Manus
Author:
GourinathPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 143.5
₹
175
Available
मानुस की कहानियों में पेड़-पल्लव, नदी-नाले, ताल-तलैया और तालमखाने, बालू के ढूह और विस्तार, रोहू, झींगा, टेंगरा, मांगुर, गरई और अन्है मछलियों की बहार है और इन्हीं के बीच बिना किसी शिकवा-शिकायत के अपने जीवन को भोगते आम गरीब लोग हैं। इन रचनाओं में कहीं रास है तो कहीं हास, कहीं दुःख है तो कहीं सुख-स्वाद।
ISBN: 9789385013973
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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इन लव-नोट्स के तल में प्रेम का समूचा संसार है! ये वैसे ही हैं, जैसे पानी की आण्विक संरचना H2O ही रहती है, चाहे वह जो रूप-रंग ले ले। प्रेम की संरचना वही है—दो अणु मोह—एक अणु समर्पण, एक अणु पीड़ा।
ज़िक्रे यार चले में अतीत, वर्तमान और भविष्य—तीनों कालों में स्पन्दित दो लोगों के बीच का प्रेम रोलरकोस्टर बना हुआ है। कहीं बेचैनी ऐसी है कि सीने में पुराना दर्द जाग उठे! कहीं राहत है प्रेम की अति साँकरी गली से निकल आने की, कहीं समय के उस टुकड़े में बन्द होकर रह जाने की ललक है, कहीं आगत के सपन सलोने हैं। प्रेम के अनगिन रंगों का यह वितान इन्द्रधनुषी भी है। कड़ी धूप का सफ़र भी है तो धारासार बरसात भी है। घुटी-घुटी उमस है, सर्दियों की मीठी गुनगुनी धूप भी है। प्रेम के हर कोण से लेकर हर चाप तक 360 डिग्री का पूरा सर्कल इस छोटी-सी किताब में है।
यही वजह है कि ये लव नोट्स छोटे-छोटे आईने की तरह सामने आते हैं! इनमें आप भी ख़ुद को पाकर चौंक सकते हैं। मुस्कुराइए कि आपके हाथों में पल्लवी त्रिवेदी के लोकप्रिय लव नोट्स हैं—ज़िक्रे यार चले!
—मनीषा कुलश्रेष्ठ
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