About Dr. Kuldip Chand Agnihotri
डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री गुरुवाणी और मध्यकालीन दशगुरु परंपरा के अध्येता हैं। आजकल दशगुरु परंपरा के संदर्भ में सप्तसिंधु और जंबूद्वीप का इतिहास खँगालने में व्यस्त हैं। वह हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलपति रह चुके हैं। कुछ समय के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में आंबेडकर पीठ में चेयर प्रोफेसर रहे। जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र दिल्ली से भी जुड़े हुए हैं। प्रो. अग्निहोत्री ने अनेक देशों की यात्रा की। जिन दिनों ईरान में अयातुल्लाह खुमैनी ने आर्यमेहर शाह का तख्तापलट किया, उन दिनों वह ईरान में थे। शायद उनकी पुस्तक ईरानी क्रांति तथा उसके बाद हिंदी में लिखी गई अपने प्रकार की पहली किताब है।