Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol
(0)
Author:
Chandramani SinghPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
275
₹ 220 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।
Read moreAbout the Book
यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।
Book Details
-
ISBN9789390625314
-
Pages336
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kalam Ko Teer Hone Do
- Author Name:
Vidya Bhooshan
- Book Type:

- Description: देश-देशांतर तक पसरे हिंदी-संसार में सृजनशीलता का जो केंद्रीय प्रवाह है, उसमें दूरस्थ अंचलों और दिशाओं की लेखकीय ऊर्जा भी विसर्जित होती है, किंतु उस विराट संगम में जानी-मानी नदियों की जलधाराएँ तो यथेष्ट मान-पहचान पाती हैं, मगर अनगिनत प्रपातों और अंत:सलिलाओं के अंशदान की लगातार अनदेखी होती आई है। हिंदी सर्जना के आंचलिक परिदृश्य को अगर समग्रता में परखें तो कई बुनियादी सवाल सिर उठाते हैं; जैसे क्या श्रेष्ठ और प्रभावी कृतियों की अंतर्वस्तु का कोई स्थानिक पहलू नहीं होता? क्या कोई आंचलिक या स्थानीय प्रेरणा अभिव्यक्ति के आकार-प्रकार को निर्धारित नहीं करती? क्या कृति और परिवेश के जैविक संबंधों की अनदेखी से रचना का संदेश संदर्भ रहित होकर अमूर्त नहीं रह जाता? सच तो यह भी है कि राजधानियों का लेखक सिर्फ अपने निकट परिवेश से उत्प्रेरित नहीं होता। अपने मूल और गुमनाम स्त्रोतों से सुलभ हो रही दिशा-दृष्टि भी उसे उच्चतर जीवनमूल्यों से जोड़ती है। प्रस्तुत पुस्तक सृजन और विचार के प्रसंग में, केंद्र और हाशिए के बीच के फासलों पर खोजी नजर डालती है। पुस्तक-संसार में झारखंड की सांस्कृतिक परंपरा पर अधीत सामग्री की कमी नहीं है, लेकिन उसके साहित्य की हिंदी परंपरा के विविध पहलुओं पर समग्र विचार अभी तक प्रतीक्षारत है। निश्चय ही इस पुस्तक में सम्मिलित आलेख सूचनाओं के नए क्षितिजों से निकट परिचय कराएँगे।
Kosh Kala
- Author Name:
Ramchandra Verma
- Book Type:

-
Description:
‘कोश निर्माण' की विधा पर लिखी गई विश्व साहित्य में यह पहली पुस्तक है। वर्मा जी ‘हिन्दी शब्द सागर’ के अन्यतम सम्पादकों में से थे। वही एक ऐसे सम्पादक भी थे जिन्होंने आरम्भ से अन्त तक, अपने इस दायित्व का निर्वाह किया। इसके उपरान्त उन्होंने ‘संक्षिप्त शब्द सागर’, ‘उर्दू हिन्दी कोश’, ‘प्रामाणिक हिन्दी’ तथा ‘मानक हिन्दी कोश’ की भी रचना की। इस प्रकार उनके जीवन का अधिकांश कोश-निर्माण में ही व्यतीत हुआ। ‘कोशकला’ को उनके कोश-निर्माण काल के अनुभवों का निचोड़ कहें तो अत्युक्ति न होगी।
‘कोश-निर्माण’ का कार्य विज्ञान भी है और कला भी। कोश की रचना का आधार वैज्ञानिक पद्धति तथा नियम हैं इसलिए यह विज्ञान है। जो सत्य है और सुन्दर है उसकी अभिव्यक्ति इसका सरोकार है, इसलिए यह कला है। वर्मा जी ने कोश निर्माण के हर पहलू पर इस कृति में गम्भीरता और सूक्ष्मता से विचार किया है।
‘कोशकला’ के प्रस्तुत संस्करण में नए तथ्यों का समावेश तो हुआ ही है, कई नई प्रस्थापनाओं पर भी पुनर्विचार हुआ है।
Madhya Pradesh Aabkari Arakshak (Karyapalik) Bharti Pariksha
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Vidyalaya Class-6
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Solved Papers 2023-2005 JNV Sainik School Preparation
Nano Technology
- Author Name:
D. D. Ojha
