About Yashwant Vyas
नए प्रयोगों के लिए चर्चित व्यंग्यकार-पत्रकार यशवंत व्यास कई मीडिया उपक्रमों में प्रमुख रहे हैं। उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं—‘बोसकीयाना’, ‘चिन्ताघर’, ‘कामरेड गोडसे’, ‘ख्वाब के दो दिन’, ‘अपने गिरेबान में’, ‘कल की ताजा ख़बर’, ‘अमिताभ का अ’, ‘हिट उपदेश’, ‘अब तक छप्पन’, ‘इन दिनों प्रेम उर्फ़ लौट आओ नीलकमल’, ‘यारी-दुश्मनी’, ‘जो सहमत हैं सुनें’ आदि।
‘अमर उजाला’ के समूह सलाहकार और कई सम्मानों से सम्मानित यशवंत व्यास डिजिटल और प्रिंट के साझे की दोस्ताना कारीगरी पर कुछ अनूठे प्रयोगों में व्यस्त हैं। कोरोना की पहली लहर में रिलीज ‘कवि की मनोहर कहानियाँ’ (के के एम के) इतनी लोकप्रिय हुईं कि तीसरी के धड़के में नए गुनाहों के साथ ‘के के एम के रिबूट’ हुई।
ई-मेल : yashwantvyas@gmail.com