Ashok Chakradhar

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अशोक चक्रधर जन्म : 8 फरवरी, 1951; खुर्जा (उ.प्र.)। शिक्षा : एम.ए., एम.लिट्., पीएच.डी. (हिन्दी)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के ‘कैरिअर अवार्ड’ के अन्‍तर्गत ‘नवसाक्षर साहित्य के आयाम’ विषय पर उत्तर पीएच.डी. शोधकार्य। प्रकाशित पुस्तकें : ‘भोले-भाले’, ‘तमाशा’, ‘चुटपुटकुले’, ‘सो तो है’, ‘हँसो और मर जाओ’, ‘बूढ़े बच्चे’, ‘ए जी सुनिए’ (कविता); ‘रंग जमा लो’, ‘चार क़ि‍स्से चौपाल के’, ‘सब कुछ माँगना लेकिन’, ‘बिटिया की सिसकी’ (नाटक); ‘कोयल का सितार’, ‘एक बगिया में’, ‘हीरों की चोरी’, ‘स्नेहा का सपना’ (बाल-साहित्य); ‘नई डगर’, ‘अपाहिज कौन’, ‘हमने मुहिम चलाई’, ‘भई बहुत अच्छे’, ‘बदल जाएँगी रेखा’, ‘ताउम्र का आराम’, ‘घड़े ऊपर हंडिया’ (प्रौढ़ साहित्य); ‘मुक्तिबोध की काव्य-प्रक्रिया’, ‘मुक्तिबोध की कविताई’, ‘मुक्तिबोध की समीक्षाई’, ‘छाया के बाद’ (सह-सम्‍पादन) (समीक्षा); ‘इतिहास क्या है’ (ई.एच. कार) (अनुवाद)। फ़‍िल्म लेखन-निर्देशन : ‘जमुना किनारे’ (फ़ीचर फ़ि‍ल्म); ‘गुलाबड़ी’, ‘जीत गई छन्नो’, ‘मास्टर दीपचन्‍द’, ‘हाय मुसद्दी’, ‘तीन नज़ारे’ (टेलीफ़ि‍ल्म); ‘पंगु गिरि लंघै’, ‘गोरा हट जा’, ‘साक्षरता निकेतन’, ‘विकास की लकीरें’ (वृत्तचित्र); ‘भोर तरंग’, ‘ढाई आखर’, ‘बुआ भतीजी’, ‘बोल बसन्तो’, ‘वंश’, ‘अलबेला सुरमेला’, ‘कहकहे’, ‘परदा उठता है’ आदि (धारावाहिक)। विगत कई दशकों से विभिन्न जनसंचार माध्यमों में सक्रिय अशोक चक्रधर जी जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हिन्‍दी एवं पत्रकारिता विभाग में प्रोफ़ेसर व अध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद केन्‍द्रीय हिन्‍दी संस्थान तथा हिन्‍दी अकादेमी, दिल्ली के उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत रहे।

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