Amlghaat
Author:
Sudha Om DhingraPublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
अम्लघात या एसिड अटैक शब्द सुनते ही रूह काँप जाती है। भीतर दर्द की एक लहर लहरा जाती है। पीड़िता से उसका चेहरा और अंग ही नहीं उसका आत्मसम्मान, इंसान और नागरिक होने का मूल अधिकार, ईश्वर प्रदत्त उसका स्वरूप छीन लिया जाता है, जिसे छीनने का हक़ 'किसी को' भी नहीं है। कानून भी अपराध पर दंड देता है। अम्लघात के शिकार तो अक्सर निरपराधी होते हैं, फिर उन्हें किस अपराध की सज़ा दी जाती है और क्यों ? कौन दोषी है इसके लिए.... परिवार, समाज या कानून? एसिड अटैक पर कहानियाँ भेजने की सूचना मैंने अपनी फ़ेसबुक वॉल की एक पोस्ट में पोस्ट की थी, जिसे पढ़कर अनगिनत कहानियाँ आईं। शिवना प्रकाशन की टीम ने उनमें से बीस कहानियाँ चुनी। मैं उषाकिरण खान जी, कादम्बरी मेहरा जी, गीताश्री जी, आकांक्षा पारे काविश जी, रजनी मोरवाल जी, विकेश निझावन जी, अरुण अर्णव खरे जी, ज्योति जैन जी, आनंदकृष्ण जी, हर्षबाला शर्मा जी, रेनू यादव जी, डॉ. ऋतु भनोट जी, डॉ. निरुपमा राय जी, राधेश्याम भारतीय जी, रोचिका अरुण शर्मा जी , प्रबोध कुमार गोविल जी, पूनम मनु जी, सत्य शर्मा 'कीर्ति' जी, रेणु वर्मा जी, डॉ. लता अग्रवाल जी की आभारी हूँ, जिन्होंने इस हवन में खूबसूरत कहानियों की सामग्री डाली। इस पुस्तक का संपादन करते समय मैं बहुत तनाव से गुज़री हूँ, अम्लघात से पीड़ित स्त्री-पुरुषों का दर्द महसूस किय
ISBN: 9788194426653
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Thumari
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description: अमर कथाशिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास अगर लोकजीवन के महाकाव्य हैं, तो उनकी कहानियाँ अविस्मरणीय कथा-गीत। ये मन के अछूते तारों को झंकृत करती हैं। इनमें एक अनोखी रसमयता और एक अनोखा सम्मोहन है। ‘ठुमरी’ में रेणु की नौ अतिचर्चित कहानियाँ संगृहीत हैं। इन कहानियों में जैसे कथाकार ने अपने प्राणों का रस घोल डाला है। इन्हें पढ़ते-पढ़ते कोमलतम अनुभूतियाँ अपने-आप सुगबुगा उठती हैं। चाहे वह ‘रसप्रिया’ या ‘लाल पान की बेगम’ हो, या ‘तीसरी क़सम’—इस संग्रह की लगभग हर कहानी मन पर अपनी कभी न मिटनेवाली छाप छोड़ जाने में समर्थ है। ‘ठुमरी’ की कहानियाँ जीवन की सहज लय को मोहक सुरों में बाँधने का कलात्मक प्रयास हैं। इनमें पीड़ा और अवसाद की अनुगूँजें हैं, आनन्द और उल्लास के मुखरित कलरव-गान हैं। ‘ठुमरी' की कहानियाँ एक समय-विशेष की पहचान हैं। जीवन की एक विशिष्ट लयधारा इनमें पूरी प्राणमयता से प्रवाहित है।
Pratinidhi Kahaniyan : Mamta Kaliya
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Sentient God
- Author Name:
Santanu Kumar Acharya
- Rating:
- Book Type:

