Aadmi Ka Zehar

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जगत-जयन्त-जगन-बन्दूक सिंह सीरीज़ का एक रोमाँचक उपन्यास जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा एक अद्भुत प्रतिभा का नाम है। हिन्दी लोकप्रिय साहित्य में श्री ओम प्रकाश शर्मा अपने उत्कृष्ट धरातल से जुड़े वास्तविक एवं यथार्थवादी किंतु स्वप्नदर्शी एवं प्रयोगधर्मी लेखक थे। उन्होंने उस समय हिन्दी में यथार्थपरक जासूसी उपन्यास लिखे जबकि या तो अंग्रेजी उपन्यासों की नकल अथवा अनुवाद लिखे जा रहे थे। ऐसे समय में उन्होंने बिलकुल हाड़-माँस के बने आम आदमी को ही अपना नायक बनाया और उसके माध्यम से भारतीय आदर्शों को प्रस्तुत किया और प्रोत्साहन दिया। राजेश, जगत, जयन्त, जगन, गोपाली, चक्रम, विलियम कृष्ण, जादुगर भुवन, बागारोफ़, ताऊ, लिलि आदि इनके रचे हुए ऐसे चरित्र हैं जो सचमुच के लगने लगते हैं। जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा की लोकप्रियता का ये आलम था कि अनेक लेखकों ने इन्हीं के नाम से ढेर सारे नकली उपन्यास लिखे और पैसा कमाया। हिन्दी मानस में गहरी पकड़ और सोद्देश्य प्रगतिशील सरल साहित्य के सृजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इन्हें उपन्यास सम्राट का सम्मान दिया गया। चार सौ से अधिक जासूसी, गैर जासूसी उपन्यासों (जिसमें तथाकथित सामाजिक, ऐतिहासिक उपन्यास भी सम्मिलित हैं) के लेखक की भाषा भी अपने आप में अनूठी है। उनकी भाषा का प्रवाह मंत्रमुग्ध कर लेने वाला है। आज के अनेक सुविख्यात लेखक गर्व से खुद को शर्माजी का शिष्य बताते हैं।

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ISBN
9789395289238
Pages
174
Avg Reading Time
6 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

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About the Book

जगत-जयन्त-जगन-बन्दूक सिंह सीरीज़ का एक रोमाँचक उपन्यास जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा एक अद्भुत प्रतिभा का नाम है। हिन्दी लोकप्रिय साहित्य में श्री ओम प्रकाश शर्मा अपने उत्कृष्ट धरातल से जुड़े वास्तविक एवं यथार्थवादी किंतु स्वप्नदर्शी एवं प्रयोगधर्मी लेखक थे। उन्होंने उस समय हिन्दी में यथार्थपरक जासूसी उपन्यास लिखे जबकि या तो अंग्रेजी उपन्यासों की नकल अथवा अनुवाद लिखे जा रहे थे। ऐसे समय में उन्होंने बिलकुल हाड़-माँस के बने आम आदमी को ही अपना नायक बनाया और उसके माध्यम से भारतीय आदर्शों को प्रस्तुत किया और प्रोत्साहन दिया। राजेश, जगत, जयन्त, जगन, गोपाली, चक्रम, विलियम कृष्ण, जादुगर भुवन, बागारोफ़, ताऊ, लिलि आदि इनके रचे हुए ऐसे चरित्र हैं जो सचमुच के लगने लगते हैं। जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा की लोकप्रियता का ये आलम था कि अनेक लेखकों ने इन्हीं के नाम से ढेर सारे नकली उपन्यास लिखे और पैसा कमाया। हिन्दी मानस में गहरी पकड़ और सोद्देश्य प्रगतिशील सरल साहित्य के सृजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इन्हें उपन्यास सम्राट का सम्मान दिया गया। चार सौ से अधिक जासूसी, गैर जासूसी उपन्यासों (जिसमें तथाकथित सामाजिक, ऐतिहासिक उपन्यास भी सम्मिलित हैं) के लेखक की भाषा भी अपने आप में अनूठी है। उनकी भाषा का प्रवाह मंत्रमुग्ध कर लेने वाला है। आज के अनेक सुविख्यात लेखक गर्व से खुद को शर्माजी का शिष्य बताते हैं।

Book Details

  • ISBN
    9789395289238
  • Pages
    174
  • Avg Reading Time
    6 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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