About Gyanchand Jain
ज्ञानचंद जैन
ज्ञानचंद जैन का जन्म 8 फरवरी, 1918 को हुआ। उन्होंने एम.ए. (हिंदी), एल-एल. बी. की डिग्री प्राप्त की। 1935 में प्रेमचंद द्वारा संपादित 'हंस' में उनकी पहली कहानी प्रकाशित हुई। 1938 में इलाहाबाद से प्रकाशित 'दैनिक भारत' के माध्यम से हिंदी पत्रकारिता से जुड़े। 1947 से 1976 तक लखनऊ से प्रकाशित 'दैनिक नवजीवन' का संपादन किया। 1977 से 1981 तथा 1984 से 1988 तक 'दैनिक स्वतंत्र भारत' में अग्रलेख लेखन। 1992 में स्वतंत्रता संघर्ष में लेखनी से योगदान करने वाले विशिष्ट पत्रकार के रूप में उत्तर प्रदेश शासन से सम्मानित। कहानी, निबंध, संस्मरण, आलोचना, जीवन-चरित, रेडियो-रूपक आदि गद्य साहित्य की विविध विधाओं में लेखन किया।
उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—'प्रेमचंद-पूर्व के हिंदी उपन्यास' (आलोचना); 'निगंठ ज्ञातपुत्र' (जीवनी); कहानी-कला (विनोद शंकर व्यास के साथ); 'स्त्रियों की समस्याएँ' (महात्मा गांधी); 'स्वाधीनता का सिंहनाद'; 'संक्षिप्त मेरी कहानी'; 'क्षेमेन्द्र और उनका समाज' (संपादन); 'संसार की श्रेष्ठ कहानियाँ', 'यौवन की भूल' (मोपासां), 'स्त्री और पुरुष' (टॉलस्टॉय) (अनुवाद)।