Vimarsh-Akaal Me Utsav
About the book
‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
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About the Book
‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Shivna Prakashan
- Weight
- 300 grams
- ISBN-13
- 9789381520550
- Pages
- 120
- Reading time
- ~4 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 19 × 21 cm
- Language
- Hindi
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