About Dr. Ramprakash Sharma ‘Saras’
डॉ. रामप्रकाश शर्मा 'सरस'—जन्म : 1959 में उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की तहसील बहेड़ी के ग्राम वरगवां ।
शिक्षा : गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर, हरिद्वार से स्नातक उपाधि 'विद्याभास्कर ', संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से “शास्त्री', ' आचार्य साहित्य' (एम.ए. संस्कृत), मेरठ विश्वविद्यालय से एम.ए. हिंदी, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से संस्कृत साहित्य में पी-एच.डी.।
कार्यक्षेत्र : डी.ए.वी. शिक्षा संस्थान के विद्यालय में 1985 में शिक्षक के रूप में प्रवेश; दिसंबर, 2019 में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय विद्यालय संगठन से सेवानिवृत्त। पत्र- पत्रिकाओं में लेख, कविता आदि का प्रकाशन। एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा 7 से 12 तक की संस्कृत-हिंदी की पाठ्य-पुस्तकों के निर्माण में सहयोग तथा पाँच पुस्तकों की पांडुलिपियाँ विकसित करने में परामर्श एवं योगदान। आकाशवाणी से संस्कृति विषयक वार्त्ताओं का प्रसारण | भारत सरकार के अनेक मंत्रालयों की हिंदी सलाहकार समितियों के सदस्य। वर्ष 2013 में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार एवं वर्ष 2018 में महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय रुहेलखंड, बरेली की अकादमिक काउंसिल के सदस्य; विश्व वेद सम्मेलनों के पर्यवेक्षक | दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वाड्मय' के संपादक मंडल के सदस्य। अनेक उपाधियों और सम्मानों से अलंकृत।