Hindu Dharm Ki Mahagatha
(0)
Author:
Prathviraj Singh, P. NarahariPublisher:
Manjul Publishing House Pvt LtdLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality₹
299
₹ 239.2 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ऐसे समय में जब विज्ञान किसी भी रहस्य को सुलझा सकता है, धर्म का विचार अनावश्यक और व्यर्थ प्रतीत होता है। धीरे-धीरे, यह धारणा बलवती होती जा रही है। यह भी महसूस होता है कि आज की तथाकथित प्रगतिशील दुनिया में धर्म के समर्थन को पुराना और अर्थहीन समझा जाता है।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
ऐसे समय में जब विज्ञान किसी भी रहस्य को सुलझा सकता है, धर्म का विचार अनावश्यक और व्यर्थ प्रतीत होता है। धीरे-धीरे, यह धारणा बलवती होती जा रही है। यह भी महसूस होता है कि आज की तथाकथित प्रगतिशील दुनिया में धर्म के समर्थन को पुराना और अर्थहीन समझा जाता है।
Book Details
-
ISBN9789391242688
-
Pages146
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Swachh Indore
- Author Name:
P. Narahari
- Book Type:

- Description:
Indore city has been declared the cleanest city in the country for the fifth time in a row in 2021. Indore became cleanest city in the country for the first time in Swachh Sarvekshan 2017 while in the Swachh Sarvekshan 2016, it was 25th in the ranking. The story of Indore from 25th position to becoming the cleanest city of the country and then sustaining the position is written in this book by the author P. NaraharilAS. P. Narahari was the Collector and District Magistrate of Indore when the campaign to become the cleanest city was initiated. The author spearheaded the campaign to make Indore Rural District the second Open Defecation Free (ODF) in the country. After achieving such a feat, the campaign to make Indore the Cleanest city was initiated with the support of the whole society. What were the strategies applied by the city administration in ensuring absolute cleanliness on the lines of the Swachh Bharat Campaign? How a song to motivate the citizens of Indore became an anthem for cleanliness is mentioned in this book. How Indore became a role model for not only many other cities of the country but also of the world is delineated in this book. This book also talks about how Safai Karmcharis became champions of Cleanliness in this campaign? This book can be a reference point for citizens, administrators, policy makers, students of journalism and civic societies of any city to make their cities highly liveable. It will lead to the Right to Cleanliness for a healthy living of everyone.
The Great Vedic Tales
- Author Name:
P. Narahari +1
- Book Type:

- Description:
Ancient Indians developed and discovered many techniques that made human life simpler and advanced materially but never struck to this kind of advancement. They certainly believe that human excellence depends on the development of art. That being the reason, ancient India was the first civilisation to inculcate art, drama, dance, music and poetry into human life with the spiritual aspect of it. It also developed the finest language that helped them to express their experiences artistically and efficiently. This rich heritage of ancient India earned many admirers across the boundaries of regions and religions. Mark Twain being an aficionado of Indian heritage spoke many things to appreciate Indian traditions and culture: “India is the cradle of the human race, the birthplace of human speech, the mother of history, the grandmother of legends and the great grandmother of tradition. Our most valuable and the most constructive materials in the history of man are treasured up in India only.”
Main Ram Bol Raha Hoon
- Author Name:
Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description:
राम का जीवन भारतीयों के लिए एक आदर्श जीवन है। जन्म से लेकर अंत तक राम का चरित्र एक दीप-स्तंभ है। ऐसे सार्वकालिक राष्ट्रीय नायक का कथानक किसी भी कृति को गौरवान्वित करता है। ‘रामचरितमानस’ के धीरोदात्त नायक राम कथनी से अधिक करनी में विश्वास रखते थे। अतः उनके जो भी कथन उपलब्ध हैं, वे भारतीय संस्कृति की महत्त्वपूर्ण धरोहर हैं। राम के प्रस्तुत उद्घोष तुलसीकृत रामचरितमानस एवं लेखक की समांतर कृति ‘रामचरितमानस: नाट्य रूप’ से उद्धृत किए गए हैं। विश्वास है, सुधी पाठक प्रस्तुत कृति से प्रेरणा ग्रहण करके अपने जीवन को सफल बनाएँगे और भारतीय तथा विश्व-समाज को समुन्नत करने में योगदान देंगे।
Buddh Se Seekhen Safalta Ka Marg
- Author Name:
Vishen Lakhiani
- Book Type:

- Description:
Buddh Se Seekhen Safalta Ka Marg Hindi Translation of The Buddha and The Badass: The Secret Spiritual Art of Succeeding at Work. क्या आपने गौर किया है कि कैसे कुछ लोग नौकरी में कमाल के भाग्यशाली होते हैं! वे बड़ी आसानी से समाधान सुझा देते हैं। वे सही लोगों को आकर्षित करते हैं। लोग उनके अभियानों, कंपनियों, उनकी टीमों का हिस्सा बनना चाहते हैं। वे बड़े-बड़े काम मुसकराते हुए पूरा कर लेते हैं और वेतन में अच्छी वृद्धि के साथ ही प्रमोशन भी पा लेते हैं। ये सुपरस्टार कमाल की एकाग्रता और रचनात्मकता का प्रदर्शन कर खास दायरे का हिस्सा बन जाते हैं।यह पुस्तक बताती है कि उनके साथ कैसे जुड़ें। आप जहाँ भी हों, आप में अनोखी शक्तियाँ हैं। यह आधुनिक युग का भ्रम है कि कठिन परिश्रम और संघर्ष से ही सफलता मिलती है। आपके भीतर एक आत्मा है और एक बार आपने काम के क्षेत्र में इसकी पूरी शक्ति का प्रयोग किया, तो बस कमाल हो जाता है। अपने भीतर के बुद्ध और निर्भीक योद्धा को जगाना एक ऐसी प्रक्रिया है, जो आपके काम करने के तरीके को बदलकर रख देगी। आप उन तरीकों को जान लेंगे, जो वास्तविकता के हर नियम को आपके पक्ष में ला देंगे।
Rumi: Rooh-E-Kainat
- Author Name:
- Book Type:

- Description:
Desc awaiting from Publisher
Shri Hanuman Chalisa | Devotional & Spirituality Prayer of Lord Hanuman Book in Hindi
- Author Name:
Kishor Makwana::Rasikba Kesariya
- Book Type:

- Description:
श्री हनुमान चालीसा भगवान् श्रीराम तक पहुँचने का एक मार्ग है। जन-मानस में व्याप्त श्रीहनुमान चालीसा कोई सिद्ध कर ले, नित्य सौ बार पठन करे तो हनुमानजी उसकी सब इच्छा-आकांक्षा पूर्ण करते हैं, ऐसी मान्यता है। मनुष्य के जीवन को सफल बनानेवाली ये रत्नमणिकाएँ हैं। श्रीहनुमानजी का संपूर्ण चरित्र हम सबमें श्रद्धा, विश्वास, ज्ञान, शक्ति, पुरुषार्थ, भक्ति, सत्य, प्रामाणिक प्रयत्न, समर्पण भाव, पराक्रम, संस्कार- संपन्न वाणी, विवेक और निष्काम कर्म जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए अनेक गुणों का सिंचन करता है।
Shri Hanuman Chalisa Rahasy
- Author Name:
Shailesh Tiwari
- Book Type:

- Description:
Book
Gita-Mata
- Author Name:
Mahatma Gandhi
- Book Type:

- Description:
महात्मा गांधीजी ने गीता को ‘माता’ की संज्ञा दी थी। उसके प्रति उनका असीम अनुराग और भक्ति थी। उन्होंने गीता के श्लोकों का सरल-सुबोध भाषा में तात्पर्य दिया, जो ‘गीता-बोध’ के नाम से प्रकाशित हुआ। उन्होंने सारे श्लोकों की टीका की और उसे ‘अनासक्तियोग’ का नाम दिया। कुछ भक्ति-प्रधान श्लोकों को चुनकर ‘गीता-प्रवेशिका’ पुस्तिका निकलवाई। इतने से भी उन्हें संतोष नहीं हुआ तो उन्होंने ‘गीता-पदार्थ-कोश’ तैयार करके न केवल शब्दों का सुगम अर्थ दिया, अपितु उन शब्दों के प्रयोग-स्थलों का निर्देश भी किया। गीता के मूल पाठ के साथ वह संपूर्ण सामग्री प्रस्तुत पुस्तक में संकलित है। गीता को हमारे देश में ही नहीं, सारे संसार में असाधारण लोकप्रियता प्राप्त है। असंख्य व्यक्ति गहरी भावना से उसे पढ़ते हैं और उससे प्रेरणा लेते हैं। जीवन की कोई भी ऐसी समस्या नहीं, जिसके समाधान में गीता सहायक न होती हो। उसमें ज्ञान, भक्ति तथा कर्म का अद्भुत समन्वय है और मानव-जीवन इन्हीं तीन अधिष्ठानों पर आधारित है। महात्मा गांधी की कलम से प्रसूत गीता पर एक संपूर्ण पुस्तक, जो जीवन के व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डालकर पाठक की कर्मशीलता को गतिमान करेगी।
Sai Ki Seva Mein
- Author Name:
Dr. Suresh Haware
- Book Type:

- Description:
साईं की सेवा करने का मुझे अवसर मिला, यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा ईश्वरीय आशीर्वाद है, ऐसी मेरे मन की प्रामाणिक भावना है। इस कालावधि में मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। मैं शिरडी कभी आता नहीं था, लेकिन इस पूरे कार्यकाल में मैं शिरडी के सिवाय कहीं जाता ही नहीं था। साईं बाबा का पहले कभी विचार करता नहीं था। लेकिन इस दौरान साईं के सिवाय कोई दूसरा विचार ही नहीं किया। पैर अपने आप शिरडी की ओर खिंचे चले आते थे।
Ashtavakra Geeta
- Author Name:
Swami Prakhar Pragyanand
- Book Type:

- Description:
"भारतीय पौराणिक साहित्य-भंडार में एक-से-एक अप्रतिम बहुमूल्य रत्न भरे पड़े हैं। अष्टावक्र गीता अध्यात्म का शिरोमणि गं्रथ है। इसकी तुलना किसी अन्य गं्रथ से नहीं की जा सकती। अष्टावक्रजी बुद्धपुरुष थे, जिनका नाम अध्यात्म-जगत् में आदर एवं सम्मान के साथ लिया जाता है। कहा जाता है कि जब वे अपनी माता के गर्भ में थे, उस समय उनके पिताजी वेद-पाठ कर रहे थे, तब उन्होंने गर्भ से ही पिता को टोक दिया था—‘शास्त्रों में ज्ञान कहाँ है? ज्ञान तो स्वयं के भीतर है! सत्य शास्त्रों में नहीं, स्वयं में है।’ यह सुनकर पिता ने गर्भस्थ शिशु को शाप दे दिया, ‘तू आठ अंगों से टेढ़ा-मेढ़ा एवं कुरूप होगा।’ इसीलिए उनका नाम ‘अष्टावक्र’ पड़ा। ‘अष्टावक्र गीता’ में अष्टावक्रजी के एक-से-एक अनूठे वक्तव्य हैं। ये कोई सैद्धांतिक वक्तव्य नहीं हैं, बल्कि प्रयोगसिद्ध वैज्ञानिक सत्य हैं, जिनको उन्होंने विदेह जनक पर प्रयोग करके सत्य सिद्ध कर दिखाया था। राजा जनक ने बारह वर्षीय अष्टावक्रजी को अपने सिंहासन पर बैठाया और स्वयं उनके चरणों में बैठकर शिष्य-भाव से अपनी जिज्ञासाओं का शमन कराया। यही शंका-समाधान अष्टावक्र संवाद रूप में ‘अष्टावक्र गीता’ में समाहित है। ज्ञान-पिपासु एवं अध्यात्म-जिज्ञासु पाठकों के लिए एक श्रेष्ठ, पठनीय एवं संग्रहणीय आध्यात्मिक ग्रंथ। "
Dashaguru Parampara Ke Navam Guru Shri Tegabahaduraji
- Author Name:
Dr. Kuldip Chand Agnihotri
- Book Type:

- Description:
सप्तसिंधु क्षेत्र की कुछ घटनाएँ ऐसी हैं, जिन्होंने भारतवर्ष के इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें सबसे पहली घटना तो सिंधु-सरस्वती सभ्यता का विकास है। दरअसल वर्तमान भारतीय विश्वासों, आस्थाओं एवं पूजा-पद्धति का आधार सिंधु-सरस्वती घाटी में ही मिलता है। इसके उपरांत वेद रचना का युग आता है। यह सिंधु-सरस्वती सभ्यता का अगला चरण है—गंभीर चिंतन का युग। इस युग के चिंतन ने भारतवर्ष को ही नहीं, बल्कि पूरे जंबूद्वीप को आच्छादित किया। कुरुक्षेत्र में हुआ महाभारत का युद्ध इस क्षेत्र की ऐसी घटना है, जिसने पूरे हिंदुस्तान को सप्तसिंधु के मैदान में लाकर खड़ा कर दिया था। बाद के काल में विदेशी आक्रांता येन-केन-प्रकारेण विजित प्रदेश के निवासियों को अपने मजहब में मतांतरित करने लगे थे। हमले क्योंकि सप्तसिंधु क्षेत्र से ही होते थे, इसलिए इसका सर्वाधिक दंश भी इसी क्षेत्र को सहना पड़ा। लेकिन इस नई आफत का सामना कैसे किया जाए, यह सबसे बड़ी चुनौती थी। इस मरहले पर दशगुरु परंपरा की शुरुआत एक दैवी योजना ही मानी जा सकती है। गुरु नानक देवजी इसके संस्थापक थे। दुर्भाग्य से दशगुरु परंपरा का मूल्यांकन आध्यात्मिक क्षेत्र में तो हुआ है, लेकिन ऐतिहासिक व सामाजिक क्षेत्र में समग्र रूप से नहीं हुआ। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कुदाल चलाने की जरूरत है और यह पुस्तक दशगुरु परंपरा को प्रकाश में लाने का स्तुत्य प्रयास है।
Raman Maharshi
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description:
"साधना में अभिरुचि रखनेवालों के लिए श्री रमण महर्षि का नाम जाना-पहचाना है। भारत के आध्यात्मिक क्षितिज पर पिछले कुछ वर्षों में जिन नक्षत्रों का उदय हुआ है, उनमें श्री रमण महर्षि का नाम विशेष उल्लेखनीय है। उन्होंने अपने जीवन तथा कार्यों से भारत का नाम आलोकित किया है। भारत के अलावा पश्चिम के कई देशों में अपना उजाला फैलाकर रमण महर्षि ने देश को गौरवान्वित किया है तथा मानव-जाति की बहुमूल्य सेवा की है। 30 दिसंबर, 1879 को सोमवार के दिन आधी रात के लगभग एक घंटे बाद एक जाने-माने प्राचीन ब्राह्मण कुल में जन्म हुआ उस अद्भुत बालक का, जिसे बाद में पूरी दुनिया ने भगवान् श्री रमण महर्षि के नाम से जाना। उन्होंने साधारण जनों को रास्ता बताया कि मानव को उसके दैनिक कार्यों को करते हुए किस प्रकार उस परम तत्त्व की वंदना करनी है, कैसे आत्मा की शुद्धि करके जन्म-मरण के चक्करों से पार पाना है। यदि हम अपने दायित्वों का निर्वाह ही नहीं कर सकते तो हमें इस पृथ्वी पर मानव बनकर रहने का क्या अधिकार है! इस जगत् में ज्ञान की वास्तविक परिभाषा, जीवन की गहराइयाँ महर्षि रमण जैसे ज्ञानी पुरुषों ने ही हमें समझाई है। आध्यात्मिकता के मार्ग का दिग्दर्शन करनेवाले श्री रमण महर्षि की प्रेरणाप्रद जीवनगाथा।
Hanumat-Katha
- Author Name:
Krishan Mohan Mishra
- Book Type:

- Description:
वाल्मीकि रामायण के अनुशीलन से श्रीराम तथा हनुमान की आध्यात्मिक शक्तियों के दिग्दर्शन होते हैं ।सामान्यतया इतिहास लेखन में आध्यात्मिक शक्तियों पर विचार नहीं किया जाता है, परंतु प्राचीनकाल से ही विश्व के बहुत से समुदायों में कुछ विशिष्ट मानवों में आध्यात्मिक शक्तियों की उपस्थिति के उल्लेख मिलते रहे हैं। अत: आध्यात्मिक तथा अतींद्रिय शक्तियों की अवहेलना उचित नहीं है। इस कृति में श्रीराम तथा हनुमान आदि को ऐतिहासिक समझते हुए उनकी इन शक्तियों का भी कुछ अंश तक परिज्ञान लिया गया है प्रस्तुत उपन्यास मुख्य रूप से वाल्मीकि रामायण तथा सद्गुरुओं के विचारों के आधार पर ऐतिहासिक दृष्टिकोण से लिखा गया है| अस्तु, यदि प्रस्तुत कृति में कुछ अच्छा है, तो वह महान् कवि वाल्मीकि का प्रसाद है और निर्विवाद प्रतीति यह है कि बिना केसरीनंदन हनुमान की कृपा के तो रामकथा अथवा उसका कोई अंश लिखा ही नहीं जासकता। श्री हनुमान के समर्पण, भक्ति, पराक्रम, पौरुष और त्याग का दिग्दर्शन करवाता अत्यंत पठनीय उपन्यास ।
Prayagraj Aur Kumbh : Sanskritik Vaibhav Ki Abhinav Gatha
- Author Name:
Zilani Bano +1
- Book Type:

- Description:
यागराज को तीर्थराज कहा गया है। यह भारत का सर्वप्रमुख सांस्कृतिक केन्द्र होने के साथ ही भारतीय सात्त्विकता का सर्वोत्तम प्रतीक भी है। यह हिन्दू-आस्था का एक महान केन्द्र तो है ही, यह हमारे देश की धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का केन्द्रबिन्दु भी है। प्रयागराज के माहात्म्य का विस्तृत वर्णन मत्स्य, पद्म और कूर्म पुराण के कई अध्यायों में मिलता है। कुम्भ के दौरान संगम तीर्थ पर एक स्नान-दिवस पर भक्तिभाव से कई बार इतने लोग जमा हो जाते हैं कि उनकी संख्या दुनिया के कई देशों की कुल जनसंख्या से भी अधिक होती है। उन श्रद्धालुओं को कभी कोई निमंत्रण नहीं देता, वे श्रद्धा और भक्ति की एक अदृश्य डोर में बँधकर वहाँ खिंचे चले आते हैं। हमारी सनातन सस्कृति का यह चुम्बकीय आकर्षण अनादिकाल से यथावत् बना हुआ है। श्रद्धा और आस्था का यह आवेग सदियों से चली आ रही हमारी परम्परा का हिस्सा है। यह परम्परा हमें अपनी मूल संस्कृति से जोड़े रखने के साथ ही सांस्कृतिक एकीकरण का पथ भी प्रशस्त करती है। स्वाभाविक रूप से प्रयागराज और कुम्भ के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानना-समझना एक सुखद अनुभूति है। बहरहाल, अभिलेखीय और साहित्यिक स्रोतों के आधार पर प्रयागराज और कुम्भ के गौरवशाली इतिहास को इस पुस्तक में बहुत ही सरस ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रामाणिकता और रोचकता का मणि-कांचन संयोग है। यह पुस्तक हमारे देश के सांस्कृतिक वैभव की एक अभिनव गाथा लेकर आई ह
Nath Sampraday
- Author Name:
Hazariprasad Dwivedi
- Book Type:

- Description:
र्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ऐसे वांड़्मय-पुरुष हैं जिनका संस्कृत मुख है, प्राकृत बाहु है, अपभ्रंश जघन है और हिन्दी पाद है। नाथ सिद्धों और अपभ्रंश साहित्य पर उनके शोधपरक निबन्ध पढ़ते समय मन की आँखों के सामने उनका यह रूप साकार हो उठता है। ‘नाथ सम्प्रदाय’ में गुरु गोरखनाथ के लोक-संपृक्त स्वरूप का उद्घाटन किया गया है। स्वयं द्विवेदी जी के शब्दों में 'गोरखनाथ ने निर्मम हथौड़े की चोट से साधु और गृहस्थ दोनों की कुरीतियों को चूर्ण-विचूर्ण कर दिया। लोकजीवन में जो धार्मिक चेतना पूर्ववर्ती सिद्धों से आकर उसके पारमार्थिक उद्देश्य से विमुख हो रही थी, उसे गोरखनाथ ने नई प्राणशक्ति से अनुप्राणित किय
Svaraj
- Author Name:
Ramchandra Gandhi +1
- Book Type:

- Description:
रामचन्द्र गाँधी एक ऐसे भारतीय दार्शनिक थे जिनकी साहित्य और कलाओं में गहरी दिलचस्पी थी : उनका चिन्तन अक्सर अध्यात्म, कला और साहित्य को अपनी समझ के भूगोल में समाविष्ट करता था। अपने जीवन में उनका अपने समय के कई बड़े लेखकों और कलाकारों से सम्पर्क और दोस्ताना था। चित्रकार तैयब मेहता के एक त्रिफलक से प्रेरित होकर रामचन्द्र गाँधी ने यह अद्भुत पुस्तक लिखी है। सम्भवत: किसी कलाकृति पर ऐसी विचार-सघन पुस्तक कम से कम भारत में दूसरी नहीं है। उसमें जितने दार्शनिक आशय कला के खुलते हैं, उतने ही अभिप्राय स्वयं रामचन्द्र गाँधी के चिन्तन के भी। यह सीमित अर्थों में कलालोचना नहीं है पर यह दिखाती है कि गहरा कलास्वादन उतने ही गहरे मुक्त चिन्तन को उद्वेलित कर सकता है। तैयब मेहता रज़ा साहब के घनिष्ठ मित्र थे। इस पुस्तक का आलोचक मदन सोनी द्वारा बड़े अध्यवसाय से किया गया हिन्दी अनुवाद उस कला-मैत्री को एक प्रणति भी है। —अशोक वाजपेयी
Dharm Se Aagey
- Author Name:
Dalai Lama +2
- Book Type:

- Description:
परम पूज्य दलाई लामा ने अपनी बहुचर्चित किताब ‘एथिक्स फ़ॉर ए न्यू मिलेनियम’ में धार्मिक सिद्धान्तों की अपेक्षा वैश्विक सिद्धान्तों पर आधारित नैतिकता को स्थापित करने की प्रस्तावना दी थी। अब ‘बियोन्ड रिलीजन : एथिक्स फ़ॉर ए होल वर्ल्ड’ पुस्तक में दलाई लामा ने अत्यन्त करुणा से भरे बेबाक अन्दाज़ में ग़ैर-धार्मिक तरीक़े विकसित करने हेतु अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उन्होंने धार्मिक युद्ध से आगे बढ़कर एक साझा संसार के निर्माण हेतु नीतिगत सिद्धान्तों की प्रणाली की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जो धर्म को पूरा सम्मान देती है। आध्यात्मिक और बौद्धिक अधिकार के उच्चतम स्तर के साथ दलाई लामा ने नीतिगत और आनन्दपूर्ण जीवन के मार्ग और समझ-बूझ तथा परस्पर आदर पर आधारित एक वैश्विक मानव-समाज के निर्माण की प्रार्थना की है जिसे वह ‘तृतीय मार्ग’ कहते हैं। ‘बियोन्ड रिलीजन’ पुस्तक में दलाई लामा ने उन लोगों के लिए रूपरेखा प्रस्तुत की है जो किसी धार्मिक परम्परा से जुड़े बिना इस दुनिया को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना और आध्यात्मिक आनन्द से पूर्ण जीवन व्यतीत करने की इच्छा रखते हैं।
Dr. Kalam : Prerna Ki Udaan
- Author Name:
Dr. Unnat Pandit
- Book Type:

- Description:
ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक, विचारक, दाशर्निक और शिक्षक के रूप में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने प्रत्येक भारतीय को सदैव प्रेरित किया है। उनके जीवन, कॅरियर और लेखन ने कोटि-कोटि भारतीयों का मार्गदर्शन किया है, उन्हें प्रोत्साहित किया है। वे हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन हर भारतीय के हृदय में हमेशा उनका स्थान रहेगा। वे समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को लेकर हमारे मन में सदैव ज्ञान की ज्योति जलाते रहेंगे। प्रस्तुत पुस्तक ‘डॉ. कलाम : प्रेरणा की उड़ान’ उनके सहज-सरल, अनुकरणीय जीवन का एक विशद् विवेचन करती है। इस पुस्तक का उद्देश्य भारत के सर्वांगीण विकास के डॉ. कलाम के स्वप्न को साकार करने की प्रबल इच्छाशक्ति जाग्रत् कराना है, ताकि भारत के छात्र-युवा-आमजन प्रेरणा ले सकें। यह पुस्तक पढ़कर छात्रों को भारतीय रक्षा और अनुसंधान विकास में एरोनॉटिकल इंजीनियर, मिसाइल इंजीनियरिंग, उपग्रह प्रक्षेपण यान तकनीक के क्षेत्र में डॉ. कलाम के अनगिनत योगदानों के विषय में और ज्यादा जानने का अवसर मिलेगा। स्वप्न देखकर उन्हें साकार करने की क्षमता प्राप्त करने की उड़ान भरने में यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी।
Geetgovind
- Author Name:
Jaidev
- Book Type:

- Description:
"‘गीतगोविंद’ संस्कृत के प्रसिद्ध कवि जयदेव द्वारा रचित एक अनुपम काव्य-ग्रंथ है, जिसमें राधा-कृष्ण की केलि-कथाओं तथा उनकी अभिसार-लीलाओं के अत्यंत रसमय चित्रण के साथ ही प्रेम के सभी भारतीय रूपों का बड़ी तन्मयता और कुशलता के साथ वर्णन किया गया है। समग्र संस्कृत साहित्य में इस कोटि की मधुर रचना दूसरी कोई नहीं। यह आध्यात्मिक शृंगार का अत्यंत मनोरम काव्य-ग्रंथ है, जिसमें शब्द और अर्थ का मनोमुग्धकारी सामंजस्य है। कृष्ण-भक्ति साहित्य में ‘गीतगोविंद’ को धर्मग्रंथ का स्थान प्राप्त है। श्रीवल्लभ संप्रदाय में भी ‘गीतगोविंद’ को श्रीमद्भागवत पुराण के समान प्रतिष्ठा प्राप्त है। यह ग्रंथ देश-विदेश के अनेक मूर्धन्य एवं लब्धप्रतिष्ठ विद्वान् समीक्षकों द्वारा मुक्त कंठ से प्रशंसित है। प्रस्तुत है, धर्म और दर्शन के क्षेत्र में सुप्रतिष्ठित इस ग्रंथ-रत्न का सुमधुर हिंदी अनुवाद। आध्यात्मिक साधकों के लिए ही नहीं आम पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी पुस्तक। "
Hindutva
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description:
‘हिंदुत्व’ एक ऐसा शब्द है, जो संपूर्ण मानवजाति के लिए आज भी अपूर्व स्फूर्ति तथा चैतन्य का स्रोत बना हुआ है। इस शब्द से संबद्ध विचार, महान् ध्येय, रीति-रिवाज तथा भावनाएँ कितनी विविध तथा श्रेष्ठ हैं। ‘हिंदुत्व’ कोई सामान्य शब्द नहीं है। यह एक परंपरा है। एक इतिहास है। यह इतिहास केवल धार्मिक अथवा आध्यात्मिक इतिहास नहीं है। अनेक बार ‘हिंदुत्व’ शब्द को उसी के समान किसी अन्य शब्द के समतुल्य मानकर बड़ी भूल की जाती है। वैसे यह इतिहास मात्र नहीं है, वरन् एक सर्वसंग्रही इतिहास है। ‘हिंदू धर्म’, यह शब्द ‘हिंदुत्व’ से ही उपजा उसी का एक रूप है, उसी का एक अंश है। ‘हिंदुत्व’ शब्द में एक राष्ट्र, हिंदूजाति के अस्तित्व तथा पराक्रम के सम्मिलित होने का बोध होता है। इसीलिए ‘हिंदुत्व’ शब्द का निश्चित आशय ज्ञात करने के लिए पहले हम लोगों को यह समझना आवश्यक है कि ‘हिंदू’ किसे कहते हैं। इस शब्द ने लाखों लोगों के मानस को किस प्रकार प्रभावित किया है तथा समाज के उत्तमोत्तम पुरुषों ने, शूर तथा साहसी वीरों ने इसी नाम के लिए अपनी भक्तिपूर्ण निष्ठा क्यों अर्पित की, इसका रहस्य ज्ञात करना भी आवश्यक है। प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं ध्येयनिष्ठ क्रांतिधर्मा वीर सावरकर की लेखनी से निःसृत ‘हिंदुत्व’ को संपूर्णता में परिभाषित करती अत्यंत चिंतनपरक एवं पठनीय पुस्तक।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book