Sushil Shukla
Ped Ka Pata
- Author Name:
Sushil Shukla +1
-
Book Type:

- Description: छोटे-छोटे उन्नीस गद्यों और उतने ही चित्रों वाली किताब | वे गद्य कुछ चीज़ों, वाक़ि'आत और जगहों को याद करते हुए लिखे गए हैं | सुशील शुक्ल ने याद को अँधेरे, हवाओं, दरवाज़ों, पेड़ों, आमों, पास और दूर की, और उन सारी बातों के साथ लिखा है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को हासिल रहती हैं | भले ही वो बीती हुई हों - ज़्यादातर गद्य एक 'था' के ज़िक्र से शुरू होते हैं | पर वो 'था' महज़ एक घटा हुआ समय नहीं है | बल्कि एक जगह है | एक पता है | Age group 9-12 years जैसे एक घर है जिसे गिराया जा रहा है। यह एक याद की कहानी है। मगर यह दुनिया के गिर रहे हरेक घर के साथ ज़िन्दा हो उठती है। तो एक ऐसी याद जो याद भी है और अभी घट भी रही है। पेड़ का न होने पर पेड़ का होना सबसे ज़्यादा सालता है। तो ये कहानियाँ किसी चीज़ के न होने की कहानियाँ हैं। जो याद बनकर ही सुनाई जा सकती थीं। इसलिए कि हमें पता चले कि हम किस तरह का कल बनाएँ कि उसकी यादें सुहावनी हों। कचोटने वाली नहीं। पाठकों को इस पते पर तापोशी घोषाल के चित्रों की सोहबत हासिल रहेगी | वे चित्र इस तरह से बेहद उदार हैं कि वो अपने साथ-साथ पढ़नेवाले की यादों को जगह देने हर पन्ने पर काफी खुली जगह रखे चलते हैं। इन चित्रों में इन सब कहानियों के किरदार हैं, जगहें हैं। इनका भीतर हम सबके भीतर की तरह है। जैसे, इस चित्र के मकान की एक ईंट हमारे घरों में लगी एक ईंट की तरह दिखती है। और इस मकान की एक ईंट का गिरना, हमारे घर की एक ईंट के गिरने की तरह है। Age group 9-12 years
Ped Ka Pata
Sushil Shukla
Bhai Tu Aisi Kavita Kyun Karta Hai
- Author Name:
Vandana Bist +1
-
Book Type:

- Description: A collection of short poems by Sushil Shukla would surprise you with its simplicity. Things we see and live with every day quickly become a part of you and arouse the poet in you. If these poems do that to you, don’t forget to send us a few samples! Vandana Bisht’s illustrations have a character of their own and a story to tell. When you look at them, you begin to imagine what the bird must be saying, so expressive is each character! These individual artworks make you wonder about the use of colour and space. An appreciation for art comes naturally to you as you savour these artworks. Age group 6-8 years
Bhai Tu Aisi Kavita Kyun Karta Hai
Vandana Bist
Woh Ped Par Chalti Hai
- Author Name:
Allen Shaw +1
-
Book Type:

- Description: A tree is not just a tree. It is also a little bit of air, a little sun, a little bit of colour, a little sky, and a little bit of water. When it is cut, a little air, a bit of sky, a little water...everything is cut down a little bit. The book is about cutting down. With watercolours, Allen Shaw has depicted the sky, soil, and air living within water and colour. This book belongs as much to the illustrator as it does to the poet. Age group 6-8 years
Woh Ped Par Chalti Hai
Allen Shaw
River or a string of clouds?
- Author Name:
Sushil Shukla
-
Book Type:

- Description: Rivers are where raindrops are stored and rivers are a string of clouds. Rivers are where fish breathe and on whose banks, farms flourish. A book in verse about the many meanings of a river.
River or a string of clouds?
Sushil Shukla
Saat Patton Wala Ped
- Author Name:
Sushil Shukla
- Rating:
-
Book Type:

- Description: यह किताब पढ़ी तो लगा कि सुशील शुक्ल पेड़ों की भाषा जानते हैं। पेड़ की भाषा जानने वाले मिट्टी, हवा, रंग और पानी भी भाषा भी जानते हैं। कि पेड़ की भाषा मिट्टी, हवा, रंग और पानी की भाषा से मिलकर ही तो बनती होगी। इस तरह बनी भाषा मिट्टी सी कोमल, पानी सी तरल और हवा सी ताज़ी होगी। सात पत्तो वाला पेड़ की भाषा ऐसी ही है। अगर किसी को बताना हो कि हमने पेड़ में फूल और खुश्बू के बनने को देखा है तो ऐसी ही भाषा में बताया जा सकेगा। तापोशी घोषाल के बनाए सप्तपर्णी के फूल पर भँवरे मँडरा रहे हैं। इनके साथ ज़रा ठहरें तो इनकी गुनगुन भी सुनाई देने लगेगी। Age group 9-12 years
Saat Patton Wala Ped
Sushil Shukla
Shape Chilli
- Author Name:
Proiti Roy +1
-
Book Type:

- Description: अक्सर हम अखबारों और पत्रिकाओं में तस्वीरों में मूंछें, सींग जोड़ते हुए पाए जाते हैं। ये ऐसी ही शरारतों की किताब है. एक कल्पनाशील, और रचनात्मक शरारत की। वर्गों, वृत्तों, त्रिभुजों की अपनी एक दुनिया होती है। हम उनकी आकृतियों के साथ खेल सकते हैं। बस एक रेखा और एक बिंदु जोड़ें और आपके पास सवारी या मछली के लिए एक घोड़ा तैयार है। मास्टर कलाकार प्रोइति रॉय ने इस खूबसूरत किताब की रचना की है। इसे आज़माएं और देखें कि इसे बनाना कितना आसान है।
Shape Chilli
Proiti Roy
Ek Bate Baarah
- Author Name:
Sushil Shukla +1
- Rating:
-
Book Type:

- Description: मैं नदी के आत्मीय की तरह नदी के पास जाता था।उसकी पीठ पर हाथ रखना चाहता था। नदी की पीठ पर हाथ रखने की जगह मेरे हाथ मेरी पीठ पर पहुँच जाते थे। तब मुझे पता चलता था कि मेरी पीठ के बीचोंबीच एक नदी का निशान है। हर व्यक्ति की पीठ के बीचोंबीच एक नदी का निशान है। नाधी से ही तो हमारी रीढ़ बनी है। पर नदी ने इतनी ज़रूरी बात पीठ पीछे क्यों कही?