Kisan Andolan Aa Mithila Samaj
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About the Book
A Collection of Maithili Articles Collected from Antika Magazine
Book Details
-
ISBN9789391925185
-
Pages96
-
Avg Reading Time3 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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Collection of Maithili Poems. मनुष्य केँ आ जीवनक आन सब रूप केँ जे गछाडऩे अछि आपदा ओ विपदा सभ तकर संताप समाएल अछि एहि संग्रहक अनेक कविता मे। निरंतर आभासी होइत जाइत एहि समय मे यथार्थक ठोस ऐन्द्रिक बोध खिया रहल अछि आ ताहि सँ जीवन मे कएक तरहक मारूक कमी ओ दिक्कत सभ आबि रहल अछि। जीवन ओ जगतक ठोस विवरण सभ सँ भरल-पुरल एहि संग्रहक कविता सभ थोड़बहुत काट करैत अछि एहि बातक। आ संगहि जगजियार होइत जाइत अछि एहि सँ जीवनक त्रासद विसंगति ओ विडम्बना सभ; शोषण ओ अन्यायक मर्मांतक रूप सभ; आ इतिहासक दारूण संत्रास सभ। जे किछु शुभ ओ सुंदर बचल अछि जीवनक व्यापक ओ गझिन तानीभरनी मे ताहि मे सँ किछु अनूप जोगाओल गेल अछि एहि संग्रह मे। आ बीच-बीच मे छिटकैत चलैत अछि अस्तित्वक स्वरूपक अबंचक कि रोमांचित कर’वला सूक्ष्म बात सभ सेहो। प्रकृति ओ मनुष्य, अपन संगिनी ओ रूपसी मिथिला, तथा भाषा ओ कलाक विभिन्न रूप सँ जे 'पिरीत’ छनि कवि केँ ताहि सँ डगडग करैत कविता सभ ही केँ जुड़ा दैत अछि, जीवन मे आस्था केँ टेक दैत अछि आ संघर्षक लेल संबल सेहो। दनुफक फूल जकाँ सादा, साफ, हल्लुकओ खलसैत भाषा ओ शिल्प मे रचल गेल एहि संग्रहक कविता सभ सहजहि जीवनक पिरितिया बना दैत अछि। गहन शुभाशंसाक संग हम हलसि क’ एकर स्वागत करैत छी। उत्सवक घड़ी थिक ई मैथिली कविताक लेल। —हरेकृष्ण झा
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