- Description: "The Sentient God" is a collection of award-winning Odia short stories written by Santanu Kumar Acharya. The book includes 11 stories that are rooted in folklore and myth and cover a range of genres, including fantasy, humor, horror, crime, and romance. The stories are set in villages, small towns, and cities, and will entertain and lighten the mood while also prompting readers to reflect on deep questions about life. In this book, Acharya experiments with the occult and theoretical postulations in stories like "The Sentient God," "The Witness Tree," "The Dream" and "A Moonlit Night on the College Campus." He was an idealist in his life and never compromised with the establishment, and this is reflected in other stories like "Glasnost," "A Telephone Call," and "August 15," which intend to expose the flaws of the political and bureaucratic system of the present time. Overall, "The Sentient God" cements Acharya's reputation as one of the decade's most inventive and successful Odia short story writers. As all great stories do, these stories have the power to make readers see the world differently.
Shreshtha Bal Kahaniyan
- Author Name:
Balshauri Reddy
- Book Type:

-
Description:
विश्व की आबादी में बच्चों की संख्या एक तिहाई के आसपास है। जलवायु, वेशभूषा, रीति-रिवाज, रहन-सहन, खान-पान की दृष्टि से भले ही उनमें भिन्नता दर्शित होती हो, किन्तु उनके विचार और सोच एक समान हैं। बच्चे स्वभावत: परस्पर धर्म, जाति, वर्ण, वर्ग, सम्प्रदाय को लेकर भेदभाव नहीं रखते। उनका दिल स्वच्छ, काग़ज़ की भाँति निर्मल होता है। उनमें हम जैसे संस्कार डालते हैं, उन्हीं के अनुरूप उनका चरित्र बनता है। उनके शारीरिक विकास के लिए जैसे बलवर्धक आहार की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार उनके बौद्धिक विकास के लिए उत्तम साहित्य की नितान्त आवश्यकता है।
बच्चों में कहानी सुनने की प्रवृत्ति जन्मजात है। आयु की वृद्धि के साथ उनमें कहानी पढ़ने की रुचि और प्रवृत्ति भी बढ़ती जाती है। अत: उनकी रुचि के पोषण एवं परिष्कार के लिए स्वस्थ साहित्य एक सबल माध्यम बन सकता है।
भारतीय भाषाओं में सर्वप्रथम संस्कृत में बाल-साहित्य का प्रादुर्भाव हुआ। पंचतंत्र, हितोपदेश इत्यादि विश्व के अमर साहित्य में अपना अनुपम स्थान रखते हैं। कालान्तर में देश की अन्य भाषाओं में बाल-साहित्य का सृजन हुआ। आज भारत की प्राय: समस्त भाषाओं में उत्तम बाल-साहित्य का सृजन एवं प्रकाशन हो रहा है।
प्रस्तुत पुस्तक में 12 भारतीय भाषाओं की 131 बाल-कहानियों का चयन किया गया है। सम्भवत: भारतीय भाषाओं में इस प्रकार का प्रयास प्रथम है। बच्चों के मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन में ये कहानियाँ सफल होंगी तो हम अपने इस प्रयास को सार्थक मानेंगे।
Baghin Ki Sawari
- Author Name:
Chandrakishore Jaiswal
- Book Type:

- Description: ‘बाघिन की सवारी’ संग्रह की कहानियाँ जीवन और समाज का एक वृहद ‘स्पेक्ट्रम’ पाठक के सामने रखती हैं। एक के बाद एक कहानी से गुजरते हुए हम कहीं गहन करुणा से आप्लावित होते हैं तो कहीं अपनी दुनिया की विसंगतियों से क्षुब्ध। कहीं किसी पात्र की असहायता हमें भिगो देती है तो कहीं किसी का संकल्प हमें आजादी की एक दिशा दे जाता है। ‘सहेलियाँ’ शीर्षक कहानी में दो सखियों की तरह प्रेम और विवाह जैसे विषयों पर खुलकर बतियातीं माँ वत्सला और बेटी गुंजन ऐसे ही पात्र हैं जो धीरे-धीरे बदलते हमारे समय को परम्परा की धारा से एकदम नहीं तोड़ना चाहते और नई सम्भावनाओं—परिवर्तनों से मुँह भी नहीं फेरते। वहीं ‘बेटा का घर’ कहानी के हताश माँ-पिता अपने परिवार में मगन बेटे के व्यवहार और अपनी विवशताओं को सोच आँख गीली कर लेते हैं, और पाठक को मौजूदा समय के प्रति सचेत कर जाते हैं। वृद्धावस्था और उससे जुड़े दुखों पर ये कहानियाँ बार-बार दृष्टिपात करती हैं। यह ऐसा विषय है जिस पर चन्द्रकिशोर जायसवाल अकसर लौटे हैं। इस संग्रह में ‘रोवनहार’ शीर्षक कहानी पूरी तरह इसी विषय पर केन्द्रित है जहाँ चार बेटों और बहुओं-पोतों से भरे घर में रामजनम चौधरी को वास्तविक लगाव अपने किराएदार की बच्ची से मिलता है, उन्हें लगता है कि उनके मरने पर और भले कोई न रोए वह जरूर रोएगी। संग्रह की शीर्षक कथा ‘बाघिन की सवारी’ सत्ता और सुख से मोहभंग और लगाव की लम्बी कहानी है जिसमें हमारी मुलाकात जवानी में साधु बने एक ऐसे व्यक्ति से होती है जो बीस साल बाद वापस, कदम-दर-कदम चलते हुए समाज और उसके सत्ता-व्यूह में दाखिल होता है।
Gyarahvin-A ke Ladke
- Author Name:
Gaurav Solanki
- Book Type:

-
Description:
गौरव सोलंकी नैतिकता के रूढ़ खाँचों में अपनी गाड़ी खींचते-धकेलते लहूलुहान समाज को बहुत अलग ढंग से विचलित करते हैं। और, यह करते हुए उसी समाज में अपने और अपने हमउम्र युवाओं के होने के अर्थ को पकड़ने के लिए भाषा में कुछ नई गलियाँ निकालते हैं जो रास्तों की तरह नहीं, पड़ावों की तरह काम करती हैं। इन्हीं गलियों में निम्न-मध्यवर्गीय शहरी भारत की उदासियों की खिड़कियाँ खुलती हैं जिनसे झाँकते हुए गौरव थोड़ा गुदगुदाते हुए हमें अपने साथ घुमाते रहते हैं। वे कल्पना की कुछ नई ऊँचाइयों तक क़िस्सागोई को ले जाते हैं, और अक्सर सामाजिक अनुभव की उन कंदराओं में भी झाँकते हैं, जहाँ मुद्रित हिन्दी की नैतिक गुत्थियाँ अपने लेखकों को कम ही जाने देती हैं।
इस संग्रह में गौरव की छह कहानियाँ सम्मिलित हैं, लगभग हर कहानी ने सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर एक ख़ास क़िस्म की हलचल पैदा की। किसी ने उन्हें अश्लील कहा, किसी ने अनैतिक, किसी ने नक़ली। लेकिन ये सभी आरोप शायद उस अपूर्व बेचैनी की प्रतिक्रिया थे, जो इन कहानियों को पढक़र होती है।
कहने का अन्दाज़ गौरव को सबसे अलग बनाता है, और देखने का ढंग अपने समकालीनों में सबसे विशेष। उदारीकृत भारत के छोटे शहरों और क़स्बों की नागरिक उदासी को यह युवा क़लम जितने कौशल से तस्वीरों में बदलती है, वह चमत्कृत करनेवाला है।
The Best Stories of Mohapatra Nilamani Sahoo
- Author Name:
Guruprasad Mohapatra +1
- Book Type:

- Description: The Best Stories of Mohapatra Nilamani Sahoo: This book is a translation of Mohapatra Nilamani Sahoo's short stories, written in his inimitable style. The stories, originally written in Odia, were truly representative of Odia culture and traditions; the narrative is unique and deeply emotional and carries the readers with the flow. This volume is a specimen of Mohapatra Nilamani Sahoo's short stories for the wider readership
Pratinidhi Kahaniyan : Akhilesh
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

