🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store
Ramsharan Joshi

Ramsharan Joshi Author

general-non-fiction · hindi

0 Followers
0 Rating
12 Books
Rate

About Ramsharan Joshi

रामशरण जोशी 6 मार्च, 1944 में अलवर (राजस्थान) में जन्मे रामशरण जोशी पेशे से पत्रकार, सम्पादक, समाजविज्ञानी और मीडिया के अध्यापक रहे हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान में विजिटिंग प्रोफ़ेसर। 1999 से 2004 तक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक प्रोफ़ेसर और कार्यपालक निदेशक के पद पर कार्यरत रहे। आप राष्ट्रीय बाल भवन के अध्यक्ष और केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा में विजिटिंग प्रोफ़ेसर रहे हैं। आपकी प्रमुख कृतियाँ हैं—'आदमी, बैल और सपने’, 'आदिवासी समाज और विमर्श’, '21वीं सदी के संकट’, 'मीडिया विमर्श’, ‘यादों का लाल गलियारा : दंतेवाड़ा’, ‘मैं बोनसाई अपने समय का’, आदि। आपको बिहार सरकार द्वारा 'राजेन्द्र माथुर राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार’, मध्य प्रदेश सरकार का 'राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान’, हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा 'पत्रकारिता सम्मान’, 'गणेश शंकर विद्यार्थी साम्प्रदायिक सौहार्द पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। फ़िलहाल नई दिल्ली में परिवार के साथ रहते हुए स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। सम्‍पर्क : joshisharan1@gmail.com
Main Bonsai Apane Samay Ka : Ek Katha Aatambhanjan Ki
Best known for Main Bonsai Apane Samay Ka : Ek Katha Aatambhanjan Ki

Rajkamal Prakashan Samuh · hindi · general-non-fiction

₹319 ₹399
Buy now

Books by Ramsharan Joshi

Offers

Loading offers…

whatsapp