Beej-Bhoji
(0)
Author:
GourinathPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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बीज-भोजी' किसान आत्महत्या और अभाव से हो रही मौतों की दुखभरी गाथा है। किसान होना किसी व्यक्ति के जीवट की मुकम्मल गवाही है। वह किसान अंत तक जूझता है और अंतत: कर्ज और भूख में दबकर मर जाता है। यह मौत हमारी सभ्यता के मृत होने की मुखर घोषणा है। 'पैमाइश' कहानी एक तरफ गाँव की पतनशीलता का आख्यान है तो दूसरी तरफ दुस्साहसी, स्वच्छंद तथा कर्मठ स्त्री 'संन्यासिन' के डायन में तब्दील होने का लोमहर्षक दस्तावेज़ भी। कोई प्रखर और परिश्रमी स्त्री क्यों गाँव-भर में डायन बताई जाने लगती है, इसके पीछे कौन-सा क्षुद्र स्वार्थ छुपा होता है इसे 'पैमाइश' पढ़कर अच्छी तरह जाना जा सकता है। इसी प्रकार 'एक एकाउण्टेंट की डायरी में मिट्टी की गंध' कहानी का नायक महानगरीय जीवन की तमाम सुख-सुविधाओं को हासिल कर लेने के बावजूद बचपन से प्राणों में घुली मिट्टी की गंध पाने के लिए बदहवास फिरता है, जबकि उसके घर के लोग उसे मिट्टी से दूर रखने की जी-तोड़ कोशिशें करते हैं। 'तर्पण' कहानी गाँव के भीतर ही अपने मन में बसे गाँव को बचाए रखने की असफल कोशिशों को सामने लाती है और यह भी बताती है कि किस तरह शहरीकरण का दैत्य गाँव को गाँव नहीं रहने देने के लिए बेताब है। 'बीज-भोजी' गौरीनाथ का तीसरा कहानी संग्रह है.
Read moreAbout the Book
बीज-भोजी' किसान आत्महत्या और अभाव से हो रही मौतों की दुखभरी गाथा है। किसान होना किसी व्यक्ति के जीवट की मुकम्मल गवाही है। वह किसान अंत तक जूझता है और अंतत: कर्ज और भूख में दबकर मर जाता है। यह मौत हमारी सभ्यता के मृत होने की मुखर घोषणा है। 'पैमाइश' कहानी एक तरफ गाँव की पतनशीलता का आख्यान है तो दूसरी तरफ दुस्साहसी, स्वच्छंद तथा कर्मठ स्त्री 'संन्यासिन' के डायन में तब्दील होने का लोमहर्षक दस्तावेज़ भी। कोई प्रखर और परिश्रमी स्त्री क्यों गाँव-भर में डायन बताई जाने लगती है, इसके पीछे कौन-सा क्षुद्र स्वार्थ छुपा होता है इसे 'पैमाइश' पढ़कर अच्छी तरह जाना जा सकता है। इसी प्रकार 'एक एकाउण्टेंट की डायरी में मिट्टी की गंध' कहानी का नायक महानगरीय जीवन की तमाम सुख-सुविधाओं को हासिल कर लेने के बावजूद बचपन से प्राणों में घुली मिट्टी की गंध पाने के लिए बदहवास फिरता है, जबकि उसके घर के लोग उसे मिट्टी से दूर रखने की जी-तोड़ कोशिशें करते हैं। 'तर्पण' कहानी गाँव के भीतर ही अपने मन में बसे गाँव को बचाए रखने की असफल कोशिशों को सामने लाती है और यह भी बताती है कि किस तरह शहरीकरण का दैत्य गाँव को गाँव नहीं रहने देने के लिए बेताब है। 'बीज-भोजी' गौरीनाथ का तीसरा कहानी संग्रह है.