- Description: अखिलेश की कहानियाँ बातूनी कहानियाँ हैं...ग़ज़ब का बतरस है उनमें। वे अपने पाठकों से जमकर बातें करती हैं। अपने सबसे प्यारे दोस्त की तरह गलबहियाँ लेकर वे आपको आगे और आगे ले जाती हैं और उनमें उस तरह की सभी बातें होती हैं जो दो दोस्तों के बीच घट सकती हैं (कोई चाहे तो इसे कहानीपन भी कह सकता है)। यही वजह है कि बेहद गम्भीर विषयों पर लिखते हुए भी अखिलेश की कहानियाँ ज़बर्दस्ती की गम्भीरता कभी नहीं ओढ़ती हैं। पढ़ते हुए कई बार एक मुस्कान-सी होंठों पर आने को होती है। क्योंकि उनके यहाँ कोई बौद्धिक आतंक, सूचना का कोई घटाटोप या किसी और तरह का बेमतलब का जंजाल चक्कर नहीं काटता कि पाठक कहीं और ही फँसकर रह जाए...। इन कहानियों की एक और ख़ूबी यह भी है कि ये कहानियाँ पाठक से ही नहीं बात करती चलतीं, बल्कि ख़ुद उनके भीतर भी कई तरह के समानान्तर संवाद चलते रहते हैं। वे ख़ुद भी अपने चरित्रों से बतियाते चलते हैं, उनके भीतर चल रही उठा-पटक को अपने अखिलेशियन अन्दाज़ में सामने लाते हुए। क्या है ये अखिलेशियन अन्दाज़! उसकी पहली पहचान यह है कि वह बिना मतलब गम्भीरता का ढोंग नहीं करते, बल्कि उनकी कहानियाँ अपने पाठकों को भी थोपी हुई गम्भीरता से दूर ले जानेवाली कहानियाँ हैं। उनकी कहानियों का गद्य मासूमियत वाले अर्थों में हँसमुख नहीं है, बल्कि चुहल-भरा, शरारती पर साथ ही बेधनेवाला गद्य है।
Dilli Mein Neend
- Author Name:
Uma Shankar Choudhary
- Book Type:

-
Description:
उमा शंकर चौधरी लम्बी कहानियों के सिद्धहस्त लेखक हैं। उनकी कहानियाँ आपको मदमस्त नहीं करतीं, बल्कि परेशान करती हैं। आप उनसे भागना भी चाहते हैं लेकिन एक तत्त्व है लेखक में कि वह जीवन की सही सच्चाइयाँ पकड़ लेता है। लेखक के पास छोटी-छोटी चीज़ों के लम्बे-लम्बे वृत्तान्त हैं। इतने कि कई बार आपको ऊब होने लगती है। लेकिन यही लेखक की सूक्ष्म निरीक्षण-क्षमता है। ‘दिल्ली में नींद’ संग्रह की तमाम कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं। चाहे वह राजेश्वर सिंह की कहानी हो या फुच्चु मास्साब की या सुनानी की; एक गहरी पीड़ा इन सब में है। उनकी कहानियाँ सपाट नहीं हैं। वे यथार्थ के भीतर जाती हैं और कई बार उसका अतिक्रमण करती हैं। इसके लिए कई बार वे जादुई यथार्थवाद का भी इस्तेमाल करते हैं। उनके सरोकार स्पष्ट हैं और उसमें कोई फाँक नहीं है। इस संग्रह की कहानियाँ सामन्ती समाज के अन्तर्विरोधों की कहानियाँ हैं तो इनमें उदारीकरण के बाद के शहरी समाज की निम्नमध्यवर्गीय पीड़ा भी है। आम आदमी के दु:ख-दर्द उमा शंकर की कहानियों की ख़ास विशेषता है और यही उन्हें अपनी पीढ़ी में सबसे अलग करती है।
—शशिभूषण द्विवेदी
Adhuri Ladki
- Author Name:
Akbar Aazam
- Book Type:

- Description: बुंदेलखंड, यूपी में जन्मे जुड़वा भाई, अकबर और आज़म क़ादरी मुंबई में बतौर लेखक-निर्देशक कार्यरत हैं। दोनों ने स्टार टीवी में बतौर ‘शो रनर’ तीन साल काम किया। दोनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ‘मास मीडिया ऑनर्स (2005)’ ग्रेजुएट हैं। अकबर ने, थ्ज्प्प् पुणे से सिनेमेटोग्राफी में सर्टिफिकेट कोर्स किया। 2007 में अंतराल थिएटर की स्थापना की, बतौर निर्देशक दोनों ने तक़रीबन 20 नाटकों का निर्देशन किया जिनमें ‘मौसम को न जाने क्या हो गया’, ‘जिस लाहौर नई देख्या ओ जम्याई नई’, ‘एक और द्रोणाचार्य’, ‘जात ही पूछो साधु की’, ‘हकीम डॉट कॉम’ आदि शामिल हैं। ‘हकीम डॉट कॉम’ और ‘मौसम को न जाने क्या हो गया’ को उर्दू अकादमी दिल्ली और हिन्दी अकादमी दिल्ली ने 2019 में चयनित किया। 2011 में बॉलीवुड के डायरेक्टर इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘रॉक स्टार’ में काम किया। 92.7 ठप्ळ थ्ड के मशहूर शो ‘यादों का इडियट बॉक्स विद नीलेश मिसरा’ के लिए 100 से अधिक कहानियाँ लिखने के अलावा डॉक्यूमेंटरी फिल्म, म्यूजिक वीडियो और विज्ञापनों का निर्देशन किया। 2020 मे रिलीज़, तिग्मांशु धूलिया की फिल्म ‘यारा’ मे अभिनय किया। ‘परखनली’ नाम से कहानी संग्रह प्रकाशित। वर्तमान में, विभिन्न प्रोडक्शन कंपनियों और ओटीटी प्लेटफार्मों के लिए फीचर फिल्म और वेब सीरीज़ डेवलमपेंट के अलावा, अकबर-आज़म यूट्यूब चौनल सर्चलाइट प्रोडक्शन के लिए एक कॉमेडी टॉक शो ‘टॉक ही टॉक’ का लेखन और निर्देशन कर रहे हैं। बतौर निर्देशक उनकी पहली फीचर फिल्म, ‘शहज़ादा अली’ अक्टूबर 2020 में डग् च्संलमत पर रिलीज़ हुई ।
Battiyan
- Author Name:
Shankar
- Book Type:

- Description: Collection of Hindi Short Stories
Aate Rahna
- Author Name:
Dinesh Karnatak
- Book Type:

- Description: Hindi Short Story by Dinesh Karnatak
Love - A Sweet Poison
- Author Name:
Bijender Singh
- Rating:
- Book Type:

- Description: Love: A Sweet Poison is an anthology of nineteen short stories based on the theme of love that becomes poison if reciprocated wrongly to appease the false ego leaving behind emptiness of dark silence and heaps of shattered dreams. Love is a divine neurological feeling and psychological necessity like thirst and hunger. It would be erroneous to elevate ‘Love’ to the level of ‘God’, but the fact—love permeates the whole universe—cannot be ignored. Love is a feeling less to be defined and more to be experienced, so love blindly and unconditionally to lump up your emotions more vehemently but only when the time is ripe and circumstances favourable. Side-effects of passionate love, romance, betrayal, heartbreaks and ditching of partners after sexual gratification, etc., have been chosen exclusively as core issues in this anthology which will prove a torchbearer to the teens and youngsters. This anthology highlights the pernicious results of love as an obsession at an immature age, and it will take you to a world of badly broken hearts and never healing scarred souls.
Raat Din
- Author Name:
Vishnu Nagar
- Book Type:

-
Description:
विष्णु नागर का यह पाँचवाँ कहानी-संग्रह है ‘रात-दिन’। कविता और व्यंग्य की दुनिया में जितने वह सक्रिय हैं, उतने ही कहानी की दुनिया में भी। उनका यह कहानी-संग्रह इस मायने में दूसरों से बहुत भिन्न है कि इसकी चंदेक कहानियों को छोड़कर लगभग सारी कहानियों-लघुकथाओं का स्वर व्यंग्यात्मक है। वह चाहे ‘प्रेम-कहानियाँ’ हो या ‘पापा मैं ग़रीब बनूँगा’ हो या ‘भगत सिंह बिल्डर्स’ हो या ‘साले तू किसकी इजाज़त से मरा’ है। वह चाहे प्रेम-प्रसंग हो, शैतान के अच्छा आदमी दीखने की कोशिश हो या जीवन-भर भ्रष्टाचार और काहिली के बाद सत्य और न्याय के पथ पर चलने की कोशिश करनेवाले ढोंगी और कायर बूढ़े हों, करियर और पैसे के पीछे भागते लोग हों या साम्प्रदायिक शक्तियाँ हों या गाँव और देश से बनावटी प्रेम करनेवाले लोग हों या महात्मा गांधी के नाम पर तरह-तरह के धन्धे करनेवाले लोग हों—सभी उनकी कहानियों का विषय बनते हैं। यहाँ तक कि सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के प्रति शोकाकुल मित्र के प्रेम को भी उन्होंने व्यंग्यात्मक अन्दाज़ में व्यक्त किया है। यह व्यंग्य, व्यंग्य-विनोदवाला नहीं है—यह चुभता है, गड़ता है, परेशान करता है, उत्तेजित करता है, विकल करता है।
हमेशा की तरह दिलचस्प और पठनीय विष्णु नागर के इस संग्रह में ‘भटकनेवाला आदमी’, ‘बेटा और माँ’, ‘बचपन के पहाड़’, ‘दयालु पागल’ जैसी कहानियाँ भी हैं जो एक तरह से कहानी होकर भी कविता हैं और कविता होकर भी कहानी हैं। वे कहानी में कविता और व्यंग्य की ताक़त के साथ आते हैं और कविता में कहानी और व्यंग्य की शक्ति के साथ और उनका व्यंग्य, कविता भी होता है, कहानी भी, निबन्ध भी, राजनीतिक टिप्पणी भी।
बहरहाल यह कहानी-संग्रह आपके हाथों में है और यह परखने का मौक़ा देगा कि जो कहा गया। वह कितना सच है। विश्वास है कि यह सब कुछ आपको सच लगेगा।
Main Tumse Kuchh Kahna Chahati Hun
- Author Name:
Alice Munro
- Book Type:

-
Description:
“प्रतिभा का शानदार नमूना...लेखिका की कला का चमत्कार देखकर पाठकों के मुँह से बरबस वाह-वाह निकल पड़ती है। एलिस मनरो हमारी आँखों के सामने ही जीवन की किसी साधारण घटना को एक ऐसे रत्न में परिवर्तित कर देती हैं जो हमें चकाचौंध कर देता है।"
—हैमिल्टन स्पेक्टेटर दैनिक
“प्रेम, विस्मय, भय से सराबोर यह कहानियाँ मंत्रमुग्ध कर देती हैं...भरपूर प्रतिभा और विशाल पर्स्पेक्टिव की लेखिका।”
—लॉस ऐंजल्स टाइम्स
“विश्व के अग्रणी समकालीन कहानी लेखकों में गणना किए जाने के लिए एलिस मनरो का
ज़ोरदार दावा।”
—न्यूयॉर्क टाइम्स
“नारीत्व के विभिन्न पहलुओं का अनूठा अन्वेषण...आज के लेखकों में इससे अधिक
ईमानदार, संवेदनशील, भरपूर, हृदयस्पर्शी प्रेरणा का उदाहरण मिल पाना कठिन होगा।”
—मिज पत्रिका
“हमारे युग के महानतम कहानी लेखकों में से एक।”
—ग्लोब एंड मेल
PITA KE NAM
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description: Short Stories
Bete Ko Kya Batlaoge
- Author Name:
Ramakant Shrivastava
- Book Type:

