Vidrohi Jagirdar
About the book
मुगल सल्तनत की पृष्ठभूमि पर आधारित 'विद्रोही जागीरदार' सत्ता, विश्वासघात, प्रेम और प्रतिशोध की एक रोमांचक ऐतिहासिक गाथा है। जागीरदार आफताब ख़ाँ की महत्वाकांक्षा, उसके अत्याचार और उसके विरुद्ध उठते विद्रोह के बीच घटनाएँ अप्रत्याशित मोड़ लेती हैं। साहस, राजनीति, षड्यंत्र और मानवीय संवेदनाओं से बुना यह उपन्यास पाठक को आरंभ से अंत तक बाँधे रखता है। ओम प्रकाश शर्मा की सशक्त लेखनी इतिहास और रोमांच का ऐसा संगम प्रस्तुत करती है, जो लंबे समय तक स्मृति में बना रहता है।
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मुगल सल्तनत की पृष्ठभूमि पर आधारित 'विद्रोही जागीरदार' सत्ता, विश्वासघात, प्रेम और प्रतिशोध की एक रोमांचक ऐतिहासिक गाथा है। जागीरदार आफताब ख़ाँ की महत्वाकांक्षा, उसके अत्याचार और उसके विरुद्ध उठते विद्रोह के बीच घटनाएँ अप्रत्याशित मोड़ लेती हैं। साहस, राजनीति, षड्यंत्र और मानवीय संवेदनाओं से बुना यह उपन्यास पाठक को आरंभ से अंत तक बाँधे रखता है। ओम प्रकाश शर्मा की सशक्त लेखनी इतिहास और रोमांच का ऐसा संगम प्रस्तुत करती है, जो लंबे समय तक स्मृति में बना रहता है।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Neelam Jasoos Karyalay
- Publication year
- 2020
- Weight
- 250 grams
- ISBN-13
- 9788195358984
- Pages
- 202
- Reading time
- ~7 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 20.5 × 20.5 cm
- Language
- Hindi
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