Aap Swayam Ko Badal Sakte Hain
About the book
कुछ क्षण ! कई बार कुछ क्षण ही मनुष्य के लिए पर्याप्त होते हैं उस की सोच, उसकी विचारधारा एवं उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को परिवर्तित कर देने के लिए। कुछ क्षण ही पर्याप्त होते हैं, जिनमें इतिहास ही परिवर्तित हो जाता है। इनका महत्व समझते हुए ही इनको हम व्यर्थ नहीं जाने देना चाहते। इनका समुचित उपयोग करते हुए कुछ ऐसा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि पाठकों की सोच व विचारधारा में अपेक्षित परिवर्तन हो सके। थोड़े से समय में ही उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आ जाए। समय एवं परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य मात्र में आमूल चूल परिवर्तन तो आते ही हैं। किन्तु अधिकांश इनमें समय लगता है तथा ऐसे परिवर्तन धीरे धीरे ही आते हैं अथवा उसके आने में कभी कभी बहुत ही समय लगता है। इस पर भी कभी कभी ऎसी बातों का समुचित प्रभाव होने के उपरांत भी व्यक्ति में संभावित परिवर्तन नहीं आ पाते। फिर भी इस सब के उपरांत भी इस बात की संभावना को कभी भी अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि घटना या परिस्थिति कैसी भी हो, उसका मनुष्य के जीवन पर यथोचित प्रभाव होता ही है। तो फिर चाहे ऎसी परिस्थिति या ऐसे क्षणों का जो भी प्रभाव होता है, विशेषता सकारात्मक। हमारा विश्वास है कि जैसे जैसे पाठक इस पुस्तक को पढते जाएंगे, उनकी सोच या विचारधारा में परिवर्तन आता चला जाएगा तथा उनमें सकारात्मक प्रभाव तथा उसके अनुरूप परिवर्तित भी होता चला जाएगा।
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कुछ क्षण ! कई बार कुछ क्षण ही मनुष्य के लिए पर्याप्त होते हैं उस की सोच, उसकी विचारधारा एवं उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को परिवर्तित कर देने के लिए। कुछ क्षण ही पर्याप्त होते हैं, जिनमें इतिहास ही परिवर्तित हो जाता है। इनका महत्व समझते हुए ही इनको हम व्यर्थ नहीं जाने देना चाहते। इनका समुचित उपयोग करते हुए कुछ ऐसा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि पाठकों की सोच व विचारधारा में अपेक्षित परिवर्तन हो सके। थोड़े से समय में ही उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आ जाए।
समय एवं परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य मात्र में आमूल चूल परिवर्तन तो आते ही हैं। किन्तु अधिकांश इनमें समय लगता है तथा ऐसे परिवर्तन धीरे धीरे ही आते हैं अथवा उसके आने में कभी कभी बहुत ही समय लगता है। इस पर भी कभी कभी ऎसी बातों का समुचित प्रभाव होने के उपरांत भी
व्यक्ति में संभावित परिवर्तन नहीं आ पाते।
फिर भी इस सब के उपरांत भी इस बात की संभावना को कभी भी अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि घटना या परिस्थिति कैसी भी हो, उसका मनुष्य के जीवन पर यथोचित प्रभाव होता ही है। तो फिर चाहे ऎसी परिस्थिति या ऐसे क्षणों का जो भी प्रभाव होता है, विशेषता सकारात्मक।
हमारा विश्वास है कि जैसे जैसे पाठक इस पुस्तक को पढते जाएंगे, उनकी सोच या विचारधारा में परिवर्तन आता चला जाएगा तथा उनमें सकारात्मक प्रभाव तथा उसके अनुरूप परिवर्तित भी होता चला जाएगा।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Rachnaye Fulfilled
- Weight
- 400 grams
- ISBN-13
- 9798886676143
- Pages
- 250
- Reading time
- ~8 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- IN
- Dimensions
- 17 × 20 cm
- Language
- Hindi
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