Bihar Ke 25 Mahanayak
About the book
इस पुस्तक में बिहार के अलग-अलग क्षेत्र के ऐसे नायकों के प्रेरणाप्रद जीवन को संकलित किया गया है, जिन्होंने अपने अथक प्रयास, सृजन, श्रम, अन्वेषण और संघर्ष के बदौलत विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव का सूत्रपात किया। इसमें राजनीति, कला, साहित्य, संस्कृति, शिल्प, सामाजिक परिवर्तन और शिक्षा के साथ अपने प्रयास से बिहार को एक स्वतंत्र पहचान देनेवाले नायकों का जीवंत वर्णन है। जीवनी-लेखन न केवल शोधपरक और श्रमसाध्य कार्य है, बल्कि ऐसे लेखन में तटस्थता निवैक्तिकता और वैचारिक दृढ़ता की भी आवश्यकता होती है। प्रस्तुत पुस्तक ‘बिहार के 25 महानायक’ में उपर्युक्त मानकों का पालन किया गया है। संकलित आलेखों में विषय वैविध्य है। श्री सिन्हा ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह, भिखारी ठाकुर, कर्पूरी ठाकुर, गोपाल सिंह नेपाली, पीर अली खान, सच्चिदानंद सिन्हा और लोकनायक जयप्रकाश नारायण समेत 25 पुरोधाओं की जीवनी को बहुत परिश्रम से साहित्यिक अंदाज में लिखा है। पुस्तक में इन पुरोधाओं के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के अनछुए पहलुओं को ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। जीवनी के बीच-बीच में नायकों की अनसुनी कहानियों एवं संस्मरणों को उद्धृत करने से पुस्तक की महत्ता और रोचकता और बढ़ गई है। विश्वास है, यह पुस्तक पाठकों को पसंद आएगी और वे बिहार के पुरोधाओं के बारे में कुछ नई जानकारियों से भी अवगत होंगे।
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About the Book
इस पुस्तक में बिहार के अलग-अलग क्षेत्र के ऐसे नायकों के प्रेरणाप्रद जीवन को संकलित किया गया है, जिन्होंने अपने अथक प्रयास, सृजन, श्रम, अन्वेषण और संघर्ष के बदौलत विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव का सूत्रपात किया। इसमें राजनीति, कला, साहित्य, संस्कृति, शिल्प, सामाजिक परिवर्तन और शिक्षा के साथ अपने प्रयास से बिहार को एक स्वतंत्र पहचान देनेवाले नायकों का जीवंत वर्णन है।
जीवनी-लेखन न केवल शोधपरक और श्रमसाध्य कार्य है, बल्कि ऐसे लेखन में तटस्थता निवैक्तिकता और वैचारिक दृढ़ता की भी आवश्यकता होती है। प्रस्तुत पुस्तक ‘बिहार के 25 महानायक’ में उपर्युक्त मानकों का पालन किया गया है। संकलित आलेखों में विषय वैविध्य है। श्री सिन्हा ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह, भिखारी ठाकुर, कर्पूरी ठाकुर, गोपाल सिंह नेपाली, पीर अली खान, सच्चिदानंद सिन्हा और लोकनायक जयप्रकाश नारायण समेत 25 पुरोधाओं की जीवनी को बहुत परिश्रम से साहित्यिक अंदाज में लिखा है। पुस्तक में इन पुरोधाओं के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के अनछुए पहलुओं को ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। जीवनी के बीच-बीच में नायकों की अनसुनी कहानियों एवं संस्मरणों को उद्धृत करने से पुस्तक की महत्ता और रोचकता और बढ़ गई है।
विश्वास है, यह पुस्तक पाठकों को पसंद आएगी और वे बिहार के पुरोधाओं के बारे में कुछ नई जानकारियों से भी अवगत होंगे।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 200 grams
- ISBN-13
- 9789393111012
- Pages
- 232
- Reading time
- ~8 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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