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
NTA CUET UG Computer Based Test Section I Section III CBT Hindi Guide Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT Objective Bhartiya Arthvyavastha (Indian Economy) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA UGC NET/JRF/SET Sociology 28 Solved Papers (2012-2021) & 10 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aaj Bhi Khare Hain Talab
- Author Name:
Anupam Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RAJYABHISHEK (PB)
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: आचार्य जी का यह प्रसिद्ध उपन्यास राम द्वारा लंका पर चढ़ाई से प्रारंभ होता है और सीता के भू प्रवेश तक चलता है। इसकी एक-एक पंक्ति, एक-एक दृश्य ऐसा जीवंत है कि पाठक को बरबस लगता है कि वह स्वयं उसी युग में जी रहा है। - बहुमुखी प्रतिभा के धनी आचार्य चतुरसेन ने ५० वर्षों तक विविध विधाओं में निरंतर लेखन कार्य किया। वह एक लेखक और विचारक ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शास्त्री भी थे ।
Bharat Ka Ankaha Itihas
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में आप पढ़ेंगे एक अहिंसक तानाशाह को, जिसने नियमों को हमेशा ताक पर रखा। कहानी कम्युनिज्म के नशे में चूर एक युवा नेता की, जिसने यहाँ तक कह दिया कि “सोवियत की जेलों में रहना बेहतर है, बजाय भारत की किसी फैक्टरी में काम करने से !'' कहानी एक ऐसे संगठन की, जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मान कर भारतीय अस्मिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा। साथ ही हम जानेंगे, आखिर कैसे रचा गया खालिस्तान का षड्यंत्र ? कितनी बार हुआ कश्यप की धरती पर उन्हीं के वंशजों का पलायन ? हम बात करेंगे इतिहास के मिथ्याकरण की, जिसमें कपटपूर्ण चालों से झूठ को सच बताया गया। आप पढ़ेंगे एक ऐसे वीर को, जिसके साहस के आगे समुद्र को भी अपनी रफ्तार धीमी करनी पड़ी और फ्रांस जैसे सशक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति को त्यागपत्र तक देना पड़ा। आज आवश्यकता है इतिहास के पुनरावलोकन की, ताकि हम स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करनेवाले सच्चे वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें एवं उनसे प्रेरणा लेकर भविष्य की चुनौतियों का हल निकालने का प्रयास करते हुए स्वाधीनता की 100वीं वर्षगाँठ पर भारत को एक विश्वगुरु के रूप में प्रतिस्थापित कर सकें |
Sarthak Samwad
- Author Name:
Dr. Himanshu Dwivedi
- Book Type:

- Description: देश के प्रखर पत्रकार एवं संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा देश के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों से लिये साक्षात्कारों का पठनीय संकलन | कैमरे की मौजूदगी साक्षात्कार लेने और देनेवाले अर्थात् दोनों को ही कहीं अधिक सचेत और ईमानदार होने के लिए बाध्य कर देती है। आप थोड़ा-बहुत भी दाएँ-बाएँ होने की कोशिश करेंगे तो चेहरे के भाव में परिवर्तन और आवाज की लड़खड़ाहट तुरंत दर्शक को आपके विचलन का अहसास करा देगी। फिर इस पुस्तक के कई साक्षात्कार तो लाइव अर्थात् सीधे प्रसारित किए गए थे, इसलिए उनके संपादित होने की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। इन साक्षात्कारों में हुई बीतचीत दर्शकों और पाठकों