🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store
Shobhakant

Shobhakant Author

short-story-collections · hindi

1 Followers
0 Rating
5 Books
Rate

About Shobhakant

शोभाकान्त बिहार के दरभंगा जिले के तरौनी गाँव में 14 जून, 1945 को जन्मे शोभाकान्त बाबा नागार्जुन के ज्येष्ठ पुत्र हैं और नागार्जुन की अनथक यात्रा के आखिरी कुछ वर्षों के हमराही भी। ज्ञानेन्द्रपति के शब्दों में कहें, तो 'कवि नागार्जुन उर्फ यात्री के पुत्र ही नहीं मित्र/अपने बाधित पैरों में अबाध अगाध यात्रोत्साह लिये/दुबले तन में जठर ही नहीं, किसी दावा का भी दाह लिये'। मैथिली और हिन्दी में समान रूप से लिखते रहे हैं। मैथिली और बांग्ला में कुछ अनुवाद भी किया है। दर्जनों निबन्ध विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छप चुके हैं। 1980 के दशक से नागार्जुन की जहाँ-तहाँ बिखरी रचनाओं के संकलन-सम्पादन में लीन। नागार्जुन की 'भूमिजा' और 'पका है यह कटहल' जैसी किताबों के सह-सम्पादक। 'नागार्जुन- मेरे बाबूजी' पुस्तक से खासा चर्चित हुए। 'नागार्जुन: चयनित निबन्ध', 'नागार्जुन रचनावली' और 'यात्री समग्र' का सम्पादन किया है। नागार्जुन के साहित्य-संसार के अनछुए पहलू को सामने लाने के लिए आज भी प्रत्यनशील हैं।
Bhoomija
Best known for Bhoomija

Rajkamal Prakashan Samuh · hindi · short-story-collections

₹48 ₹60
Buy now

Books by Shobhakant

Offers

Loading offers…

whatsapp