Lokmanya Mayanand
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Author:
Deoshankar NavinPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
MaithiliCategory:
Biographies-and-autobiographies₹
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मैथिलीक प्रसिद्ध आ चर्चित त्रिपुंड मे सँ एक मायानंद मिश्र अपन प्रचुर रचनात्मकताक बलें मैथिल पाठकक जीह पर सतत उच्चरित होइबला एक अनिवार्य नाम थिक। कथा हो वा उपन्यास, कविता हो वा गीत, आलोचना हो वा दर्शन, इतिहास हो वा चिन्तन, रेडियो हो वा मंच, सभठाम मायानंद अपन अखंड प्रतिभाक कारणें उच्चासन पर विराजमान छथि। एक दिस साहित्य आ दोसर दिस मैथिली आन्दोलन आ मंच लेल हुनक जीवन समर्पित छलनि। अपन जीवन काल मे ओ जतेक साहित्य सृजन कयलनि, ताहि सँ थोड़बो कम ओ मैथिली आन्दोलन आ मंच लेल नहि कयलनि। मैथिली आन्दोलन आ मंचक लाथें जन जागरण आ चेतना स्फुरण क' महत्तर कार्यक ओ सम्पादन कयलनि। ओ मैथिली मंचक सम्राट छलाह। हुनक उपस्थिति मात्र सँ मैथिली मंच गौरवान्वित होइत छल। हुनक जीवन आ बहुआयामी साहित्य पर लिखल 'लोकमान्य मायानंद' डा. देवशंकर नवीनक अमूल्य कृति थिक। एहि पोथी मे विस्तृत रूपें मायानंद मिश्रक जीवन आ साहित्य केँ अत्यंत गंभीरता, संलग्नता, सम्बद्धताक संग डा. नवीन विश्लेषित कयलनि अछि जे हुनक गहनता, दृष्टि सम्पन्नता आ गंभीरता केँ अखंड रूपें प्रतिष्ठापित करैत अछि। —केदार कानन
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मैथिलीक प्रसिद्ध आ चर्चित त्रिपुंड मे सँ एक मायानंद मिश्र अपन प्रचुर रचनात्मकताक बलें मैथिल पाठकक जीह पर सतत उच्चरित होइबला एक अनिवार्य नाम थिक। कथा हो वा उपन्यास, कविता हो वा गीत, आलोचना हो वा दर्शन, इतिहास हो वा चिन्तन, रेडियो हो वा मंच, सभठाम मायानंद अपन अखंड प्रतिभाक कारणें उच्चासन पर विराजमान छथि। एक दिस साहित्य आ दोसर दिस मैथिली आन्दोलन आ मंच लेल हुनक जीवन समर्पित छलनि। अपन जीवन काल मे ओ जतेक साहित्य सृजन कयलनि, ताहि सँ थोड़बो कम ओ मैथिली आन्दोलन आ मंच लेल नहि कयलनि। मैथिली आन्दोलन आ मंचक लाथें जन जागरण आ चेतना स्फुरण क' महत्तर कार्यक ओ सम्पादन कयलनि। ओ मैथिली मंचक सम्राट छलाह। हुनक उपस्थिति मात्र सँ मैथिली मंच गौरवान्वित होइत छल। हुनक जीवन आ बहुआयामी साहित्य पर लिखल 'लोकमान्य मायानंद' डा. देवशंकर नवीनक अमूल्य कृति थिक। एहि पोथी मे विस्तृत रूपें मायानंद मिश्रक जीवन आ साहित्य केँ अत्यंत गंभीरता, संलग्नता, सम्बद्धताक संग डा. नवीन विश्लेषित कयलनि अछि जे हुनक गहनता, दृष्टि सम्पन्नता आ गंभीरता केँ अखंड रूपें प्रतिष्ठापित करैत अछि। —केदार कानन
Book Details
-
ISBN9789388799782
-
Pages288
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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