को इस दौर की सियासी सोच से रूबरू कराने में कामयाब रही । यह पुस्तक इस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों का जायजा लेने में मददगार रहेगी। पुस्तक का शीर्षक 'सार्थक संवाद' महत्त्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से हमारे बीच में संवाद ही गायब होता जा रहा है, तो उसके सार्थक होने का सवाल ही कहाँ रह जाता है ? कोशिश रही है कि बातचीत महज हंगामा पैदा करने के लिए नहीं हो बल्कि किसी सकारात्मक मुकाम को हासिल करे। ऐसा होना ही संवाद को सार्थकता प्रदान करना है, इसीलिए नाम दिया गया है ' सार्थक संवाद '।
Manovigyan
- Author Name:
Bainjamin Khan
- Book Type:

- Description: मनोविज्ञान वह विज्ञान है जो मनुष्य तथा अन्य प्राणियों के व्यवहार का अध्ययन करता है। व्यवहार से अभिप्राय व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक व्यवहार दोनों से है, जिसको दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मनोविज्ञान वह है जो वैज्ञानिक विधियों द्वारा जैव-रचनाओं के व्यवहार का अध्ययन करता है, उन्हें समझता है, उन्हें नियंत्रित करता है, और व्यक्तियों के व्यवहार की पूर्व-सूचना देता है। पाठकों की इस विषय में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से इसमें पहले मनोविज्ञान के सामान्य सिद्धान्तों, मतों एवं उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बाद के अध्यायों में पूरे विषय की विवेचना की गई है और इसके हर क्षेत्र की व्याख्या की गई है।
Mulayam Singh Yadav
- Author Name:
Abhay Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Reference Book
Dharohar Gram Vikas Adhikari Mukhya Pariksha-2022
- Author Name:
Kunwar Raghuveer Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manak Hindi Ka Swaroop
- Author Name:
Bhola Nath Tiwari
- Book Type:

- Description: हिंदी एक समर्थ भाषा है। उसका साहित्य भी संपन्न है, अब तो वह और भी संपन्न होता जा रहा है, किंतु अभी तक हिंदी भाषा का मानक रूप स्थिर नहीं हो पाया है। यही कारण है कि उच्चारण, वर्तनी, लेखन, रूपरचना, वाक्यगठन और अर्थ आदि सभी क्षेत्रों में पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों, भाषणों एवं बातचीत में अमानक प्रयोग प्राय: मिलते हैं। इसी समस्या पर व्यापक रूप से विचार करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। प्रारंभ में मानक भाषा और उसके प्रकारों को लिया गया है, ताकि मानक हिंदी को ठीक परिप्रेक्ष्य में समझा जा सके। किसी भाषा की मानकता-अमानकता काफी कुछ उसकी बेलियों से जुड़ी होती है, अत: हिंदी के क्षेत्र और उसकी बोलियों को लेना पड़ा है। फिर हिंदी के मानकीकरण का इतिहास देते हुए हिंदी में नागरी लिपि और अंकों, हिंदी के संख्यावाचक शब्दों, हिंदी उच्चारण, हिंदी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा क्रिया विशेषण के रूपों, हिंदी वाक्य-रचना, हिंदी में प्रयुक्त शब्दों और उनके अर्थ, हिंदी की प्रयुक्तियों तथा शैलियों आदि पर मानकता की दृष्टि से विचार किया गया है। अंत में परिशिष्ट में मानक-अमानक प्रयोगों के कुछ उदाहरण हैं। इस प्रकार प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी भाषा के मानक स्वरूप पर अपेक्षित विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक हिंदी भाषा और भाषा-विज्ञान में रुचि रखनेवाले लेखकों, संपादकों, पाठकों और विद्यार्थियों आदि सभी वर्ग के लोगों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय है।