-
Description:
प्रिय रमाकांत,
बहुत दिनों से तुम्हारी कोई कहानी नहीं पढ़ी। क्या बात है? खैरागढ़ जैसी दूर-दराज़ जगह पर बैठकर तुमने ‘मध्यान्तर’, ‘बेटे को क्या बतलाओगे’, ‘राजा जनक’ जैसी शानदार कहानियाँ लिखकर सभी का ध्यान आकृष्ट किया था। कम लिखकर भी आज के मनुष्य की पीड़ा और उसके विरोधाभासों को तुमने अपनी कहानियों में व्यक्त किया।
तुम्हारा अगला कहानी संकलन कब आ रहा है? नए संकलन में ‘राजा जनक’, ‘प्रेतबाधा’ और ‘उस्ताद के सुर’ कहानियों को ज़रूर शामिल करना। ‘उस्ताद के सुर’ तो हिन्दी की अपने क़िस्म की अलग कहानी है। उसे पढ़कर मुझे लगा था कि उस्ताद सितार बजा रहे हैं और मैं अपना कलैरेनट बग़ल में रखकर सामने दरी पर पालथी मारकर बैठा हुआ रस की फुहार में भीग रहा हूँ। ‘चुप साले’ कहानी में मैं कीचड़-भरी सड़क पर गाड़ी को धक्का लगा रहा हूँ। तुम्हारी चरित्र-सृष्टि में अक्सर मैं अपने को पाता रहा हूँ।
नए साल की शुभकामनाओं के साथ—
तुम्हारा
काशीनाथ सिंह
30 दिसम्बर, 1998
Aais-Paais
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Short Stories
Encouragement Short Stories (Volume-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: When life gets tough, it's easy to feel like giving up. But in Encouragement Short Stories (Volume-3), author Dr.Sanjay Rout provides a powerful reminder that there is always hope - even in the darkest of times. In this collection of heartwarming tales, Dr.Rout takes readers on a journey through a range of emotions, from joy and inspiration to heartbreak and despair. But through it all, one thing remains constant: the power of the human spirit. Whether it's a story of a young person who overcomes incredible obstacles to achieve their dreams, or a tale of an older adult who finds new purpose in life after facing immense loss, each story in Encouragement Short Stories (Volume-3) offers a message of hope and resilience. With [Author Name]'s skillful storytelling and keen eye for detail, readers will be transported to new worlds and meet unforgettable characters. And by the end of each story, they'll be reminded of the incredible strength we all possess when we face life's challenges head-on. Encouragement Short Stories (Volume-3) is the perfect book for anyone who needs a little inspiration or a reminder that they are not alone. So pick up a copy today and get ready to be inspired!
Aginkhor
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description: हिन्दी भाषा फणीश्वरनाथ रेणु की ऋणी है उस शब्द-सम्पदा के लिए जो उन्होंने स्थानीय बोली-परम्परा से लेकर हिन्दी को दी। नितान्त ज़मीन की ख़ुशबू से रचे शब्दों को खड़ी बोली के फ़्रेम में रखकर उन्होंने ऐसे प्रस्तुत किया कि वे उनके पाठकों की स्मृति में हमेशा-हमेशा के लिए जड़े रह गए। उनके लेखन का अधिकांश इस अर्थ में बार-बार पठनीय है। दूसरे जिस कारण से रेणु को लौट-लौटकर पढ़ना ज़रूरी हो जाता है, वह है उनकी संवेदना और उसे शब्दों में चित्रित करने की उनकी कला। वे भारतीय लोकजीवन और जनसाधारण के अस्तित्व के लिए निर्णायक अहमियत रखनेवाली भावधाराओं को तक़रीबन जादुई ढंग से पकड़ते हैं, और उतनी ही कुशलता से उसे पाठक के सामने प्रस्तुत कर देते हैं। इस संग्रह में ‘अगिनखोर’ के अलावा ‘मिथुन राशि’, ‘अक्ल और भैंस’, ‘रेखाएँ : वृत्तचक्र’, ‘तब शुभ नामे’, ‘एक अकहानी का सुपात्र’, ‘जैव’, ‘मन का रंग’, ‘लफड़ा’, ‘अग्निसंचारक’ और ‘भित्तिचित्र मयूरी’ कहानियाँ शामिल हैं। इन ग्यारह कहानियों में से हर एक कहानी और उसका हर पात्र इस बात का प्रमाण है कि उत्तर भारत, विशेषकर गंगा के तटीय इलाक़ों की ग्राम्य-संवेदना और जीवन को समझने के लिए रेणु का ‘होना’ कितना महत्त्वपूर्ण और ज़रूरी है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book