Motapa : Ghatak Rogon Ki Jad
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Author:
Premchandra SwarnkarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Health-fitness-nutrition₹
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शरीर की आवश्यकता से अधिक कैलोरी वाला या अधिक चर्बीयुक्त भोजन वज़न बढ़ाने में सहायक होता है। यहाँ तक कि केवल 20 ग्राम वाला एक ब्रेड का टुकड़ा यदि अतिरिक्त मात्रा में रोज़ खाया जाए तो वह वज़न बढ़ा सकता है। इसी तरह 20 मिनट पैदल चलनेवाला व्यक्ति कार से जाने लगे या पैदल चलना छोड़ दे तो भी उसका वज़न बढ़ सकता है। दस वर्षों के दौरान ली गई अतिरिक्त 48 किलो कैलोरी से 20 किलो चर्बी शरीर में जमा हो सकती है। बच्चों में चाकलेट और फास्ट-फूड खाने की आदतें भी वज़न बढ़ाने में सहायक होती हैं। आए दिन होनेवाली पार्टियों में जानेवाले लोग अकसर ज़रूरत से ज़्यादा खा जाते हैं, यह अधिक खाना उनका वज़न बढ़ाने में सहायक होता है। कुछ लोग तनाव या समस्याओं के कारण भी ज़्यादा खा जाते हैं। इसी तरह कई लोग अच्छे स्वाद के कारण भी अधिक भोजन करते हैं। कई लोगों में एक ग़लत धारणा प्रचलित है कि स्वस्थ रहने के लिए ख़ूब खाना चाहिए और फिर ख़ूब खानेवाली धारणा उन्हें मोटा बना देती है।</p> <p>—इसी पुस्तक से
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शरीर की आवश्यकता से अधिक कैलोरी वाला या अधिक चर्बीयुक्त भोजन वज़न बढ़ाने में सहायक होता है। यहाँ तक कि केवल 20 ग्राम वाला एक ब्रेड का टुकड़ा यदि अतिरिक्त मात्रा में रोज़ खाया जाए तो वह वज़न बढ़ा सकता है। इसी तरह 20 मिनट पैदल चलनेवाला व्यक्ति कार से जाने लगे या पैदल चलना छोड़ दे तो भी उसका वज़न बढ़ सकता है। दस वर्षों के दौरान ली गई अतिरिक्त 48 किलो कैलोरी से 20 किलो चर्बी शरीर में जमा हो सकती है। बच्चों में चाकलेट और फास्ट-फूड खाने की आदतें भी वज़न बढ़ाने में सहायक होती हैं। आए दिन होनेवाली पार्टियों में जानेवाले लोग अकसर ज़रूरत से ज़्यादा खा जाते हैं, यह अधिक खाना उनका वज़न बढ़ाने में सहायक होता है। कुछ लोग तनाव या समस्याओं के कारण भी ज़्यादा खा जाते हैं। इसी तरह कई लोग अच्छे स्वाद के कारण भी अधिक भोजन करते हैं। कई लोगों में एक ग़लत धारणा प्रचलित है कि स्वस्थ रहने के लिए ख़ूब खाना चाहिए और फिर ख़ूब खानेवाली धारणा उन्हें मोटा बना देती है।</p>
<p>—इसी पुस्तक से
Book Details
-
ISBN9788183613798
-
Pages70
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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योग द्वारा स्वस्थ जीवन—बी.के.एस. आयंगर ‘योग’ एक तपस्या है। शरीर को निरोग एवं सशक्त बनाने की एक संपूर्ण विधि है ‘योग’। योग असाध्य रोगों को भी दूर भगाता है। आज संसार भर के लोग योग और इसके चमत्मकारी प्रभावों के प्रति आकर्षित हैं। विश्वप्रसिद्ध योगगुरु बी.के.एस. आयंगार की इस पुस्तक ‘योग द्वारा स्वस्थ जीवन’ में आसन किस प्रकार किए जाएँ, किस प्रकार होनेवाली गलतियों को टाला जा सकता है और अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इन बातों को आम लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। योग के द्वारा कैसे व्यक्तियों का उपचार किया जाए, इसका त्रुटिहीन अभ्यास करते हुए अधिकाधिक लाभ कैसे प्राप्त किया जाए—इसका सचित्र वर्णन किया गया है। पुस्तक का उपयोग करना आसान व सरल हो, इस दृष्टि से पुस्तक के अंत में दो परिशिष्ट जोड़े गए हैं। परिशिष्ट 1 में आसन क्रमांक और आसनों के नाम देकर उनका वर्गीकरण प्रस्तुत किया गया है। परिशिष्ट 2 में किस रोग में किस आसन से लाभ होगा, उनका वर्णन है। स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखानेवाली सरल-सुबोध भाषा में योग पर एक अनुपम कृति।
Ayurveda Aur Swastha Jeevan
- Author Name:
Dr. T.L. Devraj
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यह पुस्तक आयुर्वेद के सभी आयामों की महत्ता को प्रकट करती है। पुस्तक की विषय-वस्तु में रोगों से बचाव के उपायों और उपचार दोनों पक्षों पर ध्यान दिया गया है आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों द्वारा उपचार, खनिज-लवणों तथा मानव शरीर को विषमुक्त करनेवाली बॉडी क्लींजिंग पद्धतियों के अलावा उपचार के अनूठे तरीके समाविष्ट है आयुर्वेदिक उपचार शारीरिक तथा मानसिक संतुलन सुनिश्चित करता है प्रत्येक व्यक्ति के लिए आयुर्वेद एक उत्तम मार्गदर्शक है लेखक ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने शरीर की प्रकृति के बारे में जाने और उसके अनुसार चलकर स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन प्राप्त करे
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