Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol
(0)
Author:
Chandramani SinghPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
275
₹ 220 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।
Book Details
-
ISBN9789390625314
-
Pages336
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aadhunik Hindi Prayog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description:
भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग। भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं। प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है। सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं। ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
- Author Name:
Dr. Kailash Chandra Bhatia
- Book Type:

- Description:
Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
Vishvabhasha Hindi : Bharatiya Asmita Evam Mahatma Gandhi
- Author Name:
G. Gopinathan
- Book Type:

- Description:
महात्मा गांधी ने न केवल हिन्दी-प्रचार आन्दोलन के द्वारा खड़ी बोली हिन्दी का हिन्दीतर प्रदेशों में और विदेशों में प्रचार-प्रसार किया, बल्कि अपनी पत्रकारिता के माध्यम से उसके आधुनिकीकरण और मानकीकरण का भी बुनियादी प्रयास किया। वे जानते थे कि सरल शब्द अधिक लोगों के दिलों तक पहुँच सकते हैं। उनके प्रयासों और भावना को बुनियादी सन्दर्भ बनाकर लिखी गई इस पुस्तक की केन्द्रीय चिन्ता राष्ट्रीय और वैश्विक फलक पर हिन्दी की अवस्थिति और सम्भावित स्थान है। इनसे गुजरने से जो बात सबसे पहले हमारा ध्यान आकर्षित करती है, वह है हिन्दी-सम्बन्धी गांधी-दृष्टि। लेखक की स्पष्ट राय है कि गांधी जी भारत की सभी प्रमुख भाषाओं को जोड़ने में हिन्दी की महत्त्वपूर्ण भूमिका को अपने लेखन में बार-बार रेखांकित करते हैं। इस पुस्तक में संगृहीत लेखों में संरचना की दृष्टि से पर्याप्त वैविध्य है। हिन्दी की भूमिका को लेखक ने कई रूपों में रेखांकित किया है। कहीं वह राष्ट्रीय अनुवाद-माध्यम तो कहीं अन्तर-एशियाई अनुवाद एवं सम्प्रेषण की समर्थ भाषा और कहीं विश्वभाषा के रूप में अन्तरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित होने के लिए संकल्पित भाषा के रूप में उपस्थित हुई है।...विश्व हिन्दी सम्मेलनों में लेखक की सहभागिता के परिणाम हैं। भाषा, साहित्य और संस्कृति के शिक्षण की प्रविधि क्या हो, भूमंडलीकरण के दौर में भारतीय अस्मिता की रक्षा कैसे हो और उसमें हिन्दी की भूमिका कैसी हो आदि सवालों पर भी लेखक ने इस पुस्तक में गम्भीरतापूर्वक और यथार्थपरक ढंग से विचार किया है।
Vishvabhasha Hindi : Bharatiya Asmita Evam Mahatma Gandhi
G. Gopinathan
20% off₹ 299
₹ 239.2
Available
Stephen Hawking : Anant-Yatri
- Author Name:
Chandramani Singh
- Book Type:

- Description:
‘स्टीफेन हॉकिंग : अनन्त-यात्री’ महान वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग का वैज्ञानिक जीवनवृत्त है जिसमें उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके जीवन के छुए-अनछुए पहलुओं की चर्चा की गयी है। अपने परिजनों एवं समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता एवं सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिए दिये गये उनके सुझावों की संजीदगी उन्हें अन्य से पृथक कर महानतम बना देती है और ऐसे लोग कभी-कभी इस धरती पर जन्म लेते हैं।
Prithvi
- Author Name:
Chandramani Singh
- Book Type:

- Description:
पृथ्वी जैसी हमें दिखती है वैसी अतीत में नहीं थी और न ही भविष्य में रहेगी। धरती पर तरल जल का होना ही इसे ब्रह्मांड में विशिष्ट बना देता है। सौरमंडल में किसी भी ग्रह अथवा उनके उपग्रहों के धरातल पर तरल जल उपलब्ध नहीं है। तरल जल का सीधा सम्बन्ध जीवन से है। पृथ्वी की वे परिस्थितियाँ जिन्होंने महासागरों तथा वायुमंडल का निर्माण होने दिया और उन्हें क़ायम रखा, अन्य ग्रहों पर नहीं है। परन्तु ब्रह्मांड बहुत विशाल है, और असंख्य ग्रह दूसरे सितारों के चारों ओर उसी तरह परिक्रमारत हैं जैसे हमारे सौरमंडल के ग्रह। अतएव उनमें से कुछ ग्रहों पर तरल जल के महासागरों एवं पृथ्वी जैसी परिस्थितियों के होने की सम्भावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। और यदि ऐसा है तो वहाँ जीवन भी होगा । कैसा होगा धरती का भविष्य? टेक्टानिक गतिविधियों से अनुप्रेरित महाद्विपीय संरचना अगले 25 से 35 करोड़ वर्षों में एक बृहत् अखंडित महाद्वीप का रूप ले सकती है, जैसा कि अतीत में एक से अधिक बार हो चुका है। अगले चार अरब वर्षों में सूर्य की चमक क्रमबद्ध ढंग से बढेगी जिसका अर्थ है कि पृथ्वी को अधिक ऊर्जा मिलेगी जिसके कारण सिलिकेट खनिजों का कालाधारित क्षरण अधिक होगा जिससे धरती का कार्बन-सिलिकेट-चक्र प्रतिकूलत: प्रभावित होने लगेगा जिसके फलस्वरूप वायुमंडल में कार्बन-डाईऑक्साइड गैस का स्तर गिरेगा। धीरे-धीरे वनस्पतियों का लोप होता जाएगा और वानस्पतिक खाद्य-शृंखला टूट जाएगी जिससे उन पर आधारित समस्त प्राणि जगत् के अस्तित्व पर ही संकट आ जाएगा। ‘पृथ्वी’ विज्ञान के कई रहस्यों से पर्दा हटाती एक बेहद महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
Lottery Ticket Evam Anya Kahaniyan Stories Book
- Author Name:
Arun Rohankar
- Book Type:

- Description:
कहानियों के माध्यम से जीवन के अनेक अनोखे पहलुओं को नाटकीय और रोचक ढंग से प्रस्तुत करना लेखक के लिए एक सुखद अनुभव होता है। ये कहानियाँ न केवल पाठकों का मनोरंजन करती हैं, बल्कि उन्हें सोचने-समझने के लिए प्रेरित भी करती हैं। इस संग्रह की कई कहानियाँ विशिष्ट अनुभूतियाँ प्रदान करती हैं। वे कभी मानव जीवन के विविध रूपों को उजागर करती हैं तो कभी हमारे आसपास की दुनिया के रहस्यों की झलक दिखाती हैं। हर कहानी अपने आप में विशिष्ट है- चाहे वह किसी अप्रत्याशित मोड़ की बात हो, किसी गहरी व्यक्तिगत अंतर्दृष्टि का खुलासा हो या फिर ऐसी दुनिया की झलक हो, जिसकी हमने कल्पना तक न की हो। जैसे-जैसे आप 'लॉटरी टिकट एवं अन्य कहानियाँ' के इस संग्रह में यात्रा करेंगे, जीवन के आपको विविध रंगों का दिग्दर्शन होगा। आशा है, ये कहानियाँ आपके हृदय से संवाद करेंगी और अंतिम पृष्ठ पलटने के बाद भी आपके मन पर गहरी छाप छोड़ेंगी। संभव है कि इनमें आपको ऐसे पात्र मिलें, जो आपको स्वयं की या किसी ऐसे व्यक्ति की याद दिलाएँ, जिन्हें आप जानते हैं।
Rivaayaat-e-Aligarh
- Author Name:
Zakir Ali Khan
- Book Type:

- Description:
Rivaayaat-E-Aligarh' is a memorable book in its own way that gives readers a deep experience of the traditions and life of Aligarh. This book will appeal to both, the nostalgic 'Old Boys' and curious new generations alike. Zakir Ali Khan has written 10 books throughout his writing career. He has been awarded the first international award from Aligarh Muslim University, 'Bara-E-Adab' in 2008. He has shown his love and respect for Aligarh Muslim University and Sir Syed by establishing 'Sir Syed Engineering University' in Karachi, Pakistan.
Manikarnika : Drishti Aur Vimarsh
- Author Name:
Anand Das
- Book Type:

- Description:
समकालीन हिन्दी दलित साहित्य और आत्मकथा विधा के वैचारिक आधार को गहराई से समझने के लिए “मणिकर्णिका : दृष्टि और विमर्श” एक महत्वपूर्ण कृति है। लेखक आनंद दास ने इस पुस्तक के माध्यम से समाज में व्याप्त असमानता, शोषण और संघर्ष की वास्तविकताओं का सटीक एवं गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि सामाजिक चेतना जगाने का भी कार्य करती है। शोधार्थियों और साहित्य-प्रेमियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी एवं पठनीय पुस्तक!
District Saharanpur (Environmental Challenges and Population Scenario)
- Author Name:
Dr. Narendar Kumar +1
- Book Type:

- Description:
जनपद सहारनपुर अपनी प्राचीन ऐतिहासिक विरासत, भौगोलिक स्थिति, विविधतापूर्ण सांस्कृतिक परम्पराओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के कारण प्रदेश में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। उत्तर प्रदेश राज्य के इस प्रसिद्ध जनपद की जनसंख्या, संस्कृति एवं पर्यावरण जैसे ज्वलन्त विषयों पर आधारित यह पुस्तक लेखकों द्वारा अत्यन्त सराहनीय एवं समयानुकूल प्रयास है। वर्तमान समय में तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या, नगरीयकरण तथा औद्योगिक गतिविधियों के कारण जनपद में अनेक पर्यावणीय चुनौतियाँ सामने आ रही है। अतः वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रकार का सार्थक प्रयास न केवल शैक्षणिक समाज की दृष्टि से अर्पित नीति निर्धारकों और सामाजिक विकास के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। लेखकों का यह प्रयास सहारनपुर जनपद की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण सन्तुलन के प्रति जागरूकता लाने के दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका प्रस्तुत करेगा। मैं लेखकों को इस अत्यन्त ही सार्थक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई और उज्जवल भविष्य के लिए हृदय की गहराइयों से अपनी ढेरों शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ। - प्रो. बीरेन्द्र सिंह : पूर्व प्राचार्य, आर.एस.एम. (पी.जी.) कालेज धामपुर, बिजनौर (उ.प्र.)
Aalim Sir Ki English Class
- Author Name:
Aalim
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Brahman Ki Beti & Viraj Bahu
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description:
मुहल्ले भर घूमकर तीसरे पहर रासमणि घर लौट रही थीं। आगे-आगे उनकी पोती मु. रही थी, जिसकी उम्र कोई दस-बारह साल की थी। गाँव का सँकरा रास्ता, जिसकी बगल की खूँटी में बँधा हुआ बकरी का बच्चा एक किनारे पड़ा सो रहा था। उस पर नजर पड़ते ही पोती को लक्ष्यकर वे चिल्ला पड़ीं, '' अरी छोकरी, कहीं रस्सी मत लाँव जाना ! सामने रस्सी मत 'लाँघ गई क्या ? हरामजादी, आसमान में देखती हुई चलती है। आँख से दिखलाई नहीं पड़ा कि सामने बकरी बँथी है ?'' पोती ने सहज भाव से कहा, '“बकरी तो सो रही है दादी।'' “सो रही है तो क्या दोष नहीं लगा ? आज मंगलवार के दिन तू बेखटके रस्सी लाँघ गई ?!!
Mai urdu Hoon
- Author Name:
Dheerendra Singh Fayyaz
- Book Type:

- Description:
मैं उर्दू हूँ’ एक भाषा के सफ़र का संस्मरण है। ये किताब उर्दू के प्रारम्भिक युग से शुरू होती है और मीर-ओ-ग़लिब से लेकर आधुनिक युग के नामचीन साहित्यकारों की उँगली थामे उस जगह तक जा पहुँचती है, जहाँ प्राचीन भाषाओं और लिपियों का ज़िक्र स्वाभाविक हो जाता है। इस संस्मरण में धीरे-धीरे ये भेद भी खुलता है कि सभी भाषाओं में कुछ न कुछ साम्य है और प्रत्यक्ष रूप से असंबद्ध लगने वाली देवनागरी, फ़ारसी और अरबी लिपियाँ दर-अस्ल एक ही मूल से निकली हैं। ये किताब लेखक और उर्दू के बीच होने वाला एक रोचक वार्तालाप है जो भाषाओं की व्युत्पत्ति, विकास और प्रसार के विषयों पर रौशनी डालता है।
Sarjnatmak Shiksha
- Author Name:
Raghav Prakash +2
- Book Type:

- Description:
आज हर समझदार माता-पिता अपने बच्चे को सही शिक्षा दिलवाने के लिए बेचैन हैं, हर चैतन्य शिक्षक अपने विद्यार्थी को ऊँचाइयाँ देने के लिए आतुर है और हर प्रबुद्ध शिक्षा-प्रशासक अपने स्कूल-कॉलेज की शिक्षण-पद्धति को परवान चढ़ाकर उसे उत्कृष्ट बनाने के लिए संकल्पित है। किन्तु, कुछ अपवादों को छोड़कर, दुनिया भर की शिक्षा सर के बल खड़ी है। असल में, व्यवस्था-केन्द्रित शिक्षा-पद्धति को विद्यार्थी-केन्द्रित होना चाहिए। शिक्षा की मूल्य-दृष्टि, उसका पाठ्यक्रम शिक्षण-पद्धति और मूल्यांकन-पद्धति सबकुछ विद्यार्थी की वृत्ति, रुचि, योग्यता और गति के अनुरूप होनी चाहिए; विद्यार्थी की चेतना में गहरे छिपी उसकी मूल्यवान सर्जनात्मक क्षमता का, अधिकतम विकास कैसे किया जा सकता है, उसकी तजबीज ‘सर्जनात्मक शिक्षा’ में प्रस्तुत की गई है। इसमें जीवन-दृष्टि और शिक्षा-दृष्टि के ठहराव को उजागर कर कल्याणकारी जीवन-दृष्टि और उसी के अनुरूप सर्जनात्मक पाठ्यक्रम, सर्जनात्मक शिक्षण-पद्धति, सर्जनात्मक मूल्यांकन पद्धति एवं रचनात्मक शिक्षा-प्रशासन-व्यवस्था को प्रस्तुत किया गया है। पूर्व और पश्चिम के लगभग सौ शिक्षाशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों, धर्मशास्त्रियों, शिक्षा-वैज्ञानिकों आदि द्वारा लिखित शोधपूर्ण पुस्तकों का गहन मंथन करने के उपरांत जो शिक्षा-दृष्टि और शिक्षा-व्यवहार विकसित हुआ है; ‘सर्जनात्मक शिक्षा’ उसी का ऐसा ‘अमृत तत्त्व’ है जो उत्कृष्ट की तलाश में जुटे हुए प्रत्येक शिक्षाविद्, अभिभावक, शिक्षक, शिक्षा-प्रबन्धक और चैतन्य विद्यार्थी के लिए अनिवार्य रूप से पठनीय है।
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME PRVASI JEEVAN
- Author Name:
Shahnaz
- Book Type:

- Description:
Book
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME NIHIT TATHA ABHIVYAKT SAMASYAEN
- Author Name:
Nidhiraj Bhadana +1
- Book Type:

- Description:
प्रवासी कहानीकार डाॅ सुधा ओम ढींगरा की कहानियों पर यह दो शोध कार्य हैं जो निधिराज भडाना तथा रेशू पाण्डेय ने किये हैं।
Keshav Mishr Ke Granthon Me Orchha Ka Itihas
- Author Name:
Dr. Ramswaroop Dengula
- Book Type:

- Description:
डॉ. रामस्वरूप ढेंगुला द्वारा लिखित इस विस्तृत हिंदी साहित्य पुस्तक के माध्यम से ओरछा के समृद्ध ऐतिहासिक ताने-बाने में गोता लगाएँ। यह विद्वत्तापूर्ण कार्य शानदार शहर ओरछा के बारे में महाकवि केशव मिश्र के लेखन में दर्शाई गई ऐतिहासिक चेतना की बारीकी से जाँच करता है। यह पुस्तक पाठकों को इस बात का गहन विश्लेषण प्रदान करती है कि कैसे इस मध्यकालीन कवि ने अपने विभिन्न साहित्यिक कार्यों में इस ऐतिहासिक शहर के सार, वास्तुकला, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को उकेरा। सावधानीपूर्वक शोध और अकादमिक कठोरता के माध्यम से, लेखक केशव मिश्र के लेखन में प्रलेखित ओरछा के राजसी मंदिरों, महलों और सांस्कृतिक विरासत के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करता है। यह अकादमिक पाठ शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक अमूल्य संसाधन के रूप में कार्य करता है, जो शास्त्रीय हिंदी साहित्य के लेंस के माध्यम से ओरछा की ऐतिहासिक कथा को समझने में रुचि रखते हैं।
Adyatan Hindi Vyakaran
- Author Name:
B.N. Pandey
- Book Type:

- Description:
"यह पुस्तक चार अध्यायों में विभक्त है : प्रथम अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी ध्वनियों एवं उनके लिखित रूप अक्षरों एवं संयुक्ताक्षरों की लेखन विधि, उच्चारण एवं उनसे शब्द-निर्माण की व्याख्या की गई है, ताकि हिंदीतरभाषी भारतीय एवं विदेशी परीक्षार्थी उनकी स्पष्ट समझ के साथ-साथ कम-से-कम समय में उनका अभ्यास कर उनपर अधिकार कर सकें। दूसरे अध्याय में सभी प्रकार के शब्दों की प्रकृति, निर्माण एवं पहचान की व्याख्या के साथ-साथ वाक्य गठन के दौरान लिंग, वचन विभक्ति, काल आदि के प्रभाव से उनमें होनेवाले रूप परिवर्तन को विवेचित-विश्लेषित किया गया है। तीसरे अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी प्रकार के वाक्यों के गठन के अंतर्निहित नियमों को विश्लेषित किया गया है। वाक्य किसी भाषा के दैनिक प्रयोग की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई हैं और सभी प्रकार के अधिक-से-अधिक वाक्यों के निरंतर अभ्यास से ही भाषा का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। चौथे अध्याय में उपसर्ग, प्रत्यय, संधि एवं समास समाहित हैं : व्याकरण पुस्तकों की महत्ता विषय के चयन में नहीं उनकी सुबोध एवं सुग्राह्य प्रस्तुति में होती है। व्याकरण की सार्थकता इसमें है कि वह साध्य नहीं, अपितु भाषा की सम्यक् समझ एवं प्रयोग का साधन बने।
Hindi Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Acharya Ramchandra Shukla
- Book Type:

- Description:
"हिंदी साहित्य का भंडार पर्याप्त समृद्ध है। गद्य तथा पद्य की लगभग सभी विधाओं का प्रचुर मात्रा में साहित्य-सर्जन हुआ है। अनेक कालजयी कृतियाँ सामने आईं। लेखक-कवियों ने भी सर्जना के उच्च मानदंड स्थापित किए, जिन पर साहित्य-सृजन को कालबद्ध किया गया; वह युग उनके नामों से जाना गया। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गहन शोध और चिंतन के बाद हिंदी साहित्य के पूरे इतिहास पर विहंगम दृष्टि डाली है। हिंदी भाषा के मूर्धन्य इतिहासकार- साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का जो इतिहास रचा है, वह सर्वाधिक प्रामाणिक तथा प्रयोगसिद्ध ठहरता है। इससे पहले भी हिंदी का इतिहास लिखा गया; पर आचार्यजी का ज्ञान विस्तृत फलक पर दिग्दर्शित है। इसमें आदिकाल यानी वीरगाथा काल का अपभ्रंश काव्य एवं देशभाषा काव्य के विवरण के बाद भक्तिकाल की ज्ञानमार्गी, प्रेममार्गी, रामभक्ति शाखा, कृष्णभक्ति शाखा तथा इस काल की अन्य रचनाओं को अपने अध्ययन का केंद्र बनाया है। इसके बाद के रीतिकाल के सभी लेखक-कवियों के साहित्य को इसमें समाहित किया है। अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक काल के गद्य साहित्य, उसकी परंपरा तथा उत्थान के साथ काव्य को अपने विवेचन केंद्र में रखा है। हिंदी साहित्य का क्षेत्र चहुँदिशि विस्तृत है। हिंदी साहित्य के इतिहास को सम्यक् रूप में तथा गहराई से जानने-समझने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह इतिहास-ग्रंथ सर्वाधिक उपयुक्त है।
Achchhi English Kaise Bolen
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description:
"बाजार में अंग्रेजी बोलना सीखाने का दावा करनेवाली अनेक पुस्तकें हैं, लेकिन प्रस्तुत पुस्तक उन सभी से स्तर, ज्ञान तथा अभ्यास में कहीं बेहतर है, क्योंकि इसमें उन गुणों का समावेश किया गया है, जिनके आधार पर व्यवहार में छात्रों को अंग्रेजी बोलना सिखाया गया है। इस पुस्तक में दी गई तकनीक छात्रों पर आजमाई गई है, तथा इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त भी हुए हैं। इसका कारण है कि इसमें वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक तथा शैक्षिक-मनोवैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर पाठों की रचना की गई है। प्रस्तुत पुस्तक में अंग्रेजी के सभी आयामों को 30 दिन के पाठों में समेटा गया है तथा प्रत्येक दिन के अभ्यास को शीर्षकों में विभाजित किया गया है, जिससे पाठकगण अंग्रेजी के साथ बेहतर तारतम्य स्थापित कर पाएँ। आसानी से अच्छी अंग्रेजी सिखानेवाली एक व्यावहारिक पुस्तक। "
Saral Nibandh
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description:
निबंध लिखते हुए संकोच, भय और लज्जा त्याग देनी चाहिए। झिझकने तथा डरने से निबंध अच्छा नहीं बन पड़ता। निबंध-लेखक से यह आशा कोई नहीं करता कि वह जिस विषय पर निबंध लिख रहा है, उसके विषय में वह संपूर्ण तथ्यों को जानता ही हो। उससे तो केवल इतनी ही अपेक्षा की जाती है कि वह प्रस्तुत विषय के बारे में जो कुछ भी जानता है, उसे बिना छिपाये, संक्षेप में और सरलता से प्रकट कर दे। निबंध तो वास्तव में शुद्ध हृदय की विचार-तरंग ही है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book