Vichar Aur Samay
(0)
Author:
Sudha Om DhingraPublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
150
120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Book
Read moreAbout the Book
Book
Book Details
-
ISBN9789387310995
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bihar Police Daroga Prarambhik Pareeksha 30 Practice Sets (Avar Seva Ayog Patna) (vol-1)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
LOVE IN LUCKNOW
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: लखनऊ की गलियों में बुनी गई दोस्ती की, साथ बड़े होने और खुद को ढूँढ़ने की दिल को छू लेने वाली कहानी। दिनेश, फिरोज और राहुल लखनऊ के शांत गंजों में क्रिकेट खेलते और साइकिल चलाते साथ-साथ बड़े हुए, जहाँ उनकी जिंदगी का उनके शहर के साथ आपस में एक करीबी रिश्ता जुड़ गया। लेखक ने उनकी रोजाना की जिंदगी और साहसिक कारनामों को जीवंतता से पेश किया है; उनके उस सफर को बखूबी बयाँ किया है, जब वे तीनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं। क्या होता है, जब प्यार उन्हें आमने-सामने ला देता है और उनका सामना कड़वी सच्चाई से होता है? क्या पैसों और सियासत की वेदी पर पत्रकारिता के मूल्यों की बलि दे दी जाएगी? साजिश और धोखे के आगे आदर्शवाद की राजनीति टिक पाएगी? और खास तौर पर, क्या प्यार जगह, समय और हालात की खाई को पाट देगा? ‘लव इन लखनऊ’ आए दिन बदलते समाज की पृष्ठभूमि में बुनी गई इश्क और ख्वाहिश, सियासत और भ्रष्टाचार, अरमानों और सपनों, रिश्तों और खुलासों की जबरदस्त कहानी है, जो पाठकों के मर्म और संवेदना को सहज छू लेगी।
Drishti Nahin, Drishtikon Chahiye
- Author Name:
Rajesh Singh
- Book Type:

- Description: अनगिनत भारतीयों की तरह ही राजेश सिंह का भी एक सपना था। वह एक आई.ए.एस. अधिकारी बनना चाहते थे। बस एक समस्या थी—वह देख नहीं सकते थे। यह पुस्तक पटना के एक युवा, राजेश के प्रेरणादायी सफर की कहानी है, जो प्रज्ञाचक्षु है। भारी मुश्किलों से लड़ता हुआ वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। यह परीक्षा बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक है, लेकिन इसमें सफल होना कई लोगों का सपना भर रह जाता है। लेकिन अपनी प्रबल इच्छाशक्ति, अदम्य जिजीविषा, कठिन परिश्रम, लगन और साधना ने दिव्यांग उत्साही राजेश को इस दुर्गम प्रतियोगिता में सफल होने का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसी प्रेरक जीवनयात्रा पाठकों के समक्ष इस भाव से प्रस्तुत है कि किसी शारीरिक अक्षमता के बावजूद व्यक्ति फौलादी इरादों के बल पर अपने सपनों को पूरा करने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकता है।
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME NIHIT TATHA ABHIVYAKT SAMASYAEN
- Author Name:
Nidhiraj Bhadana +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: प्रवासी कहानीकार डाॅ सुधा ओम ढींगरा की कहानियों पर यह दो शोध कार्य हैं जो निधिराज भडाना तथा रेशू पाण्डेय ने किये हैं।
Pahadiya Janajati: Itihas Evam Sanskrti
- Author Name:
Dr. Surendra Nath Tiwary
- Book Type:

- Description: भारत में पिछले 50 वर्षों के दौरान जनजातीय जीवन के संबंध में नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन का महत्त्व बढ़ा है। नृ-पुरातत्त्व के अंतर्गत समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवहारों तथा भौतिक संस्कृति के विभिन्न तत्त्वों का अध्ययन प्राप्त पुरातात्त्विक अवशेषों की विशेषताओं के आधार पर किया जाता है। इस पद्धति ने जनजातीय अध्ययन को बड़ा फलक प्रदान किया है। इसमें परिवर्तन तथा निरंतरता का विशेष महत्त्व है। पहाडि़या आदिम जनजाति पर पूर्व में किए गए शोध व लेखन की तुलना में यह पुस्तक कई मायनों में खास है। यह पहाडि़या जीवन पर शोध की दिशा में ठोस वैज्ञानिक आधारों पर नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखक डॉ. सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इस पुस्तक में पहाडि़या जनजाति पर शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक स्थितियों का सांगोपांग वर्णन किया है। इसमें आदियुग के कई सूत्र छिपे हुए हैं, जो समाजशास्त्रियों, नीति-निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित आम पाठक के साथ-साथ इतिहासकारों व पुराविदों को भी रुचिकर लगेंगे।
Mayavi Amba Aur Shaitan
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं और एकाएक वह रुक गई। ये वही जंगल थे, जहाँ वे अपनी मरजी के मालिक बनकर घूमा करते थे। उस रात चाँद कुछ अनोखी चमक बिखेर रहा था। बाँजफल के बड़े पेड़ से माँ का शरीर झूल रहा था। मृत्यु के गहने की तरह उसने और कई अन्य महिलाओं ने उसे धारण किया था। यह सब बहुत तेजी से हुआ। चारों ओर छाया कुहरा गलकर सफेद धुंध बन रहा था, इतना गहरा कि चंद कदमों की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। गाँव भी आँखों से ओझल हो गया था। जब धुंध छँटी, तब वहाँ वह छोटी लड़की कहीं भी नहीं थी। ऐसा लगा, जैसे वह निष्प्राण हवा में लुप्त हो गई हो। अपने पीछे दुर्गंध भरी गरमी छोड़कर और पत्थरों पर अपने पंजों के निशान, जैसे वे पत्थर मोम से बने हों! मौसम बदलने पर कुछ लोगों को जोतसोमा के घने जंगलों में जीव-जंतुओं की दिल दहलानेवाली भयानक चीख-पुकार के बीच अब भी उसका विलाप सुनाई देता है। बहुत ही मजबूत दिलवाले भी सूरज ढलने के बाद जोतसोमा के जंगलों में जाने की हिम्मत नहीं करते। —इसी पुस्तक से
Student Hindi Dictionary
- Author Name:
Virendranath Mandal
- Book Type:

-
Description:
भारत की राष्ट्रभाषा होने के बावजूद जनसाधारण के हिन्दी सम्बन्धी ज्ञान को पर्याप्त नहीं कहा जा सकता। शैक्षिक जीवन में पाठ्य-पुस्तकों आदि के सन्दर्भ में भी हिन्दी के शब्दार्थ, शब्द और वाक्य-प्रयोग आदि को लेकर विद्यार्थियों को सदैव समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसी के मद्देनज़र इस कोश में विद्वान कोशकार का बल विस्तार के बजाय भाषा की व्यावहारिक उपयोगिता पर रहा है। पाठ्यक्रम तथा रोज़मर्रा जीवन, मीडिया माध्यमों आदि में प्रयुक्त होनेवाले आवश्यक शब्दों, उनके अर्थों, उनकी व्याकरणगत स्थिति तथा प्रयोगों से सम्पन्न यह कोश विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों, अनुवादकों, भाषाकर्मियों व भाषा-अधिकारियों के लिए समान रूप से उपयोगी है।
इसके अलावा इसमें ‘रामायण’, ‘महाभारत’, बुद्धचरित, प्रमुख पर्वतमालाओं, नदियों, पशु-पक्षियों तथा देवी-देवताओं से सम्बन्धित शब्दावलियों को अलग से सँजोया गया है।
Operation Z Live: Russia-Ukraine Yuddha
- Author Name:
Neeraj Rajput
- Book Type:

- Description: यह युग युद्ध का नहीं है, फिर भी रूस यूक्रेन युद्ध को पूरा एक साल हो गया, लेकिन अभी तक हार-जीत का फैसला नहीं हो पाया है। हार-जीत तो दूर, यह भी तय कर पाना मुश्किल है कि जंग में पलड़ा किसका भारी है—सुपरपावर रूस का या अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों की मदद ले रहे यूक्रेन का? दोनों देश लड़ाई को लेकर रोजाना अपने-अपने दावे जरूर पेश करते रहते हैं। प्रतिदिन दोनों देशों की सेनाएँ, राष्ट्राध्यक्ष और विदेशी खुफिया एजेंसियाँ आँकड़े एवं विश्लेषण जारी करती हैं, फिर भी लगता है कि सब सच्चाई से कोसों दूर हैं। ऐसे में पूरी दुनिया हैरान है कि आखिर युद्ध के मैदान में चल क्या रहा है! दरअसल, यह युद्ध जितना मैदान में लड़ा जा रहा है, उससे कहीं ज्यादा भीषण तरीके से इन्फॉर्मेशन स्पेस में लड़ा जा रहा है, यानी इंफो वॉरफेयर, जिसके चलते यह पता करना बेहद मुश्किल हो रहा है कि युद्ध में आखिर चल क्या रहा है। युद्ध को कवर करनेवाले पत्रकार भी इस खेल को नहीं समझ पा रहे हैं। किसी भी युद्ध को कवर करने के लिए किसी पत्रकार को सेनाओं के साथ एंबेडेड होने की क्या मजबूरी होती है, उस पर भी कुछ सामग्री इस पुस्तक में है। क्योंकि बिना एंबेडेड जर्नलिज्म के युद्ध की कवरेज करना मुश्किल होता है। लेकिन उस तरह की पत्रकारिता की क्या कमियाँ हो सकती हैं और उसे कैसे सुधारा जा सकता है, उसके बारे में थोड़ा बताने और समझाने का प्रयास इस पुस्तक के माध्यम से किया गया है।
Bharat ki Yaadgaar Ghatnayen
- Author Name:
Manisha Mathur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Emergency ka Kahar aur Censor ka Zahar
- Author Name:
Balbir Dutt
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक के पृष्ठों में आपातस्थिति के अँधेरे में किए गए काले कारनामों और करतूतों का विवरण दिया गया है। हमारे देश के इतिहास में आपातकाल एक ऐसा कालखंड है, जिसकी कालिख काल की धार से भी धुलकर साफ नहीं हुई है। इस दौरान विपक्ष के प्रायः सभी प्रमुख नेताओं और हजारों नागरिकों को बिना मुकदमा चलाए जेल में डाल दिया गया था। इनमें करीब 250 पत्रकार भी थे। लोगों को अनेक ज्यादतियों और पुलिस जुल्म का सामना करना पड़ा था। अखबारों के समाचारों पर कठोर सेंसर लगा दिया गया था। यह इमरजेंसी का ब्रह्मास्त्र साबित हुआ। जो काम अंग्रेजों ने नहीं किया था, वह इंदिरा गांधी की सरकार ने कर दिखाया। विडंबना यह कि करीब साढ़े चार दशक बाद आज की पीढ़ी को यह भरोसा नहीं हो पा रहा है कि लोकतांत्रिक भारत में जनता की आजादी के विरुद्ध ऐसा भी तख्तापलट हुआ, जिसका विरोध-प्रतिरोध करने वालों को इसे ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ की संज्ञा देनी पड़ी। आपातकाल का काला अध्याय एक ऐसा विषय है, जिसपर देश-विभाजन की तरह अनेक पुस्तकें आनी चाहिए। स्वतंत्र राजनीतिक विश्लेषकों की दृष्टि में यह स्वतंत्र भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण घटना है। लोकशक्ति द्वारा लोकतंत्र को फिर पटरी पर ले आने की कहानी उन सबके लिए खास तौर पर पठनीय है, जिनका जन्म उस घटनाक्रम के बाद हुआ। प्लेटो के विश्व प्रसिद्ध ‘रिपब्लिक’ ग्रंथ पर जो विशद विवेचन है उससे स्पष्ट है कि गणतंत्र को सबसे बड़ा खतरा भीतर से है, बाहर से नहीं। गणतंत्र सदैव अपने ही संक्रमण से पतित होता है।
Ramayana Se Startup Sootra
- Author Name:
Prachi Garg
- Book Type:

- Description: This book has no description
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha 15 Practice Sets Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSSSC PET PARIKSHA SAMUH-G (20 PRCT SETS)-NEW
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Vaigyanik
- Author Name:
Krishna Murari Lal Srivastava
- Book Type:

- Description: सृष्टि के आरंभ से लेकर आज तक की चमत्कृत कर देनेवाली वैज्ञानिक उपलब्धियाँ हममें विज्ञान के बारे में अद्भुत जिज्ञासा भरती रही हैं। वैज्ञानिक प्रगति ने विश्व भर में नित नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक नई-नई खोजों से हमें चौंकाते रहे हैं। इनमें भारतीय वैज्ञानिकों का महत्व प्राचीन काल से ही विशेष रूप से रहा है और इनपर हमें अपार गर्व है। बात प्राचीन काल की करें या अर्वाचीन की, भारत के वैज्ञानिक सभी क्षेत्रों में सदैव अग्रणी रहे हैं। आयुर्वेद, खगोल, रसायन, धातु विज्ञान शरीर शास्त्र सौर ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान तथा परमाणु ऊर्जा आदि विज्ञान की सभी शाखा-प्रशाखाओं और खोजो मे भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान प्रशसनीय रहा है। प्रस्तुत पुस्तक हमारे वैज्ञानिकों के व्यक्तत्वि और कृतित्व से छात्रों, अध्यापकों और अनुसंधित्सुओं को परिचित कराने में पूर्णतः सक्षम है। इनके परिचय चित्रमय होने से इनकी प्रेरणा व आकर्षकता और भी बढ़ जाती है।
UP TGT Ganit 10 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Mathematics Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vaishali Ki Nagar Vadhu
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: अपने जीवन के पूर्वाह्न में--सन् 1909 में, जब भाग्य रुपयों से भरी थेलियाँ मेरे हाथों में पकड़ाना चाहता था--मैंने कलम पकड़ी। इस बात को आज 40 वर्ष बीत रहे हैं। इस बीच मैंने छोटी-बड़ी लगभग 84 पुस्तकें विविध विषयों पर लिखीं तथा दस हजार से अधिक पृष्ठ विविध सामयिक पत्रिकाओं में लिखे। इस साहित्य-साधना से मैंने पाया कुछ भी नहीं, खोया बहुत-कुछ, कहना चाहिए, सब कुछ--धन, वैभव, आराम और शांति। इतना ही नहीं, यौवन और सम्मान भी। इतना मूल्य चुकाकर निरंतर चालीस वर्षों की अर्जित अपनी संपूर्ण साहित्य-संपदा को मैं आज प्रसन्नता से रदृद करता है और यह घोषणा करता हूँ कि आज मैं अपनी यह पहली कृति विनयांजलि सहित आपको भेंट कर रहा हूँ। यह सत्य है कि यह उपन्यास है, परंतु इससे अधिक सत्य यह है कि यह एक गंभीर रहस्यपूर्ण संकेत है, जो उस काले परदे के प्रति है, जिसकी ओट में आर्यों के धर्म, साहित्य, राजसत्ता और संस्कृति की पराजय और मिश्रित जातियों की प्रगतिशील संस्कृति की विजय सहस्राब्दियों से छिपी हुई है, जिसे संभवत: किसी इतिहासकार ने आँख उषधाड़कर देखा नहीं है।
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Vigyan (MPTET Science Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adyatan Hindi Vyakaran
- Author Name:
B.N. Pandey
- Book Type:

- Description: "यह पुस्तक चार अध्यायों में विभक्त है : प्रथम अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी ध्वनियों एवं उनके लिखित रूप अक्षरों एवं संयुक्ताक्षरों की लेखन विधि, उच्चारण एवं उनसे शब्द-निर्माण की व्याख्या की गई है, ताकि हिंदीतरभाषी भारतीय एवं विदेशी परीक्षार्थी उनकी स्पष्ट समझ के साथ-साथ कम-से-कम समय में उनका अभ्यास कर उनपर अधिकार कर सकें। दूसरे अध्याय में सभी प्रकार के शब्दों की प्रकृति, निर्माण एवं पहचान की व्याख्या के साथ-साथ वाक्य गठन के दौरान लिंग, वचन विभक्ति, काल आदि के प्रभाव से उनमें होनेवाले रूप परिवर्तन को विवेचित-विश्लेषित किया गया है। तीसरे अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी प्रकार के वाक्यों के गठन के अंतर्निहित नियमों को विश्लेषित किया गया है। वाक्य किसी भाषा के दैनिक प्रयोग की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई हैं और सभी प्रकार के अधिक-से-अधिक वाक्यों के निरंतर अभ्यास से ही भाषा का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। चौथे अध्याय में उपसर्ग, प्रत्यय, संधि एवं समास समाहित हैं : व्याकरण पुस्तकों की महत्ता विषय के चयन में नहीं उनकी सुबोध एवं सुग्राह्य प्रस्तुति में होती है। व्याकरण की सार्थकता इसमें है कि वह साध्य नहीं, अपितु भाषा की सम्यक् समझ एवं प्रयोग का साधन बने।
Bharatiya Vangmay Evam Kalkram: Kinnar Darshan
- Author Name:
Reshma Prasad
- Book Type:

- Description: राम की बधाई परंपरा विधर्मी की चादर से ढक गई है। उस चादर को किस तरीके से हटाया जा सकता है। सनातन धर्म के उन मूल्यों को स्थापित किया जा सकता है, जिन मूल्यों के आधार पर यह परंपरा निरंतर चलती हुई आ रही है। यह परंपरा अब अपराधीकरण और आर्थिक उपार्जन का साधन बन गई है। परंपरा के नाम पर गृहस्थ भाव के व्यक्ति ने तपस्वी भाव को समाप्त कर दिया है। पहचान के संघर्ष को इस तरीके से समाज में ले गए कि आज समुदाय की पहचान समाज में डर की हो गई है। इस डर को किस तरीके से निकाला जाए। समुदाय को सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार वापस लाया जाए। इसे सिर्फ जीविकोपार्जन के साधन के रूप में समझौतावादी स्थितियों से न गुजारा जाए। इसके लिए किस तरीके से कार्य किया जा सकता है कि किन्नर समुदाय के मठ और मंदिर स्थापित हों और उनमें नशे के आदी और सेलिब्रिटी पहचान की जरूरत वाले व्यक्ति शामिल न हों। पुस्तक को अलग-अलग तरीके से साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया है। किन्नर समुदाय की कला एवं परंपरा को कैसे पुनः स्थापित किया जा सकता है, इस पर भी प्रकाश डाला गया है।
Drishti
- Author Name:
Ravindra Kumar
- Book Type:

- Description: कविता अनुभूतियों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। जब से मानव ने अव्यक्त को अनुभव करना सीखा, तभी से उन विचारों के संप्रेषण हेतु कविता ने जन्म लिया होगा। ‘दृष्टि’ में प्रस्तुत कविताएँ शिक्षित-अशिक्षित, विकसित-अविकसित मानस के लिए यथार्थ के दर्पण सदृश हैं। ये कविताएँ पारंपरिक होते हुए भी लीक से बँधी हुई नहीं हैं। ‘परिवार’ कविता वर्तमान परिस्थितियों से जूझते व बिखरते हुए परिवार की तसवीर है तो ‘नींद’ कविता धन, वैभव एवं संपत्ति की प्राप्ति के पश्चात भी मानव-मन की अशांति का बिंब दरशाती है। ‘हँसने की कोशिश’ जीवटता का संदेश देती हुई सदैव प्रसन्न रहने की प्रेरणा देती है। ‘थाना दिवस’ कविता भावुक हृदय का करुण-क्रंदन है; वैश्विक महामारी की बलि चढ़े हुए एक वृद्ध की विधवा की जिले के मुखिया से की गई एक हृदयविदारक याचना है, जिसमें वह विलाप करती हुई अपने एकमात्र अवलंब, अपने पति को खोजने की फरियाद करती है। यह कविता एक प्रशासक की वेदना है, जो साधन-संपन्न व सक्षम होने के बावजूद कभी-कभी स्वयं को असहाय महसूस करता है। इस संग्रह की सभी कविताएँ कर्तव्य, दायित्व और नैतिक आचरण की ओर पाठकों को उन्मुख करती हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book