Keshav Chandra Verma

Keshav Chandra Verma

5 Books
0 Rating
0 Followers
Rate

केशवचन्द्र वर्मा केशवचन्द्र वर्मा का जन्म 23 दिसम्बर, 1925 को सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तक शिक्षा हासिल की। अपने पाँच दशक के रचनाकाल में उन्होंने उपन्यास, कहानी, कविता, नाटक और निबन्ध सहित विभिन्न विधाओं और अनेक अछूते विषयों में आधुनिक बोध और समकालीन परिवेश को उल्लेखनीय ढंग से समेटा। वे हिन्दी में हास्य-व्यंग्य की विधा को साहित्यिक प्रतिष्ठा दिलाने में अग्रणी रहे। उन्होंने  ‘छायानट’ जैसी ललित कलाओं की पत्रिका का दस वर्षों तक उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के लिए संचालन और सम्पादन भी किया। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘आँसू की मशीन’, ‘मुहब्बत मनोविज्ञान और मूँछदाढ़ी’, ‘काठ का उल्लू और कबूतर’ (उपन्यास); ‘लोमड़ी का मांस’, ‘प्यासा और बेपानी के लोग’, ‘मुर्ग छाप हीरो’, ‘अफलातूनों का शहर’, ‘वृहन्नला का व्यक्तित्व’, ‘गधे की बात’, ‘हड़ताली बाबू’ (कहानी/निबन्ध); ‘झरबेरियाँ’, ‘वीणापाणि के कम्पाउंड में’, ‘उज्जवल नीलरस’, ‘समर्थारति’ (कविता); ‘रस का सिरका’, ‘चिड़ी के गुलाम’, ‘अभिज्ञानशाकुंतल’ : भाग-2 (नाटक); ‘शॉर्टकट की संस्कृति’, ‘भारतीय नृत्यकला’, ‘कोशिश संगीत समझने की’, ‘समसामयिक संगीत का परिवेश’, ‘मनके : सुर के, ज्यादातर गलत : कुछ सही भी’, ‘भारतीयता की पहचान’, ‘निज नैनहिं देखि!’, ‘सुमिरन को बहानो’, ‘ताकि सनद रहे’, ‘शब्द की साख : भारत में रेडियो प्रसारण’ (विविध)। साहित्यिक उपलब्धियों के लिए उन्हें अनेक सम्मान प्रदान किये गए। 25 नवम्बर, 2007 को उनका निधन हुआ।

Keshav Chandra Verma

Keshav Chandra Verma

5 Books

Offers

Best Deal

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.

whatsapp