Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen
About the book
"डॉ.एस. राधाकृष्णन ने हिंदू धर्म के केंद्रीय सिद्धांतों, इसके दार्शनिक और आध्यात्मिक सिद्धांत, धार्मिक अनुभव, नैतिक चरित्र और पारंपरिक धर्मों की व्याख्या की है। हिंदू धर्म परिणाम नहीं एक प्रक्रिया है, विकसित होती परंपरा है, न कि निश्चित रहस्योद्घाटन—जैसा कि अन्य धर्मों में होता है। उन्होंने ईसाई धर्म, इसलाम और बौद्ध धर्म की तुलना हिंदू धर्म के संदर्भ में की है और इस बात पर बल दिया है कि इन धर्मों का अंतिम उद्देश्य सार्वभौमिक स्वयं की प्राप्ति है। धर्म को लेकर राधाकृष्णन का विश्लेषण परम बौद्धिक और संतुलित है तथा उनके व्याख्यानों को विश्व भर में हार्दिक प्रतिक्रिया मिली है। इस पुस्तक के लेख इस महान् दार्शनिक के मन को प्रतिबिंबित करते हैं, जिनका अभिवादन एक और विवेकानंद के रूप में किया गया है। हिंदू धर्म का विहंगम दिग्दर्शन करानेवाली पठनीय पुस्तक।
Read more₹
400
320 20% off
Available
Format
About the Book
"डॉ.एस. राधाकृष्णन ने हिंदू धर्म के केंद्रीय सिद्धांतों, इसके दार्शनिक और आध्यात्मिक सिद्धांत, धार्मिक अनुभव, नैतिक चरित्र और पारंपरिक धर्मों की व्याख्या की है। हिंदू धर्म परिणाम नहीं एक प्रक्रिया है, विकसित होती परंपरा है, न कि निश्चित रहस्योद्घाटन—जैसा कि अन्य धर्मों में होता है। उन्होंने ईसाई धर्म, इसलाम और बौद्ध धर्म की तुलना हिंदू धर्म के संदर्भ में की है और इस बात पर बल दिया है कि इन धर्मों का अंतिम उद्देश्य सार्वभौमिक स्वयं की प्राप्ति है। धर्म को लेकर राधाकृष्णन का विश्लेषण परम बौद्धिक और संतुलित है तथा उनके व्याख्यानों को विश्व भर में हार्दिक प्रतिक्रिया मिली है। इस पुस्तक के लेख इस महान् दार्शनिक के मन को प्रतिबिंबित करते हैं, जिनका अभिवादन एक और विवेकानंद के रूप में किया गया है।
हिंदू धर्म का विहंगम दिग्दर्शन करानेवाली पठनीय पुस्तक।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 400 grams
- ISBN-13
- 9789352663460
- Pages
- 136
- Reading time
- ~5 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
Customer reviews
Be the first to write a review
Read this one? Tell other readers what you thought about the story, the translation and the print.
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen bridges centuries-old Indian therapeutic traditions with the urgent contemporary need for healthy, sustainable weight management. Unlike diet fads that promise quick fixes, this book grounds weight loss in the diagnostic frameworks of Ayurveda—dosha balance, digestive fire (agni), and metabolic typing—and pairs them with specific yogic asanas and pranayama sequences designed to accelerate fat metabolism and restore hormonal equilibrium. Readers receive practical dietary charts aligned with constitutional types (vata, pitta, kapha), herbal formulations accessible in Indian households, and daily routines (dinacharya) that treat weight not as a cosmetic concern but as a reflection of inner imbalance. For those weary of Western nutritional advice that ignores India's culinary heritage and climatic diversity, this text offers culturally coherent, medically respectful strategies that honour the body's innate intelligence.
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen पुस्तक मुझे कैसा पठन अनुभव देगी?
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen पुस्तक आपको व्यावहारिक अनुभव और सशक्तिकरण प्रदान करती है। यह केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में लागू करने योग्य आयुर्वेदिक और योग तकनीकों से भरी है। पाठक धीरे-धीरे आत्मविश्वास महसूस करते हैं कि वे अपने शरीर की भाषा समझ सकते हैं और स्थायी स्वास्थ्य परिवर्तन ला सकते हैं।
Ayurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen पुस्तक किसके लिए सबसे उपयुक्त है और यह पाठक से क्या अपेक्षा रखती है?
- जो लोग पश्चिमी डाइट प्लान से असंतुष्ट हैं और भारतीय भोजन संस्कृति के अनुकूल समाधान चाहते हैं
- योग और आयुर्वेद में रुचि रखने वाले जो वैज्ञानिक आधार पर वजन घटाना चाहते हैं
- जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार के लिए धैर्य और अनुशासन रखते हैं, त्वरित परिणामों की उम्मीद नहीं करते
आज के भारतीय पाठकों के लिए इस पुस्तकAyurveda va Yoga Dwara Vazan Ghatayen का सांस्कृतिक या ऐतिहासिक महत्व क्या है?
जब मोटापा और जीवनशैली रोग भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं, यह पुस्तक हमें याद दिलाती है कि हमारे पूर्वजों के पास पहले से ही प्रभावी स्वास्थ्य प्रणालियाँ थीं। आयुर्वेद और योग केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा द्वारा मान्यता प्राप्त विज्ञान हैं जो भारतीय जलवायु, भोजन और शरीर प्रकृति के अनुकूल हैं।
इस लेखक का इस विषय पर दृष्टिकोण क्या विशिष्ट बनाता है?
लेखक ने वजन घटाने को केवल कैलोरी गणना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे दोष संतुलन, अग्नि (पाचन अग्नि), और व्यक्तिगत प्रकृति के माध्यम से समझाया है। प्रत्येक शरीर प्रकार (वात, पित्त, कफ) के लिए विशिष्ट आहार चार्ट और योगासन दिए गए हैं, जो इसे व्यक्तिगत और प्रभावी बनाते हैं।
यह पुस्तक पाठक को भावनात्मक, बौद्धिक या सांस्कृतिक रूप से क्या देती है जो पढ़ने के बाद लंबे समय तक रहता है?
- शरीर के प्रति सम्मान और आत्म-जागरूकता की गहरी समझ
- यह विश्वास कि स्वास्थ्य बाहरी उत्पादों पर नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन पर निर्भर करता है
- भारतीय ज्ञान परंपराओं पर गर्व और उन्हें दैनिक जीवन में लागू करने की प्रेरणा
