About Siddhanath Kumar
सिद्धनाथ कुमार
सिद्धनाथ कुमार का जन्म 13 अगस्त, 1927 को बक्सर, बिहार में हुआ। उन्होंने एम.ए., पी-एच.डी, डी.लिट्. की उपाधि प्राप्त की। वे आकाशवाणी के पटना केन्द्र में नाटक-लेखक और सहायक प्रोड्यूसर रहे। सन् 1962 से राँची विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में अध्यापन कार्य किया। वहीं से अगस्त, 1989 में प्रोफ़ेसर पद से सेवानिवृत्त हुए।
उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—प्रसाद के नाटकों का पुनर्मूल्यांकन, हिन्दी एकांकी की शिल्पविधि का विकास, हिन्दी एकांकी, रेडियो नाट्य-शिल्प, रेडियो वार्ता-शिल्प, रेडियो नाटक की कला, हिन्दी पद्यनाटक : सिद्धान्त और इतिहास, संवेदना और शिल्प; समीक्षा-शृंखला की पाँच पुस्तकों में—आधे-अधूरे (मोहन राकेश), अंधेर नगरी (भारतेन्दु), भारतदुर्दशा (भारतेन्दु), चन्द्रगुप्त (प्रसाद) और स्कंदगुप्त (प्रसाद) का अध्ययन; टूटा हुआ आदमी और जिन्दगी, तुम कहाँ हो? (काव्य); कवि, सृष्टि की साँझ और अन्य काव्यनाटक, रंग और रूप, वे अभी भी क्वाँरी हैं, आदमी है नहीं है, मुर्दे जिएँगे, रोशनी शेष है, आतंक, रास्ता बन्द है और अशोक (नाटक); कमाल कुर्सी का, चमचे वही रहे, मिले सुर मेरा-तुम्हारा, मियाँ-बीवी राज़ी तो, देशभक्ति की जय (व्यंग्य); जीवनचरित और बाल-साहित्य की अनेक पुस्तकें, हिन्दी साहित्य कोश, हिन्दी साहित्य का बृहत् इतिहास आदि अनेक सन्दर्भ ग्रन्थों में टिप्पणियाँ और लेख।
सन् 1954 में ‘वॉयस ऑफ़ अमेरिका’ की हिन्दी सर्विस द्वारा आयोजित रेडियो रूपक प्रतियोगिता में एक रूपक सर्वश्रेष्ठ रूपक श्रेणी में पुरस्कृत हुआ। नाट्य कृतियों के लिए उन्हें ‘राधाकृष्ण पुरस्कार’, ‘रामवृक्ष बेनीपुरी पुरस्कार’ (राजभाषा विभाग, बिहार); ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार’ (सूचना और प्रसारण मंत्रालय) समेत कई पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया।
27 नवम्बर, 2008 में उनका निधन हुआ।