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प्रकाश मनु की लोकप्रिय कहानियाँ’ वरिष्ठ कवि-कथाकार प्रकाश मनु की सर्वाधिक चर्चित और चुनिंदा कहानियों का संग्रह है। अलग-अलग रंग और अंदाज की ये कहानियाँ अपनी अद्भुत किस्सागोई और अनौपचारिक लहजे के कारण अलग पहचान में आती हैं। ये जीवन की गहरी जद्दोजहद से निकली हैं, इसीलिए दिल में गहरी उतरती हैं। फिर ये कहानियाँ जीवन-रस से छलछलाती ऐसी कहानियाँ हैं, जो बतकही के-से अंदाज में अपनी बात कहती हैं। शायद इसीलिए इनमें लेखक के आत्मकथात्मक पन्ने भी अनायास घुल-मिल से गए हैं। इनमें कविता सरीखी मर्म पुकार है तो आत्मकथा सरीखा निजत्व भी। इसलिए एक बार पढ़ने के बाद में कहानियाँ आसानी से भुलाई नहीं जा सकतीं। पाठकों को ये अपनी, बहुत अपनी सी कहानियाँ लगेंगी, जिसमें लेखक के दुःख-दर्द के साथ-साथ खुद उनके दर्द का रिश्ता बनता चलता है। बेशक, इन कहानियों के पीछे बहुत सच्चे, मार्मिक और भीतर तक झिंझोड़नेवाले अनुभव हैं। इसीलिए लेखक के साथ-साथ पाठकों के लिए भी ये कहानियाँ ऐसी दोस्तों सरीखी हैं, जो दुःखी-सुखी क्षण में सीझे हुए चुपचाप साथ चले आते हैं और कभी दूर नहीं जाते। आज की दुनिया के नितांत अकेलेपन और विश्वासों के टूटने के हादसों के बीच ये कहानियाँ कंधे पर हाथ धरे, चुपचाप पास बैठकर धीमे-धीमे बतियाती, दुःख हलकाती हैं। यही इनकी जीवंतता और शक्ति भी है। उम्मीद है, प्रकाश मनु की इन कहानियों की ताजगी पाठकों के दिलों में कभी फीकी न पड़नेवाली एक अलग छाप छोड़ेगी।
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प्रकाश मनु की लोकप्रिय कहानियाँ’ वरिष्ठ कवि-कथाकार प्रकाश मनु की सर्वाधिक चर्चित और चुनिंदा कहानियों का संग्रह है। अलग-अलग रंग और अंदाज की ये कहानियाँ अपनी अद्भुत किस्सागोई और अनौपचारिक लहजे के कारण अलग पहचान में आती हैं। ये जीवन की गहरी जद्दोजहद से निकली हैं, इसीलिए दिल में गहरी उतरती हैं। फिर ये कहानियाँ जीवन-रस से छलछलाती ऐसी कहानियाँ हैं, जो बतकही के-से अंदाज में अपनी बात कहती हैं। शायद इसीलिए इनमें लेखक के आत्मकथात्मक पन्ने भी अनायास घुल-मिल से गए हैं। इनमें कविता सरीखी मर्म पुकार है तो आत्मकथा सरीखा निजत्व भी। इसलिए एक बार पढ़ने के बाद में कहानियाँ आसानी से भुलाई नहीं जा सकतीं। पाठकों को ये अपनी, बहुत अपनी सी कहानियाँ लगेंगी, जिसमें लेखक के दुःख-दर्द के साथ-साथ खुद उनके दर्द का रिश्ता बनता चलता है।
बेशक, इन कहानियों के पीछे बहुत सच्चे, मार्मिक और भीतर तक झिंझोड़नेवाले अनुभव हैं। इसीलिए लेखक के साथ-साथ पाठकों के लिए भी ये कहानियाँ ऐसी दोस्तों सरीखी हैं, जो दुःखी-सुखी क्षण में सीझे हुए चुपचाप साथ चले आते हैं और कभी दूर नहीं जाते। आज की दुनिया के नितांत अकेलेपन और विश्वासों के टूटने के हादसों के बीच ये कहानियाँ कंधे पर हाथ धरे, चुपचाप पास बैठकर धीमे-धीमे बतियाती, दुःख हलकाती हैं। यही इनकी जीवंतता और शक्ति भी है।
उम्मीद है, प्रकाश मनु की इन कहानियों की ताजगी पाठकों के दिलों में कभी फीकी न पड़नेवाली एक अलग छाप छोड़ेगी।
Book Details
-
ISBN9789351862765
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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