Helmut Nespitaal

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हेल्मुत नेस्पिताल हेल्मुत नेस्पिताल फ़्री यूनिवर्सिटी ऑफ़ बर्लिन, जर्मनी में इंडियन फ़िलोलॉजी/आधुनिक दक्षिण एशियाई भाषा और साहित्य के प्रोफ़ेसर हैं। उन्होंने 1955 से 1960 के मध्य हम्बोल्दी यूनिवर्सिटी, बर्लिन से इंडोलॉजी, ईरानी फ़िलोलॉजी, रूसी, तुर्की और फ़ोनेटिक्स का अध्ययन किया और 1965 में चार्ल्स यूनिवर्सिटी, प्राग, चेक रिपब्लिक से अपनी पीएच.डी. पूरी की, जहाँ आधुनिक दक्षिण एशियाई भाषा और साहित्य, सामान्य और तुलनात्मक भाषाविज्ञान और कुछ हद तक साल्वोनिक भाषाविज्ञान उनके विशेष अध्ययन के क्षेत्र रहे। 1982 से 1990 तक वह हैम्बर्ग यूनिवर्सिटी, जर्मनी में जनरल एंड कॉनट्रास्टिव लिंग्विस्टिक्स और जर्मन भाषा के प्रोफ़ेसर रहे। सितम्बर 1990 में उन्होंने बर्लिन में प्रोफ़ेसर के रूप में अपना वर्तमान पदभार ग्रहण किया। दक्षिण एशियाई भाषाओं से जुड़ी भाषावैज्ञानिक समस्याओं और उनके साहित्य से सम्बन्धित विभिन्न पुस्तकों के अलावा प्रो. हेल्मुत के दर्जनों शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। हिन्दी, उर्दू, बांग्ला के अलावा गुजराती, मराठी, पंजाबी, नेपाली और तमिल आदि अधिकांश भाषाओं के साहित्य और फ़िल्म स्क्रिप्ट का जर्मन भाषा में अनुवाद किया है। जर्मन भाषा में दक्षिण एशियाई भाषाओं पर लिखी उनकी किताब ‘द फ़्यूचर टेंस सिस्टम इन हिन्दी एंड उर्दू’ (1981) एक विशिष्ट रचना है। जर्मन और अन्य भाषाओं के बीच तुलनात्मक अध्ययन को केन्द्र में रखकर लिखी गई उनकी अन्य रचनाएँ भी महत्त्वपूर्ण हैं, जिनमें उन्होंने भाषागत अन्तरों के विश्लेषण के अतिरिक्त अनुप्रयुक्त और सामान्य भाषाविज्ञान की समस्याओं पर भी विचार किया है। प्रो. नेस्पिताल 32 भाषाओं के ज्ञाता हैं, जिसमें 12 दक्षिण एशियाई भाषाएँ सम्मिलित हैं। भारत अक्सर शोधकार्य, अध्यापन और व्याख्यानों के सिलसिले में उनका निवास स्थान रहा है। 1974 में भारत सरकार ने उन्हें विदेशी हिन्दी विद्वान् (फ़ॉरेन हिन्दी स्कॉलर) के सम्मान से सम्मानित किया।

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