About Mithleshvar
कहानी संग्रह- बाबूजी, बंद रास्तों के बीच, दूसरा महाभारत, मेघना का निर्णय, तिरिया जनम, हरिहर काका, एक में अनेक, एक थे पो.बी.लाल, भोर होने से पहले, मिथिलेश्वर की श्रेष्ठ कहानियाँ, गाँव के लोग, विगह बाबू, ज़िंदगी का एक दिन, छह महिलाएँ, माटी की महक, धरती गाँव की, प्रतिनिधि कहानियाँ।
उपन्यास- झुनिया, युद्धस्थल।
पुरस्कार- 'बाबूजी' पुस्तक के लिए म,प, साहित्य परिषद द्वारा वर्ष १९७६ के 'अखिल भारतीय मुक्तिबोध पुरस्कार', 'बंद रास्तों के बीच' पुस्तक के लिए सोवियत रूस द्वारा वर्ष १९७९ के 'सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार', 'मेघना का निर्णय' पुस्तक के लिए उ.प्र. हिंदी संस्थान द्वारा वर्ष १९८१-८२ के 'यशपाल पुरस्कार' तथा निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन द्वारा राज्य के सर्वोत्कृष्ट हिंदी लेखक के लिए वर्ष १९८३ के 'अमृत पुरस्कार' से पुरस्कृत एवं सम्मानित।