About Shakeb Jalali
शकेब जलाली उर्दू ग़ज़ल की नई दिशा को परिभाषित करने वाले अद्वितीय और अद्भुत शायर हैं। उनकी ज़िन्दगी के हादसों का नफ़्सियाती असर उनकी शायरी में दिखता है जो पढ़ने वालों को ग़ैर-मामूली हद तक प्रभावित करता है। उनकी शायरी एक मुसलसल सफ़र की तरह है जिसमें कुछ मंज़र ख़ुशनुमा हैं तो कुछ हैरत-कुन और कुछ बे-इन्तिहा अफ़सुर्दा। उनके इज़हार की शैली बेहद अनोखी और नायाब है जिसमें फ़ितरत, रात-दिन, जंगल-सेहरा, बहार-ख़िज़ाँ सहित सारे नुमाइन्दा इस्तिआरे जलवा-नुमा नज़र आते हैं। उनके लिए क़ुदरत की चीज़ें सिर्फ़ शायरी का एक जमालियाती असासा बन कर नहीं रहतीं, बल्कि कई बार उनकी रफ़ीक़ भी नज़र आतीं हैं।