Pushppal Singh

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पुष्पपाल सिंह जन्म : 4 नवम्बर, 1941; भदस्याना (मेरठ, उ.प्र.)। शिक्षा : कलकत्ता विश्वविद्यालय, कलकत्ता से डी.फिल., जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू से डी.लिट्., पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला से हिन्दी विभाग के प्रोफ़ेसर तथा अध्यक्ष के रूप में सेवा-निवृत्ति। प्रमुख कृतियाँ : ‘आधुनिक हिन्दी कविता में महाभारत के कुछ पात्र’, ‘काव्य-मिथक’, ‘आधुनिक हिन्दी साहित्य : विकास के विविध सोपान’, ‘कमलेश्वर : कहानी का सन्दर्भ’, ‘समकालीन कहानी : युगबोध का सन्दर्भ’, ‘समकालीन कहानी : रचना-मुद्रा’, ‘समकालीन कहानी : सोच और समझ’, ‘समकालीन हिन्दी कहानी’, ‘बीसवीं शती : कृष्ण कथा-काव्य’, ‘हिन्दी कहानी : विश्वकोश’ (प्रथम खंड), ‘कबीर ग्रन्थावली सटीक’, ‘भ्रमरगीत सार : समीक्षा और व्याख्या’, ‘हिन्दी गद्य : इधर की उपलब्धियाँ’, ‘समकालीन कहानी : नया परिप्रेक्ष्य’, ‘भूमंडलीकरण और हिन्दी उपन्यास’, ‘वैश्विक गाँव और आम आदमी’, ‘हिन्दी कहानीकार कमलेश्वर : पुनर्मूल्यांकन’, ‘कहानी का उत्तर समय : सृजन-सन्दर्भ’, ‘रवीन्द्रनाथ त्यागी : विनिबन्ध’ (आलोचना); ‘तारीख़ का इन्तज़ार’ (कहानी-संग्रह); ‘जुग बीते, युग आए’ (रिपोर्ताज); ‘हिन्दी की क्लासिक कहानियाँ’ (छह खंड), 'सुनीता जैन समग्र’ (14 खंड), ‘भारतीय साहित्य के स्वर्णाक्षर : प्रेमचन्द’, ‘जयशंकर प्रसाद’, ‘हिन्दी का प्रथम उपन्यास : देवरानी जेठानी की कहानी’ (सम्‍पादन); ‘समकालीन पंजाबी प्रतिनिधि कहानियाँ’, 'सरबत दा भला’ (अनुवाद)। सम्‍मान : 'साहित्य-भूषण’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान), ‘आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पुरस्कार’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान), ‘शिरोमणि साहित्यकार पुरस्कार’ आदि। निधन : 29 अगस्‍त, 2015

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