Loksanskriti Mein Rashtravad
- Author Name:
Badri Narayan
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘लोकसंस्कृति में राष्ट्रवाद’ में शोध को एक ढाँचा प्रदान करने के लिए तीन लोक-कवियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है जो लोक-चेतना के तीन कालखंडों में प्रतिनिधि हैं। लोकसंस्कृति के कुछ अन्य रूपों का उपयोग इतिहास लेखन और लोकसंस्कृति में किया गया है। इसमें सन् 1857 के ग़दर की झलक भी शामिल है। लोकसंस्कृति को समय में बाँधने के कारण इस अध्ययन की कई सीमाएँ बन गई हैं।
पुस्तक में अन्तःअनुशासनिक तकनीकों एवं प्रविधियों का उपयोग किया गया है। इसमें मौखिक इतिहास की उपलब्ध प्रविधि को विकसित करने का प्रयास है। पुस्तक छह खंडों में विभाजित है—‘राष्ट्रवाद का प्रमेय’, ‘इतिहास-लेखन और लोकसंस्कृति’, ‘रचना-काल (1857 से 1900 ई.) : लोक-सजगता एवं सुखदेव भगत की संघटना का वृत्तान्त’, ‘विरचना-काल (1900-1920 ई.) : लोकसंस्कृति में स्वीकार और बहिष्कार : निर्धिनराम की गाथा’, ‘पुनर्रचना-काल (1920-1947 ई.) : लोकचेतना की क्रियात्मक क्षमता का पुनर्निर्माण और कवि कैलाश का सन्दर्भ’ तथा ‘निष्कर्ष’।
पुस्तक निश्चय ही पठनीय और संग्रहणीय है।
UPSSSC VAN RAKSHAK EVAM VANYA JEEV RAKSHAK
- Author Name:
Akash Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHRI GURU TEGABAHADURAJI (PB)
- Author Name:
Kuldeep Chand Agnihotri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Anubhav aur Itihas Ke Jharokhe Se Kashmir
- Author Name:
Dr. Ashok Kumar Gaadiya
- Book Type:

- Description: लेखक की आपबीती जम्मू-कश्मीर के उन बच्चों के जीवन की त्रासदी से जुड़ी है, जो पहली बार भारत के विभिन्न राज्यों के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा पाने के लिए अपने घर-परिवार से अलग होने को तैयार हो गए थे। प्राचीनकाल से कश्मीर एक सुंदर, रमणीय, शांत भूमि एवं ऋषि- मुनियों की साधना स्थली थी, जिसमें कमजोर और अयोग्य राजा आने लगे। उससे भ्रष्टाचार, व्यभिचार और अत्याचार पहले तो राज दरबार, फिर आम जनता में व्याप्त होने लगा, जिसके कारण अव्यवस्था फैलने लगी; लोगों में डर, असुरक्षा, अंधविश्वास, झूठ, फरेब, कुरीतियाँ, पक्षपात, ऊँच-नीच, शोषण और स्त्रियों की दुर्दशा होने लगी। शेख अब्दुल्ला की सक्रिय राजनीति से लेकर पं. नेहरू और महाराजा हरि सिंह विवाद से उपजी समस्या से जनमानस सहित कश्मीर की दुर्गति दृष्टिगत है। चुनाव की राजनीति ने सरकारी मशीनरी द्वारा चुनाव परिणामों में जबरदस्त हेरा-फेरी और धाँधलियों ने सारी सीमाएँ तोड़ दीं, जिससे लोग बहुत निराश हुए। 1971 ई. की लड़ाई में मिली हार से बौखलाए पाकिस्तान की साजिश से नब्बे के दशक से प्रारंभ हुई कश्मीर को अशांत करके भारत से बदला लेने की लंबी योजना। वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर में किए अभूतपूर्व निर्णयों से वहाँ के जनमानस में एक विश्वास जाग्रत् हुआ है, वहाँ विकास की नई बयार बह रही है, युवा और महिलाएँ बढ़-चढ़कर सकारात्मक सहयोग कर रहे हैं । यह पुस्तक कश्मीर को इतिहास के झरोखे से वर्तमान परिप्रेक्ष्य का दिग्दर्शन करवाती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book