये धड़कनें ताउम्र मज़बूत बनी रहें, इसके लिए जीवन में थोड़ा-सा संयम और अनुशासन बरतना ज़रूरी है।
दिल की हिफ़ाज़त, बीमारियों और उनके इलाज के बारे में सरल-सुबोध शैली में रची गई यह एक अनूठी पुस्तक है, जिसमें पाठकों के सभी सवालों पर उपयोगी जानकारियाँ हैं : जानें अपने हृदय का भविष्यफल, कैसे घटाएँ कोलेस्टेरॉल, बायपास ऑपरेशन और उसके नए रूप, दिल की हिफ़ाज़त के उपाय, ऐंजाइना और दिल का दौरा : लक्षण और उपचार, कोरोनरी ऐंजियोप्लास्टी में क्या करते हैं, दिल के दुश्मनों को पहचानें, व्यायाम कितना और कैसे करें, दिल के वाल्व के रोग और उनका इलाज, दिल के टेस्ट : कब और कैसे, बेसुर, बेताल दिल (एरिद्मिया) के रहस्य और पेसमेकर, जन्मजात हृदय विकार, दिल के दौरे के बाद सामान्य जीवन में वापसी।
पुस्तक में इलाज के व्यावहारिक पहलुओं को इस प्रकार संयोजित किया गया है कि न सिर्फ़ रोगी, बल्कि स्वस्थ लोग भी इस पुस्तक से लाभ उठा सकते हैं।
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