Book Details
-
ISBN9789385013751
-
Pages112
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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सटीक शब्दों का चुनाव, चुस्त वाक्य और संवेदना को भाषा का बाना देने का कौशल—ये चीज़ें इन कहानियों को पढ़ते हुए सबसे पहले ध्यान खींचती हैं, ख़ास तौर से इसलिए कि इधर की हिन्दी कहानी में अकसर इन चीज़ों का, एक समर्थ भाषा का अभाव खटकता है।
ये कहानियाँ एक सधे हुए हाथ से उतरी हुई रचनाएँ हैं। संग्रह की शीर्षक कहानी ‘पादरी, माफ़ी माँगो’ धार्मिक कट्टरता और एकांगिता पर हिन्दी की कुछ श्रेष्ठ कथा-रचनाओं में गिनने योग्य है। जहाँ तक विषय-वस्तु का सवाल है, ये कहानियाँ जैसे पूरे समाज, और व्यक्ति के समूचे मनोसंसार को कहीं-न-कहीं छूती हैं।
कहानी एक सजीव इकाई की तरह जैसे अपनी आँख से हमें हमारी दुनिया का दर्शन कराती है, लेखक बस एक निमित्त-भर है। मसलन ‘अम्माँ’ कहानी में एक भी वाक्य अपनी तरफ़ से कहे बग़ैर सिर्फ़ स्थितियों और घटनाओं के अंकन से ही उस हृदय-विदारक पीड़ा को सम्प्रेषित कर दिया जाता है जिसके कारण कहानी का बीज पड़ा होगा। समकालीन समाज की भौतिक और नैतिक विडम्बनाओं को रेखांकित करना कहानीकार का प्रधान प्रेरक बिन्दु है जो ‘दूसरा वर्ग’, ‘बेड नं. दस’, ‘वक़्त की कमी’ और ‘जोंक’ के साथ सभी कहानियों में किसी-न-किसी रूप में उजागर हुआ है।
कहानी में नएपन और भाषिक तथा संवेदनात्मक ताज़गी चाहनेवाले पाठकों को यह संग्रह निश्चित रूप से पसन्द आएगा।
Tab Ki Baat Aur Thi
- Author Name:
Harishankar Parsai
- Book Type:

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Description:
यह परसाई की शुरुआती रचनाओं का संकलन है। कह सकते हैं कि इस दौर की अपने लेखन में वे भाषा के स्तर पर अपनी राह बना रहे थे, और अपने व्यंग्य की धार को भी परख रहे थे। लेकिन यह देखकर आश्चर्य होता है कि समाज और राजनीति को लेकर उनकी समझ तब भी उतनी ही साफ़ थी।
इस संग्रह में शामिल ‘भेड़ें और भेड़िये’, ‘गो-भक्ति’, ‘देव-भक्ति’ और ‘रासलीला’ जैसी कहानियाँ हैं जो धर्म के स्वार्थ-आधारित दुरुपयोग के ख़तरों के प्रति हमें आगाह करती है। रोज़गार और जीवन-यापन के संघर्ष, मध्यवर्ग का पाखंड और स्त्री-स्वाधीनता जैसे प्रश्न इन रचनाओं में उतनी ही तीव्रता से आते हैं, जिस तरह उनकी बाद की रचनाओं में, लेकिन आज़ादी के फ़ौरन बाद वाले दशक में इन अवरोधों को देख पाना अपने आप में एक उपलब्धि है।
संग्रह में शामिल ‘बाबू की बदली’ शीर्षक कहानी ने अपने समय में काफ़ी हलचल पैदा की थी, परसाई पर स्त्री की गुलामी का समर्थन करने तक के आरोप लगे थे, जिनका उत्तर वे यहाँ संकलित ‘अपनी बात’ में देते हैं। अपने व्यंग्य की तीक्ष्णता के सन्दर्भ में उनका कहना है कि चट्टान-सी बुराई पर अगर कोई सुनार की छोटी हथौड़ी से प्रहार करे, तो यह उसकी नासमझी ही कही जाएगी।
अच्छा हुआ कि उन्होंने शुरू से ही घन का इस्तेमाल किया और हमें उन जैसा व्यंग्यकार मिला।
Akbar Birbal Ki Nok Jhonk
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description: अकबर और बीरबल के व्यंग्य-विनोद से सजी कहानियों का यह संग्रह जीवन की कठिनतम परिस्थितियों में भी सूझ का दामन थामे रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रेरणा देने का माद्दा रखता है। अकबर-बीरबल की चुहल-भरी इन कहानियों में जीवन की अठखेलियाँ हैं तो समय का विद्रूप भी। लोभ, ईर्ष्या और स्वार्थ की अचम्भित कर देनेवाली अनेक घटनाओं से अप्रभावित रह सकने के सूझ-भरे दृष्टिकोणों का हैरतअंगेज चित्रण भी इस संग्रह की कहानियाँ करती हैं। सच कहा जाए तो अकबर और बीरबल के बीच चलनेवाली नोक-झोंक में जीवन के गूढ़ रहस्य पैवस्त हैं जो पाठक को हौसला भी देते हैं, और गुदगुदाते भी हैं। ये कहानियाँ हँसी का दामन थामे हुए चलना सिखाती हैं और बताती हैं कि उन्मुक्त परिहास का असर किस तरह स्थायित्व ग्रहण कर लेता है। संग्रह की कहानियों के विषय-वैविध्य लुभाते हैं। जीवन-व्यापार की समस्त विसंगतियों और विडम्बनाओं के साथ सहज हास्य को सहेजती-बटोरती चलती ये कहानियाँ जीवन के गूढ़ रहस्यों को खोलती हैं।
Choti Upanyas(Volume-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: It's time to experience the beauty of literature! We present to you Choti Upanyas(Volume-2), a collection of short stories written in the classic style. Take a break from your busy life and dive into this book, as it takes you on a journey of exciting adventures, heartwarming emotions, and thought-provoking lessons. Be enthralled by the vivid description and characters that this book brings to life. Get lost in its pages and learn something new every day with Choti Upanyas(Volume-2).
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