About Dr. Praveen Kumar
डॉ. प्रवीन कुमार का जन्म 12 अप्रैल 1982 को उत्तर प्रदेश के जनपद सहारनपुर के गाँव साढौली हरिया में हुआ। आपके पिता श्री रतिराम बहोत तथा माता श्रीमती बाला देवी हैं। आपने इतिहास विषय में एम.ए., एम.फिल. एवं पीएच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली द्वारा आपको राजीव गाँधी नेशनल फैलोशिप प्रदान की गई। डॉ. कुमार समकालीन इतिहास, सामाजिक न्याय तथा वंचित समाज के इतिहास-लेखन के प्रतिष्ठित अध्येता एवं लेखक हैं। विशेष रूप से सफाई कामगार समुदाय, वाल्मीकि समाज और भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में उनके योगदान पर आपका शोध एवं लेखन उल्लेखनीय है। आपकी प्रमुख कृतियों में स्वतंत्रता आन्दोलन में सफाई कामगार जातियों का योगदान (1857–1947) (2016), सफाई कामगारों की समस्याओं और मैलाप्रथा की समाप्ति पर गठित कार्यबल की रिपोर्ट (2016), 1857 की क्रांति में वाल्मीकि समाज का योगदान (2019) तथा महावीरी देवी : 1857 की क्रांति की महान वीरांगना (2024) शामिल हैं। इन कृतियों के माध्यम से आपने इतिहास के उपेक्षित पक्षों को शोधपरक दृष्टि से सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में आपके उल्लेखनीय योगदान के लिए आपको महर्षि वाल्मीकि आश्रम समीति, मेरठ द्वारा अम्बेडकर रत्न पुरस्कार (2017), साहित्य चेतना मंच, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा ओमप्रकाश वाल्मीकि स्मृति साहित्य सम्मान (2020) तथा ज्ञानप्रतीक फाउंडेशन, सहारनपुर (उ.प्र.) द्वारा ज्ञानप्रतीक पुरस्कार (2024) से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त भावाधस, जिला वाल्मीकि सभा (सहारनपुर), सेवा-सिमरन सत्संग समिति, लुधियाना तथा अन्य अनेक संस्थाओं ने भी शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में आपके योगदान का सम्मान किया है। वर्तमान में आप अध्यापन एवं स्वतंत्र लेखन में सक्रिय हैं तथा इतिहास, समाज और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों पर सतत अध्ययन एवं लेखन कर रहे हैं।