Wohi Chota Sa Tircha Daant

(13)

Author:

Ram Pujari

Language:

Hindi

Category:

Romance

399

₹ 319.2 (20% off)

Available

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


नब्बे के दशक के पहाड़ी क़स्बों में, स्कूल की घंटियों और प्रार्थनाओं के बीच जन्म लेती है एक मासूम प्रेम कहानी। कृष्ण - गलतफहमियों, टूटे रिश्तों और किशोरावस्था की भटकन से जूझता हुआ लड़का श्रावणी - शांत, संवेदनशील, अपने अकेलेपन और क़स्बों की अफवाहों के बीच खड़ी एक लड़की पहली नज़र का आकर्षण धीरे धीरे भरोसे, चाहत और दर्द में बदलता है। यह उपन्यास सिर्फ़ स्कूल वाला इश्क़ नहीं, बल्कि उस उम्र का सच है, जहाँ हर भावना गहरी होती है और हर गलती भारी पड़ती है। "वही छोटा सा तिरछा दाँत" यादों, पछतावों और पहले प्यार की कहानी है, जो मुस्कुराते हुए भी भीतर तक चुभ जाती है।

Read more

ISBN
WCSTD
Pages
356
Avg Reading Time
12 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
IN

Format:

Piracy Free

Express Delivery

Secure Payment

About the Book

नब्बे के दशक के पहाड़ी क़स्बों में, स्कूल की घंटियों और प्रार्थनाओं के बीच जन्म लेती है एक मासूम प्रेम कहानी।

कृष्ण - गलतफहमियों, टूटे रिश्तों और किशोरावस्था की भटकन से जूझता हुआ लड़का

श्रावणी - शांत, संवेदनशील, अपने अकेलेपन और क़स्बों की अफवाहों के बीच खड़ी एक लड़की

पहली नज़र का आकर्षण धीरे धीरे भरोसे, चाहत और दर्द में बदलता है। यह उपन्यास सिर्फ़ स्कूल वाला इश्क़ नहीं, बल्कि उस उम्र का सच है, जहाँ हर भावना गहरी होती है और हर गलती भारी पड़ती है।

"वही छोटा सा तिरछा दाँत" यादों, पछतावों और पहले प्यार की कहानी है, जो मुस्कुराते हुए भी भीतर तक चुभ जाती है।

Book Details

  • ISBN
    WCSTD
  • Pages
    356
  • Avg Reading Time
    12 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    IN

Recommended For You

Customer Reviews

4.54 out of 5

Book

14/02/2026

Umakant Pandey

आज ये राम पुजारी जी के द्वारा लिखित उपन्यास वही छोटा सा तिरछा दांत पढ़ कर खत्म किया।पढ़ने के बाद निशब्द हूं।वैसे तो ये कृष्ण और श्रावणी की कहानी है मगर साथ में ये हिमांशु-मालती और विक्रम राजेश्वरी की भी कहानी है। कृष्ण और श्रावणी स्कूल में मिलते हैं और जिस तरह से इनकी कहानी लिखी गई है कि पाठक खुद उनके साथ एक पात्र बनकर महसूस करता है।इन दोनों का दोस्तों से संबंध और आपसी संबंध बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है। पूरी किताब पढ़ते वक्त प्यार,दुख,दोस्ती सभी तरह के भावनाओं को महसूस करेंगे। मैं योगेश मित्तल जी के इन शब्दों से सहमत हूं कि अगर यह किताब किसी मुंबई वाले के हाथ लग गया तो मूवी या वेब सीरीज जरूर बना डालेगा। मैं तो सभी को कहूंगा कि यदि एक अच्छा उपन्यास पढ़ना चाहते हैं तो जरूर जरूर इसे पढ़ें।

Hurry! Limited-Time Coupon Code

WORDPOWER
* Terms and Conditions applied.

Offers

Best Deal

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.

whatsapp