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Dinesh Kumar Mishra

Dinesh Kumar Mishra Author

society-social-sciences · hindi

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About Dinesh Kumar Mishra

दिनेश कुमार मिश्र दिनेश कुमार मिश्र का जन्म 1946 में आजमगढ़, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने खड़गपुर आई.आई.टी. से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक. (1968) और एम.टेक. (1970) ​की डिग्री हासिल की। 2006 में उन्होंने वीर नर्मद विश्वविद्यालय, सूरत से डॉक्टरेट की उपाधि पाई। 1984 में उनकी सेवाएँ कोसी तटबन्ध में सहरसा में पड़ी दरार के कारण भुक्तभोगियों को पुनर्वासित करने के लिए ली गईं। इस दुर्घटना के विस्थापितों की स्थिति देखकर दिनेश कुमार मिश्र ने बिहार के बाढ़-पीड़ितों के साथ-साथ सूखा और अकाल-पीड़ितों की दुर्दशा का अध्ययन किया और यह क्रम अब भी रुका नहीं है। इस विषय पर उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं—‘बाढ़ से त्रस्त–सिंचाई से पस्त : उत्तर बिहार की व्यथा-कथा’ (1990), ‘कोसी : उम्र कैद से सजा-ए-मौत तक’ (1992), ‘बन्दिनी महानन्दा’ (1994), ‘ऐसे आती है बाढ़’ (1996), ‘गंडक क्षेत्र और जल-जमाव का घाव’ (1996), ‘बोया पेड़ बबूल का : बाढ़ नियंत्रण का रहस्य’ (2000), ‘भुतही नदी और तकनीकी झाड़-फूँक’(2004), ‘बगावत पर मजबूर मिथिला की कमला नदी’ (2005), ‘कोसी नदी की कहानी : दुइ पाटन के बीच में...’ (2006) तथा ‘बागमती की सद्गति’ (2010)। इनमें से कई पुस्तकों के अंग्रेजी में अनुवाद भी प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा बाढ़, सुखाड़ और अकाल सम्बन्धी उनके शताधिक लेख देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपते रहे हैं। फिलहाल आजादी के बाद बिहार के बाढ़ और सुखाड़ तथा अकाल पर शृंखलाबद्ध वार्षिक रिपोर्ट लिखने में व्यस्त हैं। ई-मेल : dkmishra108@gmail.com
Pani Ka Shap : Bihar Mein Badh-Sukhad
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Rajkamal Prakashan Samuh · hindi · society-social-sciences

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