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44 Saal Ke Baad

In category

Romance

Language

Hindi

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About the book

पढ़ने, संगीत, निजी संस्थान में नौकरी, पारिवारिक, सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के पश्चात, बचे समय में कुछ लिखने वाले, मूल रूप से उत्तराखंड के, और पिछले ढाई दशकों से दिल्ली राजधानी क्षेत्र में रह रहे गाजियाबाद निवासी, पराग डिमरी की ये छठी पुस्तक है। डेढ़ साल से कुछ ही ज्यादा के अंतराल में, ये उनकी चौथी प्रकाशित रचना है। पूर्व प्रमुख प्रकाशित रचनाएं संगीतकार ओ पी नैय्यर की जीवन गाथा, छोटे से शहर कोटद्वार में गुजरे बचपन, लडकपन की कहानी, और महानगर की जीवन शैली का सुख, उसके साइड इफेक्टस भोगने, सहने के बाद‌, एक छोटी सी, अलग थलग जगह के वासी बन जाने की, कथाएं रही हैं। प्रस्तुत रचना “चवालीस साल के बाद” एक ऐसी प्रेम कहानी है, जो साढ़े चार दशकों के अलगाव के बाद भी खत्म, विलुप्त नहीं हो पाती, कुछ किंतु, परंतु के साथ, महक वाली ही बनी रहती है, जो इसके पाठकों को भी महकाती रहती है।

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पढ़ने, संगीत, निजी संस्थान में नौकरी, पारिवारिक, सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के पश्चात, बचे समय में कुछ लिखने वाले, मूल रूप से उत्तराखंड के, और पिछले ढाई दशकों से दिल्ली राजधानी क्षेत्र में रह रहे गाजियाबाद निवासी, पराग डिमरी की ये छठी पुस्तक है। डेढ़ साल से कुछ ही ज्यादा के अंतराल में, ये उनकी चौथी प्रकाशित रचना है। पूर्व प्रमुख प्रकाशित रचनाएं संगीतकार ओ पी नैय्यर की जीवन गाथा, छोटे से शहर कोटद्वार में गुजरे बचपन, लडकपन की कहानी, और महानगर की जीवन शैली का सुख, उसके साइड इफेक्टस भोगने, सहने के बाद‌, एक छोटी सी, अलग थलग जगह के वासी बन जाने की, कथाएं रही हैं। प्रस्तुत रचना “चवालीस साल के बाद” एक ऐसी प्रेम कहानी है, जो साढ़े चार दशकों के अलगाव के बाद भी खत्म, विलुप्त नहीं हो पाती, कुछ किंतु, परंतु के साथ, महक वाली ही बनी रहती है, जो इसके पाठकों को भी महकाती रहती है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Neelam Jasoos Karyalay
Format
Paperback
Publisher
Neelam Jasoos Karyalay
Publication year
2020
Weight
250 grams
ISBN-13
9788198243874
Pages
192
Reading time
~6 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
20.5 × 20.5 cm
Language
Hindi

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